इस अध्याय के 19 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकराजनीतिक दर्शन के नज़रिये में शामिल तीन बातों में से कौन-सी शामिल नहीं है?
(क) संविधान की अवधारणाओं की व्याख्या(ख) एक सुसंगत दृष्टि बनाना(ग) संविधान सभा की बहसों से जोड़कर पढ़ना(घ) संविधान को सिर्फ़ क़ानूनी दस्तावेज़ मानना - 1 अंक1947 के जापानी संविधान को बोलचाल में क्या कहा जाता है?
(क) स्वतंत्रता संविधान(ख) शांति संविधान(ग) लोकतंत्र संविधान(घ) समानता संविधान - 1 अंकराममोहन राय ने अंग्रेज़ी सरकार के किस क़दम का विरोध किया?
(क) प्रेस की आज़ादी पर रोक(ख) धार्मिक शिक्षा पर रोक(ग) वोट के अधिकार पर रोक(घ) संपत्ति के अधिकार पर रोक - 1 अंकसंविधान अंगीकार करने के कितने वर्ष पहले भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हर प्रस्ताव, योजना, विधेयक और रिपोर्ट में व्यक्ति की स्वतंत्रता की चर्चा रहती थी?
(क) 20 वर्ष(ख) 30 वर्ष(ग) 40 वर्ष(घ) 50 वर्ष - 1 अंकके. एम. पणिक्कर के अनुसार भारतीय उदारवाद की पहली धारा किसने शुरू की?
(क) स्वामी विवेकानंद(ख) राममोहन राय(ग) जस्टिस रानाडे(घ) के. सी. सेन - 1 अंकपूर्वोत्तर से जुड़ा असमतोल संघवाद किस अनुच्छेद में है?
(क) अनुच्छेद 370(ख) अनुच्छेद 371(ग) अनुच्छेद 372(घ) अनुच्छेद 368 - 1 अंकमोतीलाल नेहरू रिपोर्ट किस वर्ष आई?
(क) 1919(ख) 1928(ग) 1935(घ) 1947 - 1 अंकसमूहगत अधिकार देकर संविधान-निर्माता उस चुनौती के लिए बहुत पहले से तैयार थे, जो चार दशक बाद किस नाम से जानी गई?
(क) वैश्वीकरण(ख) उदारीकरण(ग) धर्मनिरपेक्षता(घ) बहु-संस्कृतिवाद - 1 अंकप्रतिनिधित्व के ‘आवाज़’ पहलू का क्या मतलब है?
(क) लोगों की अपनी भाषा-आवाज़ में पहचान(ख) बहुमत का फ़ैसला(ग) चुनाव में भाग लेना(घ) संविधान संशोधन का अधिकार - 1 अंकसन् ____ में ही यह बात ज़ाहिर हो गई थी कि उत्तर भारत के दलित नई विधि व्यवस्था का सहारा लेकर अपने ज़मींदारों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दायर कर रहे थे। रिक्त स्थान में कौन-सा वर्ष आएगा?
(क) 1821(ख) 1841(ग) 1861(घ) 1881
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): भारतीय संविधान में धर्म और राज्य का अलगाव पारस्परिक निषेध का रूप लेता है।
कारण (R): राज्य धार्मिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा-संस्थानों को धन दे सकता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): भारतीय संविधान अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए विशेष प्रावधान करता है।
कारण (R): संविधान-निर्माताओं का मानना था कि सिर्फ़ समता का अधिकार इन वर्गों के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लिए काफ़ी नहीं था।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): अनुच्छेद 371ए के तहत नगालैंड को विशेष दर्जा मिला।
कारण (R): यह अनुच्छेद नगालैंड में पहले से लागू क़ानूनों को रद्द कर देता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसुमेलित करें:
सूची-I: 1. अलादि कृष्णस्वामी अय्यर 2. सरदार पटेल 3. के. हनुमन्थैया 4. के.एम. पणिक्कर
सूची-II: (i) भारतीय उदारवाद की दो धाराएँ (ii) वयस्क मताधिकार का समर्थन (iii) वीणा-सितार बनाम अंग्रेज़ी बैंड (iv) भारत में सिर्फ़ एक समुदाय
(क) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ख) 1-ii, 2-iv, 3-iii, 4-i(ग) 1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii(घ) 1-iii, 2-ii, 3-iv, 4-i
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: पश्चिमी धारणा में धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है पारस्परिक निषेध।
कथन II: भारत में भी धर्मनिरपेक्षता का यही मतलब है।
(क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं - 1 अंककथन I: भारतीय संविधान की सभी सीमाएँ इसके दर्शन को गंभीर ख़तरे में डालती हैं।
कथन II: भारतीय संविधान में सामाजिक-आर्थिक अधिकार मौलिक अधिकारों का अभिन्न हिस्सा हैं।
(क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकइन घटनाओं को सही कालक्रम में लगाएँ:
(i) संविधान सभा का गठन
(ii) संविधान अंगीकृत
(iii) संविधान लागू
(iv) संविधान सभा में सरदार पटेल का ‘भारत में सिर्फ़ एक समुदाय है’ वाला भाषण (25 मई 1949)
(क) i, iv, ii, iii(ख) i, ii, iii, iv(ग) iv, i, ii, iii(घ) i, iii, ii, iv
6 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से कौन-सी ‘आधारभूत महत्व की उपलब्धि’ नहीं, बल्कि ‘प्रक्रियागत उपलब्धि’ है?
(क) व्यक्ति की स्वतंत्रता(ख) सामाजिक न्याय(ग) समझौते और समायोजन की भावना(घ) सार्वभौम मताधिकार
7 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
(i) भारतीय संविधान में समुदाय-आधारित अधिकारों को कोई मान्यता नहीं दी गई।
(ii) धार्मिक समुदाय अपनी शिक्षा-संस्था स्थापित कर सकते हैं।
(क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) संविधान को सिर्फ़ क़ानूनी दस्तावेज़ मानना राजनीतिक दर्शन के नज़रिये के विपरीत है, यही तो वह धारणा है जिसे यह नज़रिया चुनौती देता है।
- (ख) 1947 के जापानी संविधान को बोलचाल में ‘शांति संविधान’ कहा जाता है।
- (क) राममोहन राय ने प्रेस की आज़ादी पर अंग्रेज़ी सरकार की रोक का विरोध किया था।
- (ग) संविधान को अंगीकार करने के चालीस वर्ष पहले भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्येक प्रस्ताव, योजना, विधेयक और रिपोर्ट में व्यक्ति की स्वतंत्रता की चर्चा रहती थी, एक ऐसे मूल्य के रूप में जिस पर समझौता नहीं किया जा सकता।
- (ख) पहली धारा राममोहन राय से शुरू हुई, जिन्होंने व्यक्ति के अधिकारों, ख़ासकर महिलाओं के अधिकार पर ज़ोर दिया।
- (ख) अनुच्छेद 371 पूर्वोत्तर से जुड़ा है और असमतोल संघवाद की अवधारणा को दर्शाता है।
- (ख) मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट 1928 में आई, जिसने सार्वभौम मताधिकार की नागरिकता-धारणा की पुष्टि की।
- (घ) विभिन्न समुदायों के आपसी तनाव की पृष्ठभूमि में भी संविधान ने समूहगत अधिकार दिए, जिससे पता चलता है कि संविधान-निर्माता उस चुनौती के लिए बहुत पहले से तैयार थे जो चार दशक बाद बहु-संस्कृतिवाद के नाम से जानी गई।
- (क) ‘आवाज़’ का मतलब है कि लोगों की पहचान उनकी अपनी भाषा-आवाज़ से हो, मालिकों की भाषा से नहीं।
- (ख) सन् 1841 में ही यह बात ज़ाहिर हो गई थी कि उत्तर भारत के दलित नए क़ानूनों का इस्तेमाल करने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाए और उन्होंने ज़मींदारों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दायर किए।
अभिकथन-कारण
- (घ) A असत्य है, भारत में यह अलगाव पारस्परिक निषेध नहीं बल्कि सिद्धांतगत दूरी का रूप लेता है। R सत्य है, राज्य धार्मिक शिक्षा-संस्थानों को धन दे सकता है, यही सिद्धांतगत दूरी का एक उदाहरण भी है।
- (क) दोनों सत्य हैं, और यही कारण था जिसकी वजह से विशेष प्रावधान (आरक्षण) किए गए, इसलिए R सही व्याख्या है।
- (ग) A सत्य है। R असत्य है, यह अनुच्छेद नगालैंड में पहले से लागू क़ानूनों को रद्द नहीं करता, बल्कि उन्हें मान्यता देता है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) अलादि कृष्णस्वामी अय्यर ने वयस्क मताधिकार का समर्थन किया (ii); सरदार पटेल ने ‘एक समुदाय’ की बात कही (iv); के. हनुमन्थैया ने वीणा-सितार बनाम अंग्रेज़ी बैंड की बात कही (iii); के.एम. पणिक्कर ने भारतीय उदारवाद की दो धाराओं की बात कही (i)।
कथन आधारित प्रश्न
- (ख) कथन I सत्य है। कथन II असत्य है, भारत में धर्मनिरपेक्षता का मतलब सिद्धांतगत दूरी है, पारस्परिक निषेध नहीं।
- (घ) कथन I असत्य है, किताब के अनुसार ये सीमाएँ संविधान के दर्शन को गंभीर ख़तरे में डालने जितनी गंभीर नहीं हैं। कथन II भी असत्य है, सामाजिक-आर्थिक अधिकार नीति निर्देशक तत्वों में रखे गए हैं, मौलिक अधिकारों में नहीं।
काल-क्रम प्रश्न
- (क) पहले संविधान सभा बनी (दिसंबर 1946, i), फिर उसमें सरदार पटेल ने ‘एक समुदाय’ वाला भाषण दिया (25 मई 1949, iv), फिर संविधान अंगीकृत हुआ (26 नवंबर 1949, ii), और फिर यह लागू हुआ (26 जनवरी 1950, iii)।
असंगत चुनिए
- (ग) समझौते और समायोजन की भावना एक प्रक्रियागत उपलब्धि है, बाक़ी तीनों आधारभूत महत्व की उपलब्धियाँ हैं।
सत्य-असत्य
- (ग) कथन (i) असत्य है, संविधान समुदाय-आधारित अधिकारों को मान्यता देता है। कथन (ii) सत्य है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री