NCERT की पाठ्यपुस्तक भारत: लोग और अर्थव्यवस्था के अध्याय 6 (भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास) के “अभ्यास” खंड के सभी प्रश्न, ठीक उसी रूप में जैसे किताब के हिंदी संस्करण में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।
1 बहुविकल्पीय प्रश्न (नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए)
प्र. प्रदेशीय नियोजन का संबंध है:
(क) आर्थिक व्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों का विकास
(ख) क्षेत्र विशेष के विकास का उपागम
(ग) परिवहन जल तंत्र में क्षेत्रीय अंतर
(घ) ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
उत्तर: (ख) क्षेत्र विशेष के विकास का उपागम। किताब के अनुसार प्रादेशिक नियोजन में नियोजक एक स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाते हैं तथा विकास में प्रादेशिक असंतुलन कम करने के लिए योजना बनाते हैं, अर्थात यह किसी विशेष क्षेत्र के विकास का उपागम है।
प्र. आई-टी-डी-पी- निम्नलिखित में से किस संदर्भ में वर्णित है?
(क) समन्वित पर्यटन विकास प्रोग्राम
(ख) समन्वित यात्रा विकास प्रोग्राम
(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम
(घ) समन्वित परिवहन विकास प्रोग्राम
उत्तर: (ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम। आई-टी-डी-पी (समन्वित जनजातीय विकास परियोजना) भरमौर जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए बनाई गई परियोजना है; भरमौर को हिमाचल प्रदेश की पाँच आई-टी-डी-पी में से एक का दर्जा मिला था।
प्र. इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए इनमें से कौन-सा सबसे महत्वपूर्ण कारक है?
(क) कृषि विकास
(ख) पारितंत्र-विकास
(ग) परिवहन विकास
(घ) भूमि उपनिवेशन
उत्तर: (ख) पारितंत्र-विकास। किताब के अनुसार इस कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से पारिस्थितिकीय सतत पोषणता (पारितंत्र-विकास) पर बल देना होगा; प्रस्तावित सात उपायों में से पाँच इसी पर केंद्रित हैं।
2 निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें
प्र. भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या हैं?
उत्तर: इस उपयोजना से साक्षरता दर में तेज़ी से वृद्धि हुई, जिसमें स्त्री साक्षरता दर 1971 के 1.88 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 65 प्रतिशत हो गई। इसके साथ ही लिंग अनुपात में सुधार हुआ और बाल-विवाह में कमी आई।
प्र. सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करें।
उत्तर: ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987) के अनुसार सतत पोषणीय विकास वह विकास है जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की अपनी आवश्यकता-पूर्ति की क्षमता को प्रभावित किए बिना, वर्तमान पीढ़ी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है।
प्र. इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र का सिंचाई पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा?
उत्तर: लंबी अवधि तक मृदा नमी उपलब्ध होने और वनीकरण-चरागाह विकास कार्यक्रमों से भूमि हरी-भरी हुई, जिससे वायु अपरदन और नहरी तंत्र में बालू निक्षेप की प्रक्रियाएँ धीमी पड़ गईं तथा बोए गए क्षेत्र व फ़सल सघनता में वृद्धि हुई।
3 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें
प्र. सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। यह कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में कैसे सहायक है?
उत्तर: सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम की शुरुआत चौथी पंचवर्षीय योजना में सूखा संभावी क्षेत्रों में लोगों को रोज़गार उपलब्ध कराने और उत्पादक संपत्तियाँ बनाने के उद्देश्य से हुई थी। प्रारंभ में इसके अंतर्गत श्रम-प्रधान सिविल निर्माण कार्यों पर बल दिया गया, परंतु बाद में इसमें सिंचाई परियोजनाओं, भूमि विकास कार्यक्रमों, वनीकरण, चरागाह विकास और विद्युत, सड़कों, बाज़ार व ऋण सुविधाओं जैसी आधारभूत ग्रामीण अवसंरचना पर ज़ोर दिया गया। पिछड़े क्षेत्रों के विकास की राष्ट्रीय समिति की समीक्षा में यह पाया गया कि कार्यक्रम मुख्यतः कृषि व संबद्ध सेक्टरों तक सीमित है, इसलिए वैकल्पिक रोज़गार अवसर पैदा करने और सूक्ष्म-स्तर पर समन्वित जल-संभर विकास कार्यक्रम अपनाने पर बल दिया गया, जिसमें जल, मिट्टी, पौधों तथा मानव-पशु जनसंख्या के बीच पारिस्थितिकीय संतुलन की पुनःस्थापना प्रमुख था। 1967 में योजना आयोग ने 67 ज़िलों को और 1972 में सिंचाई आयोग ने 30 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र के मापदंड से सूखा संभावी क्षेत्रों को चिह्नित किया, जो मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, मराठवाड़ा, रायलसीमा-तेलंगाना तथा कर्नाटक व तमिलनाडु के पठारी भागों में फैले हैं। इस प्रकार सिंचाई, भूमि व जल-संभर विकास पर बल देकर यह कार्यक्रम शुष्क भूमि कृषि के विकास में सीधे सहायक है।
प्र. इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए उपाय सुझाएँ।
उत्तर: किताब में इस कमान क्षेत्र के लिए सात उपाय सुझाए गए हैं, जिनमें से पाँच पारिस्थितिकीय संतुलन बहाल करने पर केंद्रित हैं: (i) जल प्रबंधन नीति का कठोर कार्यान्वयन, चरण-I में फ़सल रक्षण सिंचाई और चरण-II में फ़सल व चरागाह हेतु विस्तारित सिंचाई सहित; (ii) शस्य प्रतिरूप में जल-सघन फ़सलों से बचाव और खट्टे फलों जैसी बागाती फ़सलों को प्रोत्साहन; (iii) कमान क्षेत्र विकास कार्यक्रम, जैसे नालों का अस्तरीकरण, भूमि विकास-समतलन और वारबंदी पद्धति का प्रभावी क्रियान्वयन, ताकि जल की क्षति कम हो; (iv) जलाक्रांत व लवण-प्रभावित भूमि का पुनरुद्धार; (v) वनीकरण, रक्षक मेखला और चरागाह विकास के माध्यम से पारितंत्र-विकास, जो विशेषकर चरण-II के भंगुर पर्यावरण में आवश्यक है; (vi) निर्धन भूआवंटियों को पर्याप्त वित्तीय व संस्थागत सहायता देकर सामाजिक सततपोषणता प्राप्त करना; और (vii) कृषि व पशुपालन के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के अन्य सेक्टरों को विकसित कर आर्थिक विविधीकरण करना, ताकि मूल गाँवों, कृषि-सेवा केंद्रों और मंडी कस्बों के बीच प्रकार्यात्मक संबंध स्थापित हों।
4 परियोजना
प्र. अपने क्षेत्र में कार्यान्वित किए जा रहे क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के बारे में पता लगाएँ। इन कार्यक्रमों का आपके आसपास समाज और अर्थव्यवस्था पर हुए प्रभाव का विश्लेषण करें।
उत्तर संकेत: यह प्रश्न स्थानीय सर्वेक्षण पर आधारित है, इसलिए इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है। छात्र अपने ज़िले या राज्य में चल रहे किसी क्षेत्र-विकास कार्यक्रम (जैसे सिंचाई परियोजना, पर्वतीय/सूखा संभावी क्षेत्र योजना) का पता लगाकर उसके सामाजिक व आर्थिक प्रभावों को इसी अध्याय में पढ़े भरमौर और इंदिरा गांधी नहर के केस अध्ययनों की तरह लिखें।
प्र. आप अपना क्षेत्र चुनें अथवा एक ऐसे क्षेत्र की पहचान करें जहाँ बहुत गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक आर्थिक समस्याएँ हैं। इस क्षेत्र के संसाधनों का अनुमान लगाएँ और उनकी एक सूची तैयार करें। जैसा कि इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र के लिए किया गया है, इस क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाले उपाय सुझाएँ।
उत्तर संकेत: छात्र इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र के सात उपायों के ढाँचे (जल प्रबंधन, फ़सल चयन, भूमि विकास, पुनरुद्धार, पारितंत्र-विकास, सामाजिक व आर्थिक सततपोषणता) को अपने चुने क्षेत्र पर लागू करके उपाय सुझाएँ।
प्रश्नावली के तीनों बहुविकल्पीय प्रश्न बोर्ड परीक्षा में सीधे वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जा सकते हैं। प्रश्न 3 के दोनों दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम और इंदिरा गांधी नहर के सात उपाय) लंबे उत्तर वाले प्रश्न हैं, इनके सभी बिंदु क्रम से याद कर लीजिए।