इस अध्याय के 21 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकआंकड़े की परिभाषा इस अध्याय में किस प्रकार दी गई है?
(क) किसी प्रश्न का अर्थपूर्ण उत्तर(ख) ऐसी संख्याएँ जो यथार्थ विश्व के मापन को दर्शाती हैं(ग) स्तंभ और पंक्तियों में सुव्यवस्थित व्यवस्था(घ) समय के साथ किसी चर में परिवर्तन का माप - 1 अंककच्चा आंकड़ा ‘सूचना’ कब बनता है?
(क) जब उसे किसी सारणी में रखा जाता है(ख) जैसे ही वह एकत्रित होता है(ग) जब उसे प्रक्रमित किया जाता है(घ) जब उसे प्रकाशित किया जाता है - 1 अंकनिम्नलिखित में से प्राथमिक आंकड़े एकत्र करने की विधि कौन-सी नहीं है?
(क) व्यक्तिगत प्रेक्षण(ख) भारत की जनगणना का अध्ययन(ग) साक्षात्कार(घ) प्रश्नावली/अनुसूची - 1 अंकप्रश्नावली और अनुसूची में मूल अंतर क्या है?
(क) प्रश्नावली महँगी है, अनुसूची सस्ती(ख) प्रश्नावली केवल मौखिक होती है(ग) अनुसूची केवल शहरों में प्रयोग होती है(घ) प्रश्नावली उत्तरदाता स्वयं भरता है, अनुसूची एक प्रशिक्षित परिगणक भरता है - 1 अंकफसल और वनस्पति के स्वास्थ्य को मापने के लिए क्षेत्र-वैज्ञानिक किस उपकरण का प्रयोग करते हैं?
(क) ट्रांसड्यूसर(ख) मृदा किट(ग) जल गुणवत्ता किट(घ) बैरोमीटर - 1 अंकगाँव-स्तर के राजस्व अभिलेख आमतौर पर कौन रखता है?
(क) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग(ख) नगर निगम(ग) जिला परिषद(घ) पटवारी - 1 अंकसारणीबद्ध होने के बाद आंकड़े किन तीन रूपों में प्रस्तुत किए जा सकते हैं?
(क) रेखीय, वृत्तीय, दंड(ख) निरपेक्ष, प्रतिशत/अनुपात, सूचकांक(ग) प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक(घ) गुणात्मक, संख्यात्मक, स्थानिक - 1 अंकसाधारण समुच्चय विधि से सूचकांक निकालने का सूत्र क्या है?
(क) (Σq1 ÷ Σq0) × 100(ख) (Σq0 ÷ Σq1) × 100(ग) Σq1 × Σq0(घ) Σq1 − Σq0
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): प्रश्नावली विधि निरक्षर उत्तरदाताओं के लिए उपयुक्त नहीं है।
कारण (R): प्रश्नावली उत्तरदाता को स्वयं भरनी होती है, जबकि अनुसूची एक प्रशिक्षित परिगणक द्वारा पूछकर भरी जाती है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): संचयी आवृत्ति (Cf) की गणना के लिए प्रत्येक साधारण आवृत्ति को उससे पहले के सभी योग में जोड़ा जाता है।
कारण (R): सभी साधारण आवृत्तियों (f) का योग सदैव कुल प्रेक्षणों (N) के बराबर होता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची-I (द्वितीयक स्रोत का प्रकार) को सूची-II (उदाहरण) से मिलाइए:
(i) सरकारी प्रकाशन (ii) अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन (iii) अर्ध सरकारी प्रलेख (iv) निजी प्रलेख
(1) UNESCO/UNDP की वार्षिकी (2) कंपनियों और व्यापार संघों के रिकॉर्ड (3) भारत की जनगणना (4) नगर निगम व जिला परिषद की रिपोर्टें
(क) (i)-1, (ii)-3, (iii)-2, (iv)-4(ख) (i)-2, (ii)-4, (iii)-3, (iv)-1(ग) (i)-4, (ii)-2, (iii)-1, (iv)-3(घ) (i)-3, (ii)-1, (iii)-4, (iv)-2 - 1 अंकसूची-I (विधि) को सूची-II (पहचान) से मिलाइए:
(i) अपवर्ती विधि (ii) समावेशी विधि (iii) कमतर विधि (iv) अधिकतर विधि
(1) निम्न सीमा से शुरू कर आवृत्ति घटाते जाना (2) 20-30, 30-40 प्रारूप, उच्च सीमा अगले वर्ग में (3) उच्च सीमा से शुरू कर आवृत्तियाँ जोड़ते जाना (4) 20-29, 30-39 प्रारूप, उच्च सीमा उसी वर्ग में
(क) (i)-4, (ii)-2, (iii)-1, (iv)-3(ख) (i)-1, (ii)-3, (iii)-2, (iv)-4(ग) (i)-2, (ii)-4, (iii)-3, (iv)-1(घ) (i)-3, (ii)-1, (iii)-4, (iv)-2
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: आंकड़े कच्चे, असंसाधित माप हैं।
कथन II: सूचना आंकड़ों को प्रक्रमित करने के बाद प्राप्त अर्थपूर्ण निष्कर्ष है।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं - 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: अपवर्ती विधि में वर्ग की उच्च सीमा उसी वर्ग में शामिल रहती है।
कथन II: समावेशी विधि में हर वर्ग 10 इकाई तक फैला रहता है।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकआंकड़ों को समूहों (वर्गों) में वर्गीकृत करने की सही प्रक्रिया का क्रम बताइए:
(i) प्रत्येक प्रेक्षण को फोर एंड क्रास विधि से चिह्नित करना (ii) आवृत्ति वितरण सारणी तैयार करना (iii) परिसर (रेंज) ज्ञात करना (iv) वर्गों की संख्या और वर्ग अंतराल तय करना
(क) (iii), (iv), (i), (ii)(ख) (iii), (i), (iv), (ii)(ग) (iv), (iii), (ii), (i)(घ) (i), (iii), (iv), (ii)
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकभारत की जनगणना 2011 के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या ________ थी। (रिक्त स्थान भरिए)
(क) 98,50,00,000(ख) 1,02,87,37,436(ग) 1,21,08,54,977(घ) 1,21,05,69,573 - 1 अंक60 विद्यार्थियों के प्राप्तांकों (परिसर 02-96) को वर्गीकृत करने के लिए NCERT ने ________ इकाई के अंतराल वाले 10 वर्ग बनाए। (रिक्त स्थान भरिए)
(क) 5(ख) 10(ग) 15(घ) 20
7 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
एक व्यक्ति अपनी पत्नी और पाँच साल के बच्चे के साथ यात्रा कर रहा था। रास्ते में उसे एक नदी पार करनी थी। सबसे पहले उसने चार बिंदुओं की गहराई 0.6, 0.8, 0.9 और 1.5 मीटर मापी। उसने औसत गहराई 0.95 मीटर निकाली, जो उसके बच्चे की 1 मीटर लंबाई से कम थी, इसलिए उसने बच्चे को नदी पार करने दिया। बच्चा डूब गया, क्योंकि एक बिंदु पर गहराई 1.5 मीटर थी।
- 1 अंक(गद्यांश पर आधारित) गद्यांश में वर्णित घटना में बच्चा नदी पार करते समय क्यों डूब गया?
(क) औसत गहराई से भ्रमित होकर एक बिंदु की 1.5 मीटर गहराई को नज़रअंदाज़ कर दिया गया(ख) नदी में तेज़ बहाव था(ग) बच्चे को तैरना नहीं आता था(घ) पानी बहुत ठंडा था - 1 अंक(गद्यांश पर आधारित) इस घटना से चित्रित सांख्यिकीय अवधारणा को क्या कहते हैं?
(क) सूचकांक(ख) संचयी आवृत्ति(ग) सांख्यिकीय दोष(घ) वर्गीकरण
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
(i) प्राथमिक स्रोत वे आंकड़े हैं जो पहली बार एकत्रित किए जाते हैं।
(ii) समाचारपत्र और पत्रिकाएँ प्राथमिक स्रोत की श्रेणी में आते हैं।
(iii) इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (इंटरनेट) अब द्वितीयक आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है।
(क) केवल (ii) और (iii)(ख) केवल (i) और (ii)(ग) केवल (i) और (iii)(घ) सभी सही हैं - 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
(i) सूचकांक में आधार वर्ष का मूल्य साधारणतया 100 लिया जाता है।
(ii) संचयी आवृत्ति (Cf) प्रत्येक वर्ग की आवृत्ति को उससे पहले के सभी योग में जोड़कर प्राप्त होती है।
(iii) आवृत्ति बहुभुज ओजाइव का ही दूसरा नाम है।
(क) सभी सही हैं(ख) केवल (ii) और (iii)(ग) केवल (i) और (iii)(घ) केवल (i) और (ii)
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ख) आंकड़े यथार्थ विश्व के मापन को दर्शाने वाली संख्याएँ हैं; बाकी विकल्प क्रमशः सूचना, सांख्यिकीय सारणी और सूचकांक की परिभाषाएँ हैं।
- (ग) कच्चा आंकड़ा तभी सूचना बनता है जब उसे गणितीय रूप से व्युत्पन्न, तार्किक रूप से निगमित, या सांख्यिकीय रूप से परिकलित किया जाए, अर्थात प्रक्रमित किया जाए।
- (ख) भारत की जनगणना एक प्रकाशित द्वितीयक स्रोत है; व्यक्तिगत प्रेक्षण, साक्षात्कार और प्रश्नावली/अनुसूची प्राथमिक आंकड़े एकत्र करने की विधियाँ हैं।
- (घ) प्रश्नावली उत्तरदाता स्वयं भरता है; अनुसूची एक प्रशिक्षित परिगणक उत्तरदाता से पूछकर भरता है।
- (क) क्षेत्र-वैज्ञानिक फसल व वनस्पति के स्वास्थ्य को मापने के लिए ट्रांसड्यूसर का प्रयोग करते हैं; मृदा किट व जल गुणवत्ता किट मिट्टी और पानी के गुणों के लिए हैं।
- (घ) गाँव-स्तर के राजस्व अभिलेख पटवारी द्वारा रखे जाते हैं, जो गाँव-स्तरीय सूचना का महत्वपूर्ण अप्रकाशित स्रोत हैं।
- (ख) सारणीबद्ध आंकड़े निरपेक्ष, प्रतिशत/अनुपात, या सूचकांक के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
- (क) सूचकांक = (वर्तमान वर्ष के उत्पादन का योग Σq1 ÷ आधार वर्ष के उत्पादन का योग Σq0) × 100।
अभिकथन-कारण
- (क) दोनों कथन सत्य हैं: प्रश्नावली उत्तरदाता स्वयं भरता है (जबकि अनुसूची परिगणक पूछकर भरता है), इसलिए प्रश्नावली से केवल साक्षर और शिक्षित लोगों से ही संपर्क किया जा सकता है; यही निरक्षर उत्तरदाताओं के लिए इसकी सीमा है। R, A की सही व्याख्या करता है।
- (ख) दोनों कथन किताब के अपने सत्य तथ्य हैं, पर R (कि Σf = N) यह नहीं समझाता कि Cf की गणना पद्धति (चलता हुआ योग) क्या है, इसलिए R, A की व्याख्या नहीं करता।
सुमेलन कीजिए
- (घ) सरकारी प्रकाशन का उदाहरण भारत की जनगणना है, अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन का UNESCO/UNDP की वार्षिकी, अर्ध सरकारी प्रलेख का नगर निगम/जिला परिषद की रिपोर्टें, और निजी प्रलेख का कंपनियों-व्यापार संघों के रिकॉर्ड।
- (ग) अपवर्ती विधि 20-30, 30-40 प्रारूप की है (उच्च सीमा अगले वर्ग में); समावेशी विधि 20-29, 30-39 प्रारूप की है (उच्च सीमा उसी वर्ग में); कमतर विधि उच्च सीमा से शुरू कर जोड़ती है; अधिकतर विधि निम्न सीमा से शुरू कर घटाती है।
कथन आधारित प्रश्न
- (ग) दोनों कथन किताब के अपने तथ्य हैं: आंकड़ा कच्चा, असंसाधित माप है; सूचना उसे प्रक्रमित करने के बाद निकला अर्थपूर्ण निष्कर्ष है।
- (ख) कथन I ग़लत है: उच्च सीमा उसी वर्ग में शामिल रहना समावेशी विधि की विशेषता है, अपवर्ती विधि की नहीं। कथन II सही है: दोनों विधियों में हर वर्ग 10 इकाई तक फैला रहता है।
सही क्रम में लगाइए
- (क) पहले कच्चे आंकड़ों का परिसर (यहाँ 02 से 96) ज्ञात किया जाता है (iii), फिर उसी के आधार पर वर्गों की संख्या और वर्ग अंतराल तय होते हैं (iv), फिर मिलान चिह्न (फोर एंड क्रास विधि) से हर प्रेक्षण को उसके वर्ग में चिह्नित किया जाता है (i), और अंत में आवृत्ति वितरण सारणी बनती है (ii): यानी क्रम (iii), (iv), (i), (ii)।
रिक्त स्थान
- (घ) सारणी 1.1 के अनुसार भारत (कुल) की जनसंख्या 1,21,05,69,573 (व्यक्ति) थी।
- (ख) NCERT प्राप्तांकों को 10 इकाई के अंतराल वाले 10 वर्गों (0-10, 10-20, … 90-100) में बाँटता है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश के अनुसार औसत गहराई (0.95मी) बच्चे की लंबाई से कम लगी, पर एक बिंदु पर वास्तविक गहराई 1.5 मीटर थी, जो औसत ने छुपा दी।
- (ग) औसत व्यक्तिगत मानों की सच्चाई छुपा सकता है, इसे सांख्यिकीय दोष कहते हैं।
सत्य-असत्य
- (ग) (i) और (iii) सही हैं। (ii) ग़लत है: समाचारपत्र और पत्रिकाएँ द्वितीयक स्रोत (प्रकाशित) की श्रेणी में आते हैं, प्राथमिक नहीं।
- (घ) (i) और (ii) सही हैं। (iii) ग़लत है: आवृत्ति बहुभुज और ओजाइव दो अलग-अलग ग्राफ़ हैं; ओजाइव संचयी आवृत्ति का वक्र है।
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