कक्षा 12 हिंदी अध्याय 10 भक्तिन MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उत्तर सहित

इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकमहादेवी वर्मा का जन्म किस वर्ष हुआ?
    (क) सन् 1901(ख) सन् 1907(ग) सन् 1911(घ) सन् 1917
  2. 1 अंकभक्तिन का वास्तविक नाम क्या था?
    (क) राधा(ख) सीता(ग) लछमिन(घ) गीता
  3. 1 अंकभक्तिन किस ऐतिहासिक गाँव के एक सूरमा की बेटी थी?
    (क) हँडिया(ख) झूँसी(ग) इलाहाबाद(घ) फर्रुखाबाद
  4. 1 अंकभक्तिन के पति की मृत्यु किस आयु में हुई?
    (क) 29 वर्ष(ख) 33 वर्ष(ग) 36 वर्ष(घ) 40 वर्ष
  5. 1 अंकसिर घुटाने के प्रश्न पर भक्तिन कौन-सा शास्त्रोक्त कथन देती है?
    (क) सत्यमेव जयते(ख) वसुधैव कुटुम्बकम्(ग) अहिंसा परमो धर्मः(घ) तीरथ गए मुँडाए सिद्ध
  6. 1 अंकपाठ की अंतिम पंक्ति के अनुसार महादेवी भक्तिन की कहानी के बारे में क्या कहती हैं?
    (क) उसकी कहानी पूरी हो चुकी है(ख) उसकी कहानी अधूरी है, पर उसे खोकर पूरी नहीं करना चाहतीं(ग) उसे भक्तिन की कहानी में रुचि नहीं(घ) भक्तिन की कहानी असत्य है

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): भक्तिन अपना असली नाम किसी को नहीं बताती। कारण (R): भक्तिन का नाम ‘लछमिन’ (लक्ष्मी) समृद्धि का सूचक है, पर उसके जीवन में सुख की अपेक्षा दुख अधिक रहा।
    (क) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): पंचायत ने निष्पक्ष जाँच के बाद ही भक्तिन की बेटी और युवक का विवाह ठहराया। कारण (R): पंचायत ने केवल यह देखा कि युवक और युवती एक कोठरी से साथ निकले हैं।
    (क) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंककॉलम A को कॉलम B से सुमेलित करें। कॉलम A: (i) फर्रुखाबाद (ii) झूँसी (iii) हँडिया (iv) इलाहाबाद। कॉलम B: (1) निधन-स्थान (2) ससुराल गाँव (3) महादेवी का जन्म-स्थान (4) भक्तिन का पैतृक गाँव
    (क) (i)-1, (ii)-2, (iii)-3, (iv)-4(ख) (i)-3, (ii)-4, (iii)-2, (iv)-1(ग) (i)-3, (ii)-2, (iii)-4, (iv)-1(घ) (i)-4, (ii)-3, (iii)-2, (iv)-1
  2. 1 अंककॉलम A को कॉलम B से सुमेलित करें। कॉलम A: (i) ‘हम कुकुरी बिलारी न होयँ’ (ii) ‘हमारे मलकिन तौ रात-दिन कितबियन माँ गड़ी रहती हैं’ (iii) ‘भक्तिन की कहानी अधूरी है’ (iv) ‘ई कउन बड़ी बात आय’। कॉलम B: (1) पाठ की अंतिम पंक्ति (2) पाक-कला पर आत्मविश्वास (3) हस्ताक्षर/पढ़ाई से बचने का तर्क (4) पुनर्विवाह ठुकराने की घोषणा
    (क) (i)-4, (ii)-3, (iii)-1, (iv)-2(ख) (i)-1, (ii)-2, (iii)-3, (iv)-4(ग) (i)-4, (ii)-1, (iii)-3, (iv)-2(घ) (i)-2, (ii)-3, (iii)-4, (iv)-1

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: भक्तिन ने अपनी बेटियों के विवाह के बाद बड़े दामाद को घरजमाई बनाया। कथन II: घरजमाई का अर्थ है दामाद का अपने ससुराल में ही स्थायी रूप से रहना।
    (क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) केवल कथन I सत्य है(ग) केवल कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं
  2. 1 अंककथन I: पंचायत ने बिना किसी को दोषी सिद्ध किए ही, केवल एक कोठरी से साथ निकलने के आधार पर दोनों को पति-पत्नी मान लिया। कथन II: यह निर्णय स्त्री के अपनी इच्छा से विवाह चुनने के अधिकार का हनन दर्शाता है।
    (क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) केवल कथन I सत्य है(ग) केवल कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं

5 सही क्रम में लगाइए

सही क्रम में लगाइए
  1. 1 अंकभक्तिन के जीवन की इन घटनाओं को सही कालानुक्रम में रखें। (i) पिता की मृत्यु का समाचार (ii) विवाह (5 वर्ष की आयु में) (iii) पति की मृत्यु (iv) महादेवी के घर सेवा आरंभ
    (क) (i), (ii), (iii), (iv)(ख) (ii), (i), (iii), (iv)(ग) (ii), (iii), (i), (iv)(घ) (i), (iii), (ii), (iv)
  2. 1 अंकमहादेवी वर्मा के जीवन की इन घटनाओं को सही क्रम में रखें। (i) पद्मभूषण की प्राप्ति (ii) जन्म (iii) ज्ञानपीठ पुरस्कार (iv) निधन
    (क) (ii), (i), (iii), (iv)(ख) (ii), (iii), (i), (iv)(ग) (i), (ii), (iii), (iv)(घ) (ii), (i), (iv), (iii)

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकभक्तिन के पास गुप्त बचत के रूप में कुल ____ रुपये थे।
    (क) 50(ख) 75(ग) 150(घ) 105

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सी रचना महादेवी वर्मा की नहीं है?
    (क) दीपशिखा(ख) यामा(ग) कामायनी(घ) शृंखला की कड़ियाँ

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
छोटे कद और दुबले शरीरवाली भक्तिन अपने पतले ओठों के कोनों में दृढ़ संकल्प और छोटी आँखों में एक विचित्र समझदारी लेकर जिस दिन पहले-पहले मेरे पास आ उपस्थित हुई थी तब से आज तक एक युग का समय बीत चुका है। पर जब कोई जिज्ञासु उससे इस संबंध में प्रश्न कर बैठता है, तब वह पलकों को आधी पुतलियों तक गिराकर और चिंतन की मुद्रा में ठुड्डी को कुछ ऊपर उठाकर विश्वास भरे कंठ से उत्तर देती है, ‘तुम पचै का का बताई, यहै पचास बरिस से संग रहित है।’
  1. 1 अंकभक्तिन अपने और लेखिका के साथ बिताए वर्षों के बारे में क्या रवैया रखती है?
    (क) वह सही आँकड़ा बताती है(ख) वह वर्षों को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है(ग) वह इस विषय में उत्तर नहीं देती(घ) वह इसे याद नहीं रख पाती
गद्यांश
भक्तिन और मेरे बीच में सेवक-स्वामी का संबंध है, यह कहना कठिन है; क्योंकि ऐसा कोई स्वामी नहीं हो सकता, जो इच्छा होने पर भी सेवक को अपनी सेवा से हटा न सके और ऐसा कोई सेवक भी नहीं सुना गया, जो स्वामी के चले जाने का आदेश पाकर अवज्ञा से हँस दे। भक्तिन को नौकर कहना उतना ही असंगत है, जितना अपने घर में बारी-बारी से आने-जाने वाले अँधेरे-उजाले और आँगन में फूलने वाले गुलाब और आम को सेवक मानना।
  1. 1 अंकलेखिका किन दो प्राकृतिक उदाहरणों से भक्तिन के स्वतंत्र अस्तित्व की तुलना करती हैं?
    (क) अँधेरा-उजाला और गुलाब-आम(ख) सूरज और चाँद(ग) नदी और पहाड़(घ) हवा और पानी

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंककथन: ‘भक्तिन ने महादेवी के घर आने से पहले संघर्षपूर्ण जीवन जिया था।’ यह कथन कितना सत्य है?
    (क) पूर्णतः सत्य(ख) पूर्णतः असत्य(ग) आंशिक रूप से सत्य(घ) पाठ में इसका उल्लेख नहीं है
  2. 1 अंककथन: ‘महादेवी वर्मा छायावाद के चार स्तंभों में से एक थीं।’ यह कथन कितना सत्य है?
    (क) पाठ में इसका उल्लेख नहीं है(ख) पूर्णतः असत्य(ग) आंशिक रूप से सत्य(घ) पूर्णतः सत्य
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ख) पाठ के आरंभ में स्पष्ट लिखा है: जन्म सन् 1907, फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश)।
  2. (ग) पाठ में स्पष्ट है, नाम है लछमिन अर्थात लक्ष्मी।
  3. (ख) पाठ के अनुसार वह ऐतिहासिक झूँसी में गाँव-प्रसिद्ध एक सूरमा की एकलौती बेटी थी।
  4. (ग) पाठ के अनुसार पति की मृत्यु के समय उसकी अवस्था छत्तीस वर्ष से कुछ ही अधिक थी।
  5. (घ) सिर घुटाने से रोके जाने पर भक्तिन ने कहा कि शास्त्र में लिखा है, और ‘क्या लिखा है?’ पूछने पर तुरंत उत्तर दिया: ‘तीरथ गए मुँडाए सिद्ध।’
  6. (ख) पाठ की अंतिम पंक्ति है, ‘भक्तिन की कहानी अधूरी है; पर उसे खोकर मैं इसे पूरी नहीं करना चाहती।’
अभिकथन-कारण
  1. (ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता। पाठ नाम छुपाने का कारण भक्तिन की समझदारी बताता है: “भक्तिन बहुत समझदार है, क्योंकि वह अपना समृद्धि-सूचक नाम किसी को बताती नहीं।” पाठ यह भी कहता है कि प्रायः सभी को अपने-अपने नाम का विरोधाभास लेकर जीना पड़ता है।
  2. (घ) A असत्य है: पंचायत बैठी, पर उसने दोष तय नहीं किया; उसने समस्या का मूल कारण कलियुग माना और कहा, ‘चाहे उन दोनों में एक सच्चा हो चाहे दोनों झूठे’। R सत्य है, यही वह आधार था जिस पर दोनों को पति-पत्नी मान लिया गया।
सुमेलन कीजिए
  1. (ख) फर्रुखाबाद महादेवी का जन्म-स्थान (3), झूँसी भक्तिन का पैतृक गाँव (4), हँडिया उसका ससुराल गाँव (2), इलाहाबाद महादेवी का निधन-स्थान (1) है।
  2. (क) ‘हम कुकुरी बिलारी न होयँ’ पुनर्विवाह ठुकराने की घोषणा (4) है, ‘हमारे मलकिन…’ हस्ताक्षर/पढ़ाई से बचने का तर्क (3) है, ‘भक्तिन की कहानी अधूरी है’ पाठ की अंतिम पंक्ति (1) है, और ‘ई कउन बड़ी बात आय’ पाक-कला पर आत्मविश्वास (2) दिखाता है।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (क) दोनों कथन सत्य हैं: पाठ के अनुसार भक्तिन ने बड़े दामाद को घरजमाई बनाया, और घरजमाई का यही अर्थ भी है।
  2. (क) दोनों कथन सत्य हैं, यही पंचायत के अन्यायपूर्ण फ़ैसले का पूरा सार है।
सही क्रम में लगाइए
  1. (ख) सही क्रम है: विवाह, फिर पिता की मृत्यु का समाचार, फिर पति की मृत्यु, फिर सेवा आरंभ।
  2. (क) सही क्रम है: जन्म (1907), पद्मभूषण (1956), ज्ञानपीठ (1983), निधन (1987)।
रिक्त स्थान
  1. (घ) पाँच बीसी और पाँच रुपया (बीसी = बीस), यानी कुल 105 रुपये।
असंगत चुनिए
  1. (ग) कामायनी जयशंकर प्रसाद की रचना है, शेष तीनों महादेवी वर्मा की हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (ख) गद्यांश में भक्तिन विश्वास भरे कंठ से कहती है, ‘यहै पचास बरिस से संग रहित है’, जिससे लेखिका पचहत्तर की और भक्तिन सौ से ऊपर की ठहरती है; यानी वह साथ बीते वर्षों को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है।
  2. (क) गद्यांश में ‘अँधेरे-उजाले और आँगन में फूलने वाले गुलाब और आम’ का उदाहरण दिया गया है।
सत्य-असत्य
  1. (क) पाठ की भूमिका के अनुसार भक्तिन ने महादेवी के घर आने से पहले एक संघर्षशील, स्वाभिमानी और कर्मठ जीवन जिया, यह कथन पूर्णतः सत्य है।
  2. (घ) पाठ स्वयं महादेवी को छायावाद के चार स्तंभों में गिनता है, अन्य तीन पंत, प्रसाद और निराला, यह कथन पूर्णतः सत्य है।