इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकजयशंकर प्रसाद का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) प्रयाग(ख) काशी(ग) इलाहाबाद(घ) लखनऊ - 1 अंकजयशंकर प्रसाद की विद्यालयी शिक्षा किस कक्षा तक हुई?
(क) बारहवीं(ख) दसवीं(ग) पाँचवीं(घ) आठवीं - 1 अंकदेवसेना का गीत किस नाटक से लिया गया है?
(क) स्कंदगुप्त(ख) ध्रुवस्वामिनी(ग) चंद्रगुप्त(घ) अजातशत्रु - 1 अंकमालवा के धनकुबेर की कन्या, जिसका स्वप्न स्कंदगुप्त देखते थे, उसका नाम क्या है?
(क) महादेवी(ख) देवसेना(ग) कार्नेलिया(घ) विजया - 1 अंकदेवसेना आश्रम में किसकी समाधि परिष्कृत करती है?
(क) बंधुवर्मा(ख) पर्णदत्त(ग) विजया(घ) महादेवी - 1 अंकपाठ के कवि-परिचय में जयशंकर प्रसाद की “कविताएँ” के अंतर्गत इनमें से कौन-सी रचना गिनाई गई है?
(क) कामायनी(ख) कंकाल(ग) आकाशदीप(घ) अजातशत्रु - 1 अंकदेवसेना के गीत के प्रसंग के अनुसार आर्यावर्त किसके आक्रमण से संकट में था?
(क) यूनानी(ख) शक(ग) हूण(घ) कुषाण
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): कार्नेलिया का गीत भारत की प्रशंसा में गाया गया गीत है।
कारण (R): कार्नेलिया एक विदेशी युवती है जो सिंधु-तट के मनोहर सौंदर्य से प्रभावित होकर और भारतीय संगीत का पाठ याद करते हुए यह गीत गाती है।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): देवसेना का गीत गीत-शैली में रचा गया गेय, तुकांत गीत है।
कारण (R): इसके अंतरे ‘विदाई’, ‘लुटाई’, ‘अँगड़ाई’, ‘उठाई’, ‘कमाई’, ‘लगाई’, ‘गँवाई’ जैसी एक ही तुक पर लौटते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट चुनिए:
A (रचना): 1. स्कंदगुप्त 2. कंकाल 3. आकाशदीप 4. कामायनी
B (विधा): (i) कहानी-संग्रह (ii) उपन्यास (iii) नाटक (iv) कविता
(क) 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i(ख) 1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii(ग) 1-iii, 2-ii, 3-i, 4-iv(घ) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv - 1 अंकसूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट चुनिए:
A (शब्द): 1. संचित 2. विपिन 3. दीठ 4. श्रुति
B (अर्थ): (i) दृष्टि (ii) सुनने की क्रिया (iii) एकत्रित (iv) जंगल
(क) 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii(ख) 1-ii, 2-i, 3-iv, 4-iii(ग) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(घ) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: कार्नेलिया सिकंदर की पुत्री है।
कथन II: कार्नेलिया सिंधु नदी के किनारे बैठी हुई है।
(क) केवल कथन II सही है(ख) केवल कथन I सही है(ग) कथन I और II दोनों गलत हैं(घ) कथन I और II दोनों सही हैं - 1 अंककथन I: स्कंदगुप्त आजीवन कुँवारा रहने का व्रत लेता है।
कथन II: देवसेना स्कंदगुप्त का प्रणय-निवेदन स्वीकार कर लेती है।
(क) कथन I और II दोनों सही हैं(ख) केवल कथन I सही है(ग) कथन I और II दोनों गलत हैं(घ) केवल कथन II सही है
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकदेवसेना के प्रसंग की घटनाओं को सही कालानुक्रम में रखिए:
(i) जीवन के अंतिम मोड़ पर स्कंदगुप्त का देवसेना को पाने का प्रयास
(ii) हूणों के आक्रमण में बंधुवर्मा व परिवार की वीरगति
(iii) देवसेना का इनकार और विदा-गीत गाना
(iv) देवसेना का राष्ट्रसेवा और भाई के स्वप्नों को साकार करने का व्रत
(क) ii-iv-i-iii(ख) i-iii-ii-iv(ग) ii-iv-iii-i(घ) ii-iii-iv-i - 1 अंककार्नेलिया के प्रसंग की घटनाओं को सही कालानुक्रम में रखिए:
(i) तट के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होना
(ii) गीत गाना आरंभ करना
(iii) कार्नेलिया का सिंधु-तट पर वृक्ष के नीचे बैठना
(iv) भारतीय संगीत का पाठ भूल जाने की आशंका होना
(क) ii-iii-iv-i(ख) iii-i-iv-ii(ग) iv-iii-i-ii(घ) iv-iii-ii-i
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक“_____ यह मधुमय देश हमारा!”
(क) उषा(ख) रजनी(ग) तामरस(घ) अरुण - 1 अंक“मैंने भ्रम-वश जीवन संचित, _____ की भीख लुटाई।”
(क) विहाग(ख) करुणा(ग) मधुकरियों(घ) नीरवता
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से असंगत चुनिए (तीन स्कंदगुप्त नाटक के पात्र हैं, एक चंद्रगुप्त नाटक का है):
(क) विजया(ख) कार्नेलिया(ग) पर्णदत्त(घ) बंधुवर्मा
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
अरुण यह मधुमय देश हमारा!
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।
सरस तामरस गर्भ विभा पर—नाच रही तरुशिखा मनोहर।
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।
सरस तामरस गर्भ विभा पर—नाच रही तरुशिखा मनोहर।
- 1 अंकइसी काव्यांश की पंक्ति “जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा” का भाव है
(क) क्षितिज खतरनाक है(ख) भारत हर किसी को सहारा और अपनापन देता है(ग) भारत में क्षितिज नहीं दिखता(घ) विदेशी यहाँ नहीं आते
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों के सत्य/असत्य होने का सही संयोजन चुनिए:
(i) जयशंकर प्रसाद मूलतः कवि थे।
(ii) उन्होंने केवल कविताएँ लिखीं।
(iii) कामायनी उनकी एक कविता-रचना है।
(iv) वे कक्षा 12 तक विद्यालय में पढ़े थे।
(क) सत्य, सत्य, सत्य, असत्य(ख) सत्य, असत्य, सत्य, असत्य(ग) असत्य, सत्य, असत्य, सत्य(घ) सत्य, सत्य, असत्य, सत्य
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ख) जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी में हुआ था।
- (घ) वे विद्यालयी शिक्षा केवल आठवीं कक्षा तक ही प्राप्त कर सके, बाकी स्वाध्याय से सीखा।
- (क) देवसेना का गीत जयशंकर प्रसाद के स्कंदगुप्त नाटक से लिया गया है।
- (घ) पाठ के अनुसार स्कंदगुप्त मालवा के धनकुबेर की कन्या (विजया) का स्वप्न देखते थे।
- (घ) देवसेना आश्रम में महादेवी की समाधि को सँवारने-सजाने (परिष्कृत करने) का काम करती है।
- (क) कवि-परिचय में कविताएँ हैं: झरना, आँसू, लहर, कामायनी, कानन कुसुम और प्रेमपथिक। कंकाल उपन्यास, आकाशदीप कहानी संग्रह और अजातशत्रु नाटक है।
- (ग) हूणों के आक्रमण से आर्यावर्त संकट में था, जिसमें बंधुवर्मा सहित पूरे परिवार को वीरगति प्राप्त हुई।
अभिकथन-कारण
- (क) दोनों कथन सही हैं। पाठ के अनुसार कार्नेलिया सिंधु-तट को “कितना निसर्ग सुंदर, कितना रमणीय” पाती है और फिर सोचती है कि भारतीय संगीत का पाठ भूल तो नहीं गई, तब यह गीत गाती है; यही प्रसंग उसके भारत-प्रशंसा के गीत की व्याख्या करता है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) (ख) दोनों कथन सही हैं: पाठ में यह कविता “गीत के शिल्प में रची गई” है। अंतरों की एक-सी तुक इसके तुकांत होने का प्रमाण है, पर इसके गेय और गीत-शैली में होने का कारण वह नहीं; इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।
सुमेलन कीजिए
- (ग) स्कंदगुप्त-नाटक(iii), कंकाल-उपन्यास(ii), आकाशदीप-कहानी-संग्रह(i), कामायनी-कविता(iv)।
- (क) संचित-एकत्रित(iii), विपिन-जंगल(iv), दीठ-दृष्टि(i), श्रुति-सुनने की क्रिया(ii)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) कथन I गलत है, वह सिकंदर के सेनापति सिल्यूकस की पुत्री है। कथन II सही है।
- (ख) कथन I सही है। कथन II गलत है, देवसेना स्वीकार नहीं करती।
सही क्रम में लगाइए
- (क) सही क्रम: ii-iv-i-iii। पहले परिवार की वीरगति, फिर देवसेना का व्रत, फिर स्कंदगुप्त का प्रयास, अंत में देवसेना का इनकार और गीत।
- (ख) सही क्रम: iii-i-iv-ii। पहले बैठना, फिर सौंदर्य से प्रभावित होना, फिर आशंका, अंत में गीत गाना।
रिक्त स्थान
- (घ) कार्नेलिया के गीत की पहली पंक्ति “अरुण यह मधुमय देश हमारा!” है।
- (ग) देवसेना के गीत की पंक्ति है “मधुकरियों की भीख लुटाई”।
असंगत चुनिए
- (ख) कार्नेलिया चंद्रगुप्त नाटक की पात्र है; बंधुवर्मा, विजया और पर्णदत्त स्कंदगुप्त नाटक के पात्र हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) यह पंक्ति भारत की उदारता और सबको अपनाने वाले स्वभाव को दर्शाती है।
सत्य-असत्य
- (ख) (i) सत्य: पाठ कहता है, “मूलतः वे कवि थे” (ii) असत्य: उन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी, निबंध भी लिखे (iii) सत्य: कवि-परिचय में कामायनी कविताओं में गिनाई गई है (iv) असत्य: शिक्षा केवल आठवीं तक हुई।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री