इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकनिराला का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) काशी में(ख) इलाहाबाद में(ग) बंगाल के मेदिनीपुर ज़िले के महिषादल गाँव में(घ) आगरा में - 1 अंकनिराला का जीवनकाल है
(क) सन् 1889-1937(ख) सन् 1880-1930(ग) सन् 1900-1950(घ) सन् 1898-1961 - 1 अंकनिराला के बचपन का नाम क्या था?
(क) सूर्य कुमार(ख) रामकुमार(ग) गिरधर(घ) सूर्यकांत - 1 अंकनिराला की विधिवत स्कूली शिक्षा किस कक्षा तक हुई?
(क) नवीं कक्षा तक(ख) पाँचवीं कक्षा तक(ग) दसवीं कक्षा तक(घ) बारहवीं कक्षा तक - 1 अंकनिराला के किस उपन्यास को विशेष चर्चा मिली?
(क) अनामिका(ख) परिमल(ग) बिल्लेसुर बकरिहा(घ) गीतिका - 1 अंक‘वह शकुंतला, पर पाठ अन्य यह, अन्य कला’ पंक्ति में कवि को किस पात्र का ध्यान आता है, जिससे वे सरोज को अलग बताते हैं?
(क) कार्नेलिया से(ख) सीता से(ग) देवसेना से(घ) शकुंतला से - 1 अंकनिराला की कौन-सी रचना प्रबंधात्मक (कथा जैसी लंबी) कविता है?
(क) जूही की कली(ख) अणिमा(ग) गीतगुंज(घ) राम की शक्ति पूजा
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): विवाह के समय माँ द्वारा दी जाने वाली सारी शिक्षा निराला ने स्वयं सरोज को दी।
कारण (R): उस समय सरोज की माँ (निराला की पत्नी) जीवित नहीं थीं।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): ‘दुख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’ पंक्ति में निराला का अपना जीवन-संघर्ष प्रकट हुआ है।
कारण (R): निराला जीवनभर पारिवारिक और आर्थिक कष्टों से जूझते रहे; पत्नी, पिता, चाचा, चचेरे भाई और अंत में पुत्री सरोज, सब एक-एक कर चल बसे।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची-I (शब्द) को सूची-II (अर्थ) से सुमेलित कीजिए और सही कूट चुनिए:
सूची-I: A. संबल B. न्यस्त C. समोद D. जलद
सूची-II: 1. बादल 2. हर्षसहित 3. सहारा 4. निहित
(क) A-2, B-1, C-4, D-3(ख) A-3, B-4, C-2, D-1(ग) A-4, B-3, C-1, D-2(घ) A-1, B-2, C-3, D-4 - 1 अंकसूची-I (रचना) को सूची-II (विधा) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: A. परिमल B. बिल्लेसुर बकरिहा C. निराला रचनावली D. समन्वय
सूची-II: 1. उपन्यास 2. पत्रिका (संपादन) 3. काव्य-कृति 4. संपूर्ण साहित्य-संकलन
(क) A-1, B-2, C-3, D-4(ख) A-2, B-4, C-1, D-3(ग) A-4, B-3, C-2, D-1(घ) A-3, B-1, C-4, D-2
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: सरोज का बचपन नानी के घर बीता।
कथन II: मामा-मामी का सरोज पर अपार प्यार रहा और वे उसके सुख-दुख में सदा साथ रहे।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) कथन I और II दोनों गलत हैं(घ) कथन I और II दोनों सही हैं - 1 अंककथन I: सरोज स्मृति की पंक्तियों में कोई तुक नहीं मिलता।
कथन II: कविता की पंक्तियों के अंत में तुकांत मिलता है, जैसे नवल-जल, मंद-स्पंद।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) कथन I और II दोनों सही हैं(घ) कथन I और II दोनों गलत हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकनिराला के जीवन की घटनाओं को सही कालानुक्रम में रखिए:
A. ‘मतवाला’ पत्रिका के संपादक मंडल में शामिल होना
B. पत्नी का देहांत
C. ‘जूही की कली’ लेखन
D. ‘समन्वय’ पत्रिका के संपादन से जुड़ना
(क) A, B, C, D(ख) C, B, D, A(ग) B, C, D, A(घ) C, D, B, A - 1 अंकसरोज के जीवन की घटनाओं को सही कालानुक्रम में रखिए:
A. उसी ननिहाल में मृत्यु
B. विवाह (जिसे कवि कविता के आरंभ में स्मरण करते हैं)
C. पिता द्वारा तर्पण
D. नानी-मामा-मामी के स्नेह में पालन-पोषण
(क) D, A, B, C(ख) B, D, A, C(ग) D, B, A, C(घ) A, B, C, D
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक“देखा विवाह _____ नवल”
(क) अकेला(ख) आमूल(ग) अपार(घ) अनंत - 1 अंक“वह लता वहीं की, जहाँ _____ तू खिली”
(क) कली(ख) सेज(ग) जलद(घ) शतदल
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से असंगत चुनिए (तीन घटनाएँ 1920 से पहले की हैं, एक बाद की):
(क) माँ का निधन (बचपन में)(ख) पत्नी का देहांत (1918)(ग) समन्वय के संपादन से जुड़ना (1922)(घ) जूही की कली लेखन (1916)
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
देखा विवाह आमूल नवल,
तुझ पर शुभ पड़ा कलश का जल।
देखती मुझे तू हँसी मंद,
होठों में बिजली फँसी स्पंद
तुझ पर शुभ पड़ा कलश का जल।
देखती मुझे तू हँसी मंद,
होठों में बिजली फँसी स्पंद
- 1 अंकऊपर दिया गया काव्यांश किस पद से लिया गया है?
(क) पद 4(ख) पद 2(ग) पद 1(घ) पद 3
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों के सत्य/असत्य होने का सही संयोजन चुनिए:
(i) कविता की पंक्तियाँ जोड़ों में तुक मिलाती हैं
(ii) कविता में कोई तुकांत नहीं मिलता
(iii) कविता में रूपक अलंकार है
(iv) कविता खड़ी बोली में है
(क) सत्य, सत्य, सत्य, असत्य(ख) असत्य, असत्य, सत्य, सत्य(ग) सत्य, सत्य, असत्य, असत्य(घ) सत्य, असत्य, सत्य, सत्य
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ग) निराला का जन्म बंगाल के मेदिनीपुर ज़िले के महिषादल गाँव में हुआ था।
- (घ) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जीवनकाल सन् 1898 से 1961 तक रहा।
- (क) निराला के बचपन का नाम सूर्य कुमार था।
- (क) निराला की विधिवत स्कूली शिक्षा नवीं कक्षा तक ही हुई।
- (ग) निराला ने कविता के अतिरिक्त कहानियाँ और उपन्यास भी लिखे; उनके उपन्यासों में ‘बिल्लेसुर बकरिहा’ विशेष चर्चित हुआ।
- (घ) निराला मन में सोचते हैं ‘वह शकुंतला’, पर तुरंत कहते हैं ‘पर पाठ अन्य यह, अन्य कला’, यानी सरोज का पाठ और कला अलग है। शकुंतला कालिदास की नाट्यकृति ‘अभिज्ञान शाकुंतलम्’ की नायिका है।
- (घ) निराला ने एक ओर ‘राम की शक्ति पूजा’ और ‘तुलसीदास’ जैसी प्रबंधात्मक कविताएँ लिखीं, तो दूसरी ओर प्रगीतों की भी रचना की।
अभिकथन-कारण
- (क) ‘माँ की कुल शिक्षा मैंने दी’ पंक्ति के अनुसार विवाह के समय माँ वाली शिक्षा निराला ने स्वयं दी। पद 2 में कवि पत्नी को ‘स्वर्गीया-प्रिया’ कहते हैं (‘गाया स्वर्गीया-प्रिया-संग’), यानी उस समय सरोज की माँ जीवित नहीं थीं। दोनों कथन सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) दोनों कथन सही हैं। पाठ्यपुस्तक कहती है, ‘इस कविता के माध्यम से निराला का जीवन-संघर्ष भी प्रकट हुआ है। वे कहते हैं, दुख ही जीवन की कथा रही…’; कवि-परिचय में उनके पारिवारिक-आर्थिक कष्टों और परिवारजनों की एक-एक कर मृत्यु का उल्लेख है। परंतु R निराला के जीवन का तथ्य है; पाठ्यपुस्तक इसे इस पंक्ति का कारण बताकर नहीं कहती। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) संबल = सहारा (3), न्यस्त = निहित (4), समोद = हर्षसहित (2), जलद = बादल (1); अतः A-3, B-4, C-2, D-1 सही है।
- (घ) परिमल काव्य-कृति है (3), बिल्लेसुर बकरिहा उपन्यास है (1), निराला रचनावली संपूर्ण साहित्य का संकलन है (4), समन्वय वह पत्रिका है जिसके संपादन से निराला जुड़े (2); अतः A-3, B-1, C-4, D-2।
कथन आधारित प्रश्न
- (घ) दोनों कथन सही हैं: सरोज नानी की स्नेह-गोद में पली (‘वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली’), और ‘मामा-मामी का रहा प्यार, भर जलद धरा को ज्यों अपार; वे ही सुख-दुख में रहे न्यस्त’।
- (ख) कथन I गलत है: पंक्तियाँ जोड़ों में तुक मिलाती हैं (नवल-जल, मंद-स्पंद)। कथन II सही है। (पाठ्यपुस्तक इस कविता के छंद का नाम नहीं बताती।)
सही क्रम में लगाइए
- (ख) सही कालक्रम: जूही की कली (1916) → पत्नी का देहांत (1918) → समन्वय (1922) → मतवाला (1923-24), अर्थात् C, B, D, A।
- (ग) सरोज का जीवनक्रम: पहले ननिहाल में पालन-पोषण (D), फिर विवाह (B), फिर मृत्यु (A), और अंत में पिता का तर्पण (C)।
रिक्त स्थान
- (ख) पद 1 की पहली पंक्ति है: ‘देखा विवाह आमूल नवल’।
- (क) पद 3 में आता है: ‘वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली, स्नेह से हिली, पली’।
असंगत चुनिए
- (ग) समन्वय से जुड़ना 1922 में हुआ, यह 1920 के बाद की घटना है; बाकी तीनों 1920 से पहले की हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ग) यह पंक्तियाँ सरोज स्मृति के पद 1 से हैं, जिसमें कवि सरोज के विवाह का दृश्य स्मरण करते हैं।
सत्य-असत्य
- (घ) (i) सत्य: ‘देखा विवाह आमूल नवल, / तुझ पर शुभ पड़ा कलश का जल’ में तुक है। (ii) असत्य: पंक्तियों के अंत में तुकांत मिलता है (नवल-जल, मंद-स्पंद)। (iii) सत्य: “वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली” में रूपक है। (iv) सत्य: कविता खड़ी बोली में है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री