इस अध्याय के 21 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंक1857 का विद्रोह किस तारीख़ को और कहाँ शुरू हुआ?
(क) 11 मई, दिल्ली(ख) 10 मई, मेरठ(ग) 30 मई, लखनऊ(घ) 10 मई, कानपुर - 1 अंकबहादुर शाह ज़फ़र ने विद्रोह के नेतृत्व पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में क्या दिखाया?
(क) उत्साह से नेतृत्व स्वीकार किया(ख) सिपाहियों को दंडित करने की माँग(ग) भय, और नेतृत्व स्वीकारने में हिचक(घ) अंग्रेज़ों का साथ देने की घोषणा - 1 अंकशाह मल किस क्षेत्र के कृषकों-मुखियाओं को ब्रिटिश भूमि-राजस्व व्यवस्था के विरुद्ध संगठित करने के लिए जाने जाते हैं?
(क) परगना बड़ौत (उत्तर प्रदेश)(ख) अवध(ग) छोटा नागपुर(घ) झाँसी - 1 अंकगोनू, जिन्होंने कोल जनजातियों का नेतृत्व किया, कहाँ के एक जनजातीय कृषक थे?
(क) बुंदेलखंड(ख) अवध(ग) सिंहभूम, छोटा नागपुर(घ) पंजाब - 1 अंकबाज़ार के आटे के बारे में व्यापक अफ़वाह किस कथित ब्रिटिश साज़िश से जुड़ी थी?
(क) आटे की कमी पैदा कर व्यापार पर क़ब्ज़ा करना(ख) किसानों को दिवालिया बनाना(ग) केवल कर बढ़ाना(घ) हिंदू-मुस्लिम धर्म नष्ट कर ईसाई धर्मांतरण के लिए मजबूर करना - 1 अंकगवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौज़ी ने 1851 में अवध के लिए कौन-सा वाक्यांश प्रयोग किया?
(क) ‘बंगाल सेना की नर्सरी’(ख) ‘ताश के पत्तों का घर’(ग) ‘ये गिलास फल एक दिन हमारे ही मुँह में आकर गिरेगा’(घ) ‘स्वर्णिम अवसर’ - 1 अंक1856 के एकमुश्त बंदोबस्त ने ताल्लुक़दारों को किस रूप में माना?
(क) भूमि में वैध पैतृक स्वामी(ख) भूमि में बिना किसी वैध दावे के महज़ बिचौलिए(ग) स्वतंत्र शासक(घ) धार्मिक न्यासी - 1 अंकअवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश को ‘बंगाल सेना की नर्सरी’ उपनाम क्यों मिला?
(क) अधिकतर बंगाल सेना के सिपाही, कई उच्च जाति के, वहीं से आते थे(ख) वहाँ सबसे बड़ी छावनी थी(ग) वहाँ सैन्य प्रशिक्षण केंद्र था(घ) यह सेना का मुख्यालय था - 1 अंकअंग्रेज़ों ने दिल्ली को कब पुनः प्राप्त किया?
(क) जून 1857(ख) जून 1858(ग) मार्च 1858(घ) सितंबर 1857 के अंत तक - 1 अंक‘रिलीफ़ ऑफ़ लखनऊ’ (1859) चित्र किसने बनाया?
(क) जोसेफ़ नोएल पेटन(ख) थॉमस जोन्स बार्कर(ग) फ़ेलिस बिएतो(घ) विलियम हॉजेज़ - 1 अंकबीसवीं सदी के भारतीय राष्ट्रवाद ने 1857 को किस रूप में पुनः दावा किया?
(क) ‘स्वतंत्रता के पहले युद्ध’ के रूप में(ख) ‘सिपाही विद्रोह’ के रूप में(ग) ‘गृह-युद्ध’ के रूप में(घ) ‘धार्मिक संघर्ष’ के रूप में
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A) : आज़मगढ़ घोषणा हर सामाजिक समूह को एक ही अविभेदित अपील से संबोधित करती है।
कारण (R) : घोषणा ज़मींदारों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों, शिल्पियों और धार्मिक नेताओं को अलग-अलग, उनकी अपनी विशिष्ट शिकायत के अनुसार संबोधित करती है।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : 1) नाना साहिब 2) रानी लक्ष्मीबाई 3) कुँवर सिंह 4) बिरजिस क़द्र
सूची II : (क) आरा, बिहार (ख) कानपुर (ग) झाँसी (घ) अवध
(क) 1-क, 2-घ, 3-ग, 4-ख(ख) 1-ख, 2-ग, 3-क, 4-घ(ग) 1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग(घ) 1-ग, 2-ख, 3-घ, 4-क - 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : 1) गौतम भद्रा 2) रुद्रांशु मुखर्जी 3) तापती रॉय 4) ऐरिक स्टोक्स
सूची II : (क) पैज़ेन्ट्स एंड दि राज (ख) अवध इन रिवोल्ट 1857-58 (ग) फ़ोर रेबल्स ऑफ़ एटीन फ़िफ़्टी सेवन (घ) राज ऑफ़ दि रानी
(क) 1-घ, 2-ख, 3-क, 4-ग(ख) 1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख(ग) 1-ग, 2-ख, 3-घ, 4-क(घ) 1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : अवध में 1857 का विद्रोह विशेष रूप से गहरा और लंबा था।
कथन II : वहाँ विलय, ताल्लुक़दार-बेदख़ली और सिपाही-भर्ती का केंद्र होना एक साथ जुड़े थे।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है - 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : 1840 के दशक तक अधिकारी-सिपाही संबंध नस्लीय दूरी और संदेह से चिह्नित हो गए थे।
कथन II : 1820 के दशक के अधिकारी सिपाहियों के साथ कुश्ती लड़ते, शिकार करते और हिंदुस्तानी में धाराप्रवाह थे।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंक1857 की निम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. आज़मगढ़ घोषणा
2. मेरठ में सैनिक विद्रोह
3. चिनहाट की लड़ाई
4. अंग्रेज़ों द्वारा दिल्ली पर फिर से क़ब्ज़ा
(क) 1-2-3-4(ख) 3-1-2-4(ग) 4-3-1-2(घ) 2-3-1-4 - 1 अंक1857 की इन घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. आज़मगढ़ घोषणा
2. इलस्ट्रेटेड लंदन न्यूज़ में पेशावर की फाँसियों के चित्र छपना
3. पन्च में ‘न्याय’ (जस्टिस) व्यंग्य-चित्र छपना
4. पन्च में ‘द क्लेमेंसी ऑफ़ कैनिंग’ छपना
(क) 1-2-3-4(ख) 3-1-4-2(ग) 1-3-2-4(घ) 4-2-1-3
6 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन ब्रिटिश-पूर्व शासक-वंश से संबंधित नहीं है?
(क) बहादुर शाह(ख) नाना साहिब(ग) बिरजिस क़द्र(घ) शाह मल
7 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“यह सर्वविदित है कि इस युग में हिंदुस्तान के लोग, हिंदू और मुस्लिम, दोनों ही अधर्मी और षड्यंत्रकारी अंग्रेज़ों की निरंकुशता व उत्पीड़न से त्रस्त हैं। इसलिए देश के सभी धनवान लोगों को, खासतौर से जिनका मुस्लिम शाही परिवारों से ताल्लुक़ रहा है, और जिन्हें लोगों का धर्मरक्षक और स्वामी माना जाता है, अपने जीवन और संपत्ति को जनता की कुशलक्षेम के लिए होम कर देना चाहिए… सबको मालूम हो कि हिंदू और मुस्लिम, दोनों तरह के प्राचीन ग्रंथों में… यह सहमति दिखायी देती कि अब भारत में या कहीं भी अंग्रेज़ों के पैर टिक नहीं पाएँगे।”
— आज़मगढ़ घोषणा, 25 अगस्त 1857 (स्रोत 5)
— आज़मगढ़ घोषणा, 25 अगस्त 1857 (स्रोत 5)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश (आज़मगढ़ घोषणा) के अनुसार यह किन लोगों से जीवन और संपत्ति होम करने का आह्वान करता है?
(क) केवल किसान(ख) केवल सिपाही(ग) देश के सभी धनवान लोग, विशेषतः मुस्लिम शाही परिवारों से जुड़े(घ) केवल ज़मींदार
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(i) बहादुर शाह के विद्रोह को आशीर्वाद देने से इसे एक अकेली छावनी के विद्रोह से कहीं आगे वैधता मिली।
(ii) बात फैलते ही गंगा घाटी भर में छावनी-दर-छावनी उठ खड़ी हुई।
(क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ख) विद्रोह 10 मई 1857 को मेरठ में सिपाहियों के विद्रोह से शुरू हुआ; अगली सुबह वे लाल क़िले पहुँचे।
- (ग) बूढ़े मुग़ल बादशाह बहादुर शाह, शुरू में भयभीत, को विद्रोह का आशीर्वाद देने पर मजबूर किया गया, जिसने इसे एक अकेली छावनी के विद्रोह से कहीं आगे वैधता दी।
- (क) शाह मल परगना बड़ौत के एक जाट कृषक थे, जिनके नातेदार-संबंध चौरासी देस (84 गाँवों) भर में फैले थे; उन्होंने रात में गाँव-दर-गाँव घूमकर मुखियाओं व कृषकों को संगठित किया।
- (ग) गोनू छोटा नागपुर के सिंहभूम के एक जनजातीय कृषक थे, जिन्होंने कोल जनजातियों का नेतृत्व किया, यह दिखाते हुए कि नेतृत्व केवल अभिजात वर्ग तक सीमित नहीं था।
- (घ) अफ़वाह मानती थी कि आटे में गाय-सुअर की हड्डी का चूरा मिलाया जा रहा है, हिंदू-मुस्लिम धर्म नष्ट कर ईसाई धर्मांतरण के लिए मजबूर करने की एक कथित साज़िश के भाग के रूप में।
- (ग) डलहौज़ी ने 1851 में अवध के लिए ‘ये गिलास फल एक दिन हमारे ही मुँह में आकर गिरेगा’ वाक्यांश प्रयोग किया; राज्य को 1856 में औपचारिक रूप से मिला लिया गया।
- (ख) बंदोबस्त ने मान लिया कि ताल्लुक़दार भूमि में बिना किसी वैध दावे के महज़ बिचौलिए थे, और जहाँ भी संभव हुआ उन्हें छीन लिया।
- (क) अधिकतर बंगाल सेना के सिपाही, कई ब्राह्मण या ‘उच्च’ जाति के, अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आते थे, जिससे शिकायतें गाँव और बैरक के बीच दोनों दिशाओं में बहती थीं।
- (घ) अंग्रेज़ों ने कलकत्ता और पंजाब से दो-दिशीय हमला किया, पर नगर को सितंबर 1857 के अंत तक ही पुनः प्राप्त कर सके, दोनों ओर भारी हानि के बाद।
- (ख) थॉमस जोन्स बार्कर के इस चित्र ने कॉलिन कैंपबेल, आउट्रम और हेवलॉक को केंद्र में, अच्छी तरह प्रकाशित दिखाया।
- (क) बीसवीं सदी के राष्ट्रवाद ने 1857 को ‘स्वतंत्रता के पहले युद्ध’ के रूप में पुनः दावा किया, साम्राज्यवादी शासन के विरुद्ध सभी समुदायों को एकजुट दिखाते हुए।
अभिकथन-कारण
- (घ) A ग़लत है, पर R सही है : R का तथ्य सही है, और यही दिखाता है कि घोषणा जान-बूझकर हर समूह को अलग-अलग लक्षित करती थी, न कि एक अविभेदित अपील से।
सुमेलन कीजिए
- (ख) नाना साहिब कानपुर से (1-ख), रानी लक्ष्मीबाई झाँसी से (2-ग), कुँवर सिंह आरा, बिहार से (3-क), और बिरजिस क़द्र अवध से (4-घ) जुड़े थे।
- (ग) NCERT की ‘अतिरिक्त पठन’ सूची के अनुसार: गौतम भद्रा, ‘फ़ोर रेबल्स ऑफ़ एटीन फ़िफ़्टी सेवन’ (1-ग); रुद्रांशु मुखर्जी, ‘अवध इन रिवोल्ट 1857-58’ (2-ख); तापती रॉय, ‘राज ऑफ़ दि रानी’ (3-घ); ऐरिक स्टोक्स, ‘पैज़ेन्ट्स एंड दि राज’ (4-क)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है : अवध में शिकायतों की यह बहुस्तरीय परत ही वहाँ के प्रतिरोध की गहराई व अवधि बताती है।
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II एक अलग, पहले के काल का स्वतंत्र तथ्य है (1820 का माहौल), यह कथन I (1840 के दशक तक हुए बदलाव) की व्याख्या नहीं करता, बल्कि विरोधाभासी तुलना-बिंदु प्रस्तुत करता है।
काल-क्रम प्रश्न
- (घ) मेरठ विद्रोह 10 मई को, चिनहाट की लड़ाई 30 जून को, आज़मगढ़ घोषणा 25 अगस्त को, और दिल्ली की पुनर्विजय सितंबर के अंत तक हुई: क्रम 2-3-1-4।
- (ग) आज़मगढ़ घोषणा 25 अगस्त को, ‘न्याय’ 12 सितंबर को, पेशावर की फाँसियों के चित्र (इलस्ट्रेटेड लंदन न्यूज़) 3 अक्टूबर को, और ‘द क्लेमेंसी ऑफ़ कैनिंग’ 24 अक्टूबर 1857 को छपा: क्रम 1-3-2-4।
असंगत चुनिए
- (घ) बहादुर शाह, नाना साहिब और बिरजिस क़द्र ब्रिटिश-पूर्व शासक-वंशों से जुड़े थे; शाह मल एक स्थानीय, ग़ैर-अभिजात जाट कृषक-नेता थे।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ग) घोषणा देश के सभी धनवान लोगों को, ख़ासतौर से जिनका मुस्लिम शाही परिवारों से ताल्लुक़ रहा है, अपने जीवन और संपत्ति को जनता की कुशलक्षेम के लिए होम कर देने का आह्वान करती है।
सत्य-असत्य
- (क) दोनों सही हैं : बहादुर शाह के नाममात्र नेतृत्व-स्वीकृति ने विद्रोह को व्यापक वैधता दी, और गंगा घाटी भर में यह फैल गया।
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