इस अध्याय के 21 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकअभिलेखशास्त्र (epigraphy) किसका अध्ययन है?
(क) अभिलेखों का(ख) सिक्कों का(ग) पांडुलिपियों का(घ) मूर्तिकला का - 1 अंकप्राकृत और संस्कृत, दोनों में प्रयुक्त शब्द ‘जनपद’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
(क) वह भूमि जहाँ कोई जन बसता है(ख) राजा का दुर्ग(ग) करों से मुक्त भूमि(घ) व्यापारियों की बस्ती - 1 अंकचंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना लगभग किस वर्ष की?
(क) 272 ई.पू.(ख) 185 ई.पू.(ग) 321 ई.पू.(घ) 231 ई.पू. - 1 अंकमेगस्थनीज़ के अनुसार, सैनिक गतिविधियों के संचालन की छह उपसमितियों में से किस उपसमिति का दायित्व ‘विभिन्न प्रकार का’ बताया गया है?
(क) नौसेना(ख) हाथी(ग) पैदल सैनिक(घ) परिवहन और रसद - 1 अंकप्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख) किस गुप्त शासक के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रची गई?
(क) समुद्रगुप्त के लिए(ख) चंद्रगुप्त द्वितीय के लिए(ग) स्कंदगुप्त के लिए(घ) कुमारगुप्त के लिए - 1 अंकउत्तरी कृष्ण मार्जित पात्र किस प्रकार की वस्तु थी?
(क) सिंचाई का एक उपकरण(ख) भूमिदान का प्रमाण-पत्र(ग) मौर्य सेना का हथियार(घ) संभवतः धनी लोगों द्वारा प्रयुक्त चमकदार कटोरे और थालियाँ - 1 अंककिस राजवंश ने उपमहाद्वीप में पहली बार स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके सबसे बड़े भंडार भी मिले हैं?
(क) हिंद-यूनानी(ख) यौधेय(ग) कुषाण(घ) मगध के जनपद
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): मौर्य साम्राज्य में एक समान प्रशासनिक व्यवस्था थी।
कारण (R): साम्राज्य के भीतर के क्षेत्र, पहाड़ी अफ़ग़ानिस्तान से तटीय उड़ीसा तक, बहुत अधिक विविध थे।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): व्यापार-जाल राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं थे।
कारण (R): दक्षिण भारत में रोमन सिक्कों के भंडार मिले हैं, जो कभी रोमन साम्राज्य का हिस्सा नहीं था।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) प्रयाग प्रशस्ति (ii) सुदर्शन झील अभिलेख (iii) सिलप्पादिकारम् (iv) हर्षचरित
सूची II : (क) सरदार सेनगुत्तुवन को दी गई भेंटें (ख) समुद्रगुप्त की प्रशंसा (ग) विंध्य के जंगल किनारे एक बस्ती का जीवन (घ) रुद्रदमन द्वारा बाँध की मरम्मत
(क) i-घ, ii-ख, iii-ग, iv-क(ख) i-ख, ii-घ, iii-क, iv-ग(ग) i-ख, ii-क, iii-घ, iv-ग(घ) i-ग, ii-घ, iii-क, iv-ख - 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) वेल्लालर (ii) उल्वर (iii) अणिमई (iv) सरदार
सूची II : (क) दास (ख) हलवाहक (ग) बड़े भूस्वामी (घ) भेंट प्राप्त कर पुनर्वितरित करने वाला
(क) i-ग, ii-ख, iii-क, iv-घ(ख) i-ख, ii-ग, iii-घ, iv-क(ग) i-ग, ii-क, iii-ख, iv-घ(घ) i-घ, ii-ख, iii-ग, iv-क
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : अधिकतर असोक अभिलेख प्राकृत भाषा में, ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं।
कथन II : उत्तर-पश्चिम के कुछ अभिलेख आरामाइक और यूनानी में हैं।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है - 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : छठी शताब्दी ई. से स्वर्ण सिक्कों की खोजें घटती जाती हैं।
कथन II : सभी इतिहासकार सहमत हैं कि यह गिरावट एक निर्विवाद आर्थिक संकट का प्रमाण है।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. चंद्रगुप्त मौर्य का राज्यारोहण
2. गुप्त शासन का आरंभ
3. सिकंदर का आक्रमण
4. अरबों की सिंध पर विजय
(क) 1-3-2-4(ख) 3-1-2-4(ग) 3-2-1-4(घ) 1-3-4-2 - 1 अंकइन शासकों/राजवंशों को उनके अनुमानित काल-क्रम में रखिए।
1. सातवाहन
2. समुद्रगुप्त
3. कुषाण
4. हर्षवर्धन
(क) 3-1-2-4(ख) 1-2-3-4(ग) 3-2-1-4(घ) 1-3-2-4
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकमौर्य साम्राज्य के पाँच प्रमुख राजनीतिक केंद्रों में राजधानी पाटलिपुत्र के अतिरिक्त तक्षशिला, उज्जयिनी, तोसलि और ______ शामिल थे।
(क) गिरनार(ख) मथुरा(ग) सुवर्णगिरि(घ) कौशाम्बी - 1 अंकसंदेश फैलाने के लिए असोक ने ______ नामक विशेष अधिकारी नियुक्त किए थे।
(क) महामात्त्य(ख) पतिवेदक(ग) अमात्य(घ) धम्म महामात्त
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा नाम अध्याय में बताए गए सबसे अधिक बार आने वाले महाजनपदों में शामिल नहीं है?
(क) मगध(ख) कोशल(ग) मत्स्य(घ) वज्जि
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“राजन् देवानांपिय पियदस्सी यह कहते हैं: अतीत में मसलों को निपटाने और नियमित रूप से सूचना एकत्र करने की व्यवस्थाएँ नहीं थीं। लेकिन मैंने निम्नलिखित (व्यवस्था) की है। लोगों के समाचार हम तक पतिवेदक सदैव पहुँचाएँ। चाहे मैं कहीं भी हूँ, खाना खा रहा हूँ, अन्तःपुर में हूँ, विश्राम कक्ष में हूँ, गोशाले में हूँ, या फिर पालकी में मुझे ले जाया जा रहा हो अथवा वाटिका में हूँ। मैं लोगों के विषयों का निराकरण हर स्थल पर करूँगा।”
— राजा के आदेश, असोक का एक अभिलेख (स्रोत 10)
— राजा के आदेश, असोक का एक अभिलेख (स्रोत 10)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश में वर्णित ‘पतिवेदक’ किसकी सूचना देने के लिए नियुक्त किए गए थे?
(क) सैन्य गतिविधियों की(ख) प्रजा के मामलों की, हर समय और हर जगह(ग) केवल कर-वसूली की(घ) केवल सीमावर्ती विवादों की
गद्यांश
“जब देवानांपिय पियदस्सी ने अपने शासन के आठ वर्ष पूरे किए तो उन्होंने कलिंग (आधुनिक तटवर्ती उड़ीसा) पर विजय प्राप्त की। डेढ़ लाख पुरुषों को निष्कासित किया गया; एक लाख मारे गए और इससे भी ज़्यादा की मृत्यु हुई। कलिंग पर शासन स्थापित करने के बाद देवानांपिय धम्म के गहन अध्ययन, धम्म के स्नेह और धम्म के उपदेश में डूब गए हैं।”
— राजा की वेदना, असोक का एक अभिलेख (स्रोत 11)
— राजा की वेदना, असोक का एक अभिलेख (स्रोत 11)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश (कलिंग-अभिलेख) के अनुसार युद्ध के बाद असोक ने स्वयं को किसमें समर्पित कर दिया?
(क) नई विजयों की योजना में(ख) धम्म के गहन अध्ययन और प्रचार में(ग) व्यापार-मार्गों के विस्तार में(घ) सेना के पुनर्गठन में
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(i) हर महाजनपद की एक राजधानी होती थी, जो प्रायः दुर्गीकृत होती थी।
(ii) पशुचारकों और वनवासियों पर कर लगता था या नहीं, यह निश्चित रूप से ज्ञात है।
(क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अभिलेखशास्त्र अभिलेखों (inscriptions) का अध्ययन है; सिक्कों का अध्ययन मुद्राशास्त्र (numismatics) कहलाता है और लेखन-शैलियों का अध्ययन पुरालिपिशास्त्र (palaeography)।
- (क) जनपद का अर्थ है वह भूमि जहाँ कोई जन, यानी लोग, कुल या जनजाति, पैर रखता या बसता है; महाजनपद का अर्थ है एक बड़ा जनपद।
- (ग) चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 321 ई.पू. मौर्य साम्राज्य की स्थापना की और अफ़ग़ानिस्तान व बलूचिस्तान तक नियंत्रण फैलाया।
- (घ) दूसरी उपसमिति, जो यातायात और खान-पान (परिवहन और रसद) का संचालन करती थी, उसका दायित्व विभिन्न प्रकार का था: उपकरण ढोने के लिए बैलगाड़ियों की व्यवस्था, भोजन-चारा जुटाना, और सेवक-शिल्पी भर्ती करना।
- (क) प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त, संभवतः सबसे शक्तिशाली गुप्त शासक, के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा संस्कृत में रची गई है।
- (घ) NBPW संभवतः धनी लोगों द्वारा प्रयुक्त चमकदार कटोरे और थालियाँ थीं, जो आरंभिक ऐतिहासिक नगरों की खुदाई में मिलती हैं।
- (ग) लगभग पहली शताब्दी ई. में कुषाणों ने पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए, और इनके सबसे बड़े भंडार भी मिले हैं, जो उस समय के लेन-देन के विशाल मूल्य को दर्शाता है।
अभिकथन-कारण
- (घ) A ग़लत है : इतिहासकार अब मानते हैं कि एक समान व्यवस्था असंभव-सी थी, क्षेत्र बहुत विविध थे। R सही है, इसलिए उत्तर वही विकल्प है जिसमें A ग़लत और R सही बताया गया है।
- (क) दोनों कथन सही हैं, और दक्षिण भारत में मिले रोमन सिक्कों के भंडार ही इस बात का सबसे स्पष्ट प्रमाण हैं कि व्यापार राजनीतिक सीमाओं से बँधा नहीं था, इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की प्रशंसा करती है (i-ख), सुदर्शन झील अभिलेख रुद्रदमन की मरम्मत दर्ज करता है (ii-घ), सिलप्पादिकारम् सेनगुत्तुवन को दी गई भेंटें बताता है (iii-क), और हर्षचरित विंध्य किनारे की बस्ती की झलक देता है (iv-ग)।
- (क) वेल्लालर बड़े भूस्वामी थे (i-ग), उल्वर हलवाहक (ii-ख), अणिमई दास (iii-क), और सरदार अपने अधीनस्थों से भेंट प्राप्त कर उसे पुनर्वितरित करता था (iv-घ)।
कथन आधारित प्रश्न
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II एक अलग, स्वतंत्र तथ्य है, यह यह नहीं बताता कि अधिकतर अभिलेख प्राकृत-ब्राह्मी में क्यों हैं, इसलिए यह कथन I की व्याख्या नहीं करता।
- (ग) कथन I सही है। कथन II ग़लत है : इतिहासकार इस पर बँटे हुए हैं, कुछ इसे पश्चिमी रोमन साम्राज्य के पतन से जोड़ते हैं, तो अन्य इसे केवल सिक्कों के संचय के बजाय प्रचलन में रहने का संकेत मानते हैं।
काल-क्रम प्रश्न
- (ख) सिकंदर का आक्रमण लगभग 327-325 ई.पू., चंद्रगुप्त मौर्य का राज्यारोहण लगभग 321 ई.पू., गुप्त शासन लगभग 320 ई. से, और अरब विजय लगभग 712 ई. में: क्रम 3-1-2-4।
- (घ) सातवाहन लगभग दूसरी शताब्दी ई.पू. से, कुषाण लगभग पहली शताब्दी ई.पू.-पहली शताब्दी ई., समुद्रगुप्त लगभग 335-375 ई., और हर्षवर्धन लगभग 606-647 ई.: क्रम 1-3-2-4।
रिक्त स्थान
- (ग) पाँच केंद्र थे: राजधानी पाटलिपुत्र और प्रांतीय केंद्र तक्षशिला, उज्जयिनी, तोसलि और सुवर्णगिरि।
- (घ) असोक ने धम्म के प्रसार के लिए धम्म महामात्त नामक विशेष अधिकारी नियुक्त किए थे।
असंगत चुनिए
- (ग) मगध, कोशल और वज्जि उन नामों में हैं जो सूचियों में प्रायः मिलते हैं; मत्स्य सोलह महाजनपदों में है (मानचित्र 1), पर उस सूची में नहीं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) असोक ने यह व्यवस्था बनाई थी कि पतिवेदक उसे हर समय, कहीं भी, प्रजा के मामलों की सूचना दें, ताकि वह हर जगह प्रजा के मामलों का निपटारा कर सके।
- (ख) अभिलेख के अनुसार, कलिंग-विजय के बाद असोक ने धम्म के गहन अध्ययन, धम्म-प्रेम और लोगों को धम्म की शिक्षा देने में स्वयं को समर्पित कर दिया।
सत्य-असत्य
- (ख) (i) सही है। (ii) ग़लत है : अध्याय स्पष्ट कहता है कि यह अज्ञात है कि पशुचारकों और वनवासियों पर कर लगता था या नहीं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री