कक्षा 12 इतिहास अध्याय 7 एक साम्राज्य की राजधानी: विजयनगर महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित (Important Questions with Answers) हिंदी में

इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।

1 1 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (1 अंक)

प्र. कर्नाटक साम्राज्यमु क्या था?

उत्तर: समकालीन लोगों द्वारा विजयनगर साम्राज्य को दिया गया नाम; ‘विजयनगर साम्राज्य’ शब्द बाद में इतिहासकारों ने गढ़ा।

प्रश्न 2 (1 अंक)

प्र. अमर-नायक प्रणाली किस दिल्ली सल्तनत व्यवस्था से व्युत्पन्न मानी जाती है?

उत्तर: दिल्ली सल्तनत की इक्ता व्यवस्था से।

प्रश्न 3 (1 अंक)

प्र. राक्षसी-तांगड़ी की लड़ाई किस वर्ष और किन पक्षों के बीच हुई?

उत्तर: 1565 में विजयनगर और बीजापुर-अहमदनगर-गोलकुण्डा के संयुक्त गठबंधन के बीच।

प्रश्न 4 (1 अंक)

प्र. कमलपुरम् जलाशय का निर्माण किस उद्देश्य से हुआ?

उत्तर: निकटवर्ती खेतों की सिंचाई करने और नहर से ‘राजकीय केंद्र’ तक पानी पहुँचाने के लिए।

प्रश्न 5 (1 अंक)

प्र. हिन्दू सूरतराणा उपाधि का शाब्दिक अर्थ क्या है?

उत्तर: ‘हिंदू सुल्तान’; यह अरबी ‘सुल्तान’ शब्द का एक संस्कृतकृत रूप है।

प्रश्न 6 (1 अंक)

प्र. हम्पी को यूनेस्को विश्व पुरातत्व स्थल कब घोषित किया गया?

उत्तर: 1986 में।

2 2 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (2 अंक)

प्र. विजयनगर के चार शासक राजवंशों के नाम क्रम में लिखिए।

उत्तर: संगम (1485 तक), सुलुव (1485-1503), तुलुव (1503 से, कृष्णदेव राय), और अराविदु (1542 से)।

प्रश्न 2 (2 अंक)

प्र. कृष्णदेव राय की प्रमुख सैन्य उपलब्धियाँ क्या थीं?

उत्तर: उसने रायचूर दोआब लिया (1512), उड़ीसा को वश में किया (1514), और बीजापुर को पराजित किया (1520); उत्कृष्ट मंदिर और गोपुरम भी बनवाए।

प्रश्न 3 (2 अंक)

प्र. राय गोपुरम क्या है, और इसका आकार क्या संकेत देता था?

उत्तर: राय गोपुरम मंदिर के राजकीय प्रवेश-द्वार थे, जो अक्सर केंद्रीय तीर्थ के अपने शिखर को बौना बना देते थे, दूर से मंदिर की उपस्थिति की घोषणा करते हुए और शासक के संसाधनों-कौशल-तकनीक पर नियंत्रण प्रदर्शित करते हुए।

प्रश्न 4 (2 अंक)

प्र. महानवमी डिब्बा की माप और आकार बताइए।

उत्तर: महानवमी डिब्बा 11,000 वर्ग फीट के आधार से 40 फीट ऊँचा उठता है, जो कभी एक लकड़ी की संरचना को सहारा देता था, इसका आधार उभरे शिल्प-फलकों से उकेरा गया है।

प्रश्न 5 (2 अंक)

प्र. कमलपुरम् जलाशय और हिरिया नहर में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: कमलपुरम् जलाशय ने निकटवर्ती खेतों की सिंचाई की और नहर से राजकीय केंद्र तक पानी पहुँचाया; हिरिया नहर, तुंगभद्रा के एक बाँध से पानी लेते हुए, ने वह घाटी सींची जो धार्मिक केंद्र को शहरी केंद्र से अलग करती थी।

प्रश्न 6 (2 अंक)

प्र. विरुपाक्ष और विट्ठल मंदिर में कोई दो अंतर बताइए।

उत्तर: विरुपाक्ष मंदिर का सबसे पुराना तीर्थ नौवीं-दसवीं सदी का है और यह राज्य के संरक्षक देवता विरुपाक्ष (शिव का एक रूप) का मन्दिर है; विट्ठल मंदिर का प्रमुख देवता विट्ठल सामान्यतः महाराष्ट्र में पूजे जाने वाले विष्णु का एक रूप हैं और इसका एक तीर्थ पत्थर के रथ के आकार में बना है, जो विरुपाक्ष में नहीं मिलता।

3 3 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (3 अंक)

प्र. अमर-नायक प्रणाली का वर्णन कीजिए।

उत्तर: अमर-नायक प्रणाली, संभवतः दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली से व्युत्पन्न, अमर-नायकों को राय की ओर से शासन करने के लिए क्षेत्र देती थी। वे किसानों, शिल्पियों और व्यापारियों से कर वसूलते, राजस्व का एक भाग अपने लिए और घोड़ों-हाथियों की एक निश्चित टुकड़ी बनाए रखने के लिए रखते, और कुछ राजस्व मंदिरों व सिंचाई पर ख़र्च करते थे। वे वार्षिक श्रद्धांजलि भेजते; राजा कभी-कभी उन्हें एक से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर उन पर अपना नियंत्रण दर्शाता था।

प्रश्न 2 (3 अंक)

प्र. पिछली दो शताब्दियों में हम्पी के भवनावशेषों के अध्ययन में कौन-सी पद्धतियाँ प्रयुक्त हुईं?

उत्तर: 1800 में कॉलिन मैकेन्जी का पहला सर्वेक्षण मानचित्र, आरंभ में विरुपाक्ष मंदिर के पुरोहितों की स्मृतियों पर आधारित; 1856 से फ़ोटोग्राफ़रों द्वारा स्मारकों का दस्तावेज़ीकरण; 1836 से पुरालेखविदों द्वारा मंदिर-अभिलेखों का संग्रह; इन्हें विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों और तेलुगु-कन्नड़-तमिल-संस्कृत साहित्य से मिलाना; और 1980 के दशक से एक गहन ग्रिड-वर्ग मानचित्रण सर्वेक्षण।

प्रश्न 3 (3 अंक)

प्र. विजयनगर की जल-आवश्यकताएँ कैसे पूरी की गईं?

उत्तर: नगर तुंगभद्रा द्वारा निर्मित एक प्राकृतिक कुण्ड में स्थित था और यह प्रायद्वीप के सबसे शुष्क क्षेत्रों में से एक था, इसलिए पानी के संचयन और उसे शहर तक ले जाने के व्यापक प्रबंध आवश्यक थे। पहाड़ियों से आने वाली जल-धाराओं के साथ-साथ बाँध बनाकर अलग-अलग आकारों के हौज़ बनाए गए। पंद्रहवीं शताब्दी के आरंभ में बने कमलपुरम् जलाशय से खेत सींचे जाते थे और नहर से ‘राजकीय केंद्र’ तक पानी जाता था; हिरिया नहर तुंगभद्रा के बाँध से पानी लाकर धार्मिक और शहरी केंद्र के बीच की घाटी सींचती थी। कुएँ, बरसात के पानी वाले जलाशय और मन्दिरों के जलाशय संभवतः सामान्य नगर निवासियों के लिए पानी के स्रोत थे।

प्रश्न 4 (3 अंक)

प्र. नगर के दुर्गीकृत क्षेत्र में कृषि-भूमि रखने के फ़ायदे-नुकसान बताइए।

उत्तर: फ़ायदा: घिरा हुआ विजयनगर लंबी घेराबंदी के दौरान अपनी ही दीवारों के भीतर की भूमि से स्वयं को पोषित कर सकता था, जो संचित अन्न-भंडारों की सामान्य घेराबंदी-रक्षा का एक जान-बूझकर किया गया विकल्प था। नुकसान: यह एक महँगा विकल्प था, क्योंकि खेती की भूमि को घेरने के लिए दुर्ग-दीवारों की परिधि कहीं अधिक लंबी बनानी पड़ती थी।

प्रश्न 5 (3 अंक)

प्र. महानवमी डिब्बा से संबद्ध अनुष्ठानों का महत्त्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: यहाँ के अनुष्ठान दस-दिवसीय शरद उत्सव महानवमी (जिसे दशहरा, दुर्गा पूजा या नवरात्री भी कहा जाता है) के साथ मेल खाते थे: मूर्ति और राजकीय घोड़े की पूजा, पशु-बलि, नृत्य, कुश्ती, जुलूस, प्रमुख नायकों और अधीनस्थ राजाओं द्वारा राजा को औपचारिक भेंट, और अंतिम दिन खुले मैदान में राजा द्वारा अपनी तथा नायकों की सेना का निरीक्षण, जिस अवसर पर नायक बड़ी मात्रा में भेंट तथा नियत कर लाते थे। इस अवसर पर विजयनगर शासक अपने रुतबे, ताक़त तथा अधिराज्य का प्रदर्शन करते थे।

प्रश्न 6 (3 अंक)

प्र. विजयनगर और दक्कन की सल्तनतों के बीच संबंध की प्रकृति स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: यह मानना ग़लत है कि दोनों निरंतर धार्मिक शत्रुता में बँधे थे। कृष्णदेव राय ने सल्तनतों के भीतर प्रतिद्वंद्वी दावेदारों का समर्थन किया और ‘यवन राज्य की स्थापना करने वाला’ की उपाधि ली; बीजापुर के सुल्तान ने एक बार विजयनगर के उत्तराधिकार-विवाद को सुलझाने में मदद भी की। तालीकोटा रामराय की अपनी बदलती गठबंधन-नीति के कारण हुआ, न कि किसी स्थायी युद्ध-स्थिति के कारण।

4 4 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (4 अंक)

प्र. राजकीय केंद्र, धार्मिक केंद्र और शहरी केंद्र में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: राजकीय केंद्र दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, जहाँ 60 से अधिक मंदिर और लगभग 30 राजमहल-परिसर हैं, जिनमें महानवमी डिब्बा और कमल महल शामिल हैं। धार्मिक केंद्र में विरुपाक्ष मंदिर और पम्पादेवी के पूजास्थल हैं, जो नगर के चट्टानी उत्तरी छोर पर स्थित हैं, जहाँ पहले से ही जैन मंदिर मौजूद थे। शहरी केंद्र में बाज़ार, मुस्लिम व्यापारी-मोहल्ला और सामान्य आवास (जिसका लगभग कुछ भी नहीं बचा) शामिल थे। दूसरी क़िलेबंदी शहरी केंद्र के आंतरिक भाग के चारों ओर बनी थी और तीसरी से राजकीय केंद्र को घेरा गया था, जिसमें इमारतों के प्रत्येक समूह को अपनी ऊँची दीवारों से घेरा गया था।

प्रश्न 2 (4 अंक)

प्र. कॉलिन मैकेन्जी के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर: मैकेन्जी, एक ईस्ट इंडिया कंपनी इंजीनियर, ने 1800 में हम्पी के खंडहरों को प्रकाश में लाया और स्थल का पहला सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया, अपनी आरंभिक जानकारी विरुपाक्ष मंदिर के पुरोहितों की स्मृतियों से लेते हुए। वे 1815 में भारत के पहले सर्वेयर जनरल बने। उन्होंने उपनिवेश के प्रशासन को आसान बनाने के लिए स्थानीय परंपराओं का संकलन और ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण किया, और उन्हें विश्वास था कि विजयनगर के अध्ययन से कंपनी ‘बहुत महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ’ हासिल कर सकती थी, जो दिखाता है कि उनका काम शुद्ध ज्ञान-जिज्ञासा और औपनिवेशिक व्यावहारिक हित, दोनों से प्रेरित था।

प्रश्न 3 (4 अंक)

प्र. विजयनगर की अर्थव्यवस्था में व्यापार की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: घुड़सवार युद्ध ने अरब और मध्य एशिया से आयातित घोड़ों को अनिवार्य बना दिया; अरब व्यापारी और कुदिरई चेट्टी 1498 तक इस व्यापार को नियंत्रित करते रहे, जब पुर्तगाली प्रमुख खिलाड़ी बन गए। मसालों, वस्त्रों और बहुमूल्य पत्थरों में विजयनगर के अपने बाज़ार स्वयं नगर के दर्जे का संकेत थे, और वह व्यापार-राजस्व सीधे राज्य की समृद्धि को पोषित करता था; कृष्णदेव राय ने स्वयं अमुक्तमल्यद में राजा को व्यापार प्रोत्साहित करने की सलाह दी।

5 5 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (5 अंक)

प्र. ‘शाही केंद्र’ शब्द विजयनगर के जिस भाग के लिए प्रयुक्त है, क्या यह उपयुक्त वर्णन है, चर्चा कीजिए।

उत्तर: पक्ष में: राजकीय केंद्र में 60 से अधिक मंदिर और लगभग 30 राजमहल-परिसर हैं, जो शासक-वर्ग की उपस्थिति और सत्ता-प्रदर्शन का केंद्र थे; महानवमी डिब्बा जैसे अनुष्ठानिक चबूतरे स्पष्ट रूप से राजकीय समारोहों से जुड़े हैं। विपक्ष में: ‘राजा के महल’ के घेरे के पास राजकीय निवास होने का कोई निश्चित प्रमाण नहीं है; सभा मंडप का सटीक प्रयोजन अस्पष्ट है और महानवमी डिब्बा का अनुष्ठानिक उपयोग विद्वानों के बीच विवादित है। निष्कर्ष: यह नाम आधुनिक इतिहासकारों का दिया हुआ एक सुविधाजनक वर्गीकरण है, जो क्षेत्र के प्रमुख कार्य को इंगित तो करता है, पर हर इमारत के सटीक प्रयोग की पूरी व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 2 (5 अंक)

प्र. स्थापत्य की किन परंपराओं ने विजयनगर के वास्तुविदों को प्रेरित किया, और उन्होंने इनमें क्या बदलाव किए?

उत्तर: विजयनगर ने पल्लव, चालुक्य, होयसाल और चोल की मंदिर-निर्माण परंपराओं को आधार बनाया, विशेषकर तंजावुर के बृहदेश्वर और बेलूर के चन्नकेशव मंदिर की परंपराएँ। इन पर निर्माण करते हुए उन्होंने राय गोपुरम नामक एक नया स्थापत्य पैमाना विकसित किया, जो केंद्रीय तीर्थ के शिखर को बौना बना देता था; विस्तृत मंडप और लंबे स्तंभयुक्त गलियारे जोड़े; और इंडो-इस्लामी स्थापत्य के मेहराब-गुंबद, जो तुर्की सुल्तानों से आए, स्थानीय निर्माण-प्रथा के साथ अनुकूलित कर प्रवेश-द्वारों में प्रयोग किए।

प्रश्न 3 (5 अंक)

प्र. कमल महल और हाथियों के अस्तबल जैसे भवनों का स्थापत्य हमें उनके बनवाने वाले शासकों के बारे में क्या बताता है?

उत्तर: कमल महल का नाम उन्नीसवीं सदी के ब्रिटिश यात्रियों ने रखा, संभवतः यह एक परिषद-कक्ष था; इसकी इंडो-इस्लामी शैली (मेहराब-गुंबद) दिखाती है कि विजयनगर के शासक दक्कन की सल्तनतों की स्थापत्य भाषा से परिचित थे और उसे अपनाने में संकोच नहीं करते थे, जो उनकी सांस्कृतिक खुलेपन और व्यावहारिक शक्ति-प्रदर्शन, दोनों की ओर संकेत करता है। गुंबदों वाले विशाल कक्षों की पंक्ति, जिसे ‘हाथियों का अस्तबल’ कहा जाता है (अध्याय स्वयं पूछता है कि क्या ये वास्तव में अस्तबल थे), सैन्य संसाधनों (विशेषकर हाथियों, जो युद्ध और जुलूस दोनों में महत्वपूर्ण थे) के प्रबंधन और प्रदर्शन पर दिए गए महत्त्व को दिखाती हैं। दोनों ही भवनों का वास्तविक प्रयोजन आज भी इतिहासकारों के बीच पूर्णतः निश्चित नहीं है, जो दिखाता है कि स्थापत्य अकेले शासकों की मंशा को पूरी तरह उजागर नहीं कर सकता।

6 6 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (6 अंक)

प्र. मैकेन्जी के 1800 सर्वेक्षण से 1980 के दशक की मानचित्रण परियोजना तक विजयनगर की खोज व संरक्षण की यात्रा का वर्णन कीजिए।

उत्तर: 1800 में कॉलिन मैकेन्जी ने पहला सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया, विरुपाक्ष मंदिर के पुरोहितों की स्मृतियों पर आधारित। 1836 से पुरालेखविदों ने मंदिर-अभिलेख एकत्र करना शुरू किया; 1856 से अलेक्ज़ेंडर ग्रीनलॉ जैसे फ़ोटोग्राफ़रों ने स्मारकों को दर्ज करना शुरू किया; 1876 में जे.एफ़. फ़्लीट ने स्थल के मंदिर-दीवार अभिलेखों का व्यवस्थित दस्तावेज़ीकरण शुरू किया; 1902 में जॉन मार्शल के अधीन औपचारिक संरक्षण शुरू हुआ। इतिहासकारों ने इन सबको विदेशी यात्रियों (पेस, नूनिज़, अब्दुर रज़्ज़ाक, निकितिन) के वृत्तांतों और तेलुगु-कन्नड़-तमिल-संस्कृत साहित्य से मिलाया। 1976 में हम्पी को राष्ट्रीय महत्व का स्थल मान्यता मिली, और 1980 के दशक के आरंभ में एक गहन प्रलेखन परियोजना शुरू हुई, जिसमें लगभग बीस वर्षों तक दर्जनों विद्वानों ने काम किया, जिसमें स्थल को 25 वर्गों में बाँटकर, हर वर्ग को छोटी-छोटी इकाइयों में उपविभाजित कर, हज़ारों संरचनाओं व सड़कों-बाज़ारों के निशान श्रमसाध्य रूप से दर्ज किए गए। 1986 में हम्पी को यूनेस्को विश्व पुरातत्व स्थल घोषित किया गया।

प्रश्न 2 (6 अंक)

प्र. अध्याय के विभिन्न विवरणों से विजयनगर के सामान्य लोगों के जीवन की क्या छवि मिलती है, और इमारतें किन प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सकतीं?

उत्तर: बरबोसा सामान्य आवास के बारे में लिखता है: ‘लोगों के अन्य आवास छप्पर के हैं, पर फिर भी सुदृढ़ हैं, और व्यवसाय के आधार पर कई खुले स्थानों वाली लंबी गलियों में व्यवस्थित हैं।’; पेस बाज़ारों को माणिक्य-हीरे-मोतियों के साथ-साथ फलों और सामान्य घोड़ों-टट्टुओं से भरा ‘विश्व के सबसे अच्छे संभरण वाले शहर’ कहता है, जो एक जीवंत, विविध व्यापारिक जनजीवन का संकेत देता है। पर सामान्य आवास का लगभग कुछ भी नहीं बचा, इसलिए यह छवि मुख्यतः यात्री-वृत्तांतों पर निर्भर है, स्वयं भवनों पर नहीं। बची इमारतें रक्षा, निर्माण-तकनीक और प्रतीकात्मक अर्थ बता सकती हैं, पर यह नहीं बता सकतीं कि सामान्य पुरुष, स्त्रियाँ और बच्चे इस सबके बारे में क्या सोचते थे, उनकी राजकीय या धार्मिक केंद्रों तक कोई पहुँच थी भी या नहीं, और नगर बनाने वाले राजमिस्त्री-शिल्पी कौन थे, उन्हें क्या मज़दूरी मिलती थी, या सामग्री कहाँ से आती थी। ये प्रश्न आगे के शोध के लिए खुले रहते हैं।

7 केस स्टडी

केस स्टडी
“1754 ई. में जन्मे कॉलिन मैकेन्जी ने एक अभियंता, सर्वेक्षक, तथा मानचित्रकार के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। 1815 में उन्हें भारत का पहला सर्वेयर जनरल बनाया गया और 1821 में अपनी मृत्यु तक वे इस पद पर बने रहे। भारत के अतीत को बेहतर ढंग से समझने और उपनिवेश के प्रशासन को आसान बनाने के लिए उन्होंने इतिहास से संबंधित स्थानीय परंपराओं का संकलन तथा ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण करना आरंभ किया। वे कहते हैं, ‘ब्रिटिश प्रशासन के सुप्रभाव में आने से पहले दक्षिण भारत खराब प्रबंधन की दुर्गति से लंबे समय तक जूझता रहा।’ विजयनगर के अध्ययन से मैकेन्जी को यह विश्वास हो गया कि कंपनी, ‘स्थानीय लोगों के अलग-अलग कबीलों, जो इस समय भी जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा थे, को अब भी प्रभावित करने वाले इनमें से कई संस्थाओं, कानूनों तथा रीति-रिवाज़ों के विषय में बहुत महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ’ हासिल कर सकती थी।”
— NCERT, स्रोत 1, ‘कॉलिन मैकेन्जी’

(क) 2 अंक कॉलिन मैकेन्जी किस पद पर रहे, और कब तक?
उत्तर: वे 1815 में भारत के पहले सर्वेयर जनरल बने और 1821 में अपनी मृत्यु तक इस पद पर रहे।

(ख) 3 अंक मैकेन्जी के अनुसार विजयनगर का अध्ययन ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकता था?
उत्तर: उनके अनुसार कंपनी स्थानीय लोगों के अलग-अलग कबीलों को अब भी प्रभावित करने वाली कई संस्थाओं, कानूनों तथा रीति-रिवाज़ों के विषय में बहुत महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ हासिल कर सकती थी, जिससे उपनिवेश का प्रशासन आसान हो सके।

(ग) 3 अंक यह गद्यांश मैकेन्जी के काम की प्रेरणा के बारे में क्या दर्शाता है?
उत्तर: यह दिखाता है कि मैकेन्जी का काम शुद्ध ऐतिहासिक जिज्ञासा तक सीमित नहीं था; उन्होंने स्पष्ट रूप से स्थानीय इतिहास को औपनिवेशिक शासन को सुगम बनाने के एक व्यावहारिक साधन के रूप में भी देखा, जो दिखाता है कि आरंभिक औपनिवेशिक पुरातत्व अक्सर शासन के हितों से जुड़ा हुआ था।

केस स्टडी
‘विजयनगर के स्मारकों के अपने अध्ययन में हमें नष्ट हो चुकी लकड़ी की वस्तुओं—स्तंभ, टेक (ब्रेकेट), धरन, भीतरी छत, लटकते हुए छज्जों के अंदरूनी भाग तथा मीनारों—की एक पूरी श्रेणी की कल्पना करनी पड़ती है जो प्लास्टर से सजाए और संभवतः चटकीले रंगों से चित्रित थे।’
— जॉन एम. फ्रिट्ज़, जॉर्ज मिशेल तथा एम.एस. नागराज राव

(क) 2 अंक उपरोक्त उद्धरण के अनुसार, विजयनगर के किन तत्वों को अब हम केवल ‘कल्पना’ के ज़रिए ही पुनर्निर्मित कर सकते हैं?
उत्तर: स्तंभ, टेक (ब्रेकेट), धरन, भीतरी छत, लटकते हुए छज्जों के अंदरूनी भाग तथा मीनारें जैसी लकड़ी की वस्तुएँ, जो प्लास्टर से सजाई गई और संभवतः चटकीले रंगों से चित्रित थीं।

(ख) 3 अंक ये तत्व आज क्यों नहीं बचे, और आज केवल क्या शेष है?
उत्तर: लकड़ी नाशवान सामग्री है, इसलिए यह समय के साथ नष्ट हो गई; मंदिरों के विपरीत, जो पूरी तरह चिनाई से बने थे, राजमहल जैसी इमारतों की ऊपरी संरचनाओं में नाशवान सामग्री प्रयुक्त हुई थी। आज केवल पत्थर की नींव और चबूतरे बचे हैं।

(ग) 3 अंक यह उद्धरण विजयनगर को ‘देखने’ और समझने की सीमाओं के बारे में क्या बताता है?
उत्तर: यह दिखाता है कि आज बचे खंडहर मूल भवनों का केवल एक अधूरा, आंशिक चित्र प्रस्तुत करते हैं; इतिहासकारों को यात्रियों के लिखित विवरणों और तुलनात्मक स्थापत्य ज्ञान का प्रयोग कर ग़ायब हो चुके भाग की ‘कल्पना’ करनी पड़ती है, इसलिए किसी भी पुनर्निर्माण को अंतिम या पूर्ण सत्य नहीं माना जा सकता।