इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकसोलहवीं-सत्रहवीं सदी के दौरान भारत की कितनी प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती थी?
(क) 95 प्रतिशत(ख) 65 प्रतिशत(ग) 85 प्रतिशत(घ) 75 प्रतिशत - 1 अंकआइन-ए-अकबरी को कृषि इतिहास के लिए किस तरह का दृश्य देने वाला स्रोत कहा जाता है?
(क) पूर्णतः तटस्थ दृश्य(ख) केवल आर्थिक दृश्य(ग) ऊपर से देखा गया दृश्य(घ) नीचे से देखा गया दृश्य - 1 अंकखुद-काश्त किसान किसे कहा जाता था?
(क) अनुबंध पर कहीं और भूमि जोतने वाला किसान(ख) भूमिहीन मज़दूर(ग) अपने ही गाँव में भूमि रखने वाला किसान(घ) ज़मींदार का किरायेदार - 1 अंकगुजरात में कितनी भूमि को समृद्ध किसान की निशानी माना जाता था?
(क) छह एकड़(ख) दस एकड़(ग) पंद्रह एकड़(घ) तीन एकड़ - 1 अंकआइन के अनुसार दिल्ली में कितनी फ़सल-किस्में दर्ज हैं?
(क) 80(ख) 39(ग) 50(घ) 43 - 1 अंकअकबर और उसके अभिजातों ने पहली बार तम्बाकू किस वर्ष देखा?
(क) 1604(ख) 1595(ग) 1580(घ) 1620 - 1 अंकग्राम समुदाय के तीन भाग कौन-से थे?
(क) पटवारी, अमील-गुज़ार, दीवान(ख) कृषक, पंचायत, मुखिया(ग) मुक़द्दम, मंडल, आइन(घ) किसान, ज़मींदार, राजा - 1 अंकमुखिया के ग्राम-लेखा की देखरेख के कार्य में कौन सहायता करता था?
(क) हरकारा(ख) दीवान(ग) अमील-गुज़ार(घ) पटवारी - 1 अंकमहाराष्ट्र में शिल्पियों की वंशानुगत भूमि-जोत को क्या कहा जाता था?
(क) मदद-ए-माश(ख) इनाम(ग) जागीर(घ) मीरास या वतन - 1 अंकज़मींदारों की व्यक्तिगत भूमि, जो किराए या बंधुआ श्रम से जोती जाती थी, क्या कहलाती थी?
(क) मिल्कियत(ख) ख़ालसा(ग) इक़्ता(घ) जागीर
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A) : ग्राम पंचायत व्यवस्था पूरी तरह निष्पक्ष और समतावादी थी।
कारण (R) : मंडल अकसर अपने ओहदे का ग़लत इस्तेमाल करते थे; उन पर मुख्यतः यह आरोप था कि वे पटवारी के साथ मिलकर हिसाब-किताब में हेरा-फेरी करते थे।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) अबुल फ़ज़्ल (ii) बाबर (iii) औरंगज़ेब (iv) हेनरी ब्लॉकमेन
सूची II : (1) आइन का संपादन व अंग्रेज़ी अनुवाद (2) आइन-ए-अकबरी के लेखक (3) 1665 में वार्षिक कृषक-गणना का आदेश (4) संस्मरणों में गतिशील बस्तियों का वर्णन
(क) i-4, ii-3, iii-1, iv-2(ख) i-1, ii-2, iii-4, iv-3(ग) i-3, ii-1, iii-2, iv-4(घ) i-2, ii-4, iii-3, iv-1 - 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) दीवान (ii) पटवारी (iii) अमील-गुज़ार (iv) मुक़द्दम
सूची II : (1) ग्राम मुखिया (2) ग्राम-लेखाकार (3) राजस्व वसूलीकर्ता (4) वित्तीय व्यवस्था का प्रमुख कार्यालय
(क) i-2, ii-4, iii-1, iv-3(ख) i-1, ii-3, iii-2, iv-4(ग) i-4, ii-2, iii-3, iv-1(घ) i-3, ii-1, iii-4, iv-2
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : औरंगज़ेब ने 1665 में वार्षिक गाँव-स्तरीय कृषक-गणना का आदेश दिया।
कथन II : आइन के अनुसार पोलज वह ज़मीन है जिसमें एक के बाद एक हर फ़सल की सालाना खेती होती है और जिसे कभी खाली नहीं छोड़ा जाता।
(क) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(ख) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ग) कथन I ग़लत है, कथन II सही है(घ) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता - 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : ज़मींदारों की जाति-जानकारी बंगाल और उड़ीसा के लिए आइन में अनुपस्थित है।
कथन II : विस्तृत मूल्य व मज़दूरी के आँकड़े मुख्यतः आगरा के आसपास से हैं।
(क) कथन I ग़लत है, कथन II सही है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(घ) कथन I सही है, कथन II ग़लत है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. आइन-ए-अकबरी पूर्ण होना
2. बाबर पानीपत में इब्राहिम लोदी को हराता है
3. अकबर का शासनकाल आरंभ
4. औरंगज़ेब का खेतिहरों की संख्या का सालाना हिसाब रखने का आदेश
(क) 2-1-3-4(ख) 2-3-1-4(ग) 1-2-3-4(घ) 3-2-1-4 - 1 अंकआइन-ए-अकबरी की पुस्तकों को उनके क्रम-संख्या के अनुसार सही क्रम में रखिए।
1. सिपह-आबादी (सैन्य व नागरिक प्रशासन)
2. मंज़िल-आबादी (शाही घराना)
3. मुल्क-आबादी (वित्तीय प्रशासन)
(क) 2-1-3(ख) 2-3-1(ग) 3-2-1(घ) 1-2-3
6 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा शब्द किसान के लिए प्रयुक्त नामों में शामिल नहीं है?
(क) मुज़रियान(ख) रैयत(ग) ज़मींदार(घ) आसामी
7 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
‘हिंदुस्तान में बस्तियाँ और गाँव, दरअसल शहर के शहर, एक लमहे में ही वीरान भी हो जाते हैं और बस भी जाते हैं। वर्षों से आबाद किसी बड़े शहर के बाशिंदे उसे छोड़कर चले जाते हैं, तो वे ये काम कुछ इस तरह करते हैं कि डेढ़ दिनों के अंदर उनका हर नामोनिशान (वहाँ से) मिट जाता है। दूसरी ओर, अगर वे किसी जगह पर बसना चाहते हैं तो उन्हें पानी के रास्ते खोदने की ज़रूरत नहीं होती क्योंकि उनकी सारी फ़सलें बारिश के पानी में उगती हैं, और चूँकि हिंदुस्तान की आबादी बेशुमार है, लोग उमड़ते चले आते हैं। वे एक सरोवर या कुआँ बना लेते हैं; उन्हें घर बनाने या दीवार खड़ी करने की भी ज़रूरत नहीं होती… खस की घास बहुतायत में पाई जाती है, जंगल अपार हैं, झोंपड़ियाँ बनाई जाती हैं, और यकायक एक गाँव या शहर खड़ा हो जाता है!’
— बाबर, बाबरनामा (स्रोत 1)
— बाबर, बाबरनामा (स्रोत 1)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश के अनुसार बाबर को हिंदुस्तान की बस्तियों की कौन-सी विशेषता सबसे अधिक उल्लेखनीय लगी?
(क) वे कितनी मज़बूत दीवारों से बनी थीं(ख) वे कितनी तेज़ी से बस जातीं और उजड़ जातीं(ग) वे केवल पहाड़ों पर बसी थीं(घ) वे सदैव नदी के किनारे बसती थीं
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(i) आइन-ए-अकबरी 1598 में पूर्ण हुई।
(ii) यह अकबर के 42वें राज्य-वर्ष में पूर्ण हुई।
(क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ग) उस काल में भारत की लगभग 85 प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती थी, जहाँ किसान और भूमिधारी अभिजात दोनों भूमि पर काम करते थे।
- (ग) आइन का केंद्रीय उद्देश्य अकबर के साम्राज्य को सामाजिक सद्भाव से बँधा दिखाना था, इसलिए यह मुग़ल दरबार से देखा गया, यानी ‘ऊपर से देखा गया दृश्य’ देती है।
- (ग) खुद-काश्त किसान अपने ही गाँव में भूमि रखते थे, जबकि पाहि-काश्त किसान अनुबंध पर कहीं और भूमि जोतते थे।
- (क) गुजरात में छह एकड़ को समृद्ध माना जाता था; बंगाल में पाँच एकड़ औसत खेत की ऊपरी सीमा थी और दस एकड़ एक धनी आसामी बनाता था।
- (घ) आइन आगरा में 39 फ़सल-किस्में, दिल्ली में 43, और अकेले बंगाल में चावल की 50 किस्में दर्ज करती है।
- (क) आइन उत्तर भारत की फ़सलों की सूची में तम्बाकू का ज़िक्र नहीं करती; अकबर और उसके अभिजातों ने 1604 में पहली बार तम्बाकू देखा। जहाँगीर की पाबंदी पूरी तरह बेअसर रही और सत्रहवीं सदी के अंत तक तम्बाकू पूरे भारत में खेती, व्यापार और उपयोग की मुख्य वस्तुओं में से एक था।
- (ख) किसान व्यक्तिगत रूप से भूमि के स्वामी होते थे पर एक सामूहिक ग्राम समुदाय से भी संबंधित थे जिसके तीन भाग थे: कृषक, पंचायत, और मुखिया।
- (घ) मुखिया का मुख्य काम ग्राम-लेखा की देखरेख करना था, जिसमें पटवारी (लेखाकार) सहायता करता था।
- (घ) विशेषज्ञ शिल्पी फ़सल के हिस्से या भूमि-आवंटन में भुगतान पाते थे, जो महाराष्ट्र में मीरास या वतन नामक एक वंशानुगत जोत बन गया।
- (क) ज़मींदारों की व्यक्तिगत भूमि, मिल्कियत (‘संपत्ति’), उनके निजी उपयोग के लिए जोती जाती थी और स्वतंत्र रूप से बेची, वसीयत या गिरवी रखी जा सकती थी।
अभिकथन-कारण
- (घ) A ग़लत है, पर R सही है: पंचायत व्यवस्था को आदर्श नहीं बनाना चाहिए। पुस्तक के अनुसार मंडल अकसर अपने ओहदे का ग़लत इस्तेमाल करते थे और उन पर पटवारी के साथ मिलकर हिसाब-किताब में हेरा-फेरी का आरोप था; यही दिखाता है कि A ग़लत है।
सुमेलन कीजिए
- (घ) अबुल फ़ज़्ल आइन के लेखक थे (i-2), बाबर ने संस्मरणों में गतिशील बस्तियों का वर्णन किया (ii-4), औरंगज़ेब ने 1665 में कृषक-गणना का आदेश दिया (iii-3), और ब्लॉकमेन ने आइन का संपादन व अनुवाद किया (iv-1)।
- (ग) दीवान (दफ़्तर) वित्तीय व्यवस्था का प्रमुख कार्यालय था (i-4), पटवारी ग्राम-लेखाकार था (ii-2), अमील-गुज़ार राजस्व वसूलीकर्ता था (iii-3), और मुक़द्दम ग्राम मुखिया था (iv-1)।
कथन आधारित प्रश्न
- (घ) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता: कथन I औरंगज़ेब के 1665 के आदेश के बारे में है, जबकि कथन II आइन में अकबर के समय के भूमि-वर्गीकरण (पोलज) की परिभाषा है; दोनों का आपस में कोई कारण-संबंध नहीं।
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II एक अतिरिक्त, स्वतंत्र सीमा है (मूल्य-आँकड़ों का क्षेत्रीय संकुचन), यह कथन I (जाति-जानकारी की अनुपस्थिति) की व्याख्या नहीं करता।
काल-क्रम प्रश्न
- (ख) बाबर की विजय 1526 में, अकबर का शासनकाल 1556 में शुरू हुआ, आइन 1598 में पूर्ण हुई, और औरंगज़ेब का आदेश 1665 में आया: क्रम 2-3-1-4।
- (क) पुस्तक 1 मंज़िल-आबादी, पुस्तक 2 सिपह-आबादी, और पुस्तक 3 मुल्क-आबादी थी: क्रम 2-1-3।
असंगत चुनिए
- (ग) किसान को रैयत, आसामी, किसान या मुज़रियान कहा जाता था; ज़मींदार एक अलग, भूमिधारी अभिजात वर्ग था जो सीधे खेती नहीं करता था।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) बाबर लिखता है कि हिंदुस्तान में बस्तियाँ और गाँव, दरअसल शहर के शहर, एक लमहे में ही वीरान भी हो जाते हैं और बस भी जाते हैं।
सत्य-असत्य
- (क) दोनों सही हैं : आइन पाँच संशोधनों के बाद 1598 में, अकबर के 42वें राज्य-वर्ष में पूर्ण हुई।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री