इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकभारत के पहले चुनाव आयुक्त कौन बने?
(क) सुकुमार सेन(ख) चक्रवर्ती राजगोपालाचारी(ग) डॉ. बी.सी. रॉय(घ) गोविन्द बल्लभ पंत - 1 अंकलोकसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने कुल कितनी सीटें जीतीं?
(क) 344(ख) 489(ग) 374(घ) 364 - 1 अंक1952 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कुल वोटों में से कितने प्रतिशत वोट हासिल हुए थे?
(क) 74 प्रतिशत(ख) 60 प्रतिशत(ग) 45 प्रतिशत(घ) 51 प्रतिशत - 1 अंक‘समग्र मानवतावाद’ सिद्धांत के प्रणेता कौन थे?
(क) श्यामा प्रसाद मुखर्जी(ख) दीन दयाल उपाध्याय(ग) बलराज मधोक(घ) आचार्य नरेन्द्र देव - 1 अंकदुनिया में पहली बार किसी कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए किस राज्य में बनी?
(क) पश्चिम बंगाल(ख) आंध्र प्रदेश(ग) त्रिपुरा(घ) केरल - 1 अंक‘सिंहासन’ फिल्म के निर्देशक कौन थे?
(क) विजय तेंदुलकर(ख) अरुण साधु(ग) जब्बार पटेल(घ) श्रीराम लागू
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: 1952 का आम चुनाव पूरी दुनिया में लोकतंत्र के इतिहास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
R: इस चुनाव के बाद यह दलील दे पाना संभव नहीं रहा कि लोकतांत्रिक चुनाव गरीबी अथवा अशिक्षा के माहौल में नहीं कराए जा सकते।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है। - 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: भारत में एक पार्टी का प्रभुत्व लोकतंत्र की कीमत पर कायम हुआ।
R: भारत में अनेक पार्टियों ने मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के माहौल में एक-दूसरे से होड़ की और तब भी कांग्रेस पार्टी एक के बाद एक चुनाव जीतती गई।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है।
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I: (i) एस.ए. डांगे (ii) श्यामा प्रसाद मुखर्जी (iii) मीनू मसानी (iv) अशोक मेहता
सूची II: (अ) भारतीय जनसंघ (ब) स्वतंत्र पार्टी (स) प्रजा सोशलिस्ट पार्टी (द) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
(क) i-द, ii-अ, iii-ब, iv-स(ख) i-अ, ii-ब, iii-स, iv-द(ग) i-ब, ii-द, iii-अ, iv-स(घ) i-स, ii-अ, iii-द, iv-ब - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I: (i) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (ii) राजकुमारी अमृत कौर (iii) रफी अहमद किदवई (iv) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
सूची II: (अ) स्वास्थ्य मंत्री (ब) संचार मंत्री (स) शिक्षामंत्री (द) प्रारूप समिति के अध्यक्ष
(क) i-अ, ii-स, iii-ब, iv-द(ख) i-ब, ii-अ, iii-स, iv-द(ग) i-स, ii-अ, iii-ब, iv-द(घ) i-स, ii-ब, iii-अ, iv-द
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) मतदाता-सूचियों के पहले प्रारूप में करीब 40 लाख महिलाओं के नाम दर्ज़ होने से रह गए थे।
(ii) चुनाव आयोग ने ‘अलां की बेटी’ और ‘फलां की बीवी’ वाली प्रविष्टियों को मान लिया और सूची को वैसा ही रहने दिया।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii) - 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) 1955 में सोशलिस्ट पार्टी ने घोषणा की कि उसका लक्ष्य समाजवादी बनावट वाले समाज की रचना है।
(ii) राममनोहर लोहिया के नेतृत्व में कुछ समाजवादियों ने कांग्रेस से अपनी दूरी बढ़ायी और उसकी आलोचना की।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii)
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी इन घटनाओं को काल-क्रम में लगाइए:
(i) हिंसक क्रांति का रास्ता छोड़ना (ii) कांग्रेस के दायरे में रहकर काम शुरू करना (iii) सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनना (iv) कांग्रेस से अलग होना
(क) iv, ii, i, iii(ख) ii, i, iv, iii(ग) iv, i, ii, iii(घ) ii, iv, i, iii
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकचुनावी प्रतिस्पर्धा के पहले दशक में कांग्रेस ने शासक-दल की भूमिका भी निभायी और ______ की भी, इसीलिए इस कालखंड को ‘कांग्रेस-प्रणाली’ कहा जाता है।
(क) चुनाव आयोग(ख) विपक्ष(ग) न्यायपालिका(घ) राज्य सरकारों - 1 अंकबाकी दलों के मुकाबले जल्दी संगठित और जल्दी मैदान में होने के कारण कांग्रेस को ______ होने का फायदा मिला।
(क) ‘सबसे पुराना’(ख) ‘सबसे बड़ा’(ग) ‘सबसे संगठित’(घ) ‘अव्वल और एकलौता’
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकअध्याय के अनुसार निम्नलिखित में कौन-सा देश उन देशों में नहीं गिनाया गया जहाँ एक पार्टी का प्रभुत्व कानूनी और सैन्य उपायों के चलते कायम हुआ?
(क) म्यांमार(ख) क्यूबा(ग) बेलारूस(घ) इरीट्रिया
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
चुनावों को दो बार स्थगित करना पड़ा और आखिरकार 1951 के अक्तूबर से 1952 के फरवरी तक चुनाव हुए। बहरहाल, इस चुनाव को अमूमन 1952 का चुनाव ही कहा जाता है क्योंकि देश के अधिकांश हिस्सों में मतदान 1952 में ही हुए। चुनाव अभियान, मतदान और मतगणना में कुल छह महीने लगे। चुनावों में उम्मीदवारों के बीच मुकाबला भी हुआ। औसतन हर सीट के लिए चार उम्मीदवार चुनाव के मैदान में थे। लोगों ने इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी की। कुल मतदाताओं में आधे से अधिक ने मतदान के दिन अपना वोट डाला। चुनावों के परिणाम घोषित हुए तो हारने वाले उम्मीदवारों ने भी इन परिणामों को निष्पक्ष बताया। सार्वभौम मताधिकार के इस प्रयोग ने आलोचकों का मुँह बंद कर दिया।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार औसतन हर सीट के लिए कितने उम्मीदवार चुनाव के मैदान में थे?
(क) तीन(ख) चार(ग) पाँच(घ) छह - 1 अंकगद्यांश के अनुसार नतीजों को निष्पक्ष किसने बताया, और इसका महत्त्व क्या है?
(क) हारने वाले उम्मीदवारों ने भी, और इसी से सार्वभौम मताधिकार के प्रयोग ने आलोचकों का मुँह बंद कर दिया(ख) सिर्फ़ जीतने वाले उम्मीदवारों ने, और इससे कांग्रेस की साख बढ़ी(ग) सिर्फ़ विदेशी पर्यवेक्षकों ने, और इससे भारत की छवि सुधरी(घ) चुनाव आयोग ने, और इससे मतदाता-सूची पर भरोसा बढ़ा
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकपहले आम चुनाव की तैयारी के बारे में नीचे तीन कथन दिए गए हैं:
(i) चुनाव कराने के लिए चुनाव क्षेत्रों का सीमांकन ज़रूरी था।
(ii) चुनाव आयोग ने चुनाव कराने के लिए 3 लाख से ज्यादा अधिकारियों और चुनावकर्मियों को प्रशिक्षित किया।
(iii) मतदाताओं को 3200 सांसद और लोकसभा के लिए 489 विधायक चुनने थे।
क्रमशः सही और ग़लत का सही संयोजन चुनिए:
(क) सही, ग़लत, सही(ख) ग़लत, सही, सही(ग) सही, सही, ग़लत(घ) सही, सही, सही - 1 अंक1950 के दशक के विपक्षी दलों के बारे में नीचे तीन कथन दिए गए हैं:
(i) इन दलों को लोकसभा अथवा विधानसभा में कहने भर को प्रतिनिधित्व मिल पाया।
(ii) इन दलों की मौजूदगी ने शासन-व्यवस्था के लोकतांत्रिक चरित्र को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभायी।
(iii) आज की लगभग सभी गैर-कांग्रेसी पार्टियों की जड़ें 1950 के दशक की किसी न किसी विपक्षी पार्टी में खोजी जा सकती हैं।
क्रमशः सही और ग़लत का सही संयोजन चुनिए:
(क) सही, ग़लत, सही(ख) ग़लत, सही, सही(ग) सही, सही, ग़लत(घ) सही, सही, सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अध्याय कहता है कि भारत के चुनाव आयोग का गठन 1950 के जनवरी में हुआ और सुकुमार सेन पहले चुनाव आयुक्त बने।
- (घ) कांग्रेस ने लोकसभा के पहले चुनाव में कुल 489 सीटों में से 364 सीटें जीतीं और किसी भी प्रतिद्वंद्वी से बहुत आगे निकल गई। 489 कुल सीटों की संख्या है, कांग्रेस की नहीं।
- (ग) 1952 में कांग्रेस पार्टी को कुल वोटों में से मात्र 45 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे, लेकिन उसे 74 फीसदी सीटें मिलीं। 74 सीटों का आँकड़ा है, वोटों का नहीं।
- (ख) दीन दयाल उपाध्याय (1916-1968) 1942 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता थे, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे और समग्र मानवतावाद सिद्धांत के प्रणेता थे।
- (घ) केरल में 1957 में राज्यपाल ने कम्युनिस्ट विधायक दल के नेता ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद को सरकार बनाने का न्यौता दिया। किताब के अपने शब्दों में, दुनिया में यह पहला अवसर था जब एक कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए बनी।
- (ग) 1981 की इस मराठी फिल्म के निर्देशक जब्बार पटेल थे। पटकथा विजय तेंदुलकर ने लिखी और यह अरुण साधु के दो उपन्यासों ‘सिंहासन’ तथा ‘मुंबई दिनांक’ पर आधारित है।
अभिकथन-कारण
- (ख) दोनों कथन किताब के अपने हैं और दोनों सही हैं, पर R, A का कारण नहीं है। किताब पहले A कहती है और फिर ‘अब…’ से R लिखती है: इस चुनाव के बाद यह दलील दे पाना संभव नहीं रहा कि लोकतांत्रिक चुनाव गरीबी अथवा अशिक्षा के माहौल में नहीं कराए जा सकते। यानी R इस चुनाव का नतीजा है, यह नहीं बताता कि चुनाव मील का पत्थर क्यों साबित हुआ। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- (घ) A ग़लत है और यही इस अध्याय का सबसे बड़ा फ़र्क़ है: बाकी मुल्कों में एक पार्टी का प्रभुत्व लोकतंत्र की कीमत पर कायम हुआ, जबकि भारत में यह लोकतांत्रिक स्थितियों में कायम हुआ। R सही है और यही इसका सबूत है।
सुमेलन कीजिए
- (क) यही प्रश्नावली का प्रश्न 2 है; किताब इसकी उत्तर-कुंजी नहीं छापती, इसलिए यह अपेक्षित उत्तर है। एस.ए. डांगे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक-अध्यक्ष थे और अशोक मेहता समाजवादी नेताओं में प्रमुख थे। मीनू मसानी का स्वतंत्र पार्टी से मेल बचे हुए विकल्प से बैठता है; यह दल 1959 में सी. राजगोपालाचारी के नेतृत्व में बना था (यह जानकारी पाठ्यपुस्तक के इस अध्याय में नहीं है)।
- (ग) जीवनी-बक्सों के अनुसार मौलाना आज़ाद स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में शिक्षामंत्री थे, राजकुमारी अमृत कौर स्वास्थ्य मंत्री, रफी अहमद किदवई संचार मंत्री और डॉ. अंबेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) (i) सही है। (ii) ग़लत है: चुनाव आयोग ने ऐसी प्रविष्टियों को मानने से इनकार कर दिया और फ़ैसला किया कि संभव हो तो इसका पुनरावलोकन किया जाए और ज़रूरी लगे तो ऐसी प्रविष्टियों को हटाया जाए।
- (ख) (i) ग़लत है: यह घोषणा 1955 में कांग्रेस ने की थी, सोशलिस्ट पार्टी ने नहीं, और इसी वजह से समाजवादियों के लिए खुद को कांग्रेस का कारगर विकल्प बनाकर पेश करना मुश्किल हो गया। (ii) सही है, और इसके उलट अशोक मेहता ने कांग्रेस से हल्के-फुल्के सहयोग की तरफदारी की।
काल-क्रम प्रश्न
- (घ) 1935 से साम्यवादियों ने मुख्यतया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दायरे में रहकर काम किया, दिसंबर 1941 में वे कांग्रेस से अलग हुए, 1951 में पार्टी ने हिंसक क्रांति का रास्ता छोड़ा और 1952 के पहले आम चुनाव में 16 सीटें जीतकर सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनी।
रिक्त स्थान
- (ख) किताब का अपना वाक्य: ‘इस अर्थ में देखें तो चुनावी प्रतिस्पर्धा के पहले दशक में कांग्रेस ने शासक-दल की भूमिका निभायी और विपक्ष की भी। इसी कारण भारतीय राजनीति के इस कालखंड को कांग्रेस-प्रणाली कहा जाता है।’
- (घ) किताब का अपना मुहावरा है ‘अव्वल और एकलौता’। बाकी दल अभी अपनी रणनीति सोच ही रहे होते थे कि कांग्रेस अपना अभियान शुरू कर देती थी, और अनेक पार्टियों का गठन तो स्वतंत्रता के आस-पास या उसके बाद हुआ।
असंगत चुनिए
- (ख) अध्याय कानूनी और सैन्य उपायों वाले खाने में सिर्फ़ म्यांमार, बेलारूस और इरीट्रिया गिनाता है। क्यूबा उस दूसरी सूची में है जिसमें चीन और सीरिया के साथ ऐसे देश हैं जिनके संविधान में सिर्फ़ एक ही पार्टी को शासन की अनुमति दी गई है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) गद्यांश कहता है कि चुनावों में उम्मीदवारों के बीच मुकाबला भी हुआ और औसतन हर सीट के लिए चार उम्मीदवार चुनाव के मैदान में थे।
- (क) गद्यांश कहता है कि चुनावों के परिणाम घोषित हुए तो हारने वाले उम्मीदवारों ने भी इन परिणामों को निष्पक्ष बताया, और सार्वभौम मताधिकार के इस प्रयोग ने आलोचकों का मुँह बंद कर दिया। हारने वाले का नतीजा मान लेना ही किसी चुनाव के निष्पक्ष होने का सबसे मज़बूत सबूत है।
सत्य-असत्य
- (ग) (i) और (ii) किताब के अपने वाक्य हैं। (iii) ग़लत है क्योंकि इसमें दोनों पद आपस में बदल गए हैं: मतदाताओं को 3200 विधायक और लोकसभा के लिए 489 सांसद चुनने थे।
- (घ) तीनों कथन किताब के अपने वाक्य हैं। कम सीटों के बावजूद इन दलों ने सुचिन्तित आलोचना की, शासक-दल पर अंकुश रखा, लोकतांत्रिक विकल्प की संभावना जीवित रखी और आगे के नेता तैयार किए।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री