इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकएक अवधारणा के रूप में वैश्वीकरण की बुनियादी बात क्या है?
(क) प्रतिस्पर्धा(ख) संप्रभुता(ग) उपनिवेशवाद(घ) प्रवाह - 1 अंकआर्थिक वैश्वीकरण का उल्लेख होते ही किताब के अनुसार हमारा ध्यान सबसे पहले किन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं पर जाता है?
(क) संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद्(ख) यूनेस्को और यूनिसेफ(ग) नाटो और वारसा संधि(घ) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व व्यापार संगठन - 1 अंकजिस प्रक्रिया से वैश्वीकरण के चलते हर संस्कृति कहीं ज़्यादा अलग और विशिष्ट होती जा रही है, उसे क्या कहते हैं?
(क) सांस्कृतिक समरूपता(ख) सांस्कृतिक साम्राज्यवाद(ग) मैक्डोनॉल्डीकरण(घ) सांस्कृतिक वैभिन्नीकरण - 1 अंक1999 में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक कहाँ हुई थी, जहाँ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए?
(क) पोर्टो अलगेरे में(ख) मुंबई में(ग) सिएट्ल में(घ) हांगकांग में - 1 अंककिस वनस्पति को पेटेन्ट कराने के अमरीकी और यूरोपीय फ़र्मों के प्रयासों का भारत में कड़ा विरोध हुआ?
(क) तुलसी(ख) हल्दी(ग) नीम(घ) बासमती
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: वैश्वीकरण से सरकारों के अपने दम पर फ़ैसला करने की क्षमता में कमी आती है।
R: पूरे विश्व में बहुराष्ट्रीय निगम अपने पैर पसार चुके हैं और उनकी भूमिका बढ़ी है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है। - 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: सांस्कृतिक समरूपता का अर्थ यह है कि सभी संस्कृतियाँ बराबरी से मिलकर एक नयी विश्व-संस्कृति बना रही हैं।
R: विश्व-संस्कृति के नाम पर दरअसल शेष विश्व पर पश्चिमी संस्कृति लादी जा रही है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है।
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I: (i) 1991 (ii) 1999 (iii) 2001 (iv) 2004
सूची II: (अ) सिएट्ल में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक (ब) भारत में आर्थिक-सुधारों की शुरुआत (स) वर्ल्ड सोशल फोरम की चौथी बैठक (द) वर्ल्ड सोशल फोरम की पहली बैठक
(क) i-अ, ii-ब, iii-द, iv-स(ख) i-ब, ii-अ, iii-द, iv-स(ग) i-ब, ii-द, iii-अ, iv-स(घ) i-द, ii-अ, iii-ब, iv-स
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकआज़ादी के बाद भारत की आर्थिक नीति के बारे में नीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) ब्रिटेन के साथ अपने अनुभवों से सबक लेते हुए भारत ने ‘संरक्षणवाद’ की नीति अपनाई।
(ii) संरक्षणवाद के दौर में भारत की आर्थिक-वृद्धि की दर बहुत तेज़ रही।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii) - 1 अंकवैश्वीकरण के प्रभाव के बारे में नीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) किताब के अनुसार वैश्वीकरण का प्रभाव सभी समाजों पर एक जैसा पड़ा है।
(ii) किताब कहती है कि विशिष्ट संदर्भों पर पर्याप्त ध्यान दिए बिना वैश्वीकरण के प्रभाव के बारे में सर्व-सामान्य निष्कर्ष निकालने से परहेज करना चाहिए।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii)
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंककिताब जिस क्रम में इन तकनीकों की बात करती है, उसी क्रम में लगाइए (सबसे पुरानी से नयी की ओर):
(i) टेलीग्राफ (ii) छपाई (मुद्रण) (iii) माइक्रोचिप (iv) टेलीफोन
(क) i, ii, iv, iii(ख) ii, iii, i, iv(ग) i, iv, ii, iii(घ) ii, i, iv, iii - 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में लगाइए:
(i) वर्ल्ड सोशल फोरम की चौथी बैठक मुंबई में (ii) वर्ल्ड सोशल फोरम की नेपाल में बैठक (iii) सिएट्ल में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक (iv) भारत में आर्थिक-सुधारों की शुरुआत
(क) iii, iv, i, ii(ख) iv, i, iii, ii(ग) iv, iii, i, ii(घ) iv, iii, ii, i
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक‘वर्ल्ड सोशल फोरम’ की पहली बैठक 2001 में ब्राजील के ______ में हुई।
(क) रियो डी जनेरियो(ख) पोर्टो अलगेरे(ग) साओ पाउलो(घ) ब्रासीलिया - 1 अंकसामाजिक न्याय के पक्षधर चाहते हैं कि ______ तैयार किया जाना चाहिए ताकि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन पर वैश्वीकरण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
(क) ‘संरक्षणवाद’(ख) ‘न्यूनतम मजदूरी’(ग) ‘सामाजिक सुरक्षा कवच’(घ) ‘वैश्विक कर’
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकभारत में वैश्वीकरण के दक्षिणपंथी विरोध के जो उदाहरण किताब देती है, उनमें कौन शामिल नहीं है?
(क) नीम को पेटेन्ट कराने के प्रयास(ख) केबल नेटवर्क के ज़रिए उपलब्ध विदेशी टी.वी. चैनल(ग) वैलेन्टाईन-डे मनाना(घ) छात्र-छात्राओं की पश्चिमी पोशाकों के लिए बढ़ती अभिरुचि
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
किताब के ‘उफ! फिर से एक हिंदुस्तानी’ बॉक्स से: ‘कॉल-सेन्टर में काम करना अपने आप में आँख खोल देने वाला साबित हो सकता है। आप अमरीकियों के फोन-कॉल निबटाते हैं और आपको असली अमरीकी संस्कृति की एक झलक मिलती है। एक औसत अमरीकी हमारी अपेक्षा से कहीं ज़्यादा जीवंत और ईमानदार होता है… बहरहाल, हर फोन कॉल या बातचीत खुशगवार नहीं होती। आपके पास अविवेकी और बदज़बान लोगों के भी फोनकॉल आते हैं। ‘कॉल’ हिन्दुस्तान में ‘अटेन्ड’ की जा रही है, यह जानकर फोन करने वाले का लहजा कभी-कभी नफ़रत से भर उठता है और उससे निबटना बहुत तनाव का काम होता है। अमरीकी हर भारतीय को इस रूप में देखने लगे हैं मानो वह उनकी नौकरी छीनने वाला हो…’ (स्रोत: 10 जनवरी 2005 के द हिंदू में रंजीता उर्स की रिपोर्ट।)
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार कॉल-सेन्टर में अमरीकियों के फोन-कॉल निबटाने वाले को किसकी एक झलक मिलती है?
(क) असली अमरीकी संस्कृति की(ख) अमरीकी अर्थव्यवस्था की(ग) अमरीकी राजनीति की(घ) अमरीकी शिक्षा-व्यवस्था की - 1 अंकगद्यांश के अनुसार फोन करने वाले का लहजा किस बात को जानकर कभी-कभी नफ़रत से भर उठता है?
(क) यह जानकर कि उसकी बात एक मशीन से हो रही है(ख) यह जानकर कि ‘कॉल’ हिन्दुस्तान में ‘अटेन्ड’ की जा रही है(ग) यह जानकर कि उसे लंबा इंतज़ार करना पड़ेगा(घ) यह जानकर कि उसका शिकायत-नंबर खो गया है
गद्यांश
किताब के ‘सांस्कृतिक प्रभाव’ खंड से: ‘इसके साथ-साथ यह मान लेना एक भूल है कि वैश्वीकरण के सांस्कृतिक प्रभाव सिर्फ नकारात्मक हैं। संस्कृति कोई जड़ वस्तु नहीं होती। हर संस्कृति हर समय बाहरी प्रभावों को स्वीकार करते रहती है। कुछ बाहरी प्रभाव नकारात्मक होते हैं क्योंकि इससे हमारी पसंदों में कमी आती है। कभी-कभी बाहरी प्रभावों से हमारी पसंद-नापसंद का दायरा बढ़ता है तो कभी इनसे परंपरागत सांस्कृतिक मूल्यों को छोड़े बिना संस्कृति का परिष्कार होता है। बर्गर मसाला-डोसा का विकल्प नहीं है इसलिए बर्गर से वस्तुतः कोई खतरा नहीं है। इससे हुआ मात्र इतना है कि हमारे भोजन की पसंद में एक चीज़ और शामिल हो गई है। दूसरी तरफ, नीली जीन्स भी हथकरघा पर बुने खादी के कुर्ते के साथ खूब चलती है।’
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार बर्गर से वस्तुतः कोई ख़तरा क्यों नहीं है?
(क) क्योंकि वह मसाला-डोसा का विकल्प नहीं है(ख) क्योंकि वह भारत में नहीं बनता(ग) क्योंकि वह बहुत महँगा है(घ) क्योंकि उसे बहुत कम लोग पसंद करते हैं
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकराज्य और वैश्वीकरण के बारे में नीचे तीन कथन दिए गए हैं:
(i) राजनीतिक समुदाय के आधार के रूप में राज्य की प्रधानता को कोई चुनौती नहीं मिली है।
(ii) वैश्वीकरण से हमेशा राज्य की ताकत में कमी आती है।
(iii) नई प्रौद्योगिकी के परिणामस्वरूप राज्य अब पहले से ज़्यादा ताकतवर हैं।
क्रमशः सही और ग़लत का सही संयोजन चुनिए:
(क) सही, सही, ग़लत(ख) ग़लत, सही, सही(ग) सही, ग़लत, सही(घ) ग़लत, ग़लत, सही - 1 अंकआर्थिक प्रवाहों के बारे में नीचे तीन कथन दिए गए हैं:
(i) अलग-अलग देश अपने यहाँ होने वाले आयात पर जो प्रतिबंध लगाते थे, वे अब कम हो गए हैं।
(ii) दुनिया भर में पूँजी की आवाजाही पर अब कहीं कम प्रतिबंध हैं।
(iii) वस्तुओं और पूँजी के प्रवाह जितनी लोगों की आवाजाही नहीं बढ़ सकी है।
क्रमशः सही और ग़लत का सही संयोजन चुनिए:
(क) सही, सही, ग़लत(ख) सही, सही, सही(ग) ग़लत, सही, सही(घ) सही, ग़लत, सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) किताब कहती है कि एक अवधारणा के रूप में वैश्वीकरण की बुनियादी बात प्रवाह है, और ये प्रवाह विचार, पूँजी, वस्तु तथा लोगों की आवाजाही के रूप में होते हैं।
- (घ) किताब कहती है कि जैसे ही आर्थिक वैश्वीकरण का उल्लेख होता है, हमारा ध्यान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व व्यापार संगठन जैसी संस्थाओं तथा आर्थिक नीतियों के निर्धारण में इनकी भूमिका पर जाता है। साथ ही वह चेताती है कि वैश्वीकरण को इतने संकीर्ण नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
- (घ) किताब कहती है कि वैश्वीकरण से हर संस्कृति कहीं ज़्यादा अलग और विशिष्ट होते जा रही है और इस प्रक्रिया को सांस्कृतिक वैभिन्नीकरण कहते हैं। प्रश्नावली के प्रश्न 10 में इसी को ‘सांस्कृतिक विभिन्नता’ कहा गया है।
- (ग) किताब कहती है कि 1999 में सिएट्ल में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक हुई और यहाँ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए, क्योंकि आर्थिक रूप से ताकतवर देश व्यापार के अनुचित तौर-तरीके अपना रहे थे।
- (ग) किताब कहती है कि कुछ वनस्पतियों मसलन ‘नीम’ को अमरीकी और यूरोपीय फ़र्मों ने पेटेन्ट कराने के प्रयास किए और इसका भी कड़ा विरोध हुआ।
अभिकथन-कारण
- (क) किताब इसी क्रम में यह बात कहती है: पूरे विश्व में बहुराष्ट्रीय निगम अपने पैर पसार चुके हैं और उनकी भूमिका बढ़ी है, और इससे सरकारों के अपने दम पर फ़ैसला करने की क्षमता में कमी आती है। यानी R ही A का कारण है।
- (घ) A ग़लत है: किताब साफ़ कहती है कि सांस्कृतिक समरूपता का यह अर्थ नहीं कि किसी विश्व-संस्कृति का उदय हो रहा है। R सही है और किताब का अपना वाक्य है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) 1991 में भारत में आर्थिक-सुधार शुरू हुए; 1999 में सिएट्ल में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक हुई; 2001 में वर्ल्ड सोशल फोरम की पहली बैठक पोर्टो अलगेरे में हुई; और 2004 में इसकी चौथी बैठक मुंबई में हुई।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) (i) सही है। (ii) ग़लत है: किताब कहती है कि भारत में आर्थिक-वृद्धि की दर धीमी रही, और स्वास्थ्य, आवास तथा प्राथमिक शिक्षा जैसे ज़रूरी क्षेत्रों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितने के वे हकदार थे।
- (ख) (i) ग़लत है: किताब कहती है कि वैश्वीकरण का प्रभाव बड़ा विषम रहा है, यह कुछ समाजों को बाकियों की अपेक्षा और समाज के एक हिस्से को बाकी हिस्सों की अपेक्षा ज़्यादा प्रभावित कर रहा है। (ii) किताब का अपना कथन है।
काल-क्रम प्रश्न
- (घ) किताब कहती है कि शुरू-शुरू में छपाई (मुद्रण) की तकनीक आयी थी, और टेलीग्राफ, टेलीफोन तथा माइक्रोचिप का उल्लेख इसी क्रम में करती है, माइक्रोचिप को नवीनतम बताते हुए।
- (ग) किताब के अनुसार भारत में आर्थिक-सुधारों की योजना 1991 में शुरू हुई (iv), सिएट्ल में विश्व व्यापार संगठन की मंत्री-स्तरीय बैठक 1999 में हुई (iii), वर्ल्ड सोशल फोरम की चौथी बैठक 2004 में मुंबई में हुई (i) और इसकी बैठक नेपाल में फरवरी 2024 में हुई थी (ii)।
रिक्त स्थान
- (ख) किताब कहती है कि ‘वर्ल्ड सोशल फोरम’ की पहली बैठक 2001 में ब्राजील के पोर्टो अलगेरे में हुई।
- (ग) किताब कहती है कि सामाजिक न्याय के पक्षधर कुछ सांस्थानिक उपायों, यानी ‘सामाजिक सुरक्षा कवच’ की माँग करते हैं। दुनिया के अनेक आंदोलनों की मान्यता है कि यह बात अव्यावहारिक है और इतना भर उपाय पर्याप्त नहीं होगा।
असंगत चुनिए
- (क) किताब दक्षिणपंथी खेमे के विरोध में विदेशी टी.वी. चैनल, वैलेन्टाईन-डे और पश्चिमी पोशाकें गिनाती है। नीम के पेटेन्ट का विरोध किताब औद्योगिक श्रमिक तथा किसान संगठनों वाले हिस्से में रखती है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश कहता है कि आप अमरीकियों के फोन-कॉल निबटाते हैं और आपको असली अमरीकी संस्कृति की एक झलक मिलती है।
- (ख) गद्यांश का अपना वाक्य है कि ‘कॉल’ हिन्दुस्तान में ‘अटेन्ड’ की जा रही है, यह जानकर फोन करने वाले का लहजा कभी-कभी नफ़रत से भर उठता है और उससे निबटना बहुत तनाव का काम होता है।
- (क) गद्यांश कहता है कि बर्गर मसाला-डोसा का विकल्प नहीं है इसलिए बर्गर से वस्तुतः कोई खतरा नहीं है; इससे हुआ मात्र इतना है कि भोजन की पसंद में एक चीज़ और शामिल हो गई है।
सत्य-असत्य
- (ग) (i) और (iii) किताब के अपने कथन हैं। (ii) ग़लत है: किताब साफ़ कहती है कि वैश्वीकरण से हमेशा राज्य की ताकत में कमी आती हो, ऐसी बात नहीं।
- (ख) तीनों कथन किताब के अपने हैं। तीसरे की वजह किताब यह बताती है कि विकसित देश वीज़ा-नीति के जरिए अपनी सीमाओं को अभेद्य बनाए रखते हैं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री