Class 12 Psychology Chapter 2 Self and Personality Short Notes in Hindi

1आत्म

मुख्य परिभाषाएँ
आत्मव्यक्ति के अपने बारे में सचेतन अनुभवों, विचारों और भावनाओं की समग्रता; व्यक्तित्व के मूल में है
व्यक्तिगत अनन्यताव्यक्ति को दूसरों से भिन्न बनाने वाले गुण
सामाजिक अनन्यताव्यक्ति को किसी सामाजिक/सांस्कृतिक समूह से जोड़ने वाले गुण
आत्म-संप्रत्ययस्वयं को और अपनी योग्यताओं को देखने का तरीका
आत्म-सम्मानअपने ही मूल्य के बारे में मूल्य-निर्णय (6-7 वर्ष तक 4 क्षेत्रों में बनता है)
आत्म-सक्षमतासफल होने की क्षमता में विश्वास (बंदूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत)
आत्म-नियमन / आत्म-नियंत्रणअपने व्यवहार का संगठन और परिवीक्षण; आत्म-नियंत्रण = संतुष्टि को विलंबित करना (व्रत/रोज़ा के उदाहरण)। तकनीकें: अपने व्यवहार का प्रेक्षण, आत्म-अनुदेश, आत्म-प्रबलन
1

जैविक आत्म

प्रतिवर्त से जागरूकता तक (“मैं भूखा हूँ”)

2

व्यक्तिगत आत्म

स्वतंत्रता, उत्तरदायित्व, उपलब्धि, सुख-सुविधा

3

सामाजिक आत्म

सहयोग, एकता, त्याग (पारिवारिक/संबंधात्मक आत्म)

2संस्कृति एवं आत्म

पाश्चात्य

  • स्थिर आत्म-समूह सीमा
  • व्यक्तिवादी

भारतीय

  • परिवर्तनीय आत्म-समूह सीमा
  • सामूहिकतावादी

3व्यक्तित्व: अर्थ और प्रकार

परिभाषा

व्यक्तित्व: स्थिर, विशिष्ट गुण जो व्यवहार को विभिन्न स्थितियों और समय में विशिष्टता देते हैं। लैटिन शब्द persona = मुखौटा। चार विशेषताएँ: शारीरिक + मनोवैज्ञानिक, विशिष्ट, स्थिर, गतिशील/अनुकूलनशील।

पद्धति श्रेणियाँ
हिप्पोक्रेट्स उत्साही, श्लैष्मिक, कोपशील, विवादी
चरक संहिता (आयुर्वेद) त्रिदोष: वात, पित्त, कफ (व्यक्ति की प्रकृति)
त्रिगुण (एक अलग भारतीय प्ररूप-विज्ञान) सत्व, रजस, तमस
शेल्डन गोलाकृतिक, आयताकृतिक, लंबाकृतिक
युंग अंतर्मुखी, बहिर्मुखी
फ्रीडमैन एवं रोजेनमैन टाइप ए, टाइप बी
मॉरिस टाइप सी (कैंसर जैसे रोग के प्रति संवेदनशील)
हाल ही में सुझाया गया (प्रस्तावक का नाम किताब में नहीं) टाइप डी (अवसाद के प्रति प्रवणता)

4विशेषक उपागम

3ऑलपोर्ट के विशेषक: प्रमुख, केंद्रीय, गौण
16कैटेल के मूल विशेषक (16PF परीक्षण)
3आइज़ेंक के आयाम (EPQ परीक्षण): तंत्रिकातापिता बनाम सांवेगिक स्थिरता; बहिर्मुखता बनाम अंतर्मुखता; मनस्तापिता बनाम सामाजिकता
5बृहत् पाँच कारक मॉडल के कारक

5मनोगतिक उपागम (फ्रायड)

फ्रायड की संरचना
चेतन / पूर्वचेतना / अचेतनजागरूकता के 3 स्तर
इडसुखेप्सा-सिद्धांत, नैतिकता की परवाह नहीं
अहंवास्तविकता-सिद्धांत, इड से उत्पन्न
पराहम्नैतिक शाखा, पैतृक प्राधिकार का आंतरिकीकरण
मौखिकमुख
गुदीय (2-3)मल-मूत्र नियंत्रण
लैंगिक (4-5)इडिपस/इलेक्ट्रा मनोग्रंथि
कामप्रसुप्ति (7 वर्ष से यौवनारंभ तक)कामेच्छाएँ सापेक्ष रूप से निष्क्रिय
जननांगीयपरिपक्वता
रक्षा युक्ति अर्थ
दमन अचेतन में धकेलना
प्रक्षेपण अपने गुण दूसरों पर आरोपित करना
अस्वीकरण यथार्थ स्वीकार न करना
प्रतिक्रिया निर्माण सच्ची भावना के विपरीत व्यवहार
युक्तिकरण अतार्किक व्यवहार को तर्कसंगत दिखाना
1

युंग

सामूहिक अचेतन, आद्य प्ररूप

2

हार्नी

मूल दुश्चिंता; फ्रायड की स्त्री-धारणा को चुनौती

3

एडलर

हीनता मनोग्रंथि; व्यष्टि मनोविज्ञान

4

फ्रॉम

सामाजिक अभिविन्यास

5

एरिक्सन

अहं-अनन्यता; अनन्यता संकट

6व्यवहारवादी, सांस्कृतिक, मानवतावादी

व्यवहारवादीअनुक्रिया इकाई है; पावलोव, स्किनर, बंदूरा
·
सांस्कृतिकपारिस्थितिकी/संस्कृति के प्रति अनुकूलन; बिरहोर उदाहरण
·
मानवतावादीरोजर्स (वास्तविक/आदर्श आत्म), मैस्लो (आत्मसिद्धि)

7व्यक्तित्व का मूल्यांकन

प्रकार उदाहरण
आत्म-प्रतिवेदन MMPI (567 कथन, हाथवे एवं मैकिन्ले), JMPI (मल्लिक एवं जोशी), EPQ, 16PF। समस्याएँ: सामाजिक वांछनीयता, अनुमनन
प्रक्षेपी रोर्शा (10 धब्बे), TAT (मॉर्गन एवं मरे, 30+1 कार्ड), पी-एफ अध्ययन (रोजेनज्विग), वाक्य पूर्ति, व्यक्ति-चित्रण
व्यवहारपरक विश्लेषण साक्षात्कार, निर्धारण (परिवेश प्रभाव), प्रेक्षण, नाम निर्देशन, स्थितिपरक परीक्षण
अंतिम पुनरावलोकन
  • आत्म व्यक्तित्व के मूल में; व्यक्तिगत बनाम सामाजिक अनन्यता; जैविक/व्यक्तिगत/सामाजिक आत्म
  • आत्म-सम्मान, आत्म-सक्षमता (बंदूरा), आत्म-नियमन, आत्म-नियंत्रण
  • भारतीय (परिवर्तनीय, सामूहिकतावादी) बनाम पाश्चात्य (स्थिर, व्यक्तिवादी) आत्म
  • प्ररूप: हिप्पोक्रेट्स, त्रिदोष/त्रिगुण, शेल्डन, युंग, टाइप A/B/C/D
  • विशेषक: ऑलपोर्ट, कैटेल (16PF), आइज़ेंक (EPQ), बृहत् पाँच कारक
  • फ्रायड: चेतन/पूर्वचेतना/अचेतन; इड/अहं/पराहम्; 5 रक्षा युक्तियाँ; 5 मनोलैंगिक अवस्थाएँ; युंग, हार्नी, एडलर, फ्रॉम, एरिक्सन
  • व्यवहारवादी: पावलोव, स्किनर, बंदूरा। सांस्कृतिक: बिरहोर। मानवतावादी: रोजर्स, मैस्लो
  • मूल्यांकन: आत्म-प्रतिवेदन बनाम प्रक्षेपी बनाम व्यवहारपरक विश्लेषण