1आत्म
मुख्य परिभाषाएँ
आत्मव्यक्ति के अपने बारे में सचेतन अनुभवों, विचारों और भावनाओं की समग्रता; व्यक्तित्व के मूल में है
व्यक्तिगत अनन्यताव्यक्ति को दूसरों से भिन्न बनाने वाले गुण
सामाजिक अनन्यताव्यक्ति को किसी सामाजिक/सांस्कृतिक समूह से जोड़ने वाले गुण
आत्म-संप्रत्ययस्वयं को और अपनी योग्यताओं को देखने का तरीका
आत्म-सम्मानअपने ही मूल्य के बारे में मूल्य-निर्णय (6-7 वर्ष तक 4 क्षेत्रों में बनता है)
आत्म-सक्षमतासफल होने की क्षमता में विश्वास (बंदूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत)
आत्म-नियमन / आत्म-नियंत्रणअपने व्यवहार का संगठन और परिवीक्षण; आत्म-नियंत्रण = संतुष्टि को विलंबित करना (व्रत/रोज़ा के उदाहरण)। तकनीकें: अपने व्यवहार का प्रेक्षण, आत्म-अनुदेश, आत्म-प्रबलन
1
जैविक आत्म
प्रतिवर्त से जागरूकता तक (“मैं भूखा हूँ”)
2
व्यक्तिगत आत्म
स्वतंत्रता, उत्तरदायित्व, उपलब्धि, सुख-सुविधा
3
सामाजिक आत्म
सहयोग, एकता, त्याग (पारिवारिक/संबंधात्मक आत्म)
2संस्कृति एवं आत्म
पाश्चात्य
- स्थिर आत्म-समूह सीमा
- व्यक्तिवादी
भारतीय
- परिवर्तनीय आत्म-समूह सीमा
- सामूहिकतावादी
3व्यक्तित्व: अर्थ और प्रकार
परिभाषा
व्यक्तित्व: स्थिर, विशिष्ट गुण जो व्यवहार को विभिन्न स्थितियों और समय में विशिष्टता देते हैं। लैटिन शब्द persona = मुखौटा। चार विशेषताएँ: शारीरिक + मनोवैज्ञानिक, विशिष्ट, स्थिर, गतिशील/अनुकूलनशील।
| पद्धति | श्रेणियाँ |
|---|---|
| हिप्पोक्रेट्स | उत्साही, श्लैष्मिक, कोपशील, विवादी |
| चरक संहिता (आयुर्वेद) | त्रिदोष: वात, पित्त, कफ (व्यक्ति की प्रकृति) |
| त्रिगुण (एक अलग भारतीय प्ररूप-विज्ञान) | सत्व, रजस, तमस |
| शेल्डन | गोलाकृतिक, आयताकृतिक, लंबाकृतिक |
| युंग | अंतर्मुखी, बहिर्मुखी |
| फ्रीडमैन एवं रोजेनमैन | टाइप ए, टाइप बी |
| मॉरिस | टाइप सी (कैंसर जैसे रोग के प्रति संवेदनशील) |
| हाल ही में सुझाया गया (प्रस्तावक का नाम किताब में नहीं) | टाइप डी (अवसाद के प्रति प्रवणता) |
4विशेषक उपागम
3ऑलपोर्ट के विशेषक: प्रमुख, केंद्रीय, गौण
16कैटेल के मूल विशेषक (16PF परीक्षण)
3आइज़ेंक के आयाम (EPQ परीक्षण): तंत्रिकातापिता बनाम सांवेगिक स्थिरता; बहिर्मुखता बनाम अंतर्मुखता; मनस्तापिता बनाम सामाजिकता
5बृहत् पाँच कारक मॉडल के कारक
5मनोगतिक उपागम (फ्रायड)
फ्रायड की संरचना
चेतन / पूर्वचेतना / अचेतनजागरूकता के 3 स्तर
इडसुखेप्सा-सिद्धांत, नैतिकता की परवाह नहीं
अहंवास्तविकता-सिद्धांत, इड से उत्पन्न
पराहम्नैतिक शाखा, पैतृक प्राधिकार का आंतरिकीकरण
मौखिकमुख
गुदीय (2-3)मल-मूत्र नियंत्रण
लैंगिक (4-5)इडिपस/इलेक्ट्रा मनोग्रंथि
कामप्रसुप्ति (7 वर्ष से यौवनारंभ तक)कामेच्छाएँ सापेक्ष रूप से निष्क्रिय
जननांगीयपरिपक्वता
| रक्षा युक्ति | अर्थ |
|---|---|
| दमन | अचेतन में धकेलना |
| प्रक्षेपण | अपने गुण दूसरों पर आरोपित करना |
| अस्वीकरण | यथार्थ स्वीकार न करना |
| प्रतिक्रिया निर्माण | सच्ची भावना के विपरीत व्यवहार |
| युक्तिकरण | अतार्किक व्यवहार को तर्कसंगत दिखाना |
1
युंग
सामूहिक अचेतन, आद्य प्ररूप
2
हार्नी
मूल दुश्चिंता; फ्रायड की स्त्री-धारणा को चुनौती
3
एडलर
हीनता मनोग्रंथि; व्यष्टि मनोविज्ञान
4
फ्रॉम
सामाजिक अभिविन्यास
5
एरिक्सन
अहं-अनन्यता; अनन्यता संकट
व्यवहारवादीअनुक्रिया इकाई है; पावलोव, स्किनर, बंदूरा
·
सांस्कृतिकपारिस्थितिकी/संस्कृति के प्रति अनुकूलन; बिरहोर उदाहरण
·
मानवतावादीरोजर्स (वास्तविक/आदर्श आत्म), मैस्लो (आत्मसिद्धि)
7व्यक्तित्व का मूल्यांकन
| प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| आत्म-प्रतिवेदन | MMPI (567 कथन, हाथवे एवं मैकिन्ले), JMPI (मल्लिक एवं जोशी), EPQ, 16PF। समस्याएँ: सामाजिक वांछनीयता, अनुमनन |
| प्रक्षेपी | रोर्शा (10 धब्बे), TAT (मॉर्गन एवं मरे, 30+1 कार्ड), पी-एफ अध्ययन (रोजेनज्विग), वाक्य पूर्ति, व्यक्ति-चित्रण |
| व्यवहारपरक विश्लेषण | साक्षात्कार, निर्धारण (परिवेश प्रभाव), प्रेक्षण, नाम निर्देशन, स्थितिपरक परीक्षण |
अंतिम पुनरावलोकन
- आत्म व्यक्तित्व के मूल में; व्यक्तिगत बनाम सामाजिक अनन्यता; जैविक/व्यक्तिगत/सामाजिक आत्म
- आत्म-सम्मान, आत्म-सक्षमता (बंदूरा), आत्म-नियमन, आत्म-नियंत्रण
- भारतीय (परिवर्तनीय, सामूहिकतावादी) बनाम पाश्चात्य (स्थिर, व्यक्तिवादी) आत्म
- प्ररूप: हिप्पोक्रेट्स, त्रिदोष/त्रिगुण, शेल्डन, युंग, टाइप A/B/C/D
- विशेषक: ऑलपोर्ट, कैटेल (16PF), आइज़ेंक (EPQ), बृहत् पाँच कारक
- फ्रायड: चेतन/पूर्वचेतना/अचेतन; इड/अहं/पराहम्; 5 रक्षा युक्तियाँ; 5 मनोलैंगिक अवस्थाएँ; युंग, हार्नी, एडलर, फ्रॉम, एरिक्सन
- व्यवहारवादी: पावलोव, स्किनर, बंदूरा। सांस्कृतिक: बिरहोर। मानवतावादी: रोजर्स, मैस्लो
- मूल्यांकन: आत्म-प्रतिवेदन बनाम प्रक्षेपी बनाम व्यवहारपरक विश्लेषण
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री