Class 12 Psychology Chapter 5 चिकित्सा उपागम MCQ / Objective Questions with Answers

इस अध्याय के 23 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकमनश्चिकित्सा की सबसे उपयुक्त परिभाषा है:
    (क) एक बार का परामर्श जो किसी विकार का निदान करता है(ख) मानसिक बीमारी के लिए दी जाने वाली औषधियों का एक कोर्स(ग) दो मित्रों के बीच व्यक्तिगत समस्या पर कोई भी बातचीत(घ) सेवार्थी और चिकित्सक के बीच एक ऐच्छिक संबंध, जिसका उद्देश्य सेवार्थी की मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान करना है
  2. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा तदनुभूति को सहानुभूति से सही ढंग से अलग करता है?
    (क) तदनुभूति में व्यक्ति दूसरे की स्थिति को समझता भी है और उसी की तरह अनुभव भी करता है, जबकि सहानुभूति में केवल दया-करुणा होती है, वैसा अनुभव नहीं(ख) सहानुभूति में व्यक्ति दूसरे की तरह ही अनुभव करता है; तदनुभूति में नहीं(ग) तदनुभूति एक पूर्णतः बौद्धिक, भावशून्य समझ है(घ) इस अध्याय में सहानुभूति और तदनुभूति का बिल्कुल एक ही अर्थ है
  3. 1 अंकपुस्तक के अपने उदाहरण में, एक सेवार्थी नौकरी पर बना नहीं रह पाता और अपने उच्च अधिकारियों का सामना नहीं कर पाता। व्यवहार चिकित्सक का नैदानिक निरूपण इस समस्या को किस रूप में बताता है?
    (क) एक गहरा बाल्यकालीन आघात(ख) आग्रहिता कौशलों की कमी और दुश्चिंता(ग) एक अनसुलझा अंतःमनोद्वंद्व(घ) औषधि की आवश्यकता वाला रासायनिक असंतुलन
  4. 1 अंकदुर्भीति और अविवेकी भय के उपचार के लिए प्रयुक्त क्रमिक विसंवेदनीकरण किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया?
    (क) अल्बर्ट एलिस(ख) आरन बेक(ग) वोल्प(घ) कार्ल रोज़र्स
  5. 1 अंकRET में पहला चरण, पू.वि.प. विश्लेषण, किसके लिए है?
    (क) क्रिया-विश्वास-परिवर्तन(ख) पूर्ववर्ती-व्यवहार-परिवर्तन(ग) पूर्ववर्ती-विश्वास-परिणाम(घ) दुश्चिंता-व्यवहार-परिणाम
  6. 1 अंकसंज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) सेवार्थी के कष्ट को किस व्यापक उपागम से संबोधित करती है?
    (क) पूर्णतः सामाजिक(ख) जैव-मनोसामाजिक(ग) पूर्णतः मनोगतिक(घ) पूर्णतः जैविक
  7. 1 अंकमानवतावादी-अस्तित्वपरक चिकित्सा का केंद्रीय विचार, आत्मसिद्धि, किस रूप में परिभाषित है?
    (क) एक सहज शक्ति जो व्यक्ति को अधिक जटिल, संतुलित और समाकलित बनने के लिए प्रेरित करती है(ख) गंभीर मानसिक बीमारी का एक लक्षण(ग) एक स्थिर, अपरिवर्तनीय व्यक्तित्व लक्षण(घ) मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों को याद रखने की क्षमता

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): चिकित्सक का अशर्त सकारात्मक आदर सेवार्थी को कठिन भावनाएँ प्रकट करने के लिए पर्याप्त सुरक्षित महसूस कराता है।
    कारण (R): अशर्त सकारात्मक आदर का अर्थ है कि सेवार्थी के प्रति चिकित्सक की सकारात्मक भावना इस पर निर्भर नहीं करती कि सेवार्थी क्या प्रकट करता है या क्या कर चुका है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है।(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है।
  2. 1 अंकअभिकथन (A): व्यवहार चिकित्सा सेवार्थी के वर्तमान व्यवहार और विचारों पर केंद्रित है।
    कारण (R): व्यवहार चिकित्सा में बाल्यकालीन आघात से राहत के लिए हर सत्र में अतीत को विस्तार से पुनः जिया जाता है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है।(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है।
  3. 1 अंकअभिकथन (A): क्रमिक विसंवेदनीकरण में सेवार्थी सबसे पहले सबसे भयावह स्थिति की कल्पना करता है।
    कारण (R): दुश्चिंता-उत्पादक उद्दीपकों का पदानुक्रम कम से अधिक भय के क्रम में बनाया जाता है, और सेवार्थी सबसे कम दुश्चिंता वाली स्थिति से शुरू करता है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है।(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है।

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंककॉलम A के चिकित्सक को कॉलम B की उनकी चिकित्सा से सुमेलित कीजिए।
    कॉलम A: A. अल्बर्ट एलिस B. कार्ल रोज़र्स C. विक्टर फ्रेंकल D. फ्रिट्ज़ पर्ल्स
    कॉलम B: i. गेस्टाल्ट चिकित्सा ii. संवेग तर्क चिकित्सा iii. उद्बोधक चिकित्सा iv. सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा

    (क) A-iii, B-i, C-ii, D-iv(ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv(ग) A-ii, B-iv, C-iii, D-i(घ) A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  2. 1 अंककॉलम A की व्यवहारात्मक तकनीक को कॉलम B के उदाहरण से सुमेलित कीजिए।
    कॉलम A: A. टोकन अर्थव्यवस्था B. विमुखी अनुबंधन C. विभेदक प्रबलन D. सकारात्मक प्रबलन
    कॉलम B: i. समय पर गृहकार्य करने पर माँ मनपसंद पकवान बनाती है ii. लड़की को केवल तभी सिनेमा ले जाया जाता है जब वह न रोए, रोने पर उपेक्षित किया जाता है iii. मद्यव्यसनी को शराब सूँघते समय झटका दिया जाता है iv. टोकन इकट्ठे कर बाहर घुमाने के पुरस्कार से बदले जाते हैं

    (क) A-iv, B-iii, C-ii, D-i(ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv(ग) A-ii, B-i, C-iv, D-iii(घ) A-iii, B-iv, C-i, D-ii
  3. 1 अंककॉलम A के पद को कॉलम B के अर्थ से सुमेलित कीजिए।
    कॉलम A: A. कैथार्सिस B. मूल स्कीमा C. अन्योन्य प्रावरोध D. संज्ञानात्मक पुनःसंरचना
    कॉलम B: i. दो विरोधी शक्तियाँ साथ हों तो कमज़ोर अवरुद्ध होती है ii. कष्ट कम करने के लिए दोषपूर्ण संज्ञानात्मक संरचना बदलना iii. प्रारंभिक सत्रों में भावनात्मक बोझ हलका करना iv. बाल्यावस्था में बना विश्वास-क्रिया-प्रतिरूप तंत्र

    (क) A-ii, B-iii, C-iv, D-i(ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv(ग) A-iv, B-i, C-ii, D-iii(घ) A-iii, B-iv, C-i, D-ii

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: तदनुभूति चिकित्सक को सेवार्थी की स्थिति को समझने और उसी की तरह अनुभव करने देती है।
    कथन II: सहानुभूति भी व्यक्ति को ठीक वैसा ही अनुभव करने देती है जैसा दूसरा व्यक्ति करता है।

    (क) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है।(ख) दोनों कथन सत्य हैं।(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है।(घ) दोनों कथन असत्य हैं।
  2. 1 अंककथन I: मनोविदलता जैसे गंभीर विकारों में, लक्षणों में कमी हमेशा जीवन-गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी होती है।
    कथन II: कई गंभीर विकार वाले रोगियों में अनभिरुचि और प्रेरणा की कमी जैसे नकारात्मक लक्षण होते हैं।

    (क) दोनों कथन सत्य हैं।(ख) दोनों कथन असत्य हैं।(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है।(घ) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है।

5 सही क्रम में लगाइए

सही क्रम में लगाइए
  1. 1 अंकमनश्चिकित्सा के तीन परिवारों को उस कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए जिसमें अध्याय कहता है कि वे आविर्भूत हुए: (1) अस्तित्वपरक चिकित्सा (2) व्यवहार चिकित्सा (3) मनोगतिक चिकित्सा
    (क) 2, 3, 1(ख) 1, 2, 3(ग) 3, 1, 2(घ) 3, 2, 1

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकजब दो परस्पर विरोधी शक्तियाँ एक ही समय उपस्थित हों तो कमज़ोर शक्ति अवरुद्ध हो जाती है। इस सिद्धांत को ______ का सिद्धांत कहते हैं।
    (क) आत्मसिद्धि(ख) संज्ञानात्मक पुनःसंरचना(ग) अन्योन्य प्रावरोध(घ) कैथार्सिस
  2. 1 अंक‘लॉगोस’ ग्रीक में आत्मा के लिए शब्द है, इसलिए विक्टर फ्रेंकल की चिकित्सा, ______, का शाब्दिक अर्थ है ‘आत्मा का उपचार’।
    (क) उद्बोधक चिकित्सा(ख) सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा(ग) संवेग तर्क चिकित्सा(घ) गेस्टाल्ट चिकित्सा

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सी अध्याय में वर्णित व्यवहारात्मक तकनीक नहीं है?
    (क) विभेदक प्रबलन(ख) संज्ञानात्मक पुनःसंरचना(ग) विमुखी अनुबंधन(घ) टोकन अर्थव्यवस्था

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
एक नवयुवक को धूम्रपान की आदत लग गई है और वह इससे छुटकारा पाने के लिए सहायता चाहता है। उसके और उसके परिवार का साक्षात्कार करके किए गए व्यवहार विश्लेषण से पता चलता है कि उसने वार्षिक परीक्षा की तैयारी करते समय धूम्रपान शुरू किया था, और उसने बताया कि धूम्रपान से उसे दुश्चिंता से राहत मिलती थी।
  1. 1 अंकगद्यांश के आधार पर, अपक्रियात्मक व्यवहार क्या है, और उसका संपोषण कारक क्या है?
    (क) धूम्रपान अपक्रियात्मक व्यवहार है; इससे मिलने वाली दुश्चिंता से राहत संपोषण कारक है(ख) दुश्चिंता अपक्रियात्मक व्यवहार है; परिवार संपोषण कारक है(ग) परीक्षा की तैयारी अपक्रियात्मक व्यवहार है; धूम्रपान संपोषण कारक है(घ) धूम्रपान अपक्रियात्मक व्यवहार है; वार्षिक परीक्षा संपोषण कारक है
गद्यांश
एक सेवार्थी बाल्यावस्था में अपने माता-पिता द्वारा उपेक्षित था और उसने मूल स्कीमा ‘मैं वांछित नहीं हूँ’ विकसित कर ली। बरसों बाद, स्कूल में एक अध्यापक द्वारा सबके सामने उसकी हँसी उड़ाई जाती है। यह निर्णायक घटना मूल स्कीमा को सक्रिय कर देती है, जिससे ‘कोई मुझे प्यार नहीं करता’ और ‘मैं मूर्ख हूँ’ जैसे नकारात्मक स्वचालित विचार उत्पन्न होते हैं।
  1. 1 अंकगद्यांश के आधार पर, सेवार्थी के मूल स्कीमा को कौन-सी निर्णायक घटना सक्रिय करती है?
    (क) एक महत्वपूर्ण परीक्षा में उत्तीर्ण होना(ख) माता-पिता द्वारा प्रशंसा किया जाना(ग) स्कूल में अध्यापक द्वारा सबके सामने हँसी उड़ाई जाना(घ) किसी नए शहर में जाना

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    (A) व्यवहार चिकित्सा समस्या का कारण व्यवहार और संज्ञान के दोषपूर्ण अधिगम में खोजती है।
    (B) अस्तित्वपरक चिकित्सा समस्या का कारण जीवन और अस्तित्व के अर्थ से जुड़े प्रश्नों में खोजती है।
    (C) व्यवहार चिकित्सा और अस्तित्वपरक चिकित्सा दोनों मानती हैं कि चिकित्सक सेवार्थी की समस्याओं के समाधान तक पहुँचने में समर्थ होता है।
    इनमें से कौन-से कथन सत्य हैं?

    (क) केवल (C) सत्य है(ख) केवल (A) और (B) सत्य हैं(ग) तीनों कथन (A), (B) और (C) सत्य हैं(घ) केवल (A) सत्य है
  2. 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    (A) सुदर्शन क्रिया योग (SKY) में तीव्र गति से श्वास लेने की तकनीक शामिल है जो वायु-संचार बढ़ाती है।
    (B) NIMHANS के शोध ने दिखाया है कि SKY अवसाद को कम करता है।
    (C) विपश्यना ध्यान में हमेशा किसी निश्चित वस्तु या मंत्र पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
    इनमें से कौन-से कथन सत्य हैं?

    (क) केवल (A) और (B) सत्य हैं(ख) तीनों (A), (B) और (C) सत्य हैं(ग) केवल (A) सत्य है(घ) केवल (B) और (C) सत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (घ) अध्याय की अपनी परिभाषा: मनश्चिकित्सा उपचार चाहने वाले और उपचार करने वाले के बीच एक ऐच्छिक संबंध है, जिसका उद्देश्य सेवार्थी की मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान है।
  2. (क) अध्याय तदनुभूति (समझना और वैसा अनुभव करना) को सहानुभूति (दया-करुणा, पर वैसा अनुभव नहीं) और भावशून्य बौद्धिक समझ से अलग बताता है।
  3. (ख) अध्याय का उदाहरण इसे बिल्कुल इसी रूप में बताता है: आग्रहिता कौशलों की कमी और बढ़ी हुई दुश्चिंता, जो उपचार के लक्ष्य-क्षेत्र बनते हैं।
  4. (ग) अध्याय वोल्प को क्रमिक विसंवेदनीकरण का प्रवर्तक बताता है।
  5. (ग) RET का पहला चरण पूर्ववर्ती-विश्वास-परिणाम (पू.वि.प.) विश्लेषण है: पूर्ववर्ती घटना, अविवेकी विश्वास, और परिणाम।
  6. (ख) CBT जैव-मनोसामाजिक उपागम अपनाती है: जैविक पक्ष विश्रांति से, मनोवैज्ञानिक पक्ष व्यवहार व संज्ञानात्मक तकनीकों से, और सामाजिक पक्ष पर्यावरण-परिवर्तन से।
  7. (क) अध्याय की ठीक यही परिभाषा है: आत्मसिद्धि एक सहज या जन्मजात शक्ति है जो व्यक्ति को अधिक जटिल, संतुलित और समाकलित बनने के लिए प्रेरित करती है।
अभिकथन-कारण
  1. (क) R, A की सही व्याख्या करता है: चूँकि चिकित्सक की गर्मजोशी इस पर निर्भर नहीं है कि सेवार्थी क्या कहता है, इसलिए सेवार्थी स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है और अपनी भावनाओं का अन्वेषण कर पाता है।
  2. (ग) A सत्य है: व्यवहार चिकित्सा वर्तमान पर केंद्रित है। R असत्य है: अध्याय स्पष्ट कहता है कि व्यवहार चिकित्सा में अतीत को ‘फिर से सक्रिय नहीं किया जाता’, यह केवल दोषपूर्ण प्रतिरूप की उत्पत्ति समझने के लिए प्रासंगिक है।
  3. (घ) A असत्य है: सेवार्थी सबसे कम दुश्चिंता वाली स्थिति से शुरू करता है, सबसे भयावह से नहीं। R पदानुक्रम की वास्तविक कार्यप्रणाली को सही बताता है।
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) एलिस: RET; रोज़र्स: सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा; फ्रेंकल: उद्बोधक चिकित्सा; पर्ल्स: गेस्टाल्ट चिकित्सा।
  2. (क) टोकन अर्थव्यवस्था: टोकन किसी पुरस्कार से बदले जाते हैं। विमुखी अनुबंधन: झटका + शराब की गंध। विभेदक प्रबलन: वांछित को प्रबलित करना + अवांछित की उपेक्षा (सिनेमा उदाहरण)। सकारात्मक प्रबलन: गृहकार्य के लिए मनपसंद पकवान।
  3. (घ) कैथार्सिस: भावनात्मक बोझ हलका करना। मूल स्कीमा: बाल्यावस्था का विश्वास-क्रिया-प्रतिरूप तंत्र। अन्योन्य प्रावरोध: विरोधी शक्तियाँ, कमज़ोर अवरुद्ध। संज्ञानात्मक पुनःसंरचना: दोषपूर्ण संरचना बदलना।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (क) कथन I सत्य है। कथन II असत्य है: सहानुभूति में दया-करुणा होती है, पर अध्याय कहता है कि सहानुभूति रखने वाला व्यक्ति दूसरे की तरह वास्तव में अनुभव नहीं कर सकता।
  2. (ग) कथन I असत्य है: अध्याय स्पष्ट कहता है कि गंभीर विकारों जैसे मनोविदलता में लक्षण-कमी जीवन-गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी न भी हो सकती है। कथन II सत्य है।
सही क्रम में लगाइए
  1. (घ) अध्याय का क्रम: मनोगतिक चिकित्सा पहले, व्यवहार चिकित्सा दूसरे, अस्तित्वपरक चिकित्सा (‘तीसरी शक्ति’) सबसे अंत में।
रिक्त स्थान
  1. (ग) यह क्रमिक विसंवेदनीकरण के आधार पर काम करने वाला अध्याय का अपना नाम है।
  2. (क) अध्याय बताता है कि लॉगोस = आत्मा (ग्रीक), इसलिए उद्बोधक चिकित्सा का अर्थ है आत्मा का उपचार।
असंगत चुनिए
  1. (ख) टोकन अर्थव्यवस्था, विमुखी अनुबंधन और विभेदक प्रबलन सभी व्यवहारात्मक तकनीकें हैं; संज्ञानात्मक पुनःसंरचना व्यवहार चिकित्सा की नहीं, संज्ञानात्मक चिकित्सा की तकनीक है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (क) धूम्रपान अपक्रियात्मक व्यवहार है। धूम्रपान से मिलने वाली दुश्चिंता से राहत ही वह संपोषण कारक है जो इस व्यवहार को बनाए रखता है (बढ़ावा देता रहता है)।
  2. (ग) गद्यांश कहता है कि निर्णायक घटना स्कूल में अध्यापक द्वारा सबके सामने हँसी उड़ाया जाना है।
सत्य-असत्य
  1. (ख) (A) और (B) दोनों चिकित्साओं की समस्या-कारण संबंधी अपनी-अपनी मान्यता को सही बताते हैं। (C) असत्य है: पुस्तक के अनुसार यह मान्यता मनोगतिक और व्यवहार चिकित्सा की है; अस्तित्वपरक चिकित्सा में चिकित्सक केवल गर्मजोशी भरा, तदनुभूतिक संबंध देता है और सेवार्थी स्वयं व्यक्तिगत संवृद्धि से समाधान तक पहुँचता है।
  2. (क) (A) और (B) अध्याय के अनुसार सत्य हैं। (C) असत्य है: विपश्यना/सतर्कता-आधारित ध्यान में कोई नियत वस्तु या विचार नहीं होता; व्यक्ति निष्क्रिय रूप से जो भी संवेदनाएँ/विचार आएँ उन्हें प्रेक्षित करता है।