Class 12 Psychology Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान Important Questions with Answers

इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।

1 1 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (1 अंक)

प्र. अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: अभिवृत्ति मन की एक अवस्था है: अभिवृत्ति-विषय के बारे में विचारों का एक पुंज, जिसमें मूल्यांकनपरक विशेषता (सकारात्मक/नकारात्मक/तटस्थ), सांवेगिक घटक, तथा एक विशेष तरीके से कार्य करने की प्रवृत्ति होती है।

प्रश्न 2 (1 अंक)

प्र. अभिवृत्ति के सं-भा-व्य घटकों के नाम लिखिए।

उत्तर: संज्ञानात्मक (विचार), भावात्मक (सांवेगिक), और व्यवहारपरक (कार्य करने की प्रवृत्ति)।

प्रश्न 3 (1 अंक)

प्र. अभिवृत्ति परिवर्तन का संतुलन संप्रत्यय किसने प्रस्तावित किया?

उत्तर: फ्रिट्ज हाइडर।

प्रश्न 4 (1 अंक)

प्र. संज्ञानात्मक विसंवादिता की अवधारणा किसने प्रस्तुत की?

उत्तर: लियॉन फेस्टिगर।

प्रश्न 5 (1 अंक)

प्र. भेदभाव को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: भेदभाव वह व्यवहार है जिसमें लोग किसी लक्ष्य समूह के प्रति, पसंदीदा समूह की तुलना में, कम सकारात्मक तरीके से व्यवहार करते हैं; पूर्वाग्रह इसी व्यवहारपरक घटक, भेदभाव, के रूप में रूपांतरित हो सकता है।

प्रश्न 6 (1 अंक)

प्र. रूढ़धारणा क्या है?

उत्तर: रूढ़धारणा किसी विशिष्ट समूह की विशेषताओं के बारे में विचारों का एक पुंज है, जिसे उस समूह के सभी सदस्यों पर लागू माना जाता है।

प्रश्न 7 (1 अंक)

प्र. पुस्तक में बताए गए पूर्वाग्रह के किन्हीं दो स्रोतों के नाम लिखिए।

उत्तर: इनमें से कोई दो: अधिगम (जिससे ‘पूर्वाग्रहग्रस्त व्यक्तित्व’ भी बन सकता है), प्रबल सामाजिक अनन्यता/अंतःसमूह अभिनति, बलि का बकरा बनाना, सत्य का आधार तत्व, स्वतः साधक भविष्योक्ति।

प्रश्न 8 (1 अंक)

प्र. अभिवृत्ति की ‘केंद्रिकता’ का क्या अर्थ है?

उत्तर: केंद्रिकता बताती है कि कोई विशिष्ट अभिवृत्ति उसी तंत्र की अन्य अभिवृत्तियों को कितना प्रभावित करती है।

प्रश्न 9 (1 अंक)

प्र. एक साधारण मत (opinion) कब अभिवृत्ति बन जाता है?

उत्तर: जब मत केवल विचार न होकर उसमें सांवेगिक तथा क्रियात्मक घटक भी हों, जिससे उस पर सवाल उठाने से व्यक्ति भावुक हो जाए, तब वह मत से अधिक, अभिवृत्ति का उदाहरण है।

प्रश्न 10 (1 अंक)

प्र. ‘संज्ञानात्मक संगति’ से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: संज्ञानात्मक संगति यह विचार है कि अभिवृत्ति तंत्र के विभिन्न भागों को तार्किक रूप से एक-दूसरे से मेल खाना चाहिए; यदि वे मेल नहीं खाते, तो व्यक्ति वास्तविक मानसिक असुविधा महसूस करता है, जब तक तंत्र में कुछ न बदल जाए। हाइडर का संतुलन तथा फेस्टिगर की संज्ञानात्मक विसंवादिता, दोनों इसी के उदाहरण हैं।

2 2 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (2 अंक)

प्र. विश्वास और मूल्य में अंतर बताइए।

उत्तर: विश्वास अभिवृत्ति का संज्ञानात्मक घटक है, वह आधार जिस पर अभिवृत्ति टिकी होती है (जैसे ईश्वर में विश्वास)। मूल्य वह अभिवृत्ति/विश्वास है जिसमें ‘चाहिए’ का पक्ष हो (जैसे हमेशा ईमानदार रहना चाहिए), और यह व्यक्ति के जीवन-दृष्टिकोण का अभिन्न अंग बनकर बदलना कठिन हो जाता है।

प्रश्न 2 (2 अंक)

प्र. उदाहरण सहित अभिवृत्ति की कर्षण-शक्ति और चरम-सीमा में अंतर बताइए।

उत्तर: कर्षण-शक्ति बताती है कि अभिवृत्ति सकारात्मक, नकारात्मक या तटस्थ है (जैसे नाभिकीय शोध की 5-बिंदु मापनी पर 4 का मान सकारात्मक है)। चरम-सीमा बताती है कि अभिवृत्ति तटस्थता से कितनी दूर है (मान 1, मान 5 जितना ही चरम है, बस विपरीत दिशा में)।

प्रश्न 3 (2 अंक)

प्र. बलि का बकरा बनाना क्या है? पुस्तक द्वारा दिया गया इसका कारण बताइए।

उत्तर: बलि का बकरा बनाना तब होता है जब बहुसंख्यक समूह अपनी सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक समस्याओं के लिए किसी कमज़ोर या छोटे अल्पसंख्यक बाह्य समूह को दोषी ठहराता है। पुस्तक के अनुसार यह कुंठा को प्रदर्शित करने का समूह-आधारित एक तरीका है; अल्पसंख्यक इस आरोप से बचाव करने के लिए या तो बहुत कमज़ोर होते हैं या संख्या में बहुत कम होते हैं।

प्रश्न 4 (2 अंक)

प्र. बॉक्स 6.2 में 1 डॉलर वाले समूह को संज्ञानात्मक विसंवादिता क्यों होती है, परंतु 20 डॉलर वाले समूह को नहीं?

उत्तर: 1 डॉलर वाले समूह के पास झूठ बोलने का कोई प्रबल बाहरी कारण नहीं था (‘मैंने केवल 1 डॉलर के लिए झूठ बोला’), जो ‘प्रयोग उबाऊ था’ से टकराता था, इसे कम करने के लिए उन्होंने मान लिया कि प्रयोग वास्तव में रोचक था। 20 डॉलर वाले समूह के पास आसान औचित्य था (‘मुझे 20 डॉलर मिले’), इसलिए उन्हें कोई विसंगति महसूस नहीं हुई और वे प्रयोग को उबाऊ ही मानते रहे।

प्रश्न 5 (2 अंक)

प्र. अभिवृत्ति एवं व्यवहार में संगति की कोई दो शर्तें बताइए।

उत्तर: इनमें से कोई दो: अभिवृत्ति प्रबल और केंद्रीय हो; व्यक्ति अपनी अभिवृत्ति के प्रति सजग हो; अलग व्यवहार करने का बाह्य दबाव कम/न हो; व्यवहार दूसरों द्वारा देखा/मूल्यांकित न किया जा रहा हो; व्यक्ति सोचता हो कि व्यवहार का सकारात्मक परिणाम होगा।

प्रश्न 6 (2 अंक)

प्र. ‘सत्य का आधार तत्व’ संप्रत्यय क्या है?

उत्तर: यह विचार है कि लोग किसी रूढ़धारणा को इसलिए बनाए रखते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि दूसरे समूह के बारे में जो कहा जाता है उसमें ‘कुछ न कुछ सच’ ज़रूर होगा, और केवल कुछ उदाहरण ही इस अवधारणा को पुष्ट करने के लिए पर्याप्त माने जाते हैं।

प्रश्न 7 (2 अंक)

प्र. सर्वसम और विसंगत अभिवृत्ति परिवर्तन में एक-एक उदाहरण देकर अंतर बताइए।

उत्तर: सर्वसम परिवर्तन पहले से मौजूद अभिवृत्ति की उसी दिशा में होता है (जैसे किसी सफल महिला के बारे में पढ़ने के बाद महिला सशक्तीकरण के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति और अधिक सकारात्मक हो जाना)। विसंगत परिवर्तन विपरीत दिशा में होता है (वही अभिवृत्ति यह सोचकर कम सकारात्मक हो जाना कि ‘महिलाएँ पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ नज़रअंदाज़ करने लगेंगी’)।

प्रश्न 8 (2 अंक)

प्र. जनसंचार माध्यम की तुलना में आमने-सामने संप्रेषण अभिवृत्ति बदलने में अधिक प्रभावी क्यों है? पुस्तक का ओ.आर.एस. उदाहरण दीजिए।

उत्तर: पुस्तक बताती है कि आमने-सामने का प्रसारण, अप्रत्यक्ष प्रसारण (पत्र, पुस्तिका या जनसंचार माध्यम) की तुलना में अधिक प्रभावी होता है; इसका कारण पुस्तक अलग से नहीं बताती, ओ.आर.एस. उदाहरण इसे दिखाता है। पुस्तक का उदाहरण: ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट्स (ओ.आर.एस.) के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति तब अधिक प्रभावी ढंग से बनती है जब सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक लोगों से सीधे बात करते हैं, न कि केवल रेडियो पर इसके लाभ बताए जाते हैं।

3 4 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (4 अंक)

प्र. बॉक्स 6.1 के ‘हरा-भरा पर्यावरण’ उदाहरण से अभिवृत्ति के सं-भा-व्य घटकों को समझाइए।

उत्तर: बॉक्स 6.1 में, पर्याप्त सूचना पर आधारित ‘हरा-भरा पर्यावरण’ के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण संज्ञानात्मक (सं) घटक है। हरियाली देखकर प्रसन्नता और पेड़ कटते देखकर दुःख का अनुभव करना, भावात्मक (भा) घटक है। स्वयं वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना व्यवहारपरक (व्य) घटक है। सामान्यतः हम अपेक्षा करते हैं कि तीनों एक ही दिशा में हों, परंतु यह आवश्यक नहीं कि यह संगति सभी परिस्थितियों में पाई जाए: संज्ञानात्मक घटक बहुत प्रबल हो सकता है जबकि भावात्मक/व्यवहारपरक घटक अपेक्षाकृत कमज़ोर रहें, इसलिए किसी एक घटक से दूसरे का अनुमान लगाना हमेशा सही तस्वीर नहीं देता।

प्रश्न 2 (4 अंक)

प्र. पुस्तक में दिए गए दहेज के उदाहरण के साथ हाइडर के संतुलन संप्रत्यय को पी-ओ-एक्स त्रिकोण के आधार पर वर्णित कीजिए।

उत्तर: पी-ओ-एक्स त्रिकोण तीन संबंधों को दर्शाता है: पी (जिसकी अभिवृत्ति का अध्ययन हो रहा है), ओ (दूसरा व्यक्ति), और एक्स (अभिवृत्ति-विषय)। दहेज के उदाहरण में, पी की दहेज के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति है (पी-एक्स: +), ओ की पी के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति है (ओ-पी: +), परंतु ओ की दहेज के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति है (ओ-एक्स: −)। दो सकारात्मक भुजाएँ और एक नकारात्मक भुजा असंतुलित त्रिकोण है, और चूँकि असंतुलन तार्किक रूप से असुविधाजनक है, इसलिए तीनों में से किसी एक संबंध में परिवर्तन होना ज़रूरी है: पी दहेज को नापसंद करने लगे, या ओ इसे पसंद करने लगे, या ओ पी को नापसंद करने लगे।

प्रश्न 3 (4 अंक)

प्र. एस.एम. मोहसिन द्वारा प्रस्तावित द्विस्तरीय संप्रत्यय को प्रीति/खिलाड़ी उदाहरण के साथ समझाइए।

उत्तर: चरण 1 में, लक्ष्य (जिसकी अभिवृत्ति बदलनी है) स्रोत (जिसके प्रभाव से परिवर्तन होता है) से तादात्म्य बनाता है: लक्ष्य स्रोत को पसंद और सम्मान करता है, और स्रोत की भी लक्ष्य के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति होती है। चरण 2 में, स्रोत स्वयं अभिवृत्ति-विषय के प्रति अपना व्यवहार वास्तव में बदलता है; यह देखकर लक्ष्य भी अनुकरण करता है। उदाहरण: प्रीति ने अपने पसंदीदा खिलाड़ी से तादात्म्य बना लिया है, जो उस शीतल पेय का विज्ञापन करता है जिसे प्रीति पसंद करती है पर जिसके बारे में उसने पढ़ा है कि वह अत्यधिक हानिकारक है। यदि खिलाड़ी पहले अपने प्रशंसकों के प्रति सकारात्मक भावना दिखाए और फिर वास्तव में इस पेय को पीने की अपनी आदत बदल दे, संभवतः कोई स्वास्थ्यकर पेय अपनाकर (स्रोत का व्यवहार-परिवर्तन), तो इसकी बहुत अधिक संभावना है कि प्रीति भी उसका अनुकरण करते हुए अपनी अभिवृत्ति एवं व्यवहार बदलकर हानिकारक पेय लेना बंद कर देगी।

प्रश्न 4 (4 अंक)

प्र. लॉ पियरे का अध्ययन क्या है? यह अभिवृत्ति और व्यवहार के संबंध के बारे में क्या दर्शाता है?

उत्तर: रिचर्ड लॉ पियरे ने एक चीनी दंपति से अमेरिका की यात्रा करने और विभिन्न होटलों में ठहरने के लिए कहा; यात्रा के दौरान केवल एक बार एक होटल ने उन्हें सेवा से मना किया। कुछ समय बाद, लॉ पियरे ने उस क्षेत्र के, जहाँ दंपति ने यात्रा की थी, होटल एवं यात्री निवास के प्रबंधकों को प्रश्नावली भेजकर पूछा कि क्या वे चीनी अतिथियों को ठहराएँगे; बहुत अधिक प्रतिशत ने कहा कि नहीं। यह नकारात्मक अभिवृत्ति, दंपति के प्रति वास्तव में दिखाए गए सकारात्मक व्यवहार से असंगत थी, जो दर्शाता है कि अभिवृत्ति सदैव वास्तविक व्यवहार का पूर्वकथन नहीं करती।

प्रश्न 5 (4 अंक)

प्र. अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करने वाले चार कारकों को समझाइए।

उत्तर: (1) पहले से विद्यमान अभिवृत्ति की विशेषता: सकारात्मक, कम चरम, कम केंद्रीय तथा सरल अभिवृत्तियाँ, नकारात्मक/चरम/केंद्रीय/जटिल अभिवृत्तियों से आसानी से बदलती हैं। (2) स्रोत की विशेषताएँ: संदेश देने वाले की विश्वसनीयता और आकर्षकता। (3) संदेश की विशेषताएँ: सही मात्रा में जानकारी, तार्किक बनाम सांवेगिक अपील, तथा आमने-सामने का प्रसारण अप्रत्यक्ष प्रसारण से अधिक प्रभावी होना। (4) लक्ष्य की विशेषताएँ: अनुनयता, पहले से मौजूद पूर्वाग्रह की तीव्रता, आत्म-सम्मान, तथा बुद्धि।

प्रश्न 6 (4 अंक)

प्र. पुस्तक में बताए गए किन्हीं चार पूर्वाग्रह के स्रोतों की चर्चा कीजिए।

उत्तर: इनमें से कोई चार: (1) अधिगम, साहचर्य/पुरस्कार-दंड/प्रतिरूपण/समूह मानकों/सूचना से पूर्वाग्रह सीखा जाना, और ऐसे लोग ‘पूर्वाग्रहग्रस्त व्यक्तित्व’ विकसित कर लेते हैं: समायोजन स्थापित करने की क्षमता में कमी, दुश्चिंता, बाह्य समूह के प्रति आक्रामकता; (2) प्रबल सामाजिक अनन्यता/अंतःसमूह अभिनति, अपने समूह की छवि बढ़ाने के लिए दूसरों के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति; (3) बलि का बकरा बनाना, कमज़ोर अल्पसंख्यक को बहुसंख्यक की अपनी समस्याओं के लिए दोषी ठहराना; (4) सत्य का आधार तत्व, रूढ़धारणा में ‘कुछ न कुछ सच’ मान लेना; (5) स्वतः साधक भविष्योक्ति, कुछ स्थितियों में लक्ष्य समूह ऐसा व्यवहार करता है जो नकारात्मक प्रत्याशाओं की पुष्टि करता है।

प्रश्न 7 (4 अंक)

प्र. पूर्वाग्रह नियंत्रण के लिए पुस्तक कौन-सी युक्तियाँ सुझाती है? अंतःसमूह संपर्क बढ़ाने की सफलता की शर्तें समझाइए।

उत्तर: प्रभावी युक्तियाँ इन लक्ष्यों को साधती हैं: पूर्वाग्रह सीखने के अवसर कम करना, पहले से मौजूद पूर्वाग्रहग्रस्त अभिवृत्तियों को बदलना, अंतःसमूह-आधारित संकुचित सामाजिक अनन्यता को कम महत्व देना, तथा पीड़ितों में स्वतः साधक भविष्योक्ति को हतोत्साहित करना। ये शिक्षा एवं सूचना के प्रसार, अंतःसमूह संपर्क बढ़ाने, तथा समूह अनन्यता के बजाय व्यक्तिगत अनन्यता को महत्व देने से प्राप्त होते हैं। अंतःसमूह संपर्क तभी सफल होता है जब: दोनों समूह सहयोगी (प्रतिस्पर्धी नहीं) संदर्भ में मिलें; घनिष्ठ अंतःक्रिया एक-दूसरे को बेहतर जानने में मदद करे; और दोनों समूह शक्ति या प्रतिष्ठा में भिन्न न हों।

4 6 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (6 अंक)

प्र. अभिवृत्ति की प्रकृति की चर्चा कीजिए: इसकी परिभाषा, सं-भा-व्य घटक, तथा इसे बताने वाली चार विशेषताएँ (कर्षण-शक्ति, चरम-सीमा, बहुविधता, केंद्रिकता), पुस्तक के उदाहरणों सहित।

उत्तर: अभिवृत्ति मन की एक अवस्था है, अभिवृत्ति-विषय के बारे में, मूल्यांकनपरक विशेषता, सांवेगिक घटक, तथा कार्य करने की प्रवृत्ति के साथ। इसके तीन सं-भा-व्य घटक हैं: संज्ञानात्मक (विचार/विश्वास, जैसे पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण), भावात्मक (सांवेगिक, जैसे हरियाली देखकर खुशी/पेड़ कटने पर दुःख), और व्यवहारपरक (कार्य की प्रवृत्ति, जैसे वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना)। चार विशेषताएँ (कर्षण-शक्ति और चरम-सीमा नाभिकीय शोध की 5-बिंदु मापनी से समझाई जाती हैं; सरलता/जटिलता और केंद्रिकता के लिए पुस्तक स्वास्थ्य और विश्व शांति के उदाहरण देती है): कर्षण-शक्ति (सकारात्मक/नकारात्मक/तटस्थ, जैसे मान 4-5 सकारात्मक), चरम-सीमा (तटस्थता से दूरी, जैसे मान 1, मान 5 जितना ही चरम है), सरलता या जटिलता/बहुविधता (कितनी सदस्य अभिवृत्तियाँ, जैसे स्वास्थ्य = जटिल, एक व्यक्ति = सरल), तथा केंद्रिकता (अन्य अभिवृत्तियों पर प्रभाव, जैसे सैनिक व्यय की नकारात्मक अभिवृत्ति विश्व शांति में केंद्रीय हो सकती है)।

प्रश्न 2 (6 अंक)

प्र. अभिवृत्ति किस प्रकार निर्मित होती है, समझाइए। पुस्तक के अपने उदाहरणों के साथ पाँच अधिगम प्रक्रियाएँ और चार संदर्भ कारकों की चर्चा कीजिए।

उत्तर: अभिवृत्तियाँ अधिकांशतः सीखी जाती हैं। पाँच प्रक्रियाएँ: (1) साहचर्य, पसंदीदा अध्यापक के कारण विषय पसंद करना; (2) पुरस्कार/दंड, योगासन के लिए सराही गई किशोरी योग के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित कर सकती है; (3) प्रतिरूपण, माता-पिता को बड़ों का सम्मान करते देख बच्चों में श्रद्धालु अभिवृत्ति बनना; (4) समूह/सांस्कृतिक मानक, पूजा स्थल पर रुपया-पैसा या फूल चढ़ाना जैसे मानक अभिवृत्ति बन जाना; (5) सूचना के प्रभाव से, जैसे आत्मसिद्ध व्यक्ति की जीवनी पढ़कर कठोर परिश्रम के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित करना, दूसरों की वास्तविक उपस्थिति के बिना भी। चार संदर्भ कारक: (1) परिवार एवं विद्यालय का परिवेश, प्रारंभिक वर्षों में माता-पिता एवं परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बाद में विद्यालय; (2) संदर्भ समूह, विशेषकर किशोरावस्था के आरंभ में; (3) व्यक्तिगत अनुभव, सेना का वह चालक जो एक अभियान में मृत्यु के बहुत नज़दीक से गुज़रा (उसके सभी साथी मारे जा चुके थे) और महाराष्ट्र स्थित अपने गाँव लौटा और सामुदायिक नेता बना; (4) संचार-माध्यम संबद्ध प्रभाव, दृश्य-श्रव्य माध्यम, इंटरनेट तथा पाठ्यपुस्तकें, जो सकारात्मक अभिवृत्ति भी बना सकते हैं और अनियंत्रित उपभोक्तावादी अभिवृत्ति भी।

प्रश्न 3 (6 अंक)

प्र. अध्याय में चर्चित अभिवृत्ति परिवर्तन के तीन संप्रत्यय, संतुलन, संज्ञानात्मक विसंवादिता, तथा द्विस्तरीय संप्रत्यय, को उपयुक्त उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: (अ) संतुलन (हाइडर): पी-ओ-एक्स त्रिकोण असंतुलित होने पर संतुलन की दिशा में बदलता है, जैसे दहेज के उदाहरण में, पी-एक्स और ओ-पी सकारात्मक हैं परंतु ओ-एक्स नकारात्मक है, जो किसी एक संबंध में परिवर्तन को मजबूर करता है। (ब) संज्ञानात्मक विसंवादिता (फेस्टिगर): विसंवादी विचार परिवर्तन को मजबूर करते हैं ताकि संवादिता वापस आए, बॉक्स 6.2 में, 1 डॉलर वाले समूह ने ‘प्रयोग बहुत ही उबाऊ था’ और ‘मैंने मात्र एक डॉलर के लिए झूठ बोला’ के बीच विसंवादिता को ‘प्रयोग वास्तव में रोचक था’ मानकर कम किया, जबकि 20 डॉलर वाले समूह ने विसंवादिता का अनुभव नहीं किया (‘मैंने एक झूठ बोला क्योंकि मुझे 20 डॉलर का भुगतान किया गया था’)। (स) द्विस्तरीय संप्रत्यय (मोहसिन): लक्ष्य पहले स्रोत से तादात्म्य बनाता है, फिर स्रोत के वास्तविक व्यवहार परिवर्तन का अनुकरण करता है, जैसे प्रीति, अपनी प्रिय खिलाड़ी से तादात्म्य बनाने के बाद, खिलाड़ी के स्वास्थ्यकर पेय अपनाने पर स्वयं भी हानिकारक शीतल पेय छोड़ने की संभावना रखती है।

प्रश्न 4 (6 अंक)

प्र. पूर्वाग्रह क्या है? रूढ़धारणा तथा भेदभाव से इसके संबंध की व्याख्या कीजिए, तथा इसे नियंत्रित करने की युक्तियों की चर्चा कीजिए।

उत्तर: पूर्वाग्रह किसी विशिष्ट समूह के प्रति प्रायः नकारात्मक अभिवृत्ति है, जो अक्सर रूढ़धारणा (उस समूह की विशेषताओं के बारे में विचारों का पुंज, सभी सदस्यों पर लागू माना जाने वाला) पर आधारित होती है; यही रूढ़धारणा संज्ञानात्मक घटक है। भावात्मक घटक नापसंद या घृणा है; और पूर्वाग्रह भेदभाव (लक्ष्य समूह के प्रति कम सकारात्मक व्यवहार), यानी व्यवहारपरक घटक, में रूपांतरित हो सकता है। जर्मनी में नाजियों द्वारा यहूदियों के विरुद्ध किया गया प्रजाति-संहार पूर्वाग्रह की पराकाष्ठा का एक उदाहरण है। पूर्वाग्रह, भेदभाव के बिना और भेदभाव, पूर्वाग्रह के बिना रह सकता है, परंतु दोनों प्रायः साथ पाए जाते हैं, और जहाँ दोनों हों वहाँ समूहों में अंतर्द्वंद्व उत्पन्न होने की बहुत अधिक संभावना होती है। पूर्वाग्रह नियंत्रण की युक्तियाँ पूर्वाग्रह सीखने के अवसर कम करना, पहले से मौजूद पूर्वाग्रहग्रस्त अभिवृत्तियों को बदलना, संकुचित अंतःसमूह-आधारित सामाजिक अनन्यता को कम महत्व देना, तथा स्वतः साधक भविष्योक्ति को हतोत्साहित करना है, जो शिक्षा एवं सूचना के प्रसार, सहयोगी एवं समान-स्तर के अंतःसमूह संपर्क, तथा व्यक्तिगत अनन्यता को महत्व देने से प्राप्त होते हैं।

5 केस स्टडी

केस स्टडी
मीरा को हमेशा से बाहर का खाना खाना पसंद नहीं है क्योंकि बचपन में उसने अपनी माँ को सड़क किनारे के ठेले का खाना खाकर गंभीर रूप से बीमार होते देखा था, और उसकी माँ बार-बार कहती रही है कि ‘बाहर का खाना हमेशा गंदा होता है।’ मीरा ने कभी खुद इसकी पुष्टि नहीं की, परंतु अब उसे बाहर खाना खाने से तीव्र नापसंदगी है, वह अपने दोस्तों के साथ सभी रेस्टोरेंट जाने से बचती है, और कोई इस आदत पर सवाल उठाए तो वह स्पष्ट रूप से परेशान हो जाती है।

(क) 1 अंक मीरा की माँ का बार-बार ‘बाहर का खाना हमेशा गंदा होता है’ कहना, अभिवृत्ति निर्माण के किस संदर्भ कारक को सबसे स्पष्ट रूप से दर्शाता है?
उत्तर: परिवार एवं विद्यालय का परिवेश, विशेष रूप से परिवार, क्योंकि माँ के बार-बार कहे गए कथनों ने मीरा की अभिवृत्ति को इस प्रकार आकार दिया। (माँ को बीमार होते देखना भी एक प्रत्यक्ष अनुभव था, पर बार-बार कहे गए कथन सबसे स्पष्ट रूप से परिवार की ओर संकेत करते हैं।)

(ख) 2 अंक किसी के इस आदत पर सवाल उठाने पर मीरा का ‘स्पष्ट रूप से परेशान’ होना, अभिवृत्ति के किस सं-भा-व्य घटक को दर्शाता है? समझाइए।
उत्तर: यह भावात्मक (सांवेगिक) घटक है: उसका परेशान होना, बाहर के खाने के प्रति उसकी अभिवृत्ति के सांवेगिक/भावनात्मक पक्ष को दिखाता है, जो उसके विश्वास (संज्ञानात्मक) कि खाना गंदा है, या उसके वास्तविक बचाव व्यवहार (व्यवहारपरक) से अलग है।

(ग) 4 अंक अध्याय की केंद्रिकता की अवधारणा का उपयोग करते हुए, क्या आप मानते हैं कि मीरा की बाहर के खाने के प्रति अभिवृत्ति को बदलना आसान या कठिन होगा? अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में समझाइए।
उत्तर: मीरा की अभिवृत्ति प्रबल, चरम (हल्की पसंद नहीं बल्कि तीव्र नापसंदगी), और संभवतः उसकी सोच में केंद्रीय प्रतीत होती है, यह देखते हुए कि सवाल उठाने पर वह कितनी परेशान हो जाती है। पुस्तक के अनुसार, चरम और केंद्रीय अभिवृत्तियों को, कम तीव्र और परिधीय (कम सार्थक) अभिवृत्तियों की तुलना में, बदलना कठिन होता है, इसलिए यह अभिवृत्ति बदलना संभवतः कठिन होगा, जब तक कोई विश्वसनीय स्रोत (जैसे भरोसेमंद डॉक्टर), एक सही ढंग से गढ़ा गया संदेश (जैसे साफ़-सुथरी जगह चुनने के बारे में जानकारी देने वाली तार्किक अपील, या दोस्तों के साथ बाहर जाने के अवसर छूटने पर आधारित सांवेगिक अपील), या कोई मज़बूत व्यक्तिगत सकारात्मक अनुभव (बिना बीमार हुए सुरक्षित रूप से बाहर खाना) हस्तक्षेप न करे।