कक्षा 12 समाजशास्त्र बुक 2 अध्याय 8 सामाजिक आंदोलन शॉर्ट नोट्स

सामाजिक आंदोलन (पुस्तक 2, अध्याय 8) का त्वरित रिवीज़न सारांश, परीक्षा से ठीक पहले पढ़ने के लिए: हर परिभाषा, नामित तथ्य तथा मुख्य आँकड़े। विस्तृत व्याख्या तथा उदाहरणों के लिए पूर्ण नोट्स अलग से पढ़ें।

1 सामाजिक आंदोलन क्या है?

4लक्षण: निरंतर गतिविधि, संगठन, साझे उद्देश्य, एक अभिमुखता
6नामित प्रतिरोधी आंदोलन/विरोध: सती (धर्म सभा), बालिका शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, जाति-विद्यालय, दलित आंदोलनों के विरुद्ध बदले की कार्यवाही, आरक्षण
दमनकिसान आंदोलनों को प्रायः क्रूरता से दबाया गया

2 सामाजिक आंदोलनों के तीन प्रकार

प्रकार अर्थ उदाहरण
प्रतिदानात्मक व्यक्तिगत चेतना/गतिविधि में परिवर्तन इज़हावा समुदाय, नारायण गुरु
सुधारवादी धीमा, प्रगतिशील परिवर्तन राज्य पुनर्गठन (1960), RTI अभियान
क्रांतिकारी आमूल परिवर्तन, प्रायः राजसत्ता पर अधिकार बोल्शेविक क्रांति, नक्सली आंदोलन

3 पुराने बनाम नए सामाजिक आंदोलन

पुराने

  • राजनीतिक-दल ढाँचा (कांग्रेस, चीन की साम्यवादी पार्टी)
  • लक्ष्य: शक्ति संबंधों का पुनर्गठन

नए

  • जीवन-गुणवत्ता/पहचान के मुद्दे, जैसे स्वच्छ पर्यावरण
  • वर्ग-सीमाओं के आर-पार, अंतर्राष्ट्रीय (विश्व सामाजिक फोरम)
1970 का दशकरजनी कोठारी का भारत के सामाजिक-आंदोलन विश्लेषण

4 चिपको आंदोलन

1970अलकनंदा घाटी बाढ़: 100 वर्ग किमी जलमग्न, 6 पुल/10 किमी सड़क बही, 366 घर गिरे, 500 एकड़ फ़सल नष्ट
सहकारी संगठनदशौली ग्राम स्वराज्य संघ, चमोली ज़िले का सहकारी संगठन, गाँववासियों का मामला उठाया
रेनी जंगलगौरा देवी, महिला मंडल की प्रमुख, ने महिलाओं को संगठित किया; मज़दूरों को लौटना पड़ा
2014 सेनमामि गंगे तथा स्वच्छ भारत अभियान

5 किसान एवं मज़दूर आंदोलन

घटना/संगठन वर्ष
दक्कन विद्रोह (साहूकारों के विरुद्ध) 1875
चंपारन सत्याग्रह 1917-18
वन-नीतियों के विरुद्ध प्रतिरोध आंदोलन 1920
बारदोली सत्याग्रह 1928
बिहार प्रांतीय किसान सभा 1929
अखिल भारतीय किसान सभा 1936
तिभागा आंदोलन 1946-47
तेलंगाना आंदोलन 1946-51
नक्सलबाड़ी विद्रोह 1967
पहला मज़दूर संघ (बी.पी. वाडिया, मद्रास) 1918
एटक (AITUC) बनी 1920
भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) बनी 1947
बड़ी रेल कर्मचारी हड़ताल 1974
1

किसान आंदोलन

स्थानीय, भूमि-राजस्व/नील की खेती से जुड़े; बाद में आंशिक रूप से स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े

2

नए किसान आंदोलन

1970 का दशक, पंजाब/तमिलनाडु; दल-रहित, राज्य-विरोधी/नगर-विरोधी, मूल्य-केंद्रित

6 जाति-आधारित आंदोलन

सभी परिभाषाएँ एक स्थान पर
दलितगरीब तथा उत्पीड़ित व्यक्ति; नया राजनीतिक अर्थ 1970 के दशक के प्रारंभ के अंबेडकरवादी नव-बौद्ध प्रयोग से
समानांतर विस्तारसमान रूप से स्थित जाति-समूहों का सामाजिक-राजनीतिक पहचान के लिए संगठित होना
आंदोलन क्षेत्र
सतनामी आंदोलन छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाके, पूर्वी मध्य प्रदेश
आदि धर्म आंदोलन पंजाब
महार आंदोलन महाराष्ट्र
जाटवों की गतिशीलता आगरा
ब्राह्मण-विरोधी आंदोलन दक्षिण भारत
“सुधारवादी”दलित आंदोलन पर बॉक्स 8.7 का अंतिम निष्कर्ष, कुल मिलाकर
1872 / 1918 / 1925“पिछड़ा वर्ग” शब्द-प्रयोग: मद्रास / मैसूर / बंबई
881954 तक गिने गए पिछड़ा वर्ग संगठन

7 जनजातीय आंदोलन

1

झारखंड

2000 में बना; बिरसा मुंडा; दिक्कु (प्रवासी व्यापारी/महाजन); भूमि, सर्वेक्षण, कर्ज़ तथा वन उत्पाद से जुड़ी शिकायतें

2

पूर्वोत्तर

स्वतंत्रता-पश्चात अशांति; पहले की अलगाव की प्रवृत्ति अब संविधान के दायरे में स्वायत्तता की खोज द्वारा प्रस्थापित (नांगबरी 2003)

8 महिलाओं का आंदोलन

संगठन स्थापना वर्ष
विमेंस इंडिया एसोसिएशन (WIA) 1917
नेशनल काउंसिल फॉर विमेन इन इंडिया (NCWI) 1925
ऑल इंडिया विमेंस कॉन्फ्रेंस (AIWC) 1926
1946-47तिभागा आंदोलन: महिलाओं की भागीदारी
1946-51तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष: महिलाओं की भागीदारी (वर्ली जनजाति का विद्रोह, महाराष्ट्र, भी; पुस्तक में वर्ष नहीं)
1970 का मध्यमहिला आंदोलन का “दूसरा चरण”
त्वरित रिवीज़न: परीक्षा से एक रात पहले यही पढ़ें
  • सामाजिक आंदोलन को निरंतर, संगठित सामूहिक गतिविधि तथा साझे लक्ष्य चाहिए; प्रतिरोधी आंदोलन यथापूर्व स्थिति की रक्षा करते हैं
  • तीन प्रकार: प्रतिदानात्मक, सुधारवादी, क्रांतिकारी; बहुत से आंदोलनों में तीनों तत्व मिले होते हैं
  • पुराने = दलीय राजनीति, सत्ता; नए = जीवन-गुणवत्ता/पहचान, वर्ग-सीमाओं के आर-पार, वैश्विक (WTO, विश्व सामाजिक फोरम); रजनी कोठारी का 1970 का विश्लेषण
  • चिपको: गुहा की अनक्वाइट वुड्स, 1970 बाढ़ के आँकड़े, दशौली ग्राम स्वराज्य संघ, रेनी जंगल, गौरा देवी
  • किसान कालक्रम: दक्कन विद्रोह (1875), चंपारन (1917-18), बारदोली (1928), किसान सभाएँ (1929, 1936), तिभागा (1946-47), तेलंगाना (1946-51), नक्सलबाड़ी (1967)
  • मज़दूर: पहला संघ 1918, एटक 1920, INTUC 1947, 1974 रेल हड़ताल
  • दलित: शब्द 1970 के दशक के आरंभ के अंबेडकरवादी प्रयोग से; सतनामी, आदि धर्म, महार, जाटव, ब्राह्मण-विरोधी; “कुल मिलाकर” सुधारवादी
  • पिछड़ा वर्ग: मद्रास 1872, मैसूर 1918, बंबई 1925; 1954 तक 88 संगठन; जी.बी. पंत का भाषण
  • जनजातीय: झारखंड (बिरसा मुंडा, दिक्कु, 2000), पूर्वोत्तर (अलगाव की प्रवृत्ति से स्वायत्तता की खोज)
  • महिला आंदोलन: WIA (1917), NCWI (1925), AIWC (1926); कृषिक संघर्ष; 1947 के बाद शिथिलता; 1970 का “दूसरा चरण”