इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।
1 1 अंक के प्रश्न
प्र. अम्ल किन आयनों को जल में मुक्त करते हैं?
उत्तर: अम्ल जल में H⁺(aq) आयन मुक्त करते हैं।
प्र. क्षारक किन आयनों को जल में मुक्त करते हैं?
उत्तर: क्षारक जल में OH⁻(aq) आयन मुक्त करते हैं।
प्र. उदासीनीकरण अभिक्रिया का सामान्य समीकरण लिखिए।
उत्तर: अम्ल + क्षारक → लवण + जल (H⁺ + OH⁻ → H₂O)।
प्र. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।
उत्तर: शुष्क बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂]।
प्र. क्रिस्टलन का जल किसे कहते हैं?
उत्तर: लवण के एक सूत्र इकाई में उपस्थित जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं।
प्र. जिप्सम का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर: CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट)।
प्र. प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर: CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट)।
प्र. मुँह के pH को 5.5 से अधिक बनाए रखने के लिए टूथपेस्ट की प्रकृति कैसी होती है?
उत्तर: टूथपेस्ट सामान्यतः क्षारकीय होते हैं, जो मुँह में बने अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर दंतक्षय रोकते हैं।
प्र. क्लोरीन गैस क्लोर-क्षार प्रक्रिया में किस इलेक्ट्रोड पर मुक्त होती है?
उत्तर: ऐनोड पर क्लोरीन गैस मुक्त होती है; कैथोड पर हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।
प्र. अम्लीय वर्षा नदी के जल को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर: अम्लीय वर्षा से नदी के जल का pH घट जाता है, जिससे जलीय जीवों (जैसे मछलियों) का जीवित रहना कठिन हो जाता है।
2 2 अंक के प्रश्न
प्र. जिंक धातु की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया लिखिए और मुक्त गैस की जाँच की विधि बताइए।
उत्तर: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑। जाँच: जलती हुई तीली को गैस के पास लाने पर ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलना: यह हाइड्रोजन गैस की पुष्टि करता है।
प्र. सोडियम कार्बोनेट की तनु HCl के साथ अभिक्रिया व मुक्त गैस की जाँच लिखिए।
उत्तर: Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂↑। जाँच: गैस को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर वह दूधिया हो जाता है: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O।
प्र. आसवित जल व वर्षा जल की विद्युत-चालकता में अंतर व कारण समझाइए।
उत्तर: आसवित जल में कोई आयन नहीं होते, इसलिए यह चालक नहीं है। वर्षा जल वायुमंडलीय CO₂ को अवशोषित कर कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाता है, जो आयनित होकर H⁺ व अन्य आयन देता है, इसलिए वर्षा जल विद्युत का चालन करता है।
प्र. लवण परिवार किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जिन लवणों में उभयनिष्ठ धनायन या ऋणायन होता है, वे एक परिवार बनाते हैं। उदाहरण: सोडियम परिवार में NaCl व Na₂SO₄ आते हैं, दोनों में उभयनिष्ठ धनायन Na⁺ है।
प्र. क्लोर-क्षार प्रक्रिया के तीन उत्पादों के नाम व एक-एक उपयोग लिखिए।
उत्तर: 1) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH): साबुन व अपमार्जक बनाने में। 2) क्लोरीन गैस (Cl₂): जल कीटाणुशोधन में। 3) हाइड्रोजन गैस (H₂): ईंधन के रूप में।
प्र. नीला थोथा (CuSO₄·5H₂O) गर्म करने पर सफेद क्यों हो जाता है और जल डालने पर पुनः नीला क्यों हो जाता है?
उत्तर: गर्म करने पर क्रिस्टलन का जल उड़ जाता है और निर्जल CuSO₄ (सफेद) बनता है। इसमें जल की बूँदें डालने पर यह पुनः जल ग्रहण कर नीला CuSO₄·5H₂O बन जाता है: यह क्रिस्टलन के जल की उपस्थिति सिद्ध करता है।
प्र. अंडे के कवच पर तनु HCl डालने पर क्या देखा जाता है? समीकरण सहित लिखिए।
उत्तर: बुलबुले बनते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि अंडे के कवच में उपस्थित कैल्शियम कार्बोनेट अम्ल से अभिक्रिया कर CO₂ गैस मुक्त करता है: CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂↑।
प्र. बेकिंग सोडा के दो प्रमुख उपयोग लिखिए।
उत्तर: 1) बेकिंग पाउडर के घटक के रूप में केक/ब्रेड फुलाने में। 2) ऐन्टैसिड के रूप में पेट की अतिरिक्त अम्लता कम करने में।
प्र. धोने का सोडा के दो प्रमुख उपयोग लिखिए।
उत्तर: 1) काँच व कागज़ उद्योग में कच्चे माल के रूप में। 2) जल की स्थायी कठोरता दूर करने में।
3 4 अंक के प्रश्न
प्र. धात्विक व अधात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: धात्विक ऑक्साइड सामान्यतः क्षारकीय प्रकृति के होते हैं: वे अम्ल से अभिक्रिया कर लवण व जल बनाते हैं, उदाहरण: CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। अधात्विक ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं: वे क्षारक से अभिक्रिया कर लवण व जल बनाते हैं, उदाहरण: CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O। यही धातुओं व अधातुओं के ऑक्साइडों की प्रकृति में मूल अंतर है।
प्र. साधारण नमक से बेकिंग सोडा और फिर धोने का सोडा बनने के चरणों को समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर: चरण 1: सोडियम क्लोराइड को मूल पदार्थ के रूप में लेकर उसकी जल, कार्बन डाइऑक्साइड व अमोनिया से अभिक्रिया द्वारा बेकिंग सोडा (NaHCO₃) बनता है: NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃। चरण 2: NaHCO₃ को गर्म करने पर Na₂CO₃ बनता है: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। चरण 3: Na₂CO₃ को जल के साथ पुनःक्रिस्टलित करने पर धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) प्राप्त होता है। इस प्रकार साधारण नमक से बेकिंग सोडा और धोने का सोडा, दोनों प्राप्त होते हैं।
प्र. प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण, जमने की अभिक्रिया, उपयोग व भंडारण सावधानी को समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर: निर्माण: जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373K पर गर्म करने से यह जल का कुछ भाग खोकर POP बनाता है: CaSO₄·2H₂O →(373K) CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O। जमना: POP में जल मिलाने पर यह पुनः जिप्सम बनकर ठोस, कठोर पिंड बनाता है: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O। उपयोग: हड्डी टूटने पर प्लास्टर चढ़ाना, खिलौने व मूर्तियाँ बनाना, दीवार की सजावट को समतल करना। सावधानी: इसे वायुरोधी बर्तन में रखना चाहिए क्योंकि यह वायु की नमी सोखकर पहले ही जिप्सम में बदल सकता है और बेकार हो जाता है।
प्र. लवणों के pH को अम्ल-क्षारक के प्रबल/दुर्बल संयोजन के आधार पर तीन प्रकार में वर्गीकृत करते हुए एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: 1) प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक → उदासीन लवण (pH≈7), उदाहरण NaCl। 2) प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय लवण (pH<7), उदाहरण NH₄Cl। 3) प्रबल क्षारक + दुर्बल अम्ल → क्षारकीय लवण (pH>7), उदाहरण Na₂CO₃ व CH₃COONa। लवण किन अम्ल-क्षारकों से बना है, यही उसके pH स्वभाव को निर्धारित करता है।
प्र. उदाहरण सहित समझाइए कि सभी लवण उदासीन नहीं होते: किन कारकों पर लवण का pH निर्भर करता है?
उत्तर: लवण का pH इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस अम्ल व क्षारक की अभिक्रिया से बना है। प्रबल अम्ल व प्रबल क्षारक से बना लवण (जैसे NaCl) उदासीन होता है (pH≈7)। प्रबल अम्ल व दुर्बल क्षारक से बना लवण (जैसे NH₄Cl) अम्लीय होता है (pH<7)। प्रबल क्षारक व दुर्बल अम्ल से बना लवण (जैसे Na₂CO₃) क्षारकीय होता है (pH>7)। अतः सभी लवण उदासीन नहीं होते।
4 6 अंक के प्रश्न
प्र. दैनिक जीवन में pH के महत्व को कम-से-कम चार उदाहरण देकर विस्तार से समझाइए।
उत्तर: 1) पाचन: आमाशय में HCl भोजन पचाने में सहायक है; अपच में अतिरिक्त अम्ल बनने पर ऐन्टैसिड (हल्के क्षारक) राहत देते हैं। 2) दंतक्षय: मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दाँत का इनैमल क्षय होने लगता है; क्षारकीय टूथपेस्ट इसे रोकते हैं। 3) शरीर: हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास के बीच कार्य करता है; जीवित प्राणी केवल संकीर्ण pH परास में ही जीवित रह सकते हैं। 4) मिट्टी: फसल के लिए उचित pH आवश्यक है: अत्यधिक अम्लीय मिट्टी को उदासीन करने के लिए बिना बुझा चूना, बुझा हुआ चूना या चॉक मिलाया जाता है। 5) अम्लीय वर्षा: वर्षा जल का pH 5.6 से कम होने पर, नदी का जल अत्यधिक अम्लीय होने पर जलीय जीवों का जीवित रहना कठिन हो जाता है।
प्र. सामान्य नमक से प्राप्त होने वाले चार महत्वपूर्ण रसायनों, क्लोर-क्षार उत्पाद, विरंजक चूर्ण, बेकिंग सोडा व धोने का सोडा, के निर्माण की अभिक्रिया व एक-एक प्रमुख उपयोग सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1) क्लोर-क्षार प्रक्रिया: 2NaCl + 2H₂O →(विद्युत अपघटन) 2NaOH + Cl₂ + H₂; उपयोग: NaOH साबुन व अपमार्जक बनाने में। 2) विरंजक चूर्ण: 2Ca(OH)₂ + 2Cl₂ → Ca(ClO)₂ + CaCl₂ + 2H₂O; उपयोग: कपड़ा उद्योग में विरंजन। 3) बेकिंग सोडा: NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃; उपयोग: बेकिंग पाउडर में। 4) धोने का सोडा: Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O (NaHCO₃ को गर्म कर प्राप्त Na₂CO₃ से); उपयोग: काँच व कागज़ उद्योग में तथा जल की स्थायी कठोरता दूर करने में।
5 केस स्टडी
(क) 1 अंक दोनों परखनलियों में मुक्त हुई गैस कौन-सी थी?
उत्तर: हाइड्रोजन गैस (H₂)।
(ख) 1 अंक ‘पॉप’ ध्वनि किस गैस की मानक जाँच है?
उत्तर: यह हाइड्रोजन गैस की मानक जाँच है।
(ग) 2 अंक पहली परखनली (अम्ल के साथ) की संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर: Zn(s) + H₂SO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)↑
(घ) 2 अंक दूसरी परखनली (क्षारक के साथ) की संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए और बताइए यह क्या सिद्ध करती है।
उत्तर: 2NaOH(aq) + Zn(s) → Na₂ZnO₂(s) + H₂(g)↑। यह सिद्ध करती है कि जिंक अम्ल के साथ-साथ क्षारक से भी अभिक्रिया कर सकता है।
(क) 1 अंक बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र व प्रकृति (अम्लीय/क्षारकीय) बताइए।
उत्तर: NaHCO₃, यह प्रकृति में क्षारकीय है।
(ख) 1 अंक दही जमने के लिए दूध का माध्यम कैसा होना चाहिए?
उत्तर: दही जमने के लिए दूध का माध्यम अम्लीय होना चाहिए।
(ग) 2 अंक दही जमने के दौरान दूध का pH मान 6 से कैसे बदलता है और क्यों?
उत्तर: pH मान 6 से घटकर और अधिक अम्लीय हो जाता है, क्योंकि जीवाणु दूध की शर्करा (लैक्टोज़) को लैक्टिक अम्ल में बदल देते हैं।
(घ) 2 अंक बेकिंग सोडा मिलाने से दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?
उत्तर: बेकिंग सोडा मिलाने से दूध पहले से हल्का क्षारीय हो जाता है; दही जमने के लिए ज़रूरी अम्लीय स्तर तक पहुँचने में दूध को अधिक समय लगता है, जिससे यह अधिक समय तक ताज़ा बना रहता है।