पाठ्यक्रम संबंधी सूचना
नोट: यह अध्याय CBSE कक्षा 12 समाजशास्त्र के 2026-27 पाठ्यक्रम में शामिल नहीं है (CBSE ने इसे हटा दिया है)। अन्य बोर्डों के छात्र अपने बोर्ड का नवीनतम पाठ्यक्रम देखें।
इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकव्यापक समाजशास्त्रीय अर्थ में ‘बाज़ार’ लगभग किसके बराबर है?
(क) अर्थव्यवस्था के(ख) एक दुकान के(ग) सरकार के(घ) सिर्फ़ शेयर बाज़ार के - 1 अंक‘द वेल्थ ऑफ़ नेशन्स’ किसने लिखी?
(क) कार्ल मार्क्स(ख) एडम स्मिथ(ग) मैक्स वेबर(घ) कार्ल पॉलनी - 1 अंकअर्थव्यवस्था के समाज में ‘रची-बसी’ होने का क्या मतलब है?
(क) बाज़ार सिर्फ़ शहरों में होते हैं(ख) बाज़ार हमेशा अमीरों के पक्ष में होते हैं(ग) बाज़ार संस्कृति और सामाजिक समूहों से आकार पाते हैं(घ) बाज़ार अपने ही तय नियमों से चलते हैं - 1 अंकअध्याय में साप्ताहिक आदिवासी बाज़ार का उदाहरण किस गाँव का दिया गया है?
(क) पुष्कर(ख) दिल्ली हाट(ग) चंदेरी(घ) धोराई - 1 अंकबॉक्स 4.2 में वर्णित नाकरट्टार किसके लिए जाने जाते हैं?
(क) हथकरघा बुनाई के लिए(ख) जाति-आधारित बैंकिंग व्यवस्था के लिए(ग) यूरोप से मसाला व्यापार के लिए(घ) स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका के लिए - 1 अंकमारवाड़ी मुख्यतः किस दौर में एक सफल व्यापारिक समुदाय बनकर उभरे?
(क) उपनिवेशी दौर में(ख) मुगल काल में(ग) सिर्फ़ 1991 के उदारीकरण के बाद(घ) प्राचीन भारत में - 1 अंकभारत में उदारीकरण की शुरुआत कब हुई?
(क) 1950 के दशक में(ख) 1980 के दशक के अंत में(ग) 2000 के दशक में(घ) आज़ादी के तुरंत बाद
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): समाजशास्त्री कहते हैं कि बाज़ार समाज में ‘रची-बसी’ है।
कारण (R): बाज़ार विशेष सांस्कृतिक तरीकों से बनते हैं और दूसरी सामाजिक संस्थाओं से जुड़े होते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): पूँजीवाद में श्रमिक उत्पादन के साधनों के मालिक होते हैं।
कारण (R): श्रमिक मज़दूरी कमाने के लिए अपनी श्रम-शक्ति पूँजीपतियों को बेचते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंककॉलम A के समुदाय/शब्द को कॉलम B में उनकी पहचान से मिलाएँ।
(i) नाकरट्टार (ii) मारवाड़ी (iii) बंजारे (iv) वैश्य
(1) चार वर्णों में से एक (2) तमिलनाडु में जाति-आधारित बैंकिंग (3) कम प्रस्थिति के बावजूद दूर-दराज़ नमक व्यापार (4) उपनिवेशी दौर में उभरे, कलकत्ता में मज़बूत
(क) (i)-1, (ii)-2, (iii)-4, (iv)-3(ख) (i)-2, (ii)-4, (iii)-3, (iv)-1(ग) (i)-4, (ii)-1, (iii)-2, (iv)-3(घ) (i)-3, (ii)-2, (iii)-1, (iv)-4 - 1 अंककॉलम A के विचारक या विद्वान को कॉलम B में उनसे जुड़े विचार या अध्ययन से मिलाएँ।
(i) एडम स्मिथ (ii) कार्ल मार्क्स (iii) मैक्स वेबर (iv) अलफ्रेड गेल
(1) प्रतिष्ठा का प्रतीक (2) बस्तर के धोराई के साप्ताहिक आदिवासी बाज़ार का अध्ययन (बॉक्स 4.1) (3) खुद-ब-खुद चलने वाला बाज़ार (4) पण्य उत्पादन और अतिरिक्त मूल्य
(क) (i)-3, (ii)-4, (iii)-1, (iv)-2(ख) (i)-1, (ii)-2, (iii)-3, (iv)-4(ग) (i)-4, (ii)-3, (iii)-2, (iv)-1(घ) (i)-2, (ii)-1, (iii)-4, (iv)-3
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकबाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में, इन कथनों पर विचार कीजिए:
(i) समाजशास्त्री बाज़ार को समाज में ‘रची-बसी’ मानते हैं।
(ii) अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र बाज़ार के बारे में बिल्कुल एक जैसे सवाल पूछते हैं।
कौन-सा/से सही है/हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न तो (i) न (ii) - 1 अंकधोराई बाज़ार के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए:
(i) बस्तर बाज़ार में खरीददार मुख्यतः आदिवासी हैं।
(ii) बस्तर बाज़ार में विक्रेता मुख्यतः जाति-प्रधान हिंदू व्यापारी हैं।
कौन-सा/से सही है/हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न तो (i) न (ii)
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकअध्याय के भारतीय आर्थिक इतिहास के विवरण के अनुसार इन्हें उसी क्रम में लगाएँ जिसमें ये हुए:
(i) भारत सरकार द्वारा उदारीकरण की नीति अपनाना
(ii) देशज व्यापारियों का संगठित समाज, व्यापारिक तंत्र और बैंकिंग व्यवस्था, जिनके सहारे भारत हथकरघा के कपड़ों का मुख्य निर्यातक था
(iii) सॉफ्टवेयर और BPO उद्योगों से भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ाव
(iv) इंग्लैंड से आए सस्ते बने-बनाए कपड़ों के कारण हथकरघा के काम का खात्मा
(क) (iii), (i), (iv), (ii)(ख) (ii), (iv), (i), (iii)(ग) (iv), (ii), (iii), (i)(घ) (i), (ii), (iv), (iii) - 1 अंकअध्याय में बाज़ारों के आपसी जुड़ाव के वर्णन के अनुसार इन्हें छोटे से बड़े स्तर के क्रम में लगाएँ:
(i) व्यापक राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
(ii) नासदक जैसा विश्वव्यापी व्यापारी क्षेत्र
(iii) एक स्थानीय ग्रामीण हाट
(iv) एक क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था
(क) (iii), (iv), (i), (ii)(ख) (ii), (i), (iv), (iii)(ग) (iv), (iii), (ii), (i)(घ) (iii), (i), (iv), (ii)
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकएडम स्मिथ की किताब ______ ने 18वीं सदी के इंग्लैंड की उभरती बाज़ारी अर्थव्यवस्था को समझाने की कोशिश की।
(क) दास कैपिटल(ख) द ग्रेट ट्रांस्फॉर्मेशन(ग) द वेल्थ ऑफ़ नेशन्स(घ) द डिवीज़न ऑफ़ लेबर इन सोसायटी - 1 अंकआवधिक, आमतौर पर साप्ताहिक, ग्रामीण बाज़ार को ______ कहते हैं।
(क) हाट(ख) मंडी(ग) बाज़ार समिति(घ) ग्राम सभा
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकइनमें से कौन-सा अध्याय में बताया गया पारंपरिक व्यापारिक समुदाय नहीं है?
(क) राजपूत(ख) पारसी(ग) सिंधी(घ) बोहरा
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
धोराई एक आदिवासी बाज़ार वाले गाँव का नाम है जो कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी बस्तर जिले के भीतरी इलाके में बसा है। जब बाज़ार नहीं लगता, उन दिनों धोराई एक उँघता हुआ, पेड़ों के छप्परों से छना हुआ, घरों का झुरमुट है। बाज़ार लगभग एक चतुर्भुजीय जमीनी हिस्सा है, जिसके बीचोंबीच एक भव्य बरगद का पेड़ है। (बॉक्स 4.1)
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार धोराई के बाज़ार के बीचोंबीच क्या है?
(क) एक पीपल का पेड़(ख) एक बरगद का पेड़(ग) एक नीम का पेड़(घ) कोई पेड़ नहीं, एक कुआँ
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकसत्य या असत्य बताइए:
(i) किताब मूल पाठ में कार्ल पॉलनी का नाम ‘रची-बसी’ के स्रोत के रूप में लेती है।
(ii) किताब मूल पाठ में बिना किसी समाजशास्त्री का नाम लिए ‘रची-बसी’ शब्द इस्तेमाल करती है।
(क) दोनों सत्य हैं(ख) दोनों असत्य हैं(ग) (i) सत्य है, (ii) असत्य है(घ) (i) असत्य है, (ii) सत्य है
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अध्याय कहता है कि व्यापक अर्थ में ‘बाज़ार’ लगभग ‘अर्थव्यवस्था’ के बराबर है, यानी सारी आर्थिक गतिविधियों और संस्थाओं का दायरा।
- (ख) एडम स्मिथ (1723-90) ने ‘द वेल्थ ऑफ़ नेशन्स’ लिखी, जिसमें उभरती बाज़ारी अर्थव्यवस्था को समझाया गया।
- (ग) ‘रची-बसी’ का मतलब है कि अर्थव्यवस्था समाज से अलग नहीं है, बल्कि विशेष सांस्कृतिक तरीकों से बनती है और सामाजिक समूहों-ढाँचों से जुड़ी होती है।
- (घ) धोराई, उत्तरी बस्तर जिले, छत्तीसगढ़ का एक बाज़ार गाँव, अध्याय का आदिवासी-बाज़ार उदाहरण है (बॉक्स 4.1)।
- (ख) तमिलनाडु के नाकरट्टार जाति-आधारित बैंकिंग और साहूकारी व्यवस्था चलाते थे।
- (क) मारवाड़ी उपनिवेशी दौर में, खासकर कलकत्ता जैसे शहरों में, एक सफल व्यापारिक समुदाय बने।
- (ख) अध्याय कहता है कि भारत 1980 के दशक के बाद उदारीकरण की ओर बढ़ा।
अभिकथन-कारण
- (क) दोनों कथन सही हैं और R ठीक वही कारण बताता है कि समाजशास्त्री अर्थव्यवस्था को ‘रची-बसी’ क्यों कहते हैं।
- (घ) A गलत है: उत्पादन के साधनों (जैसे कारखानों) के मालिक श्रमिक नहीं, पूँजीपति होते हैं। R सही है: श्रमिक अपना श्रम पूँजीपतियों को बेचते हैं। इसलिए सही संयोजन है ‘A गलत है, R सही है’।
सुमेलन कीजिए
- (ख) नाकरट्टार = जाति-आधारित बैंकिंग (2); मारवाड़ी = उपनिवेशी दौर में उभरे, कलकत्ता (4); बंजारे = नमक व्यापार, कम प्रस्थिति (3); वैश्य = चार वर्णों में से एक (1)।
- (क) एडम स्मिथ = खुद-ब-खुद चलने वाला बाज़ार (3); मार्क्स = पण्य उत्पादन व अतिरिक्त मूल्य (4); वेबर = प्रतिष्ठा का प्रतीक (1); अलफ्रेड गेल = बॉक्स 4.1 में उद्धृत धोराई बाज़ार का अध्ययन (गेल 1982) (2)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) कथन (i) अध्याय का अपना दावा है। कथन (ii) गलत है, क्योंकि समाजशास्त्र बाज़ार के सामाजिक संदर्भ के बारे में एक अलग सवाल पूछता है।
- (ग) दोनों कथन बस्तर बाज़ार अध्ययन में सीधे बताए गए हैं।
काल-क्रम प्रश्न
- (ख) पहले उपनिवेश-पूर्व भारत का मौद्रीकृत व्यापार, व्यापारिक तंत्र और हथकरघा निर्यात (ii), फिर उपनिवेशी दौर में हथकरघा का पतन (iv), फिर 1980 के दशक में उदारीकरण (i), जिससे भूमंडलीकरण का युग शुरू हुआ और सॉफ्टवेयर व BPO उद्योगों ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ा (iii)। सही क्रम है (ii), (iv), (i), (iii)।
- (क) अध्याय कहता है कि आवधिक बाज़ार स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ते हैं और उन्हें व्यापक राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ते हैं, और यह भी कि विनिमय आंचलिक ग्रामीण बाज़ार से लेकर नासदक जैसे विश्वव्यापी व्यापारी क्षेत्रों तक होता है। सही क्रम है (iii), (iv), (i), (ii)।
रिक्त स्थान
- (ग) अध्याय सीधे एडम स्मिथ की किताब का नाम ‘द वेल्थ ऑफ़ नेशन्स’ बताता है।
- (क) अध्याय का अपना शब्द आवधिक ग्रामीण बाज़ार के लिए ‘हाट’ है।
असंगत चुनिए
- (क) अध्याय पारसी, सिंधी, बोहरा और जैन को वैश्यों के साथ पारंपरिक व्यापारिक समुदाय बताता है; राजपूत का इस संदर्भ में ज़िक्र नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) गद्यांश कहता है कि बाज़ार के बीचोंबीच एक भव्य बरगद का पेड़ है।
सत्य-असत्य
- (घ) कथन (i) असत्य है: पॉलनी सिर्फ़ संदर्भ-ग्रंथ सूची में आते हैं। कथन (ii) सत्य है: मूल पाठ बिना नाम लिए ‘रची-बसी’ शब्द इस्तेमाल करता है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री