इस अध्याय के 17 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकनिम्न में से कौन-सी राजनीति की आम छवियों में से एक नहीं है?
(क) जनसेवा(ख) दावपेंच-स्वार्थ-साधन(ग) जो राजनेता करते हैं(घ) वैज्ञानिक शोध - 1 अंकसरकारें कौन-सी नीतियाँ तय करती हैं?
(क) सिर्फ़ आर्थिक नीति(ख) आर्थिक, विदेश और शिक्षा नीति(ग) सिर्फ़ धार्मिक नीति(घ) सिर्फ़ सैन्य नीति - 1 अंकप्लेटो और अरस्तू ने किस शताब्दी में राजतंत्र-लोकतंत्र पर बहस की?
(क) ईसा पूर्व तीसरी(ख) ईसा पश्चात पाँचवीं(ग) ईसा पूर्व पाँचवीं(घ) ईसा पश्चात दसवीं - 1 अंककार्ल मार्क्स ने किसे स्वतंत्रता जितना ही निर्णायक बताया?
(क) सम्पत्ति(ख) भाषा(ग) धर्म(घ) समानता - 1 अंकभारतीय संविधान के अधिकार वाले अध्याय में किस प्रथा का निषेध किया गया?
(क) छुआछूत(ख) बाल विवाह(ग) दहेज(घ) सती - 1 अंकसुकरात को एथेंस में क्या कहा जाता था?
(क) सर्वाधिक धनी व्यक्ति(ख) सर्वाधिक विवेकशील व्यक्ति(ग) सबसे शक्तिशाली शासक(घ) सबसे युवा नेता - 1 अंकद रिपब्लिक में सुकरात किस सवाल की खोज करता है?
(क) सत्ता क्या है(ख) न्याय क्या है(ग) स्वतंत्रता क्या है(घ) धर्म क्या है - 1 अंकसमानता जैसे शब्दों का सरोकार किससे है?
(क) वस्तुओं से(ख) धन से(ग) मनुष्यों के आपसी संबंधों से(घ) भूगोल से
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): राजनीति सिर्फ़ सरकार के कार्यकलापों तक सीमित है।
कारण (R): जनता की बातचीत और प्रदर्शन भी राजनीतिक गतिविधि मानी जाती है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): राजनीतिक सिद्धांत में समानता की अनेक परिभाषाएँ हैं।
कारण (R): गणित में त्रिभुज की भी अनेक परिभाषाएँ होती हैं।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसुमेलित करें:
1. सुकरात 2. प्लेटो 3. सेफलस 4. पॉलिमार्कस
(i) सुकरात के तर्क को अंत में स्वीकार करने वाला मित्र (ii) पहला संवाद-साथी, जिसकी समझ अपर्याप्त निकली (iii) पुस्तक के लेखक, सुकरात के शिष्य (iv) तर्कबुद्धि से सीमाएँ उजागर करने वाला पात्र
(क) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ख) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i(ग) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii(घ) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: वृद्धों-विकलांगों के लिए अलग काउंटर होना अन्यायपूर्ण है।
कथन II: समानता में सिर्फ़ बराबर अवसर ही काफ़ी है, निष्पक्षता की ज़रूरत नहीं।
(क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं - 1 अंककथन I: सूचना का अधिकार एक नए क़ानून के ज़रिए दिया गया।
कथन II: वैश्विक संचार तकनीक सिर्फ़ कार्यकर्ताओं को फ़ायदा पहुँचाती है, अपराधियों को नहीं।
(क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन असत्य हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकइन विचारकों/घटनाओं को सही कालक्रम में लगाएँ:
(i) रूसो का स्वतंत्रता को मौलिक अधिकार सिद्ध करना
(ii) भारतीय संविधान का अंगीकरण
(iii) प्लेटो-अरस्तू की राजतंत्र-लोकतंत्र बहस
(iv) गांधी की हिंद स्वराज
(क) iii, i, iv, ii(ख) i, iii, iv, ii(ग) iii, iv, i, ii(घ) ii, iv, i, iii
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकराजनीति ने हमें _______ की कुंडली की तरह जकड़ रखा है।
(क) रस्सी(ख) ज़ंजीर(ग) साँप(घ) तार
7 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
आपने गौर किया होगा कि लोग अक्सर सरकारी कार्यालय, डॉक्टर के प्रतीक्षालय या दुकानों में कतार तोड़कर आगे बढ़ जाते हैं। कई बार ऐसा करने वालों को पंक्ति में पीछे जाने के लिए कहा जाता है, तो हमें खुशी होती है। कई बार वे आगे निकल जाते हैं और हम ठगा-सा महसूस करते हैं। हम इसका विरोध करते हैं, क्योंकि हम जिनके लिए भुगतान करते हैं उन सामानों या सुविधाओं को पाने में समान अवसर चाहते हैं। इसलिए, जब हम अपने अनुभव पर ध्यान देते हैं, हम समझते हैं कि समानता का अर्थ सभी के लिए समान अवसर होता है। फिर भी, अगर वृद्धों और विकलांगों के लिए अलग काउंटर हों, तो हम समझते हैं कि उनके साथ विशेष बरताव न्यायोचित है।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार कतार तोड़ने के अनुभव से हम समानता का क्या अर्थ समझते हैं?
(क) सभी के लिए समान अवसर(ख) सिर्फ़ अमीरों के लिए अवसर(ग) कोई अवसर नहीं(घ) सिर्फ़ बुज़ुर्गों के लिए अवसर
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
(i) आजीविका के अधिकार को जीवन के अधिकार में शामिल किया गया है।
(ii) संविधान में मौलिक अधिकारों का कभी विस्तार नहीं हुआ।
(क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) वैज्ञानिक शोध राजनीति की किसी भी लोकप्रिय छवि में शामिल नहीं है, बाक़ी तीनों अध्याय में बताई गई हैं।
- (ख) पाठ के अनुसार सरकारें आर्थिक नीति, विदेश नीति और शिक्षा नीति निर्धारित करती हैं।
- (ग) ईसा पूर्व पाँचवीं शताब्दी में ही प्लेटो और अरस्तू ने अपने विद्यार्थियों से यह बहस की।
- (घ) कार्ल मार्क्स ने तर्क दिया कि समानता भी स्वतंत्रता जितनी ही निर्णायक होती है।
- (क) भारतीय संविधान के अधिकार वाले अध्याय में किसी भी रूप में छुआछूत का निषेध किया गया है।
- (ख) सुकरात को सर्वाधिक विवेकशील व्यक्ति कहा जाता था।
- (ख) सुकरात इस सवाल की खोज करता है कि न्याय क्या है।
- (ग) समानता जैसे शब्दों का सरोकार किसी वस्तु के बजाय अन्य मनुष्यों के साथ हमारे संबंधों से है।
अभिकथन-कारण
- (घ) A असत्य है, राजनीति सरकार तक सीमित नहीं। R सत्य है, जनता की बातचीत और प्रदर्शन भी राजनीति में शामिल है।
- (ग) A सत्य है। R असत्य है, गणित में त्रिभुज की सिर्फ़ एक ही परिभाषा होती है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) सुकरात तर्कबुद्धि से सीमाएँ उजागर करता है (iv); प्लेटो पुस्तक के लेखक और सुकरात के शिष्य हैं (iii); सेफलस पहला संवाद-साथी है, जिसकी समझ अपर्याप्त निकली (ii); पॉलिमार्कस अंत में सुकरात के तर्क को स्वीकार करता है (i)।
कथन आधारित प्रश्न
- (घ) कथन I असत्य है, ऐसा विशेष बरताव न्यायोचित माना जाता है। कथन II भी असत्य है, समानता में निष्पक्षता भी शामिल होनी चाहिए।
- (ख) कथन I सत्य है। कथन II असत्य है, यह तकनीक आतंकवादियों-अपराधियों को भी नेटवर्क बनाने की क्षमता देती है।
सही क्रम में लगाइए
- (क) पहले प्लेटो-अरस्तू की बहस (ईसा पूर्व पाँचवीं शताब्दी, iii), फिर आधुनिक काल में रूसो (i), फिर गांधी की हिंद स्वराज (iv), और अंत में भारतीय संविधान का अंगीकरण, जिसमें इन सब विचारों को जगह मिली (ii)।
रिक्त स्थान
- (ग) गांधी ने कहा कि राजनीति ने हमें साँप की कुंडली की तरह जकड़ रखा है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश के अनुसार हम समझते हैं कि समानता का अर्थ सभी के लिए समान अवसर होता है।
सत्य-असत्य
- (क) कथन (i) सत्य है। कथन (ii) असत्य है, समय के साथ मौलिक अधिकारों का विस्तार हुआ है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री