कक्षा 11 राजनीति विज्ञान बुक 2 अध्याय 1 राजनीतिक सिद्धांत : एक परिचय शॉर्ट नोट्स

इस अध्याय का संक्षिप्त सार, अंतिम समय के रिवीज़न के लिए: विचारक, उद्धरण, परिभाषाएँ और तुलना-सारणियाँ। पूरे नोट्स अलग से पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं।

1 राजनीति की तीन आम छवियाँ

छवि कौन मानता है
जनसेवा राजनेता, चुनाव लड़ने वाले लोग
दावपेंच/स्वार्थ-साधन “गंदी राजनीति”, “घोटाले” से जोड़ने वाले लोग
“जो राजनेता करते हैं” कई अन्य लोग, जो राजनीति को “घोटालों” से जोड़ते हैं

केवल साधारण लोग ही राजनीति से निराश नहीं हैं: राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले व्यवसायी और उद्यमी भी इससे लाभ उठाते हुए अपनी मुसीबतों के लिए राजनीति को कोसते हैं, और सिनेमा के कलाकार भी अक्सर राजनीति की बुराई करते हैं।

2 उद्धरण और विचारक, याद रखने लायक़

किसने क्या कहा
महात्मा गांधीने टिप्पणी की थी कि राजनीति ने हमें साँप की कुंडली की तरह जकड़ रखा है और इससे जूझने के सिवाय कोई अन्य रास्ता नहीं है
प्लेटो और अरस्तूईसा पूर्व 5वीं शताब्दी में बहस: राजतंत्र या लोकतंत्र में से कौन बेहतर?
रूसोस्वतंत्रता मानव मात्र का मौलिक अधिकार है (आधुनिक काल में पहली बार)
कार्ल मार्क्ससमानता भी स्वतंत्रता जितनी ही निर्णायक है
महात्मा गांधी (हिंद स्वराज)वास्तविक स्वतंत्रता या स्वराज के अर्थ की विवेचना
डॉ. अंबेडकरअनुसूचित जातियों को अल्पसंख्यक माना जाए, विशेष संरक्षण मिले

3 सुकरात-प्लेटो : न्याय की खोज

प्लेटो की पुस्तक “द रिपब्लिक” में सुकरात, सेफलस और पॉलिमार्कस के बीच संवाद के ज़रिए यह दिखाया गया कि “दोस्तों का भला और शत्रुओं का बुरा करना” न्याय की सही परिभाषा नहीं है। तर्कबुद्धि से यह साबित होता है: किसी को भी चोट पहुँचाना किसी भी स्थिति में न्यायपूर्ण नहीं हो सकता।

4 परिभाषाएँ, ठीक उसी तरह जैसे लिखी जानी चाहिए

सभी परिभाषाएँ एक जगह
राजनीतिसामाजिक जीवन में उचित-वांछनीय पर अलग-अलग दृष्टि से जन्मी बहुविध वार्ताएँ, जिनसे सामूहिक निर्णय होते हैं
राजनीतिक सिद्धांतराजनीतिक जीवन को अनुप्राणित करने वाले मूल्यों (स्वतंत्रता, समानता, न्याय) का व्यवस्थित विश्लेषण
क़ानून का राज, अधिकारों का बँटवारा, न्यायिक पुनरावलोकनराजनीतिक सिद्धांत जिन नीतिगत सिद्धांतों की सार्थकता जाँचता है

5 दो अलग तुलनाएँ, मत मिलाएँ

5.1 गणित बनाम राजनीतिक सिद्धांत

गणित

  • त्रिभुज/वर्ग की एक ही परिभाषा
  • वस्तुओं से संबंध
  • एक निश्चित सही उत्तर

राजनीतिक सिद्धांत

  • समानता/स्वतंत्रता/न्याय की अनेक परिभाषाएँ
  • मनुष्यों के आपसी संबंधों से जुड़ाव
  • विविध राय, विचार-विमर्श ज़रूरी

5.2 राजनीतिक सिद्धांत पढ़ने के चार तर्क

सभी वर्गों के लिए प्रासंगिकता (गणित सीखने जैसी तुलना), सूचित नागरिकता (संगीत-श्रोता रूपक), रोज़मर्रा का भेदभाव (जाति-धर्म-लिंग-वर्ग), और तर्कसंगत बहस-कौशल (बहस-भाषण प्रतियोगिताएँ)।

आख़िरी दोहराव
  • राजनीति की तीन आम छवियाँ: जनसेवा, दावपेंच, “जो राजनेता करते हैं”
  • राजनीतिक सिद्धांत की परंपरा: कौटिल्य-अरस्तू से रूसो-मार्क्स-गांधी-अंबेडकर तक
  • गांधी के अनुसार राजनीति ने हमें साँप की कुंडली की तरह जकड़ रखा है, और इससे जूझना ही होगा
  • सुकरात-प्लेटो: किसी को भी चोट पहुँचाना कभी न्यायपूर्ण नहीं हो सकता
  • गणित बनाम राजनीतिक सिद्धांत: एक परिभाषा बनाम अनेक परिभाषाएँ, दो अलग समूह, मत मिलाएँ
  • राजनीतिक सिद्धांत पढ़ने के चार तर्क: प्रासंगिकता, सूचित नागरिकता, रोज़मर्रा का भेदभाव, बहस-कौशल