यह पृष्ठ किसके लिए है
- परीक्षा से एक दिन पहले पूरे अध्याय को 5 मिनट में दोहराने के लिए
- मुख्य परिभाषाएँ, विचारक, और तुलना तालिकाएँ एक ही जगह
1मुख्य परिभाषाएँ
एक नज़र में सभी परिभाषाएँ
समानतासाझी मानवता के कारण सभी मनुष्यों का समान महत्त्व और सम्मान पाने का हक़
अवसर की समानतादक्षता-प्रतिभा विकसित करने और लक्ष्य पाने के लिए सभी को समान अधिकार-अवसर मिलना
प्राकृतिक असमानताजन्मजात क्षमताओं-प्रतिभा से पैदा असमानता, माना जाता है कि बदली नहीं जा सकती
सामाजिक असमानतासमाज द्वारा बनाई गई असमानता, अवसरों की कमी या किसी समूह के शोषण से पैदा
पितृसत्तावह सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक व्यवस्था जो पुरुष को स्त्री से अधिक महत्त्व और शक्ति देती है
सकारात्मक कार्यवाईअतीत की असमानताओं का असर मिटाने के लिए उठाए गए सकारात्मक, अक्सर अस्थायी क़दम (जैसे आरक्षण)
सप्त क्रांतिराममनोहर लोहिया की 5 असमानताओं + 2 अतिरिक्त क्रांतियों की सूची, समाजवाद का आदर्श
2समानता के तीन आयाम, एक नज़र में
| आयाम | क्या शामिल है |
|---|---|
| राजनीतिक | समान नागरिकता, मताधिकार, अभिव्यक्ति-आवागमन-संगठन की स्वतंत्रता |
| सामाजिक | शिक्षा-स्वास्थ्य-आवास जैसे अवसरों की समानता, न्यूनतम जीवन-स्तर की गारंटी |
| आर्थिक | धन-संपत्ति-आय में बड़े अंतर को घटाना, जड़ जमाई असमानता से बचना |
3चार विचारधाराएँ, एक-एक पंक्ति में
विचारक और उनका मुख्य तर्क
नारीवाद व मार्क्सवाद
- नारीवाद: असमानता का कारण पितृसत्ता, जैविक या लिंग-भेद बनाम लैंगिकता
- मार्क्सवाद (मार्क्स): असमानता का मूल कारण निजी स्वामित्व
उदारवाद व समाजवाद
- उदारवाद: प्रतिस्पर्धा ही सबसे न्यायपूर्ण उपाय, तीनों असमानताएँ अलग-अलग सुलझाएँ
- समाजवाद (लोहिया): 5 असमानताएँ + 2 क्रांतियाँ = सप्त क्रांति
4मुख्य नाम, और आँकड़े क्या दिखाते हैं
| विषय | नाम, या यह क्या दिखाता है |
|---|---|
| वैश्विक असमानता का तथ्य-पत्रक | सबसे अमीर और सबसे ग़रीब लोगों व देशों के बीच आय और संसाधनों की भारी खाई |
| घरेलू सुविधाओं की तालिका | शहरी परिवारों के पास ग्रामीण परिवारों से कहीं अधिक बुनियादी सुविधाएँ |
| उच्च शिक्षा की तालिका | जातियों और समुदायों के बीच बड़े अंतर, जो जाति-व्यवस्था के काम करने की ओर इशारा करते हैं |
| अक्षम होकर भी बड़ा योगदान देने वाले वैज्ञानिक | स्टीफन हॉकिन्स |
| भारतीय समाजवादी चिंतक, सप्त क्रांति | राममनोहर लोहिया |
| फ्रांसीसी क्रांति का नारा | स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा (18वीं शताब्दी) |
पुस्तक कहती है कि ये आँकड़े केवल असमानता की प्रकृति समझने के लिए हैं, इन्हें याद करने की आवश्यकता नहीं है।
5समानता कैसे बढ़ाई जाए, तीन तरीक़े
1औपचारिक समानता: संविधान भेदभाव प्रतिबंधित करता है, छुआछूत समाप्त करता है
↓
2विभेदक बरताव: रैंप, महिलाओं के लिए रात्रि सुरक्षा जैसे उपाय, समानता को कम नहीं बढ़ाते हैं
↓
3सकारात्मक कार्यवाई: आरक्षण/कोटा, अतीत की वंचना दूर करने के लिए अस्थायी विशेष सहायता
परीक्षा में सबसे ज़्यादा पूछा गया अंतर
“एक जैसा बरताव” (सबको वही चीज़) बनाम “समान मानना” (मक़सद समानता बढ़ाना, भले अलग बरताव करना पड़े)। हर विभेदक बरताव को न्यायोचित ठहराना ज़रूरी है, वरना यह ख़ुद एक नया भेदभाव बन सकता है।
आख़िरी दोहराव, एक मिनट में
- समानता का मतलब बराबर सम्मान, हमेशा एक जैसा बरताव नहीं
- प्राकृतिक/सामाजिक असमानता का फ़र्क़ हमेशा साफ़ नहीं होता
- तीन आयाम: राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक
- चार विचारधाराएँ: नारीवाद, मार्क्सवाद, उदारवाद, समाजवाद
- तीन उपाय: औपचारिक समानता, विभेदक बरताव, सकारात्मक कार्यवाई
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री