कक्षा 11 राजनीति विज्ञान बुक 2 अध्याय 4 सामाजिक न्याय MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर सहित

इस अध्याय के 19 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकन्याय की तुलना अध्याय में किससे की गई है?
    (क) समय(ख) शक्ति(ग) धन(घ) प्रेम
  2. 1 अंकचीन के दार्शनिक कन्फ़्यूशस के अनुसार राजा को न्याय कैसे कायम रखना चाहिए?
    (क) गलत करने वालों को दंडित कर और भले लोगों को पुरस्कृत कर(ख) करों में छूट देकर(ग) धर्म बदलकर(घ) सेना बढ़ाकर
  3. 1 अंकप्लेटो ने न्याय के मुद्दों पर चर्चा किस पुस्तक में की?
    (क) द प्रिंस(ख) दास कैपिटल(ग) हिंद स्वराज(घ) द रिपब्लिक
  4. 1 अंकइमैनुएल कांट किस देश के दार्शनिक थे?
    (क) इंग्लैंड(ख) यूनान(ग) जर्मनी(घ) फ़्रांस
  5. 1 अंककांट के अनुसार, यदि सभी व्यक्तियों की गरिमा स्वीकृत है तो हर एक का प्राप्य क्या होगा?
    (क) राजनीतिक पद(ख) प्रतिभा विकसित करने और लक्ष्य पूरा करने का अवसर(ग) विशेष उपाधि(घ) अधिक धन
  6. 1 अंकअध्याय के उदाहरण में एक व्यक्ति को सौ रुपये और दूसरे को उसी काम के लिए कितने रुपये मिलते हैं, जो जातिगत भेदभाव के कारण अन्यायपूर्ण माना जाता है?
    (क) पचास रुपये(ख) पिचहत्तर रुपये(ग) नब्बे रुपये(घ) साठ रुपये
  7. 1 अंकसुरेश को गणित की परीक्षा के लिए कितना समय दिया गया, जबकि बाक़ी छात्रों को तीन घंटे मिले?
    (क) चार घंटे(ख) तीन घंटे(ग) दो घंटे(घ) साढ़े तीन घंटे
  8. 1 अंकअनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए संविधान में किन दो क्षेत्रों में आरक्षण का प्रावधान है?
    (क) केवल विदेश यात्रा में(ख) केवल खेल में(ग) सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाख़िले में(घ) केवल विवाह में
  9. 1 अंकअज्ञानता के आवरण में व्यक्ति किसकी स्थिति से सोचकर नियम चुनता है?
    (क) सबसे बुरी स्थिति से(ख) राजा की स्थिति से(ग) सबसे अमीर व्यक्ति की स्थिति से(घ) अपने मित्र की स्थिति से

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): न्याय के प्रश्न राजनीति के लिए केंद्रीय महत्त्व के हैं।
    कारण (R): न्याय का संबंध इस बात से है कि सार्वजनिक जीवन किस तरह व्यवस्थित हो और समाज के सदस्यों के बीच सामाजिक लाभ और कर्त्तव्य किन सिद्धांतों के अनुसार बाँटे जाएँ।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): विशेष ज़रूरतों को ध्यान में रखने का सिद्धांत समान बरताव के सिद्धांत का खंडन करता है।
    कारण (R): समान बरताव के सिद्धांत में यह अंतर्निहित है कि जो लोग महत्त्वपूर्ण संदर्भों में समान नहीं, उनके साथ भिन्न बरताव किया जाए।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसुमेलित करें:
    (अ) समान बरताव (ब) समानुपातिक न्याय (स) विशेष ज़रूरतें (द) न्यायपूर्ण बंटवारा
    (i) भूमि-सुधार (ii) दिव्यांग छात्र को अतिरिक्त समय (iii) समान काम का समान दाम (iv) उत्तर-पुस्तिका की गुणवत्ता के अनुसार अंक

    (क) अ-iv, ब-i, स-ii, द-iii(ख) अ-i, ब-ii, स-iii, द-iv(ग) अ-iii, ब-iv, स-ii, द-i(घ) अ-ii, ब-iii, स-i, द-iv

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: सरकारें न्याय के तीनों सिद्धांतों, समकक्षों के बीच समान बरताव, समानुपातिक न्याय और विशेष ज़रूरतों की पहचान, के बीच सामंजस्य बिठाने में कभी-कभी कठिनाई महसूस कर सकती हैं।
    कथन II: समान बरताव के सिद्धांत पर अमल कभी भी योग्यता को उचित प्रतिफल देने के ख़िलाफ़ खड़ा नहीं हो सकता।

    (क) दोनों कथन सत्य हैं(ख) दोनों कथन असत्य हैं(ग) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(घ) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है
  2. 1 अंककथन I: कई मुक्त-बाज़ार समर्थक अब न्यूनतम जीवन-स्तर की गारंटी जैसे कुछ प्रतिबंध स्वीकार करने को तैयार हैं।
    कथन II: आज सभी मुक्त-बाज़ार समर्थक पूर्णतया अनियंत्रित बाज़ार का ही समर्थन करते हैं।

    (क) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(ख) दोनों कथन सत्य हैं(ग) दोनों कथन असत्य हैं(घ) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है

5 सही क्रम में लगाइए

सही क्रम में लगाइए
  1. 1 अंकरॉल्स के तर्क को सही तार्किक क्रम में लगाएँ:
    (i) हर व्यक्ति ऐसे नियम चाहता है जो कमज़ोर तबकों को भी उचित अवसर सुनिश्चित करें
    (ii) लोग “अज्ञानता के आवरण” में रहकर समाज के नियम तय करने की कल्पना करते हैं
    (iii) विवेकसम्मत कार्रवाई के परिणाम के रूप में निष्पक्ष और न्यायसंगत क़ानून और नीतियाँ बनती हैं
    (iv) अपनी भावी स्थिति न जानने के कारण हर व्यक्ति समाज को सबसे बुरी स्थिति वाले के नज़रिये से देखता है

    (क) i, ii, iii, iv(ख) ii, iv, i, iii(ग) iv, ii, iii, i(घ) ii, i, iv, iii

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकबुनियादी ज़रूरतों में पोषण, आवास, शुद्ध पेयजल, शिक्षा और _______ शामिल माने जाते हैं।
    (क) न्यूनतम मज़दूरी(ख) उच्च शिक्षा की गारंटी(ग) विदेश यात्रा(घ) मुफ़्त वाहन

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकनिम्न में से कौन-सा क़दम अध्याय में भारत में सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के उपायों में नहीं बताया गया है?
    (क) सारी निजी संपत्ति समाप्त करना(ख) अस्पृश्यता की समाप्ति(ग) राज्य सरकारों द्वारा भूमि-सुधार(घ) सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
अगर किसी समाज में धन-संपत्ति और सत्ता का उपभोग करने वालों तथा बहिष्कृत-वंचितों के बीच गहरी और स्थायी खाई हो, तो हम कहेंगे कि वहाँ सामाजिक न्याय का अभाव है। न्याय के लिए लोगों के रहन-सहन में पूर्ण समानता या एकरूपता ज़रूरी नहीं, लेकिन उस समाज को अन्यायपूर्ण माना जाएगा जहाँ धनी और ग़रीब के बीच खाई इतनी गहरी हो कि वे मानो अलग-अलग दुनिया में रहते हों, और वंचितों के पास अपनी स्थिति सुधारने का कोई मौक़ा ही न हो।
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार समाज को कब अन्यायपूर्ण माना जाएगा?
    (क) जब धनी-ग़रीब की खाई इतनी गहरी हो कि वंचितों को स्थिति सुधारने का मौक़ा ही न मिले(ख) जब देश में एक से अधिक भाषाएँ हों(ग) जब जनसंख्या अधिक हो(घ) जब सबकी आय बिल्कुल बराबर न हो

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
    (i) मुक्त बाज़ार के समर्थक मानते हैं कि बाज़ार व्यक्ति की जाति या धर्म की परवाह नहीं करता।
    (ii) आलोचकों के अनुसार मुक्त बाज़ार अक्सर पहले से सुविधासंपन्न लोगों के पक्ष में काम करता है।

    (क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (घ) अध्याय की शुरुआत में कहा गया है कि जिस तरह प्रेम को ठीक-ठीक परिभाषित करना कठिन है पर हम उसे सहज रूप से समझते हैं, उसी तरह न्याय को भी।
  2. (क) कन्फ़्यूशस का तर्क था कि गलत करने वालों को दंडित करके और भले लोगों को पुरस्कृत करके राजा को न्याय कायम रखना चाहिए।
  3. (घ) प्लेटो ने ईसा पूर्व चौथी सदी के एथेंस में अपनी पुस्तक द रिपब्लिक में न्याय के मुद्दों पर चर्चा की।
  4. (ग) इमैनुएल कांट जर्मन दार्शनिक थे, जिनके अनुसार हर मनुष्य की गरिमा होती है।
  5. (ख) कांट के अनुसार हर व्यक्ति का प्राप्य यह है कि उसे अपनी प्रतिभा के विकास और लक्ष्य की पूर्ति के लिए अवसर मिले।
  6. (ख) अध्याय में उदाहरण है कि एक व्यक्ति को सौ रुपये और दूसरे को पिचहत्तर रुपये मिलना, जब वे केवल भिन्न जातियों के कारण भिन्न वेतन पाते हैं, अनुचित है।
  7. (घ) दृष्टिहीन छात्र सुरेश को गणित का प्रश्नपत्र हल करने के लिए साढ़े तीन घंटे मिलते हैं, जबकि बाक़ी छात्रों को तीन घंटे।
  8. (ग) संविधान ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सरकारी नौकरियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में दाख़िले के लिए आरक्षण का प्रावधान किया।
  9. (क) चूँकि कोई नहीं जानता कि वह कौन होगा, हर कोई सबसे बुरी स्थिति के मद्देनज़र समाज की कल्पना करेगा।
अभिकथन-कारण
  1. (क) दोनों कथन सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या करता है : चूँकि न्याय सार्वजनिक जीवन की व्यवस्था और सामाजिक लाभों-कर्त्तव्यों के बंटवारे से जुड़ा है, इसलिए यह राजनीति के केंद्र में है।
  2. (घ) A असत्य है, यह सिद्धांत खंडन नहीं बल्कि विस्तार करता है। R सत्य है और यही बताता है कि क्यों यह विस्तार है, खंडन नहीं।
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) समान बरताव : समान काम का समान दाम (iii); समानुपातिक न्याय : उत्तर-पुस्तिका की गुणवत्ता के अनुसार अंक (iv); विशेष ज़रूरतें : दिव्यांग छात्र को अतिरिक्त समय (ii); न्यायपूर्ण बंटवारा : भूमि-सुधार (i)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (ग) कथन I सत्य है, अध्याय कहता है कि सरकारें इन तीन सिद्धांतों के बीच सामंजस्य बिठाने में कठिनाई महसूस कर सकती हैं। कथन II असत्य है, अध्याय के अनुसार समान बरताव के सिद्धांत पर अमल कभी-कभी योग्यता को उचित प्रतिफल देने के ख़िलाफ़ खड़ा हो सकता है।
  2. (घ) कथन I सत्य है : मुक्त बाज़ार के सभी समर्थक आज पूर्णतया अप्रतिबंधित बाज़ार का समर्थन नहीं करते, और कई अब कुछ प्रतिबंध स्वीकारने को तैयार हैं। इसी कारण कथन II असत्य है।
सही क्रम में लगाइए
  1. (ख) पहले लोग अज्ञानता के आवरण में नियम तय करने की कल्पना करते हैं (ii); अपनी स्थिति न जानने के कारण हर व्यक्ति सबसे बुरी स्थिति वाले के नज़रिये से सोचता है (iv); इसलिए वह कमज़ोर तबकों को भी उचित अवसर देने वाले नियम चाहता है (i); और अंत में परोपकार से नहीं, विवेकसम्मत कार्रवाई से निष्पक्ष और न्यायसंगत क़ानून और नीतियाँ बनती हैं (iii)।
रिक्त स्थान
  1. (क) अध्याय के अनुसार बुनियादी ज़रूरतों में पोषण, आवास, शुद्ध पेयजल, शिक्षा और न्यूनतम मज़दूरी शामिल हैं।
असंगत चुनिए
  1. (क) अध्याय अस्पृश्यता की समाप्ति, राज्य सरकारों के भूमि-सुधार और अनुसूचित जातियों-जनजातियों के लिए आरक्षण का उल्लेख करता है। सारी निजी संपत्ति समाप्त करने की बात अध्याय में नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (क) गद्यांश स्पष्ट करता है कि न्याय के लिए पूर्ण समानता ज़रूरी नहीं, पर अगर खाई इतनी गहरी हो कि वंचितों को सुधार का मौक़ा न मिले, तो यह अन्यायपूर्ण है।
सत्य-असत्य
  1. (ख) दोनों कथन सत्य हैं : मुक्त बाज़ार समर्थकों का तर्क (i) और आलोचकों का तर्क (ii), दोनों ही अध्याय में दिए गए हैं।