इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकआंकड़ों के वास्तविक विश्लेषण के लिए प्रयुक्त सांख्यिकीय तकनीकों के तीन परिवार कौन-से हैं?
(क) केंद्रीय प्रवृत्ति, प्रकीर्णन तथा संबंध के माप(ख) केवल केंद्रीय प्रवृत्ति के माप(ग) केवल वर्गीकरण व सारणीयन(घ) केवल आलेखी निरूपण (ग्राफ़) - 1 अंककेंद्रीय प्रवृत्ति की द्योतक संख्या को समूह की प्रतिनिधि संख्या क्यों कहा जाता है?
(क) क्योंकि यह हमेशा अधिकतम मान होता है(ख) क्योंकि यह हमेशा न्यूनतम मान होता है(ग) क्योंकि इकाइयों के समूहन की प्रवृत्ति इसी बिंदु के निकट होती है(घ) क्योंकि यह वितरण के किसी एक छोर पर स्थित होता है - 1 अंकमाध्य की परिभाषा है:
(क) सबसे अधिक बार आने वाला मान(ख) व्यवस्थित श्रेणी का मध्यवर्ती मान(ग) सभी मूल्यों के योग को कुल प्रेक्षणों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान(घ) अधिकतम और न्यूनतम मान का औसत - 1 अंककल्पित माध्य घटाकर मानों को छोटा करने की क्रिया को क्या कहते हैं?
(क) कूट पद्धति(ख) वर्गीकरण(ग) सारणीयन(घ) आलेखन - 1 अंकवर्ग 10-20, 20-30, 30-40, 40-50, 50-60 की आवृत्तियाँ क्रमशः 5, 8, 12, 10, 5 हैं ()। माध्यिका ज्ञात कीजिए।
(क) 33.33(ख) 34.83(ग) 35.83(घ) 36.83
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): माध्यिका आंकड़ों के समूह में चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होती।
कारण (R): किसी व्यवस्थित (क्रमबद्ध) श्रेणी में माध्यिका पद के स्थान/रैंक से निर्धारित होती है, न कि उस पद के वास्तविक मूल्य की मात्रा से।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): बड़ी संख्या में प्रेक्षणों वाली श्रेणी के लिए अप्रत्यक्ष विधि सामान्यतः प्रयोग की जाती है।
कारण (R): इस विधि में एक कल्पित माध्य घटाकर प्रेक्षणों के मूल्यों को छोटी संख्याओं में बदल दिया जाता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): सामान्य वितरण में माध्य, माध्यिका तथा बहुलक भिन्न-भिन्न होते हैं।
कारण (R): सामान्य वितरण पूर्णतः सममित होता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची-I (माप/शब्द) को सूची-II (परिभाषा/प्रतीक) से मिलाइए:
(i) माध्य (ii) माध्यिका (iii) बहुलक (iv) कल्पित माध्य
(1) अथवा (2) व्यवस्थित श्रेणी का मध्यवर्ती पद (3) सभी मूल्यों का साधारण अंकगणितीय औसत (4) अप्रत्यक्ष विधि में हर मान से घटाया गया स्थिरांक
(क) (i)-2, (ii)-3, (iii)-4, (iv)-1(ख) (i)-1, (ii)-4, (iii)-2, (iv)-3(ग) (i)-3, (ii)-2, (iii)-1, (iv)-4(घ) (i)-4, (ii)-1, (iii)-3, (iv)-2 - 1 अंकसूची-I (बहुलक का प्रकार) को सूची-II (विशेषता) से मिलाइए:
(i) एक-बहुलक (ii) द्वि-बहुलक (iii) त्रि-बहुलक (iv) बहुलक-रहित
(1) कोई भी मान न दोहराया जाए (2) तीन मानों की बराबर व सर्वाधिक आवृत्ति (3) केवल एक मान की सर्वाधिक आवृत्ति (4) दो मानों की बराबर व सर्वाधिक आवृत्ति
(क) (i)-4, (ii)-3, (iii)-1, (iv)-2(ख) (i)-1, (ii)-2, (iii)-3, (iv)-4(ग) (i)-2, (ii)-1, (iii)-4, (iv)-3(घ) (i)-3, (ii)-4, (iii)-2, (iv)-1
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: माध्य सभी मूल्यों के योग को प्रेक्षणों की संख्या से भाग देकर ज्ञात होता है।
कथन II: माध्यिका की गणना में आंकड़ों को बढ़ते या घटते क्रम में व्यवस्थित करना आवश्यक नहीं है।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं - 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: कल्पित माध्य सदैव श्रेणी के सबसे पहले (प्रारंभिक) मान के बराबर लिया जाता है।
कथन II: कल्पित माध्य वितरण श्रेणी के मध्य के जितना निकट हो, गणना का परिमाण उतना ही न्यूनतम होता है।
(क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकप्रत्यक्ष विधि से वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य ज्ञात करने का सही क्रम बताइए:
(i) प्रत्येक मध्य बिंदु को संगत आवृत्ति से गुणा करना (ii) वर्ग अंतराल के मध्य बिंदु ज्ञात करना (iii) प्राप्त गुणनफलों (fx) का योग ज्ञात करना (iv) योग को N से भाग देना
(क) (i), (ii), (iii), (iv)(ख) (ii), (i), (iii), (iv)(ग) (iii), (iv), (i), (ii)(घ) (iv), (iii), (ii), (i) - 1 अंकअप्रत्यक्ष विधि से अवर्गीकृत आंकड़ों का माध्य ज्ञात करने का सही क्रम बताइए:
(i) प्रत्येक मान का कल्पित माध्य से विचलन (d) ज्ञात करना (ii) एक कल्पित माध्य (A) चुनना (iii) विचलनों का योग () ज्ञात करना (iv) से माध्य ज्ञात करना
(क) (ii), (i), (iii), (iv)(ख) (i), (ii), (iii), (iv)(ग) (iii), (i), (ii), (iv)(घ) (iv), (iii), (ii), (i)
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकउदाहरण 2.3 में हिमालय की पर्वतीय-चोटियों की माध्यिका ऊँचाई ________ मीटर है। (रिक्त स्थान भरिए)
(क) 8,126(ख) 8,598(ग) 8,848(घ) 8,172
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से कौन-सा केंद्रीय प्रवृत्ति का माप नहीं है?
(क) प्रकीर्णन(ख) माध्य(ग) माध्यिका(घ) बहुलक - 1 अंकनिम्न में से कौन-सी सामान्य वितरण की विशेषता नहीं है?
(क) सममित वक्र(ख) माध्य = माध्यिका = बहुलक(ग) घंटाकार वक्र(घ) माध्य सबसे बाईं ओर स्थित
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
मापनीय विशेषताएँ जैसे वर्षा, ऊँचाई, जनसंख्या का घनत्व, उपलब्धियों के स्तर अथवा आयु वर्ग में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। यदि हमें उनको समझना है, तो हमें क्या करना होगा? उसके लिए हमें कदाचित एक मूल्य या मान की आवश्यकता होगी जो पर्यवेक्षणों के समूह का सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व करता हो। यह एकल मान सामान्यतः वितरण के किसी भी छोर पर होने की बजाय उसके केंद्र के निकट स्थित होता है।
- 1 अंक(गद्यांश पर आधारित) गद्यांश के अनुसार, प्रतिनिधि मान वितरण में सामान्यतः कहाँ स्थित होता है?
(क) वितरण के किसी भी एक छोर पर(ख) वितरण के केंद्र के निकट(ग) सदैव सबसे बड़े मान पर(घ) सदैव सबसे छोटे मान पर
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
(i) माध्यिका चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होती
(ii) माध्य ज्ञात करने के लिए आंकड़ों को व्यवस्थित क्रम में रखना आवश्यक है
(iii) बहुलक का प्रतीक या है
(क) केवल (i) और (ii)(ख) केवल (i) और (iii)(ग) केवल (ii) और (iii)(घ) सभी सही हैं - 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
(i) माध्य, माध्यिका व बहुलक तीनों केंद्रीय प्रवृत्ति के माप हैं
(ii) वर्गीकृत आंकड़ों में माध्य ज्ञात करने हेतु मध्य बिंदुओं का प्रयोग होता है
(iii) अवर्गीकृत आंकड़ों की माध्यिका ज्ञात करने से पहले आंकड़ों को व्यवस्थित क्रम में रखना आवश्यक है
(क) केवल (i) और (ii)(ख) केवल (ii) और (iii)(ग) केवल (i)(घ) सभी सही हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अध्याय के आरंभ में तीन तकनीकें बताई गई हैं: केंद्रीय प्रवृत्ति के माप, प्रकीर्णन के माप और संबंध के माप।
- (ग) यह उस बिंदु की प्रतीक होती है जिसके निकट इकाइयों के समूहन की प्रवृत्ति होती है, इसीलिए इसे प्रतिनिधि संख्या कहा जाता है।
- (ग) माध्य वह मान है जो सभी मूल्यों के योग को कुल प्रेक्षणों की संख्या से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
- (क) पाठ में स्पष्ट कहा गया है: ‘इस क्रिया को कूट पद्धति कहते हैं।’
- (ग) संचयी आवृत्तियाँ 5,13,25,35,40; , जो 30-40 वर्ग (cf 25) में आता है (, )। ।
अभिकथन-कारण
- (क) A और R दोनों सत्य हैं। माध्यिका स्थितिक औसत है, इसीलिए यह चरम मूल्यों से अप्रभावित रहती है: R, A की सही व्याख्या है।
- (क) A और R दोनों सत्य हैं: बड़े मूल्यों को छोटा करने के लिए ही (कल्पित माध्य घटाकर) अप्रत्यक्ष विधि अपनाई जाती है: R, A की सही व्याख्या है।
- (घ) A असत्य है: सामान्य वितरण में तीनों माप बराबर (संपाती) होते हैं, भिन्न नहीं; R सत्य है, यही समरूपता की वजह से तीनों के बराबर होने का कारण है।
सुमेलन कीजिए
- (ग) माध्य = साधारण अंकगणितीय औसत (3); माध्यिका = व्यवस्थित श्रेणी का मध्यवर्ती पद (2); बहुलक = / (1); कल्पित माध्य = अप्रत्यक्ष विधि का घटाया गया स्थिरांक (4)।
- (घ) एक-बहुलक = केवल एक मान की सर्वाधिक आवृत्ति (3); द्वि-बहुलक = दो मान (4); त्रि-बहुलक = तीन मान (2); बहुलक-रहित = कोई मान न दोहराया जाए (1)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) कथन I सत्य है (माध्य की यही परिभाषा है)। कथन II ग़लत है: माध्यिका ज्ञात करने के लिए आंकड़ों को व्यवस्थित क्रम में रखना अनिवार्य है।
- (ख) कथन I ग़लत है: कल्पित माध्य श्रेणी के प्रारंभिक मान से नहीं, बल्कि वितरण के मध्य के निकट के किसी वर्ग/मान से चुना जाता है। कथन II सत्य है।
सही क्रम में लगाइए
- (ख) पहले मध्य बिंदु ज्ञात होते हैं, फिर उन्हें आवृत्ति से गुणा (fx) किया जाता है, फिर fx का योग लिया जाता है, अंत में योग को N से भाग दिया जाता है।
- (क) पहले कल्पित माध्य चुना जाता है, फिर हर मान का उससे विचलन निकाला जाता है, फिर विचलनों का योग लिया जाता है, अंत में सूत्र से माध्य ज्ञात होता है।
रिक्त स्थान
- (घ) व्यवस्थित श्रेणी (7,817; 8,076; 8,126; 8,172; 8,598; 8,611; 8,848) का चौथा पद 8,172 मीटर है, जो माध्यिका है।
असंगत चुनिए
- (क) माध्य, माध्यिका और बहुलक केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन माप हैं; प्रकीर्णन आंकड़ों के फैलाव का, एक अलग परिवार का माप है।
- (घ) सामान्य वितरण सममित, घंटाकार होता है और उसमें तीनों माप बराबर (एक ही केंद्रीय बिंदु पर) होते हैं; ‘माध्य सबसे बाईं ओर’ विषम वितरण की विशेषता है, सामान्य वितरण की नहीं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) गद्यांश के अनुसार यह एकल मान वितरण के किसी छोर पर होने की बजाय उसके केंद्र के निकट स्थित होता है।
सत्य-असत्य
- (ख) (i) और (iii) सही हैं। (ii) ग़लत है: माध्य ज्ञात करने के लिए मानों को व्यवस्थित करने की आवश्यकता नहीं (यह माध्यिका के लिए आवश्यक है), माध्य केवल सभी मानों को जोड़कर N से भाग देने पर मिलता है।
- (घ) तीनों कथन पाठ के अपने तथ्य हैं और सत्य हैं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री