कक्षा 12 भूगोल अध्याय 19 शॉर्ट नोट्स (Short Notes) हिंदी में

परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: चारों परिभाषाएँ, माध्य-माध्यिका-बहुलक के सभी सूत्र हल किए उदाहरणों सहित, तथा सामान्य व विषम वितरण की तुलना सारणी। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।

1 चार मुख्य परिभाषाएँ

याद कर लेंपरिभाषा 1

केंद्रीय प्रवृत्ति के माप वे सांख्यिकीय विधियाँ हैं जिनसे किसी वितरण के केंद्र के निकट स्थित वह एकल मान ज्ञात किया जाता है जो सारे आंकड़ों के समूह का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करता है (इन्हें सांख्यिकीय औसत भी कहते हैं)। तीन मुख्य माप: माध्य, माध्यिका, बहुलक।

याद कर लेंपरिभाषा 2

माध्य (Xˉ\bar{X}) सभी मूल्यों के योग को कुल प्रेक्षणों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान है।

याद कर लेंपरिभाषा 3

माध्यिका (प्रतीक MM) एक स्थितिक औसत है: व्यवस्थित श्रेणी में वह पद जिसके दोनों ओर बराबर संख्या में प्रेक्षण होते हैं।

याद कर लेंपरिभाषा 4

बहुलक (प्रतीक ZZ अथवा M0M_0) किसी वितरण में सर्वाधिक बार आने वाला मान है।

2 माध्य: चारों सूत्र और हल किए उदाहरण

विधि सूत्र उदाहरण व उत्तर
अवर्गीकृत, प्रत्यक्ष Xˉ=∑xN\bar{X}=\dfrac{\sum x}{N} मालवा पठार वर्षा (7 जिले): ∑x=6,484\sum x=6{,}484, N=7N=7 → 926.29 मिमी
अवर्गीकृत, अप्रत्यक्ष Xˉ=A+∑dN\bar{X}=A+\dfrac{\sum d}{N} वही आंकड़े, A=800A=800: ∑d=884\sum d=884 → 800+126.29=800+126.29= 926.29 मिमी (समान उत्तर)
वर्गीकृत, प्रत्यक्ष Xˉ=∑fxN\bar{X}=\dfrac{\sum fx}{N} फैक्ट्री मजदूरी: ∑fx=10,160\sum fx=10{,}160, N=99N=99 → ₹102.6/दिन
वर्गीकृत, अप्रत्यक्ष Xˉ=A±∑fdN\bar{X}=A\pm\dfrac{\sum fd}{N} वही आंकड़े, कल्पित माध्य वर्ग 90-110 (A=100A=100): ∑fd=260\sum fd=260 → 100+2.6=100+2.6= 102.6 (समान उत्तर)

अप्रत्यक्ष विधि का प्रयोग बड़ी संख्या में प्रेक्षणों वाली श्रेणी में किया जाता है; कल्पित माध्य घटाकर मानों को छोटा करने की क्रिया को कूट पद्धति कहते हैं।

3 माध्यिका: दोनों सूत्र और हल किए उदाहरण

विधि सूत्र उदाहरण व उत्तर
अवर्गीकृत M=(N+12)M=\left(\dfrac{N+1}{2}\right)वें पद का मान हिमालय-चोटियाँ (N=7N=7): व्यवस्थित 4था पद → 8,172 मीटर
वर्गीकृत M=l+if(N2−c)M=l+\dfrac{i}{f}\left(\dfrac{N}{2}-c\right) N=50N=50, माध्यिका वर्ग 80-90: l=80,f=16,i=10,c=21l=80,f=16,i=10,c=21 → 80+1016(25−21)=80+\dfrac{10}{16}(25-21)= 82.5

ll=माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा · ii=वर्ग अंतराल · ff=माध्यिका वर्ग की आवृत्ति · cc=माध्यिका वर्ग से पहले वाले वर्ग की संचयी आवृत्ति।

4 बहुलक: दो हल किए उदाहरण और पाँच प्रकार

उदाहरण (एक-बहुलक): 10, 22, 37, 46, 55, 61, 61, 61, 72, 88 → बहुलक = 61 (एक-बहुलक, केवल एक मान तीन बार)।

उदाहरण (द्वि-बहुलक): 08, 11, 11, 11, 41, 57, 82, 82, 82, 95 → 11 और 82 दोनों तीन-तीन बार → द्वि-बहुलक।

प्रकार पहचान
एक-बहुलक केवल एक मान की आवृत्ति सर्वाधिक
द्वि-बहुलक दो मानों की आवृत्ति बराबर व सर्वाधिक
त्रि-बहुलक तीन मानों की आवृत्ति बराबर व सर्वाधिक
बहु-बहुलक कई मान बराबर, सर्वाधिक आवृत्ति के साथ
बहुलक-रहित कोई भी मान दोहराया नहीं जाता

5 तुलना: सामान्य व विषम वितरण, एक सारणी में

वितरण अक्ष पर क्रम पहचान
सामान्य (सममित) माध्य = माध्यिका = बहुलक पूर्ण सममित, घंटाकार वक्र
धनात्मक विषमता बहुलक < माध्यिका < माध्य लंबी पूँछ अधिक मानों की ओर, माध्य दाईं ओर खिंचता है
ऋणात्मक विषमता माध्य < माध्यिका < बहुलक लंबी पूँछ कम मानों की ओर, माध्य बाईं ओर खिंचता है

विषमता में बहुलक सबसे कम खिसकता है (केवल शिखर का अनुसरण करता है); माध्य सबसे अधिक खिसकता है (सभी चरम मूल्यों सहित गणना होने से)।

सभी परिभाषाएँ एक स्थान पर
केंद्रीय प्रवृत्ति के मापवितरण के केंद्र के निकट का प्रतिनिधि मान: माध्य, माध्यिका, बहुलक
माध्य (Xˉ\bar{X})सभी मूल्यों का योग ÷ प्रेक्षणों की संख्या
कल्पित माध्य (AA)अप्रत्यक्ष विधि (कूट पद्धति) में गणना सरल बनाने हेतु घटाया गया स्थिरांक
माध्यिका (MM)स्थितिक मध्य मान, जिसके दोनों ओर बराबर प्रेक्षण होते हैं
बहुलक (ZZ/M0M_0)श्रेणी में सर्वाधिक आवृत्ति वाला मान
सामान्य वितरणपूर्ण सममित, घंटाकार वक्र, माध्य = माध्यिका = बहुलक
विषमताअसममित वितरण, जिसमें तीनों माप संपाती नहीं होते
परीक्षा संकेत

“दिखाइए कि माध्य दोनों विधियों से समान आता है” और सूत्र में हर पद (l,i,f,cl,i,f,c या A,d,NA,d,N) का अर्थ पूछे जाने वाले 2-3 अंक के प्रश्न बार-बार आते हैं। हर सूत्र को उदाहरण के साथ याद रखें, केवल सूत्र अलग से नहीं।