इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकपंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी का जीवनकाल क्या माना जाता है?
(क) सन् 1873-1920(ख) सन् 1890-1930(ग) सन् 1883-1922(घ) सन् 1900-1945 - 1 अंकगुलेरी जी का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) पुरानी बस्ती, जयपुर(ख) काशी(ग) इलाहाबाद(घ) आगरा - 1 अंकपाठ के अनुसार गुलेरी जी की कौन-सी कहानी उनका पर्याय ही बन चुकी है?
(क) सुखमय जीवन(ख) बुद्धू का काँटा(ग) सुमिरिनी के मनके(घ) उसने कहा था - 1 अंकगुलेरी जी को कौन-सी उपाधि से सम्मानित किया गया?
(क) साहित्य वाचस्पति(ख) इतिहास दिवाकर(ग) भाषा भूषण(घ) राष्ट्रकवि - 1 अंकगुलेरी जी किसके आग्रह पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राच्य विभाग के प्राचार्य बने?
(क) महात्मा गांधी(ख) पं. जवाहरलाल नेहरू(ग) डॉ. राजेंद्र प्रसाद(घ) पं. मदन मोहन मालवीय - 1 अंकपाठ्यपुस्तक में ‘सुमिरिनी के मनके’ नाम से कितने लघु निबंध दिए गए हैं?
(क) दो(ख) चार(ग) तीन(घ) पाँच - 1 अंक‘बालक बच गया’ में प्रधान अध्यापक के पुत्र की उम्र क्या थी?
(क) आठ वर्ष(ख) छह वर्ष(ग) सात वर्ष(घ) दस वर्ष - 1 अंकशेक्सपीयर के नाटक ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ की नायिका का नाम क्या है?
(क) पुरश्री(ख) देवसेना(ग) सुजान(घ) पोर्शिया
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): पिता और अध्यापक बालक के उत्तर से निराश हुए।
कारण (R): बालक ने पहले से ही सबको बता दिया था कि वह लड्डू माँगने वाला है।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण है(ख) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण नहीं है(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य - 1 अंकअभिकथन (A): लेखक घड़ी के दृष्टांत को स्वीकार कर लेते हैं।
कारण (R): धर्म-उपदेशक मानते हैं कि आम आदमी को धर्म के रहस्य जानने का कोई अधिकार नहीं है।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण है(ख) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण नहीं है(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसही मिलान कीजिए,
सूची I: 1. वेदि की मिट्टी 2. गौशाला की मिट्टी 3. खेत की मिट्टी 4. मसान की मिट्टी
सूची II: (i) ज़मींदार पुत्र (ii) वैदिक पंडित (iii) पशुओं का धनी (iv) अशुभ, घर मसान बनेगा
(क) 1-ii, 2-iii, 3-i, 4-iv(ख) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ग) 1-iii, 2-iv, 3-ii, 4-i(घ) 1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii - 1 अंकसही मिलान कीजिए,
सूची I: 1. क्या जिज्ञासा बंद होती है 2. दो घड़ियों में फ़र्क़ 3. घड़ीसाज़ी सीखने योग्य 4. परदादा की घड़ी
सूची II: (i) खोलकर देखने की छूट माँगना (ii) उपमा जिज्ञासा नहीं रोकती (iii) धर्माचार्यों की सत्ता पर व्यंग्य (iv) अनाड़ी नहीं, पर परीक्षा-पास व्यक्ति को देखने देना
(क) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ख) 1-ii, 2-i, 3-iv, 4-iii(ग) 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii(घ) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए,
कथन (i): लेखक घड़ी देखना सीखने के पक्ष में हैं।
कथन (ii): लेखक मानते हैं कि घड़ीसाज़ी की परीक्षा पास किए व्यक्ति को घड़ी खोलकर देखने देना चाहिए।
सही विकल्प चुनिए।
(क) केवल कथन (i) सत्य है(ख) केवल कथन (ii) सत्य है(ग) कथन (i) और (ii) दोनों सत्य हैं(घ) कथन (i) और (ii) दोनों असत्य हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकगुलेरी जी की सृजनशीलता की पत्रिकाओं को सही कालक्रम में लगाइए,
(1) प्रतिभा
(2) समालोचक
(3) नागरी प्रचारिणी पत्रिका
(4) मर्यादा
(क) 1, 2, 3, 4(ख) 2, 1, 4, 3(ग) 2, 4, 1, 3(घ) 4, 2, 1, 3 - 1 अंकवैदिक काल की ढेले-प्रथा के चरणों को सही कालक्रम में लगाइए,
(1) कन्या द्वारा एक ढेला उठाना
(2) स्नातक पुरुष का कन्या के पिता के घर पहुँचना
(3) कन्या के सामने मिट्टी के ढेले रखना
(4) गौ भेंट की जाना
(क) 2, 3, 4, 1(ख) 2, 4, 3, 1(ग) 4, 2, 3, 1(घ) 1, 2, 3, 4
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकरिक्त स्थान भरिए, ‘यह तो ___ धर्माचार्यों का ही काम है कि घड़ी के पुर्ज़े जानें।’
(क) आम(ख) अनपढ़(ग) विदेशी(घ) वेदशास्त्रज्ञ
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित में से असंगत (जो मिट्टी का बताया गया स्रोत नहीं है) चुनिए।
(क) समुद्र की रेत(ख) वेदि की मिट्टी(ग) गौशाला की मिट्टी(घ) मसान की मिट्टी
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
अपनी आँखों से जगह देखकर, अपने हाथ से चुने हुए मट्टी के डगलों पर भरोसा करना क्यों बुरा है और लाखों-करोड़ों कोस दूर बैठे बड़े-बड़े मट्टी और आग के ढेलों—मंगल और शनैश्चर और बृहस्पति—की कल्पित चाल के कल्पित हिसाब का भरोसा करना क्यों अच्छा है, यह मैं क्या कह सकता हूँ? बकौल वात्स्यायन के, आज का कबूतर अच्छा है कल के मोर से, आज का पैसा अच्छा है कल के मोहर से। आँखों देखा ढेला अच्छा ही होना चाहिए लाखों कोस की तेज पिण्ड से!
- 1 अंकउपर्युक्त गद्यांश में लेखक व्यंग्य में किसे ‘अच्छा ही होना चाहिए’ कहते हैं?
(क) ग्रहों की कल्पित चाल पर(ख) किसी ज्योतिषी की भविष्यवाणी पर(ग) किसी सपने पर(घ) आँखों देखी मिट्टी पर - 1 अंकउपर्युक्त गद्यांश में लेखक किसका कथन उद्धृत करते हैं?
(क) कबीर का(ख) वात्स्यायन का(ग) तुलसीदास का(घ) कालिदास का
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंककथन: ‘लेखक धर्माचार्यों के एकाधिकार वाले मत से पूरी तरह सहमत हैं।’ यह कथन सत्य है या असत्य?
(क) असत्य(ख) सत्य(ग) आंशिक रूप से सत्य(घ) पाठ में इसका उल्लेख नहीं है
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ग) गुलेरी जी का जीवनकाल सन् 1883 से 1922 माना जाता है।
- (क) गुलेरी जी का जन्म पुरानी बस्ती, जयपुर में हुआ था।
- (घ) पाठ स्वयं कहता है कि ‘उसने कहा था’ कहानी गुलेरी जी का पर्याय बन चुकी है।
- (ख) गुलेरी जी को ‘इतिहास दिवाकर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
- (घ) पं. मदन मोहन मालवीय के आग्रह पर ही गुलेरी जी प्राचार्य बने।
- (ग) पाठ के अनुसार ‘सुमिरिनी के मनके’ नाम से तीन लघु निबंध, बालक बच गया, घड़ी के पुर्ज़े और ढेले चुन लो, पाठ्यपुस्तक में दिए गए हैं।
- (क) बालक की अवस्था आठ वर्ष की थी।
- (घ) ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ की नायिका पोर्शिया है।
अभिकथन-कारण
- (ग) A सत्य है, वे निराश हुए। R असत्य है, पाठ के अनुसार बालक ख़ुद भी अपने उत्तर से ‘विस्मित’ हुआ था, यानी उसने पहले से किसी को कुछ नहीं बताया था।
- (घ) A असत्य है, लेखक इस दृष्टांत को स्वीकार नहीं करते बल्कि उसका खंडन करते हैं। R सत्य है, यह धर्म-उपदेशकों/धर्माचार्यों के उसी पारंपरिक मत का सही वर्णन है जिसका लेखक विरोध करते हैं, इसलिए R, A का स्पष्टीकरण नहीं बनता।
सुमेलन कीजिए
- (क) सही मिलान है: वेदि-वैदिक पंडित (ii), गौशाला-पशुओं का धनी (iii), खेत-ज़मींदार पुत्र (i), मसान-अशुभ, घर मसान बनेगा (iv)। पुरानी मान्यता यह थी कि ऐसी कन्या घर को जन्मभर जलाती रहेगी, न कि यह कि वह स्वयं जीवनभर दुख झेलेगी।
- (ख) सही मिलान है: ‘क्या जिज्ञासा बंद होती है?’ का उत्तर है, उपमा जिज्ञासा नहीं रोकती (ii); घड़ियों में फ़र्क़ होने पर खोलकर देखने की छूट माँगना (i); घड़ीसाज़ी सीखने योग्य, इसलिए परीक्षा-पास को देखने देना (iv); परदादा की घड़ी, धर्माचार्यों की सत्ता पर व्यंग्य (iii)।
कथन आधारित प्रश्न
- (ग) दोनों कथन सत्य हैं, लेखक कहते हैं ‘घड़ी देखना तो सिखा दो’, और यह भी कि ‘जो घड़ीसाज़ी का इम्तहान पास कर आया है उसे तो देखने दो’।
सही क्रम में लगाइए
- (ग) सही क्रम है, समालोचक (1903-06), मर्यादा (1911-12), प्रतिभा (1918-20), नागरी प्रचारिणी पत्रिका (1920-22)।
- (ख) सही क्रम है, पहले स्नातक कन्या के पिता के यहाँ पहुँचता, फिर गौ भेंट की जाती (पाठ: ‘वह उसे गौ भेंट करता’), फिर कन्या के सामने ढेले रखे जाते, और अंत में कन्या एक ढेला उठाती।
रिक्त स्थान
- (घ) पाठ में ‘वेदशास्त्रज्ञ धर्माचार्यों’ शब्द प्रयोग हुआ है।
असंगत चुनिए
- (क) पाठ में वेदि, गौशाला, खेत, चौराहा और मसान की मिट्टी का उल्लेख है, समुद्र की रेत का नहीं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (घ) गद्यांश में लेखक व्यंग्य में कहते हैं, ‘आँखों देखा ढेला अच्छा ही होना चाहिए लाखों कोस की तेज पिण्ड से!’ इससे ठीक पहले वे स्वयं कहते हैं, ‘यह मैं क्या कह सकता हूँ?’
- (ख) गद्यांश में लेखक वात्स्यायन का कथन उद्धृत करते हैं, ‘आज का कबूतर अच्छा है कल के मोर से’।
सत्य-असत्य
- (क) यह कथन असत्य है, लेखक इस मत का खंडन करते हुए आम आदमी के जानने के हक़ की बात करते हैं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री