कक्षा 12 हिंदी अंतरा भाग 2 अध्याय 17 कुटज MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हिंदी में

इस अध्याय के 19 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकहजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म कहाँ हुआ था?
    (क) वाराणसी(ख) इलाहाबाद(ग) गाँव आरत दुबे का छपरा, ज़िला बलिया (उ.प्र.)(घ) चंडीगढ़
  2. 1 अंकद्विवेदी जी को किस पुस्तक पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला?
    (क) कुटज(ख) कल्पलता(ग) बाणभट्ट की आत्मकथा(घ) आलोक पर्व
  3. 1 अंकहिमालय को ‘पृथ्वी का मानदंड’ किसने कहा?
    (क) हजारी प्रसाद द्विवेदी(ख) सिलवाँ लेवी(ग) कालिदास(घ) भीष्म पितामह
  4. 1 अंकनिबंध के अनुसार शिवालिक की भूमि पर हरियाली के नाम पर क्या मिलता है?
    (क) कुछ अनजान झाड़-झंखाड़ और ‘बेहया-से’ पेड़(ख) घना जंगल(ग) फूलों की वाटिका(घ) हरे-भरे खेत
  5. 1 अंक‘सोशल सेक्शन’ का निबंध में क्या अर्थ बताया गया है?
    (क) सामाजिक दंड(ख) सरकारी अनुमति(ग) पारिवारिक सम्मान(घ) समाज की स्वीकृति
  6. 1 अंकनिबंध के अनुसार संस्कृत में किन शब्दों से दासी को कहते हैं?
    (क) कुटीर(ख) कुटिहारिका और कुटकारिका(ग) कुटच(घ) कुटज
  7. 1 अंकसिलवाँ लेवी के अनुसार संस्कृत में फूल-वृक्ष वाचक अधिकांश शब्द किस भाषा-परिवार के हैं?
    (क) द्रविड़ भाषा-परिवार(ख) तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार(ग) इंडो-यूरोपीय भाषा-परिवार(घ) आग्नेय भाषा-परिवार
  8. 1 अंकलेखक के अनुसार याज्ञवल्क्य ‘आत्मनः’ का अर्थ कुछ और बड़ा करना चाहते थे। वह व्यापक अर्थ क्या है?
    (क) समष्टि-बुद्धि, ‘अपने में सब और सबमें आप’(ख) केवल व्यक्ति का संकुचित स्वार्थ(ग) केवल धन-संपत्ति(घ) केवल परिवार का हित

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): लेखक कुटज का रूप देखकर उसे पहचान-सा लेते हैं, पर उसका नाम याद नहीं आता।
    कारण (R): लेखक के अनुसार रूप व्यक्ति-सत्य है और नाम समाज-सत्य, और नाम बड़ा इसलिए है कि उस पर समाज की मुहर लगी होती है।

    (क) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण है(ख) A सत्य, R सत्य, R सही स्पष्टीकरण नहीं है(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंककॉलम A को कॉलम B से सुमेलित कीजिए:
    कॉलम A: 1. कालिदास 2. याज्ञवल्क्य 3. भीष्म पितामह 4. राजा जनक
    कॉलम B: (i) ‘आत्मनस्तु कामाय सर्व प्रियं भवति’ (ii) हिमालय को ‘पृथ्वी का मानदंड’ कहना (iii) ‘सुखं वा यदि वा दुःखं…’ (शांतिपर्व श्लोक) (iv) ‘नाहमात्मार्थम्…’ श्लोक (वशी होने का उदाहरण)

    (क) 1-(i), 2-(ii), 3-(iv), 4-(iii)(ख) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)(ग) 1-(iv), 2-(iii), 3-(ii), 4-(i)(घ) 1-(ii), 2-(i), 3-(iii), 4-(iv)
  2. 1 अंकशब्द को उसके शब्दार्थ से सुमेलित कीजिए:
    शब्द: 1. अंतर्निरुद्ध 2. गह्वर 3. द्वंद्वातीत 4. मदोद्धता
    अर्थ: (i) नशे या गर्व से चूर (ii) भीतरी रुकावट (iii) गहरा, गड्ढा (iv) द्वंद्व से परे

    (क) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv)(ख) 1-(iv), 2-(i), 3-(ii), 4-(iii)(ग) 1-(ii), 2-(iii), 3-(iv), 4-(i)(घ) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)
  3. 1 अंकशब्द को उसके शब्दार्थ से सुमेलित कीजिए:
    शब्द: 1. स्तबक 2. लोल 3. फकत 4. अनत्युच्च
    अर्थ: (i) चंचल, हिलता-डोलता (ii) गुच्छा, फूलों का गुच्छा (iii) जो बहुत ऊँचा न हो (iv) अकेला, केवल, एकमात्र

    (क) 1-(ii), 2-(i), 3-(iv), 4-(iii)(ख) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv)(ग) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)(घ) 1-(iv), 2-(iii), 3-(ii), 4-(i)
  4. 1 अंकशब्द को उसके शब्दार्थ से सुमेलित कीजिए:
    शब्द: 1. कार्पण्य 2. उपहत 3. निपोरना 4. अवधूत
    अर्थ: (i) चोट खाया हुआ, घायल, नष्ट (ii) कृपणता, कंजूसी (iii) विरक्त, संन्यासी (iv) खुशामद करना, दिखाना

    (क) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv)(ख) 1-(iv), 2-(iii), 3-(ii), 4-(i)(ग) 1-(ii), 2-(i), 3-(iv), 4-(iii)(घ) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: पाठ के आरंभ में दिए परिचय के अनुसार कुटज में विशेष सौंदर्य और सुगंध, दोनों हैं।
    कथन II: पाठ के आरंभ में दिए परिचय के अनुसार कुटज में अपराजेय जीवनशक्ति और स्वावलंबन है।
    नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

    (क) कथन I और II दोनों सही हैं(ख) केवल कथन I सही है(ग) केवल कथन II सही है(घ) कथन I और II दोनों ग़लत हैं

5 सही क्रम में लगाइए

सही क्रम में लगाइए
  1. 1 अंकद्विवेदी जी के जीवन की घटनाओं को सही कालक्रम में लगाइए: (i) पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में हिंदी विभागाध्यक्ष (ii) काशी हिंदू विश्वविद्यालय में रेक्टर नियुक्त (iii) हिंदी भवन, शांति निकेतन के निदेशक (iv) प्रथम राजभाषा आयोग के सदस्य
    (क) राजभाषा आयोग → शांति निकेतन → रेक्टर → पंजाब विश्वविद्यालय(ख) शांति निकेतन → राजभाषा आयोग → पंजाब विश्वविद्यालय → रेक्टर(ग) पंजाब विश्वविद्यालय → रेक्टर → शांति निकेतन → राजभाषा आयोग(घ) रेक्टर → पंजाब विश्वविद्यालय → राजभाषा आयोग → शांति निकेतन
  2. 1 अंकरूप-नाम प्रसंग में निबंध की घटनाओं को सही क्रम में लगाइए: (i) नाम याद आना, ‘यह तो कुटज है!’ (ii) रूप पहचानना पर नाम भूल जाना (iii) काल्पनिक नामों के बारे में सोचना (iv) कुटज बनाम कूटज की व्युत्पत्ति पर विचार
    (क) नाम याद आना → रूप पहचानना → व्युत्पत्ति पर विचार → काल्पनिक नाम सोचना(ख) काल्पनिक नाम सोचना → व्युत्पत्ति पर विचार → रूप पहचानना → नाम याद आना(ग) रूप पहचानना → काल्पनिक नाम सोचना → नाम याद आना → व्युत्पत्ति पर विचार(घ) व्युत्पत्ति पर विचार → नाम याद आना → काल्पनिक नाम सोचना → रूप पहचानना

6 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकनिम्न में से कौन-सा नाम, निबंध के अनुसार, पौरुष-सूचक (वीरता-सूचक) काल्पनिक नाम नहीं है?
    (क) अकुतोभय(ख) धरतीधकेल(ग) सुस्मिता(घ) पहाड़फोड़

7 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“रूप व्यक्ति-सत्य है, नाम समाज-सत्य। नाम उस पद को कहते हैं जिस पर समाज की मुहर लगी होती है। आधुनिक शिक्षित लोग जिसे ‘सोशल सेक्शन’ कहा करते हैं। मेरा मन नाम के लिए व्याकुल है, समाज द्वारा स्वीकृत, इतिहास द्वारा प्रमाणित, समष्टि-मानव की चित्त-गंगा में स्नात।”
  1. 1 अंकउपर्युक्त गद्यांश के आधार पर, ‘रूप’ के लिए निबंध ने कौन-सा शब्द प्रयोग किया है?
    (क) समाज-सत्य(ख) व्यक्ति-सत्य(ग) इतिहास-सत्य(घ) खंड-सत्य
गद्यांश
“जीना चाहते हो? कठोर पाषाण को भेदकर, पाताल की छाती चीरकर अपना भोग्य संग्रह करो; वायुमंडल को चूसकर, झंझा-तूफ़ान को रगड़कर, अपना प्राप्य वसूल लो; आकाश को चूमकर अवकाश की लहरी में झूमकर उल्लास खींच लो। कुटज का यही उपदेश है।”
  1. 1 अंकउपर्युक्त गद्यांश के अनुसार कुटज के उपदेश में ‘कठोर पाषाण को भेदना’ किसका संकेत है?
    (क) कठिनाइयों को पार करके अपने बलबूते जीवन-रस पाना(ख) पहाड़ पर चढ़ने की तकनीक(ग) मूर्ति बनाने की कला(घ) पत्थर तोड़ने का पेशा
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म गाँव आरत दुबे का छपरा, ज़िला बलिया (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
  2. (घ) ‘आलोक पर्व’ पुस्तक पर द्विवेदी जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया।
  3. (ग) निबंध के अनुसार कालिदास ने हिमालय को दोनों समुद्रों तक फैला बताकर ‘पृथ्वी का मानदंड’ कहा था।
  4. (क) निबंध के अनुसार यहाँ हरियाली के नाम पर सिर्फ़ कुछ अनजान नाम-गोत्र के झाड़-झंखाड़ और ‘बेहया-से’ पेड़ मिलते हैं।
  5. (घ) निबंध में बताया गया है कि नाम उस पद को कहते हैं जिस पर समाज की मुहर लगी होती है, आधुनिक शिक्षित लोग इसे ‘सोशल सेक्शन’ कहते हैं।
  6. (ख) निबंध में लिखा है: “संस्कृत में ‘कुटिहारिका’ और ‘कुटकारिका’ दासी को कहते हैं।” ‘कुटीर’ (कुटिया) को लेखक “कदाचित्” इसी शब्द से संबद्ध मानते हैं, ‘कुटच’ कुटज का ही एक रूप है, और ‘कुटज’ पौधे का नाम है। (ज़रा गलत ढंग की दासी के लिए ‘कुटनी’/’कुट्टनी’ शब्द आते हैं।)
  7. (घ) निबंध के अनुसार सिलवाँ लेवी कह गए हैं कि संस्कृत में फूलों, वृक्षों और खेत-बागबानी से जुड़े अधिकांश शब्द आग्नेय भाषा-परिवार के हैं।
  8. (क) लेखक कहते हैं, “वे ‘आत्मनः’ का अर्थ कुछ और बड़ा करना चाहते थे। व्यक्ति की ‘आत्मा’ केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है, वह व्यापक है। अपने में सब और सबमें आप—इस प्रकार की एक समष्टि-बुद्धि…”
अभिकथन-कारण
  1. (ख) A सत्य है: लेखक कहते हैं ‘रूप देखकर प्रायः पहचान जाता हूँ, नाम नहीं याद आता।’ R भी सत्य है, पर R यह बताता है कि नाम बड़ा क्यों है, यह नहीं कि लेखक को नाम याद क्यों नहीं आया। नाम भूलना लेखक की अपनी आदत है (‘प्रायः भूल जाता हूँ’), इसलिए R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
सुमेलन कीजिए
  1. (घ) कालिदास: हिमालय को मानदंड कहना (ii); याज्ञवल्क्य: आत्मनस्तु कामाय… (i); भीष्म पितामह: शांतिपर्व श्लोक (iii); राजा जनक: नाहमात्मार्थम् श्लोक (iv)।
  2. (ग) अंतर्निरुद्ध: भीतरी रुकावट (ii); गह्वर: गहरा/गड्ढा (iii); द्वंद्वातीत: द्वंद्व से परे (iv); मदोद्धता: नशे/गर्व से चूर (i)।
  3. (क) स्तबक: गुच्छा (ii); लोल: चंचल (i); फकत: अकेला/केवल (iv); अनत्युच्च: बहुत ऊँचा नहीं (iii)।
  4. (ग) कार्पण्य: कंजूसी (ii); उपहत: घायल/नष्ट (i); निपोरना: खुशामद (iv); अवधूत: विरक्त संन्यासी (iii)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (ग) कथन I ग़लत है: परिचय कहता है कुटज में न विशेष सौंदर्य है, न सुगंध। कथन II सही है, यह पाठ के आरंभ में दिए परिचय में लिखा है।
सही क्रम में लगाइए
  1. (ख) सही क्रम: शांति निकेतन (1940-50) → राजभाषा आयोग (1955) → पंजाब विश्वविद्यालय (1960-67) → रेक्टर (1967)।
  2. (ग) सही क्रम: पहले रूप पहचानना पर नाम न आना, फिर काल्पनिक नामों पर विचार, फिर अचानक नाम याद आना, फिर कुटज-कूटज की व्युत्पत्ति पर विचार।
असंगत चुनिए
  1. (ग) सुस्मिता एक सुंदरता-सूचक नाम है (गिरिकांता, वनप्रभा की तरह); अकुतोभय, धरतीधकेल और पहाड़फोड़ पौरुष-सूचक काल्पनिक नाम हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (ख) गद्यांश में स्पष्ट लिखा है: ‘रूप व्यक्ति-सत्य है, नाम समाज-सत्य।’
  2. (क) यह पंक्ति कठिनाई से न डरकर, उसे चीरकर अपने हिस्से का जीवन-रस स्वयं निकाल लेने का प्रतीकात्मक उपदेश है।