इस अध्याय के 18 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकरघुवीर सहाय ने 1951 में किस विषय में एम.ए. किया?
(क) इतिहास(ख) हिंदी साहित्य(ग) समाजशास्त्र(घ) अंग्रेज़ी साहित्य - 1 अंक“दूसरा सप्तक” के संपादक कौन थे, जिसमें रघुवीर सहाय की कविताएँ संकलित हैं?
(क) सुमित्रानंदन पंत(ख) जयशंकर प्रसाद(ग) अज्ञेय(घ) रघुवीर सहाय स्वयं - 1 अंकरघुवीर सहाय की किस काव्य-कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला?
(क) हँसो हँसो जल्दी हँसो(ख) लोग भूल गए हैं(ग) सीढ़ियों पर धूप में(घ) आत्महत्या के विरुद्ध - 1 अंक“वसंत आया” कविता का केंद्रीय स्वर क्या है?
(क) शृंगार रस(ख) करुण रस(ग) वीर रस(घ) व्यंग्य और विडंबना - 1 अंक“वसंत आया” में ढाक के जंगल दहकने और आम बौर आने की जानकारी कवि को कैसे मिली?
(क) टीवी पर देखकर(ख) गाँव जाकर देखने से(ग) कविताएँ पढ़ते रहने से(घ) रेडियो पर सुनकर - 1 अंक“तोड़ो” में पत्थर और चट्टानें किसका प्रतीक हैं?
(क) पहाड़ों का(ख) झूठे बंधनों (रूढ़ियों) का(ग) समुद्र का(घ) मंदिरों का - 1 अंक“वसंत आया” किस शैली में लिखी गई है?
(क) दोहा छंद(ख) चौपाई(ग) सवैया छंद(घ) मुक्त छंद - 1 अंक“मदनमहीना” शब्द का क्या अर्थ है?
(क) ग्रीष्म ऋतु(ख) कामदेव का महीना (वसंत)(ग) शरद ऋतु(घ) वर्षा ऋतु
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): रघुवीर सहाय ने अपनी नयी काव्य-भाषा का विकास किया, जिसमें वे अनावश्यक शब्दों के प्रयोग से प्रयासपूर्वक बचते हैं।
कारण (R): उनकी काव्य-दृष्टि थी कि अखबार की खबर में दबी-छिपी मानवीय पीड़ा की अभिव्यक्ति करना कविता का दायित्व है।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सही है, R गलत है(घ) A गलत है, R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसुमेलन कीजिए (“वसंत आया” के शब्दार्थ),
कॉलम A: 1. तरुवर 2. फिरकी 3. दहर-दहर 4. नंदन-वन
कॉलम B: i. धधक-धधक कर ii. छायादार वृक्ष iii. आनंददायी वन iv. फिरहरी (गोल घूमने वाला खिलौना)
(क) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii(ख) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii(ग) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(घ) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i - 1 अंकसुमेलन कीजिए (“वसंत आया” में अलंकार),
कॉलम A: 1. बड़े-बड़े पियराए पत्ते 2. गरम पानी से नहाई हो 3. फिरकी-सी आई 4. दहर-दहर दहकेंगे
कॉलम B: i. उत्प्रेक्षा अलंकार ii. अनुप्रास व पुनरुक्तिप्रकाश iii. पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार iv. उपमा अलंकार
(क) 1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii(ख) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ग) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii(घ) 1-ii, 2-iii, 3-i, 4-iv
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: “तोड़ो” में कवि पत्थर-चट्टानों को तोड़ने का आह्वान करता है।
कथन II: कवि मन की ऊब और खीज को तोड़ने (उर्वर बनाने) की बात नहीं करता।
(क) केवल कथन I सही है(ख) कथन I और II दोनों गलत हैं(ग) केवल कथन II सही है(घ) कथन I और II दोनों सही हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंक“वसंत आया” में कवि को वसंत के संकेत मिलने का सही क्रम रखिए:
A. फुटपाथ पर चलते-चलते वसंत आने का एहसास
B. किसी तरु पर चिड़िया का कुऊकना
C. सुबह की हवा का फिरकी-सी आकर चली जाना
(क) B, C, A(ख) C, A, B(ग) A, B, C(घ) B, A, C
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक“चलती सड़क के किनारे लाल बजरी पर चुरमुराए पाँव तले, ऊँचे तरुवर से गिरे बड़े-बड़े _____ पत्ते।”
(क) टूटे(ख) सूखे-लाल(ग) हरे(घ) पियराए - 1 अंकरघुवीर सहाय कुछ समय हैदराबाद से प्रकाशित पत्रिका _____ के संपादन से जुड़े रहे।
(क) प्रतीक(ख) कल्पना(ग) सारिका(घ) दिनमान
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से असंगत चुनिए (तीन रघुवीर सहाय की काव्य-कृतियाँ हैं, एक उनका संकलन है):
(क) सीढ़ियों पर धूप में(ख) हँसो हँसो जल्दी हँसो(ग) आत्महत्या के विरुद्ध(घ) रघुवीर सहाय रचनावली
8 पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश
जैसे बहन ‘दा’ कहती है
ऐसे किसी बँगले के किसी तरु (अशोक?) पर कोई चिड़िया कुऊकी
चलती सड़क के किनारे लाल बजरी पर चुरमुराए पाँव तले
ऊँचे तरुवर से गिरे
बड़े-बड़े पियराए पत्ते
कोई छह बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो—
खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई।
ऐसे किसी बँगले के किसी तरु (अशोक?) पर कोई चिड़िया कुऊकी
चलती सड़क के किनारे लाल बजरी पर चुरमुराए पाँव तले
ऊँचे तरुवर से गिरे
बड़े-बड़े पियराए पत्ते
कोई छह बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो—
खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई।
- 1 अंकऊपर दिया गया पद्यांश किस कविता से लिया गया है?
(क) यह दीप अकेला(ख) वसंत आया(ग) तोड़ो(घ) आत्महत्या के विरुद्ध
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों के सत्य/असत्य होने का सही संयोजन चुनिए:
(i) रघुवीर सहाय का जन्म लखनऊ में हुआ।
(ii) वे पेशे से केवल कवि थे, पत्रकार नहीं।
(iii) उन्होंने “दिनमान” का कई वर्षों तक संपादन किया।
(iv) उनकी कुछ कविताएँ “दूसरा सप्तक” में संकलित हैं।
(क) सत्य, असत्य, सत्य, सत्य(ख) सत्य, सत्य, सत्य, असत्य(ग) असत्य, सत्य, असत्य, सत्य(घ) सत्य, सत्य, असत्य, सत्य
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) उन्होंने 1951 में अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए. किया।
- (ग) “दूसरा सप्तक” के संपादक अज्ञेय हैं; रघुवीर सहाय की केवल कुछ कविताएँ उसमें संकलित हैं, वे उसके संपादक नहीं हैं।
- (ख) रघुवीर सहाय की काव्य-कृति “लोग भूल गए हैं” पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
- (घ) “वसंत आया” का केंद्रीय स्वर व्यंग्य और विडंबना है, यह वसंत का सीधा वर्णन नहीं है।
- (ग) कवि को ये पारंपरिक वसंत-दृश्य कविताएँ पढ़ते रहने से पता थे, प्रत्यक्ष अनुभव से नहीं। यही इस कविता के व्यंग्य का मुख्य आधार है।
- (ख) पत्थर और चट्टानें झूठे बंधनों (रूढ़ियों) के प्रतीक हैं, इन्हें तोड़े बिना धरती को नहीं जाना जा सकता।
- (घ) “वसंत आया” मुक्त छंद में लिखी गई है, जिसमें “तोड़ो” जैसी नियमित तुक-योजना नहीं है; “तोड़ो” तुकांत और लयबद्ध रचना है।
- (ख) मदनमहीना का अर्थ है कामदेव का महीना, यानी वसंत।
अभिकथन-कारण
- (क) दोनों कथन सही हैं। पाठ्यपुस्तक के अनुसार “इस काव्य-दृष्टि के अनुरूप ही उन्होंने अपनी नयी काव्य-भाषा का विकास किया है”, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
सुमेलन कीजिए
- (क) तरुवर = छायादार वृक्ष, फिरकी = फिरहरी (गोल घूमने वाला खिलौना), दहर-दहर = धधक-धधक कर, नंदन-वन = आनंददायी वन।
- (ग) “बड़े-बड़े पियराए पत्ते” में पुनरुक्तिप्रकाश, “गरम पानी से नहाई हो” में उत्प्रेक्षा, “फिरकी-सी आई” में उपमा, “दहर-दहर दहकेंगे” में अनुप्रास व पुनरुक्तिप्रकाश दोनों हैं।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) कथन I सही है। कथन II गलत है, कवि मन की ऊब-खीज को भी तोड़ने/उर्वर बनाने की बात करता है, यह कविता का दोहरा प्रतीक है।
सही क्रम में लगाइए
- (क) पहले चिड़िया कुऊकी, फिर सुबह की हवा फिरकी-सी आई-गई, इन्हीं छोटे संकेतों से चलते-चलते कवि को वसंत का एहसास हुआ।
रिक्त स्थान
- (घ) पंक्ति है, “ऊँचे तरुवर से गिरे बड़े-बड़े पियराए पत्ते”: पियराए अर्थात पीले पड़े हुए।
- (ख) रघुवीर सहाय कुछ समय हैदराबाद से प्रकाशित पत्रिका “कल्पना” के संपादन से जुड़े रहे।
असंगत चुनिए
- (घ) रघुवीर सहाय रचनावली उनकी लगभग सभी रचनाओं का छह-खंडीय संकलन है; बाकी तीन उनकी काव्य-कृतियाँ हैं।
पद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) यह पंक्तियाँ “वसंत आया” कविता की आरंभिक पंक्तियाँ हैं।
सत्य-असत्य
- (क) (i) सत्य (ii) असत्य, वे पत्रकार भी थे, कवि होने के साथ-साथ (iii) सत्य (iv) सत्य।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री