इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकजवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव संविधान सभा में किस तिथि को पेश किया?
(क) 26 जनवरी 1950(ख) 15 अगस्त 1947(ग) 9 दिसंबर 1946(घ) 13 दिसंबर 1946 - 1 अंकभारतीय संविधान किस तिथि से लागू हुआ?
(क) 9 दिसंबर 1946(ख) दिसंबर 1949(ग) 15 अगस्त 1947(घ) 26 जनवरी 1950 - 1 अंकसंविधान सभा के सदस्य किस प्रकार चुने गए थे?
(क) प्रत्येक रियासत के राजा द्वारा चुने गए(ख) ब्रिटिश वायसराय द्वारा मनोनीत(ग) 1945-46 की सर्दियों के प्रांतीय चुनावों के बाद प्रांतीय संसदों द्वारा(घ) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से सीधे - 1 अंकसंविधान सभा के कितने प्रतिशत सदस्य कांग्रेस सदस्य भी थे?
(क) 95 प्रतिशत(ख) 82 प्रतिशत(ग) 65 प्रतिशत(घ) 50 प्रतिशत - 1 अंकपूरी संविधान-निर्माण प्रक्रिया में कुल कितना समय लगा, और बहस कितने खंडों में दर्ज हुई?
(क) छह माह, एक खंड(ख) एक वर्ष, तीन खंड(ग) तीन वर्ष, ग्यारह भारी खंड(घ) पाँच वर्ष, बीस खंड - 1 अंक27 अगस्त 1947 को पृथक निर्वाचिका जारी रखने का तर्क किसने दिया?
(क) बी. पोकर बहादुर(ख) जयपाल सिंह(ग) गोविंद वल्लभ पंत(घ) एन.जी. रंगा - 1 अंकजयपाल सिंह पृथक निर्वाचिका के हक में नहीं थे। विधायिका में आदिवासियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए वे किस व्यवस्था को ज़रूरी मानते थे?
(क) पूर्ण अलग राज्य(ख) आरक्षित विधानसभा सीटें(ग) कोई विशेष प्रावधान नहीं(घ) गवर्नर द्वारा आदिवासी सदस्यों का मनोनयन
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव ने भारत को क्रांतियों के एक व्यापक वैश्विक इतिहास के भीतर रखा, साथ ही किसी की केवल नक़ल न करने पर ज़ोर देते हुए।
कारण (R): नेहरू के भाषण ने भारत को अमेरिकी, फ्रांसीसी और रूसी क्रांतियों के साथ रखा, फिर कहा ‘हम सिर्फ़ नकल करने वाले नहीं हैं… हम यहाँ जैसी चाहे सरकार बनाएँ, वह हमारे लोगों के स्वभाव के अनुरूप… होनी चाहिए।’
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): प्रारूप संविधान ने तीन विषय-सूचियाँ बनाईं: केंद्रीय सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।
कारण (R): केंद्र-राज्य शक्ति-विभाजन पर बहस में वित्तीय विषयों, जैसे आयकर और आबकारी शुल्क के बँटवारे, को लेकर भी असहमति थी।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) प्रारूप समिति (ii) प्रांतीय संविधान समिति (iii) झंडा समिति (iv) संघ शक्ति समिति
सूची II : (क) जवाहरलाल नेहरू (ख) वल्लभभाई पटेल (ग) बी.आर. अम्बेडकर (घ) जे.बी. कृपलानी
(क) i-घ, ii-ग, iii-क, iv-ख(ख) i-ख, ii-क, iii-ग, iv-घ(ग) i-ग, ii-ख, iii-घ, iv-क(घ) i-क, ii-ग, iii-ख, iv-घ - 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) आर.वी. धुलेकर (ii) जी. दुर्गाबाई (iii) महात्मा गाँधी (iv) शंकरराव देव
सूची II : (क) हिंदुस्तानी को संस्कृतनिष्ठ या फ़ारसीनिष्ठ न बनाने की पैरवी (ख) संविधान-निर्माण की भाषा के रूप में हिंदी की तत्काल माँग (ग) आक्रामक हिंदी-प्रचार पर संयम की सलाह (घ) दक्षिण में हिंदी के वर्चस्व के भय की आवाज़
(क) i-क, ii-ख, iii-ग, iv-घ(ख) i-ख, ii-घ, iii-क, iv-ग(ग) i-घ, ii-ग, iii-ख, iv-क(घ) i-ग, ii-क, iii-घ, iv-ख
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : उद्देश्य प्रस्ताव के पाठ में ‘लोकतांत्रिक’ शब्द नहीं था।
कथन II : नेहरू ने तर्क दिया कि भारत का पूरा इतिहास लोकतांत्रिक संस्थानों के पक्ष में साक्षी है, और प्रस्ताव में लोकतंत्र की अंतर्वस्तु प्रस्तुत की गई है।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I ग़लत है, कथन II सही है(घ) कथन I सही है, कथन II ग़लत है - 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : के. सन्तनम ने प्रस्तावित शक्ति-वितरण को केंद्र के लिए अत्यधिक बोझिल बताया।
कथन II : उन्होंने चेतावनी दी कि वित्तीय शर्तें राज्यों को शिक्षा, स्वच्छता या सड़कों का वित्तपोषण करने में असमर्थ छोड़ देंगी।
(क) कथन I ग़लत है, कथन II सही है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(घ) कथन I सही है, कथन II ग़लत है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. मुस्लिम लीग प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस की घोषणा करती है
2. ब्रिटेन में लेबर सरकार सत्ता में आती है
3. संविधान सभा अपने सत्र शुरू करती है
4. कैबिनेट मिशन अपनी संवैधानिक योजना घोषित करता है
(क) 2-4-1-3(ख) 4-2-1-3(ग) 2-1-4-3(घ) 3-1-4-2 - 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. जिन्ना पाकिस्तान की संविधान सभा के अध्यक्ष चुने जाते हैं
2. भारत के संविधान पर हस्ताक्षर होते हैं
3. मुस्लिम लीग संविधान सभा भंग करने की माँग करती है
4. कांग्रेस नेहरू को उपाध्यक्ष बनाकर अंतरिम सरकार बनाती है
(क) 3-4-1-2(ख) 4-1-3-2(ग) 4-3-1-2(घ) 1-4-3-2
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकअनुच्छेद ______ ने राज्यपाल की सिफ़ारिश पर केंद्र को किसी राज्य का प्रशासन अपने हाथ में लेने की शक्ति दी।
(क) 1(ख) 356(ग) 395(घ) 370
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित व्यक्ति-भूमिका युग्मों में से कौन-सा ग़लत है?
(क) एस.एन. मुखर्जी: मुख्य योजनाकार(ख) बी.एन. राव: संवैधानिक सलाहकार(ग) एन.जी. रंगा: संविधान सभा अध्यक्ष(घ) बी.आर. अम्बेडकर: प्रारूप समिति अध्यक्ष
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“कुछ मित्रों ने सवाल उठाया है : ‘आपने यहाँ ‘लोकतांत्रिक’ शब्द क्यों नहीं रखा।’ मैंने उन्हें कहा है कि निस्संदेह यह सोचा जा सकता है कि कोई गणराज्य लोकतांत्रिक न हो परंतु हमारा पूरा इतिहास इस तथ्य का साक्षी है कि हम लोकतांत्रिक संस्थानों के ही पक्षधर हैं। स्वाभाविक है कि हमारा लक्ष्य लोकतंत्र है। लोकतंत्र से कम कुछ भी नहीं… मैं आशा करता हूँ कि किसी कथित लोकतांत्रिक देश की एक खास लोकतांत्रिक प्रणाली या किसी संस्थान विशेष की हम सिर्फ़ नकल करने वाले नहीं हैं… बहरहाल, किसी भी सूरत में, हम यहाँ जैसी चाहे सरकार बनाएँ, वह हमारे लोगों के स्वभाव के अनुरूप और उनको स्वीकार्य ज़रूर होनी चाहिए… हमने इस प्रस्ताव में लोकतंत्र की अंतर्वस्तु प्रस्तुत की है।”
— जवाहरलाल नेहरू, 13 दिसंबर 1946 (स्रोत 1)
— जवाहरलाल नेहरू, 13 दिसंबर 1946 (स्रोत 1)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश (नेहरू, स्रोत 1) के अनुसार, नेहरू ने भारत की शासन-प्रणाली के बारे में क्या शर्त रखी?
(क) वह भारत की जनता के स्वभाव के अनुरूप और उन्हें स्वीकार्य होनी चाहिए(ख) उसमें लोकतंत्र का कोई उल्लेख नहीं होना चाहिए(ग) वह पूरी तरह ब्रिटिश मॉडल पर आधारित होनी चाहिए(घ) वह किसी एक देश के संविधान की हूबहू नक़ल होनी चाहिए
गद्यांश
“क्या आप मुझे एक भी स्वतंत्र देश दिखा सकते हैं जहाँ पृथक निर्वाचिका हो? अगर आप मुझे दिखा दें तो मैं आपकी बात मान लूँगा… अंग्रेज़ तो चले गए, मगर जाते-जाते शरारत का बीज बो गए हैं। हम इस शरारत को और बढ़ाना नहीं चाहते।”
— सरदार वल्लभ भाई पटेल (स्रोत 3)
— सरदार वल्लभ भाई पटेल (स्रोत 3)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश (पटेल, स्रोत 3) के अनुसार, पटेल ने अपने विरोधियों के सामने कौन-सी चुनौती रखी?
(क) कि वे संविधान का मसौदा स्वयं लिखें(ख) कि वे किसी एक स्वतंत्र देश का उदाहरण दिखाएँ जहाँ पृथक निर्वाचिका हो(ग) कि वे सभा से इस्तीफ़ा दे दें(घ) कि वे अपनी माँग लिखित में दर्ज कराएँ
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(i) 1909, 1919 और 1935 के अधिनियमों को संविधान सभा तक ले जाने वाला एक सहज, निरंतर क्रम माना जाना चाहिए।
(ii) 1935 तक भी मताधिकार केवल 10-15 प्रतिशत वयस्कों तक फैला था, और निर्वाचित विधानसभाएँ एक ब्रिटिश-नियुक्त गवर्नर के प्रति जवाबदेह थीं।
(क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया, जिसने भारत को न्याय, समानता और स्वतंत्रता की गारंटी देने वाला ‘स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य’ घोषित किया।
- (घ) भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ, यद्यपि इस पर हस्ताक्षर दिसंबर 1949 में ही हो गए थे।
- (ग) सदस्यों का चुनाव सार्वभौमिक मताधिकार के आधार पर नहीं हुआ था: 1945-46 की सर्दियों में प्रांतों में चुनाव हुए, जिसके बाद प्रांतीय संसदों ने संविधान सभा के सदस्यों को चुना।
- (ख) 82 प्रतिशत सभा सदस्य कांग्रेस सदस्य थे, यद्यपि पार्टी की स्वयं कोई एक आवाज़ नहीं थी।
- (ग) पूरी प्रक्रिया में तीन वर्ष लगे और यह बहस के ग्यारह भारी खंडों से भरी, ग्यारह सत्रों और 165 बैठक-दिनों में गढ़ी गई।
- (क) बी. पोकर बहादुर ने 27 अगस्त 1947 को तर्क दिया कि देश के शासन में मुसलमानों की एक सार्थक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पृथक निर्वाचिका के अलावा और कोई रास्ता नहीं हो सकता।
- (ख) जयपाल सिंह पृथक निर्वाचिका के हक में नहीं थे, लेकिन उन्हें लगता था कि विधायिका में आदिवासियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए सीटों के आरक्षण की व्यवस्था ज़रूरी है, ताकि औरों को आदिवासियों की आवाज़ सुनने के लिए मजबूर किया जा सके।
अभिकथन-कारण
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर R केवल उसी भाषण को दोहराता है जिसका A वर्णन करता है (क्रांतियों का उल्लेख और ‘नकल नहीं’ वाली पंक्ति)। R A का कोई कारण नहीं बताता, इसलिए R, A की व्याख्या नहीं करता।
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर R यह नहीं बताता कि तीन सूचियाँ ही क्यों बनाई गईं; यह केवल एक अलग, समानांतर बहस (वित्तीय बँटवारे) का उल्लेख करता है, इसलिए R, A की व्याख्या नहीं करता।
सुमेलन कीजिए
- (ग) प्रारूप समिति की अध्यक्षता अम्बेडकर (i-ग), प्रांतीय संविधान समिति की पटेल (ii-ख), झंडा समिति की कृपलानी (iii-घ), और संघ शक्ति समिति की नेहरू (iv-क) ने की।
- (ख) धुलेकर ने हिंदी की तत्काल माँग की (i-ख), दुर्गाबाई ने दक्षिण में हिंदी के वर्चस्व के भय की आवाज़ दी (ii-घ), गाँधीजी ने हिंदुस्तानी को संतुलित रखने की पैरवी की (iii-क), और शंकरराव देव ने संयम की सलाह दी (iv-ग)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II ठीक-ठीक बताता है कि नेहरू ने शब्द की अनुपस्थिति का बचाव कैसे किया, इसलिए यह कथन I की सही व्याख्या करता है।
- (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता। सन्तनम ने दो अलग बातें कहीं: ज़रूरत से ज़्यादा ज़िम्मेदारियों वाला केंद्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाएगा (कथन I), और राजकोषीय प्रावधान प्रांतों को खोखला कर देंगे (कथन II); दूसरी बात राज्यों के बारे में है, केंद्र के बोझिल होने का कारण नहीं।
काल-क्रम प्रश्न
- (क) ब्रिटेन में लेबर सरकार 26 जुलाई 1945 को सत्ता में आई, कैबिनेट मिशन योजना 16 मई 1946 को घोषित हुई, प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस की घोषणा 16 अगस्त 1946 को हुई, और संविधान सभा के सत्र 9 दिसंबर 1946 को शुरू हुए: क्रम 2-4-1-3।
- (ग) कांग्रेस ने 2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार बनाई, लीग ने 29 जनवरी 1947 को संविधान सभा भंग करने की माँग की, जिन्ना 11 अगस्त 1947 को पाकिस्तान की संविधान सभा के अध्यक्ष चुने गए, और दिसंबर 1949 में संविधान पर हस्ताक्षर हुए: क्रम 4-3-1-2।
रिक्त स्थान
- (ख) अनुच्छेद 356 ने राज्यपाल की सिफ़ारिश पर केंद्र को किसी राज्य का प्रशासन अपने हाथ में लेने की शक्ति दी, जो एक मज़बूत केंद्र की दिशा का हिस्सा था।
असंगत चुनिए
- (ग) राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे; एन.जी. रंगा एक समाजवादी किसान-नेता थे जिन्होंने ‘अल्पसंख्यक’ को आर्थिक शब्दों में परिभाषित किया। बाक़ी तीनों युग्म सही हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश के अनुसार नेहरू ने कहा कि ‘हम यहाँ जैसी चाहे सरकार बनाएँ, वह हमारे लोगों के स्वभाव के अनुरूप और उनको स्वीकार्य ज़रूर होनी चाहिए’, यानी नक़ल नहीं, अनुकूलन।
- (ख) गद्यांश के अनुसार पटेल ने पूछा: ‘क्या आप मुझे एक भी स्वतंत्र देश दिखा सकते हैं जहाँ पृथक निर्वाचिका हो?’, यह संकेत देते हुए कि कोई स्वतंत्र देश ऐसा नहीं करता।
सत्य-असत्य
- (ग) (i) ग़लत है: यह एक सामान्य भूल है; 1946 की सभा उस पैटर्न से एक वास्तविक विच्छेद थी, स्वाभाविक निरंतरता नहीं। (ii) सही है, यही बताता है कि पुराने अधिनियम वास्तविक लोकतंत्र क्यों नहीं थे।
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