कक्षा 12 इतिहास अध्याय 4 विचारक, विश्वास और इमारतें MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उत्तर सहित हिंदी में

इस अध्याय के 22 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकसाँची स्तूप के संरक्षण का वर्णन करने वाली भोपाल की नवाब, जिनका शासनकाल 1868-1901 रहा, कौन थीं?
    (क) सुल्तानजहाँ बेगम(ख) रज़िया बेगम(ग) शाहजहाँ बेगम(घ) नूरजहाँ बेगम
  2. 1 अंकऋग्वेद किस भाषा में और लगभग किस काल में संकलित हुआ?
    (क) प्राकृत, लगभग 1000-500 ई.पू.(ख) वैदिक संस्कृत, लगभग 1500-1000 ई.पू.(ग) संस्कृत गद्य, लगभग तीसरी शताब्दी ई.पू.(घ) पालि, लगभग 500-300 ई.पू.
  3. 1 अंकबौद्ध ग्रंथों के अनुसार, आरंभिक भारत के सक्रिय वाद-विवाद में कितने संप्रदायों या विचारधाराओं का वर्णन मिलता है?
    (क) 6(ख) 16(ग) 64(घ) 23
  4. 1 अंकप्राकृत ग्रंथ उत्तराध्ययन सूत्र किस रानी को अपने पति को संसार त्यागने के लिए मनाते हुए दर्ज करता है?
    (क) रानी कमलावती(ख) रानी शची(ग) रानी गांधारी(घ) रानी प्रभावती
  5. 1 अंकबुद्ध ने ज्ञान-प्राप्ति के बाद शेष जीवन किसकी शिक्षा में बिताया?
    (क) वेदों का पाठ(ख) राजनीति(ग) धम्म, सदाचारी जीवन का मार्ग(घ) यज्ञ-विधि
  6. 1 अंकबुद्ध की पालक माँ, जो भिक्खुनी के रूप में नियुक्त होने वाली पहली स्त्री थीं, कौन थीं?
    (क) महाप्रजापति गोतमी(ख) बुद्धमिता(ग) धनवती(घ) पुन्ना
  7. 1 अंकसंस्कृत में ‘स्तूप’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
    (क) ढेर(ख) गुफ़ा(ग) स्तंभ(घ) मंदिर
  8. 1 अंकएलोरा का कैलाशनाथ मंदिर, जो एक ही चट्टान से तराशा गया, किस शताब्दी में अपने शिखर पर पहुँचा?
    (क) पाँचवीं शताब्दी ई.(ख) दसवीं शताब्दी ई.(ग) छठी शताब्दी ई.(घ) आठवीं शताब्दी ई.

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): साँची का स्तूप बच गया जबकि अमरावती का महाचैत्य अब सिर्फ़ एक छोटा सा टीला है।
    कारण (R): संभवतः अमरावती की खोज पहले हो गई थी, जब तक विद्वान यह नहीं समझ पाए थे कि किसी पुरातात्विक अवशेष को खोज की जगह पर ही संरक्षित करना कितना महत्वपूर्ण है।

    (क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): बुद्ध ने मृत्यु-शय्या पर तुरंत स्वयं विशाल स्तूप बनाने की व्यवस्था करवाई।
    कारण (R): महापरिनिब्बान सुत्त के अनुसार, आनंद के पूछने पर बुद्ध ने चार चौराहों पर स्तूप बनाए जाने की बात कही।

    (क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
    सूची I : (i) साँची (ii) अमरावती (iii) भरहुत (iv) सारनाथ
    सूची II : (1) वह स्तूप-स्थल जिसका नाम मानचित्र 1 में साँची और सारनाथ के साथ आता है, और जहाँ अमरावती की तरह साँची जैसे सैकड़ों दानात्मक अभिलेख मिले हैं (2) बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्थल (3) 1818 में खोज के समय चार में से तीन तोरणद्वार खड़े थे (4) 1796 में एक स्थानीय राजा को अचानक अवशेष मिले, आज एक छोटा सा टीला

    (क) i-3, ii-4, iii-2, iv-1(ख) i-4, ii-3, iii-2, iv-1(ग) i-3, ii-4, iii-1, iv-2(घ) i-2, ii-1, iii-3, iv-4
  2. 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
    सूची I : (i) अंड (ii) हर्मिका (iii) यष्टि (iv) वेदिका
    सूची II : (1) अंड के ऊपर छज्जे जैसा ढाँचा, देवताओं के घर का प्रतीक (2) टीले के चारों ओर की बाड़, जो पवित्र स्थल को सामान्य दुनिया से अलग करती थी (3) हर्मिका से निकलने वाला मस्तूल, जिस पर अक्सर एक छत्री लगी होती थी (4) स्तूप का गोलार्ध वाला टीला जिसमें अवशेष रहते थे

    (क) i-2, ii-1, iii-3, iv-4(ख) i-3, ii-2, iii-4, iv-1(ग) i-4, ii-3, iii-2, iv-1(घ) i-4, ii-1, iii-3, iv-2

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
    कथन I : बौद्ध धर्म ने जन्म के बजाय आचरण को महत्व दिया।
    कथन II : बौद्ध धर्म के अनुयायी अभिजात और सामान्य, दोनों वर्गों से आए।

    (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है
  2. 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
    कथन I : साँची का स्तूप आज भी बना हुआ है जबकि अमरावती का महाचैत्य अपना सारा गौरव खो चुका है।
    कथन II : एच.एच. कोल अमरावती के मामले में अधिकारियों को राज़ी नहीं कर पाए, पर खोज की जगह पर ही संरक्षण की उनकी बात साँची के लिए मान ली गई।

    (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) कथन I ग़लत है, कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(घ) कथन I सही है, कथन II ग़लत है

5 काल-क्रम प्रश्न

काल-क्रम प्रश्न
  1. 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
    1. महायान बौद्ध मत का विकास
    2. जैन धर्म और बौद्ध धर्म का उदय (महावीर और बुद्ध)
    3. सबसे पुराने मंदिर
    4. आरंभिक स्तूपों का निर्माण

    (क) 1-4-2-3(ख) 2-4-1-3(ग) 4-2-1-3(घ) 2-1-4-3
  2. 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
    1. साँची को विश्व कला दाय स्थान घोषित किया जाना
    2. अलेक्ज़ैंडर कनिंघम द्वारा भिलसा टोप्स लिखी जाना
    3. जॉन मार्शल और अल्फ्रेड फूसे की द मॉन्युमेंट्स ऑफ़ साँची का प्रकाशन
    4. रामराजा लिखित एसेज़ ऑन द आर्किटैक्चर ऑफ़ द हिंदूज़ का प्रकाशन; कनिंघम द्वारा सारनाथ के स्तूप की छानबीन

    (क) 4-2-3-1(ख) 4-3-2-1(ग) 3-4-2-1(घ) 2-4-3-1

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकसुत्त पिटक में बुद्ध की ______ संकलित हैं, जबकि विनय पिटक मठवासी नियमों का संग्रह है।
    (क) जीवनी(ख) शिक्षाएँ(ग) भविष्यवाणियाँ(घ) वंशावली
  2. 1 अंकवैष्णव धर्म ने भगवान विष्णु के ______ अवतारों के इर्द-गिर्द पंथ विकसित किए।
    (क) बारह(ख) पाँच(ग) दस(घ) सात

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकबुद्ध-जीवन के चार पवित्र स्थलों में से कौन-सा जोड़ा ग़लत है?
    (क) सारनाथ: महापरिनिब्बान(ख) लुम्बिनी: जन्म(ग) कुशीनगर: निब्बान(घ) बोधगया: ज्ञान-प्राप्ति

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“महाराजा हुविष्क (एक कुषाण शासक) के तैंतीसवें साल में, गर्म मौसम के पहले महीने के आठवें दिन, त्रिपिटक जानने वाले भिक्खु बल की शिष्या, त्रिपिटक जानने वाली बुद्धमिता के बहन की बेटी, भिक्खुनी धनवती ने अपने माता-पिता के साथ मधुवनक में बोधिसत्त की मूर्ति स्थापित की।”
— धनवती का अभिलेख (NCERT अभ्यास प्रश्न 4)
  1. 1 अंकउपरोक्त गद्यांश (धनवती का अभिलेख) के अनुसार, धनवती ने अपने अभिलेख की तिथि किस आधार पर दी?
    (क) किसी बौद्ध संवत् से(ख) शासक हुविष्क के शासन-वर्ष, मौसम और महीने से(ग) चंद्र-कैलेंडर की तिथि से(घ) किसी सम्राट के राज्याभिषेक वर्ष से
गद्यांश
“सुख और दुख मानो पूर्व निर्धारित मात्रा में माप कर दिए गए हैं। इसे संसार में बदला नहीं जा सकता। इसे बढ़ाया या घटाया नहीं जा सकता। जैसे धागे का गोला फेंक देने पर लुढ़कते-लुढ़कते अपनी पूरी लंबाई तक खुलता जाता है उसी तरह मूर्ख और विद्वान दोनों ही पूर्व निर्धारित रास्ते से होते हुए दुःखों का निदान करेंगे।”
— मक्खलि गोसाल (स्रोत 3)
  1. 1 अंकउपरोक्त गद्यांश का मूल भाव क्या है?
    (क) व्यक्ति कठोर तप से अपना भाग्य बदल सकता है(ख) मृत्यु पर सब कुछ पंचतत्वों में विलीन हो जाता है(ग) सुख और दुख निश्चित हैं और इन्हें बदला नहीं जा सकता(घ) केवल राजा ही नियति नियंत्रित करते हैं

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
    (i) संघ में आ जाने पर सभी को बराबर माना जाता था, क्योंकि भिक्खु और भिक्खुनी बनने पर उन्हें अपनी पुरानी पहचान त्याग देनी पड़ती थी।
    (ii) आनंद की मध्यस्थता से स्त्रियों को संघ में प्रवेश मिला।

    (क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) शाहजहाँ बेगम (शासनकाल 1868-1901) ने साँची कनखेड़ा की यात्रा का वर्णन किया; उनकी उत्तराधिकारी सुल्तानजहाँ बेगम ने भी स्थल के संरक्षण का वित्तपोषण जारी रखा।
  2. (ख) ऋग्वेद वैदिक संस्कृत में, लगभग 1500 से 1000 ई.पू. के बीच संकलित हुआ, और पुरोहित परिवारों को मौखिक रूप से सिखाया गया।
  3. (ग) बौद्ध ग्रंथ सक्रिय वाद-विवाद में 64 संप्रदायों या विचारधाराओं तक का वर्णन करते हैं, जो कुटागारशाला जैसे स्थानों में शिक्षकों के बीच वाद-विवाद करती थीं।
  4. (क) उत्तराध्ययन सूत्र रानी कमलावती को दर्ज करता है, जो अपने पति को संसार त्यागने और तप का पालन करने के लिए मनाती है, स्वयं की तुलना पिंजरे से नफ़रत करने वाली चिड़िया से करते हुए।
  5. (ग) ज्ञान-प्राप्ति के बाद वे बुद्ध, ‘प्रबुद्ध व्यक्ति’, बने, और शेष जीवन धम्म, यानी सदाचारी जीवन के मार्ग, की शिक्षा में बिताया।
  6. (क) महाप्रजापति गोतमी, बुद्ध की पालक माँ, आनंद की मध्यस्थता से संघ में स्त्रियों के प्रवेश के बाद पहली नियुक्त भिक्खुनी थीं।
  7. (क) संस्कृत में स्तूप का अर्थ ‘ढेर’ है; यह एक साधारण मिट्टी के टीले के रूप में शुरू हुआ और यह संरचना इसके चारों ओर धीरे-धीरे विकसित हुई।
  8. (घ) गुफ़ा-मंदिर परंपरा आठवीं शताब्दी में एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर के साथ अपने शिखर पर पहुँची, जो एक ही चट्टान से तराशा गया, और एक ताम्रपत्र अभिलेख में प्रधान शिल्पी अपने ही निर्माण पर आश्चर्य व्यक्त करता है।
अभिकथन-कारण
  1. (क) दोनों कथन सही हैं। पाठ्यपुस्तक स्वयं पूछती है कि साँची क्यों बच गया जबकि अमरावती नष्ट हो गया, और उत्तर में यही कारण देती है, इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।
  2. (घ) A ग़लत है: बुद्ध ने पहले आनंद से कहा कि वह उनके अवशेषों की चिंता में न उलझे, अपने ही कल्याण पर ध्यान दे। R सही है, इसलिए उत्तर वही विकल्प है जिसमें A ग़लत और R सही बताया गया है।
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) साँची 1818 में खोजा गया, तब भी तीन तोरणद्वार खड़े थे (i-3); अमरावती के अवशेष 1796 में एक स्थानीय राजा को मिले और आज वह छोटा सा टीला मात्र है (ii-4); भरहुत में भी अमरावती की तरह साँची जैसे सैकड़ों दानात्मक अभिलेख मिले हैं, और साँची की तरह इसका आरंभिक स्तूप सादा था (iii-1); सारनाथ प्रथम उपदेश का स्थल है (iv-2)।
  2. (घ) अंड स्तूप का गोलार्ध वाला टीला है (i-4); हर्मिका अंड के ऊपर छज्जे जैसा ढाँचा है (ii-1); यष्टि हर्मिका से निकलने वाला मस्तूल है (iii-3); वेदिका टीले के चारों ओर की बाड़ है (iv-2)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II एक अलग परिणाम बताता है, यह यह नहीं बताता कि आचरण को महत्व क्यों दिया गया, इसलिए यह कथन I की व्याख्या नहीं करता।
  2. (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II बताता है कि दोनों स्थलों का भाग्य अलग क्यों रहा: साँची में मूल स्थान पर संरक्षण की बात मानी गई, अमरावती में नहीं, इसलिए यह कथन I की व्याख्या करता है।
काल-क्रम प्रश्न
  1. (ख) महावीर-बुद्ध लगभग छठी शताब्दी ई.पू., पहले स्तूप लगभग तीसरी शताब्दी ई.पू., महायान लगभग दूसरी शताब्दी ई.पू. से, और सबसे पुराने मंदिर लगभग तीसरी शताब्दी ई.: क्रम 2-4-1-3।
  2. (क) रामराजा की पुस्तक का प्रकाशन और कनिंघम की सारनाथ-छानबीन 1834 में, भिलसा टोप्स 1854 में, द मॉन्युमेंट्स ऑफ़ साँची 1914 में, और विश्व कला दाय स्थान की घोषणा 1989 में हुई: क्रम 4-2-3-1।
रिक्त स्थान
  1. (ख) सुत्त पिटक में बुद्ध की शिक्षाएँ संकलित हैं; विनय पिटक मठवासी नियमों का और अभिधम्म पिटक दर्शनशास्त्र का संग्रह है।
  2. (ग) वैष्णव धर्म ने दस अवतारों के इर्द-गिर्द पंथ विकसित किए, वे रूप जो देवता ने संसार को अव्यवस्था से बचाने के लिए धारण किए।
असंगत चुनिए
  1. (क) सारनाथ बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्थल है, महापरिनिब्बान (मृत्यु) का नहीं; महापरिनिब्बान कुशीनगर में हुआ। बाक़ी तीनों जोड़े अध्याय के अनुसार सही हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (ख) धनवती ने अपने अभिलेख की तिथि शासक हुविष्क के तैंतीसवें शासन-वर्ष, गर्म मौसम और उसके पहले महीने के आठवें दिन से दी।
  2. (ग) मक्खलि गोसाल के अनुसार सुख और दुख निश्चित हैं और इन्हें सद्गुण या तप से नहीं बदला जा सकता, जैसे फेंका गया धागे का गोला अपनी पूरी लंबाई तक खुलता जाता है।
सत्य-असत्य
  1. (क) दोनों कथन सही हैं: संघ के भीतर सभी सदस्य समान थे, अपनी पहले की सामाजिक पहचान त्यागकर, और स्त्रियों को आनंद की मध्यस्थता से बाद में प्रवेश दिया गया।