Class 12 Psychology Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ Short Notes

अध्याय 1: मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ का त्वरित पुनरावृत्ति सार। विस्तृत व्याख्या और हल किए उदाहरणों के लिए पूर्ण नोट्स अलग से पढ़ें।

1 व्यक्तिगत भिन्नताएँ और मूल्यांकन

मूल परिभाषाएँ
व्यक्तिगत भिन्नताएँव्यक्तियों की विशेषताओं और व्यवहार के स्वरूपों में वैशिष्ट्य तथा विचलनशीलता
स्थितिवादयह मत कि व्यवहार व्यक्तिगत विशेषकों की अपेक्षा स्थितिपरक कारकों (परिस्थिति या वर्तमान दशाओं) से अधिक निर्धारित होता है
मूल्यांकनव्यक्ति के मनोवैज्ञानिक गुणों का मापन, जिसमें तुलना की अनेक मानक विधियाँ अपनाई जा सकती हैं
बुद्धिजगत को समझने, सविवेक चिंतन करने, संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की व्यापक क्षमता
अभिक्षमताप्रशिक्षण के बाद किसी विशेष क्षेत्र में कौशल-अर्जन की अंतर्निहित संभाव्यता
अभिरुचिकिसी विशेष क्रिया में स्वयं को व्यस्त रखने की वरीयता
व्यक्तित्वव्यक्ति की अपेक्षाकृत स्थायी विशेषताएँ जो उसे दूसरों से भिन्न बनाती हैं
मूल्यआदर्श व्यवहार के बारे में स्थायी विश्वास
मूल्यांकन विधि एक-पंक्ति अर्थ
मनोवैज्ञानिक परीक्षण वस्तुनिष्ठ, मानकीकृत मापक
साक्षात्कार एक-से-एक सूचना संग्रहण
व्यक्ति अध्ययन एक व्यक्ति का गहन अध्ययन
प्रेक्षण स्वाभाविक व्यवहार का रिकॉर्ड
आत्म-प्रतिवेदन व्यक्ति की अपनी तथ्यात्मक/मत-संबंधी सूचना

2 बुद्धि के सिद्धांत, एक नज़र में

सिद्धांतकार सिद्धांत / मुख्य विचार
बिने एक-कारक: बुद्धि योग्यताओं का एक समुच्चय
स्पीयरमैन (1927) द्वि-कारक: सा-कारक (सामान्य) + वि-कारक (विशिष्ट)
लुईस थर्स्टन 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ (वाचिक बोध, संख्यात्मक, देशिक, प्रात्यक्षिक गति, शब्द प्रवाह, स्मृति, आगमनात्मक तर्कना)
जेन्सेन प्रथम स्तर (साहचर्यात्मक अधिगम) / द्वितीय स्तर (संज्ञानात्मक सक्षमता)
गिलफोर्ड (1988) बुद्धि-संरचना: संक्रियाएँ × विषय-वस्तु × उत्पाद = 180 प्रकोष्ठ
गार्डनर 8 स्वतंत्र बहु-बुद्धियाँ (भाषागत, तार्किक-गणितीय, देशिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतर्वैयक्तिक, अंतःव्यक्ति, प्रकृतिवादी)
स्टर्नबर्ग (1985) त्रिचापीय: घटकीय (विश्लेषणात्मक), आनुभविक (सर्जनात्मक), सांदर्भिक (व्यावहारिक); सूचना प्रक्रमण उपागम
दास, नागलीरी, किर्बी (1994) पास मॉडल: अवधान, सहकालिक-आनुक्रमिक प्रक्रमण, योजना; सूचना प्रक्रमण उपागम; CAS परीक्षण (5-18 वर्ष)

3 बुद्धि का मापन

सूत्र
IQ=MACA×100IQ = \frac{MA}{CA} \times 100
विलियम स्टर्न, 1912 · बिने-साइमन ने 1908 में मानसिक आयु दी · कालानुक्रमिक आयु (CA) = जन्म के बाद बीती अवधि · मंदता = MA, CA से दो वर्ष कम
बुद्धि लब्धि वर्ग वर्गनाम जनसंख्या %
130 से अधिक अतिश्रेष्ठ 2.2
120-130 श्रेष्ठ 6.7
110-119 उच्च औसत 16.1
90-109 औसत 50.0
80-89 निम्न औसत 16.1
70-79 सीमावर्ती 6.7
70 से कम बौद्धिक रूप से अशक्त 2.2
समरूप जुड़वाँ, साथ पले0.90
समरूप जुड़वाँ, अलग पले0.72
भ्रातृ जुड़वाँ, साथ पले0.60
भाई-बहन, साथ पले0.50
सहोदर, अलग पले0.25

बुद्धि आनुवंशिकता (प्रकृति) और पर्यावरण (पोषण) की जटिल अंतःक्रिया का परिणाम है: आनुवंशिकता बुद्धि की परिसीमाएँ तय करती है और उसी परिसीमा में विकास पर्यावरण के अवलंबों और अवसरों से निर्धारित होता है।

4 बुद्धि के दो चरम छोर

अतिगंभीर: बुद्धि लब्धि 20-25 से कम: जीवनयापन में अक्षम, जीवन भर देखभाल
तीव्र: बुद्धि लब्धि 20-25 से लगभग 35-40: जीवनयापन में अक्षम, जीवन भर देखभाल
सामान्य: बुद्धि लब्धि 35-40 से लगभग 50-55
निम्न: बुद्धि लब्धि 55 से लगभग 70

बौद्धिक अशक्तता (AAMD): अवसामान्य बौद्धिक प्रकार्यात्मकता (बुद्धि लब्धि 70 से कम) + अनुकूलित व्यवहार में न्यूनता + विकासात्मक अवस्था (0-18 वर्ष) में प्रकटन।

प्रतिभाशालिता: टर्मन (1925), लगभग 1,500 बच्चे, IQ 130+। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, अध्यापकों के दृष्टिकोण से प्रतिभाशालिता उच्च योग्यता + उच्च सर्जनात्मकता + उच्च प्रतिबद्धता पर निर्भर। प्रतिभाशालिता ≠ प्रवीणता (एक संकीर्ण, क्षेत्र-विशिष्ट योग्यता) और ≠ केवल श्रेष्ठ शैक्षिक निष्पादन।

5 परीक्षण प्रकार, संस्कृति और भारत

परीक्षणों का वर्गीकरण

  • वैयक्तिक बनाम समूह
  • शाब्दिक, अशाब्दिक, या निष्पादन
  • संस्कृति-निष्पक्ष बनाम संस्कृति-अभिनत

भारत के अग्रणी

  • एस.एम. मोहसिन, हिंदी परीक्षण, 1930
  • सी.एच. राइस, उर्दू/पंजाबी
  • महलानोबिस, बंगाली
  • NLEPT (NCERT में), भारतीय परीक्षणों का प्रलेखन

संस्कृति और बुद्धि: वाइगॉट्सकी: संस्कृति संज्ञानात्मक विकास का सामाजिक संदर्भ है। पश्चिमी “तकनीकी बुद्धि” (विश्लेषण, गति, उपलब्धि) बनाम भारतीय परंपरा में “समाकलित बुद्धि” (जैसा इसे कहा जा सकता है), जिसके चार पक्ष हैं: संज्ञानात्मक, सामाजिक, सांवेगिक और उद्यमी क्षमता।

6 सांवेगिक बुद्धि, अभिक्षमता, सर्जनात्मकता

और परिभाषाएँ
सांवेगिक बुद्धिसंवेगों का परिवीक्षण, विभेदन और उपयोग कर चिंतन-व्यवहार को निर्देशित करने की योग्यता (सैलोवी और मेयर)
सांवेगिक लब्धि (EQ)सांवेगिक बुद्धि की मात्रा बताती है, जैसे IQ बुद्धि की मात्रा बताती है
सर्जनात्मकतानूतन, उपयुक्त और उपयोगी विचार, वस्तु या समाधान उत्पन्न करने की योग्यता

अभिक्षमता बनाम अभिरुचि: अभिरुचि = करने की वरीयता; अभिक्षमता = उस कार्य को करने की संभाव्यता या विभवता। DAT में 8 उप-परीक्षण हैं, विद्यालयों में सर्वाधिक प्रयुक्त; GATB और ASVAB अन्य परीक्षणमालाएँ हैं।

सर्जनात्मकता और बुद्धि: शोधकर्ताओं के अनुसार सकारात्मक संबंध; पुस्तक का अपना निष्कर्ष: “सर्जनात्मकता के लिए एक विशेष मात्रा में बुद्धि आवश्यक है परंतु उससे अधिक बुद्धि का सर्जनात्मकता से सहसंबंध नहीं होता।” सर्जनात्मकता परीक्षण अपसारी चिंतन का उपयोग करते हैं; बुद्धि परीक्षण मुख्यतः अभिसारी चिंतन का। नामित सर्जनशील व्यक्ति: टैगोर, आइंसटीन, सी.वी. रमन, रामानुजन। सर्जनात्मकता आनुवंशिकता (सीमाएँ नियत करती है) तथा पर्यावरण (अभिप्रेरणा, प्रतिबद्धता, पारिवारिक समर्थन, समकक्षी, प्रशिक्षण) दोनों से निर्धारित होती है।

त्वरित पुनरावृत्ति
  • व्यक्तिगत भिन्नताएँ, स्थितिवाद, पाँच क्षेत्र और पाँच मूल्यांकन विधियाँ
  • आठ बुद्धि सिद्धांत, प्रत्येक का सिद्धांतकार और वर्ष
  • IQ सूत्र और तालिका 1-1 का वर्गीकरण
  • बौद्धिक अशक्तता के चार स्तर; प्रतिभाशालिता का टर्मन अध्ययन
  • परीक्षण प्रकार, भारत के परीक्षण अग्रणी, संस्कृति की भूमिका, भारतीय परंपरा में बुद्धि के चार पक्ष
  • सांवेगिक बुद्धि, अभिक्षमता बनाम अभिरुचि, सर्जनात्मकता बनाम बुद्धि