अध्याय 1: मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ का त्वरित पुनरावृत्ति सार। विस्तृत व्याख्या और हल किए उदाहरणों के लिए पूर्ण नोट्स अलग से पढ़ें।
1 व्यक्तिगत भिन्नताएँ और मूल्यांकन
| मूल्यांकन विधि | एक-पंक्ति अर्थ |
|---|---|
| मनोवैज्ञानिक परीक्षण | वस्तुनिष्ठ, मानकीकृत मापक |
| साक्षात्कार | एक-से-एक सूचना संग्रहण |
| व्यक्ति अध्ययन | एक व्यक्ति का गहन अध्ययन |
| प्रेक्षण | स्वाभाविक व्यवहार का रिकॉर्ड |
| आत्म-प्रतिवेदन | व्यक्ति की अपनी तथ्यात्मक/मत-संबंधी सूचना |
2 बुद्धि के सिद्धांत, एक नज़र में
| सिद्धांतकार | सिद्धांत / मुख्य विचार |
|---|---|
| बिने | एक-कारक: बुद्धि योग्यताओं का एक समुच्चय |
| स्पीयरमैन (1927) | द्वि-कारक: सा-कारक (सामान्य) + वि-कारक (विशिष्ट) |
| लुईस थर्स्टन | 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ (वाचिक बोध, संख्यात्मक, देशिक, प्रात्यक्षिक गति, शब्द प्रवाह, स्मृति, आगमनात्मक तर्कना) |
| जेन्सेन | प्रथम स्तर (साहचर्यात्मक अधिगम) / द्वितीय स्तर (संज्ञानात्मक सक्षमता) |
| गिलफोर्ड (1988) | बुद्धि-संरचना: संक्रियाएँ × विषय-वस्तु × उत्पाद = 180 प्रकोष्ठ |
| गार्डनर | 8 स्वतंत्र बहु-बुद्धियाँ (भाषागत, तार्किक-गणितीय, देशिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतर्वैयक्तिक, अंतःव्यक्ति, प्रकृतिवादी) |
| स्टर्नबर्ग (1985) | त्रिचापीय: घटकीय (विश्लेषणात्मक), आनुभविक (सर्जनात्मक), सांदर्भिक (व्यावहारिक); सूचना प्रक्रमण उपागम |
| दास, नागलीरी, किर्बी (1994) | पास मॉडल: अवधान, सहकालिक-आनुक्रमिक प्रक्रमण, योजना; सूचना प्रक्रमण उपागम; CAS परीक्षण (5-18 वर्ष) |
3 बुद्धि का मापन
| बुद्धि लब्धि वर्ग | वर्गनाम | जनसंख्या % |
|---|---|---|
| 130 से अधिक | अतिश्रेष्ठ | 2.2 |
| 120-130 | श्रेष्ठ | 6.7 |
| 110-119 | उच्च औसत | 16.1 |
| 90-109 | औसत | 50.0 |
| 80-89 | निम्न औसत | 16.1 |
| 70-79 | सीमावर्ती | 6.7 |
| 70 से कम | बौद्धिक रूप से अशक्त | 2.2 |
बुद्धि आनुवंशिकता (प्रकृति) और पर्यावरण (पोषण) की जटिल अंतःक्रिया का परिणाम है: आनुवंशिकता बुद्धि की परिसीमाएँ तय करती है और उसी परिसीमा में विकास पर्यावरण के अवलंबों और अवसरों से निर्धारित होता है।
4 बुद्धि के दो चरम छोर
बौद्धिक अशक्तता (AAMD): अवसामान्य बौद्धिक प्रकार्यात्मकता (बुद्धि लब्धि 70 से कम) + अनुकूलित व्यवहार में न्यूनता + विकासात्मक अवस्था (0-18 वर्ष) में प्रकटन।
प्रतिभाशालिता: टर्मन (1925), लगभग 1,500 बच्चे, IQ 130+। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, अध्यापकों के दृष्टिकोण से प्रतिभाशालिता उच्च योग्यता + उच्च सर्जनात्मकता + उच्च प्रतिबद्धता पर निर्भर। प्रतिभाशालिता ≠ प्रवीणता (एक संकीर्ण, क्षेत्र-विशिष्ट योग्यता) और ≠ केवल श्रेष्ठ शैक्षिक निष्पादन।
5 परीक्षण प्रकार, संस्कृति और भारत
परीक्षणों का वर्गीकरण
- वैयक्तिक बनाम समूह
- शाब्दिक, अशाब्दिक, या निष्पादन
- संस्कृति-निष्पक्ष बनाम संस्कृति-अभिनत
भारत के अग्रणी
- एस.एम. मोहसिन, हिंदी परीक्षण, 1930
- सी.एच. राइस, उर्दू/पंजाबी
- महलानोबिस, बंगाली
- NLEPT (NCERT में), भारतीय परीक्षणों का प्रलेखन
संस्कृति और बुद्धि: वाइगॉट्सकी: संस्कृति संज्ञानात्मक विकास का सामाजिक संदर्भ है। पश्चिमी “तकनीकी बुद्धि” (विश्लेषण, गति, उपलब्धि) बनाम भारतीय परंपरा में “समाकलित बुद्धि” (जैसा इसे कहा जा सकता है), जिसके चार पक्ष हैं: संज्ञानात्मक, सामाजिक, सांवेगिक और उद्यमी क्षमता।
6 सांवेगिक बुद्धि, अभिक्षमता, सर्जनात्मकता
अभिक्षमता बनाम अभिरुचि: अभिरुचि = करने की वरीयता; अभिक्षमता = उस कार्य को करने की संभाव्यता या विभवता। DAT में 8 उप-परीक्षण हैं, विद्यालयों में सर्वाधिक प्रयुक्त; GATB और ASVAB अन्य परीक्षणमालाएँ हैं।
सर्जनात्मकता और बुद्धि: शोधकर्ताओं के अनुसार सकारात्मक संबंध; पुस्तक का अपना निष्कर्ष: “सर्जनात्मकता के लिए एक विशेष मात्रा में बुद्धि आवश्यक है परंतु उससे अधिक बुद्धि का सर्जनात्मकता से सहसंबंध नहीं होता।” सर्जनात्मकता परीक्षण अपसारी चिंतन का उपयोग करते हैं; बुद्धि परीक्षण मुख्यतः अभिसारी चिंतन का। नामित सर्जनशील व्यक्ति: टैगोर, आइंसटीन, सी.वी. रमन, रामानुजन। सर्जनात्मकता आनुवंशिकता (सीमाएँ नियत करती है) तथा पर्यावरण (अभिप्रेरणा, प्रतिबद्धता, पारिवारिक समर्थन, समकक्षी, प्रशिक्षण) दोनों से निर्धारित होती है।
- व्यक्तिगत भिन्नताएँ, स्थितिवाद, पाँच क्षेत्र और पाँच मूल्यांकन विधियाँ
- आठ बुद्धि सिद्धांत, प्रत्येक का सिद्धांतकार और वर्ष
- IQ सूत्र और तालिका 1-1 का वर्गीकरण
- बौद्धिक अशक्तता के चार स्तर; प्रतिभाशालिता का टर्मन अध्ययन
- परीक्षण प्रकार, भारत के परीक्षण अग्रणी, संस्कृति की भूमिका, भारतीय परंपरा में बुद्धि के चार पक्ष
- सांवेगिक बुद्धि, अभिक्षमता बनाम अभिरुचि, सर्जनात्मकता बनाम बुद्धि