कक्षा 12 समाजशास्त्र पुस्तक 2 अध्याय 2 सांस्कृतिक परिवर्तन MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उत्तर सहित हिंदी में

इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, सामान्य परीक्षा-शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंक‘संस्कृतीकरण’ शब्द किस समाजशास्त्री ने गढ़ा?
    (क) सतीश सबरवाल(ख) रजनी कोठारी(ग) एम.एन. श्रीनिवास(घ) ए.के. रामानुजन
  2. 1 अंकसंस्कृतीकरण की परिभाषा में जिस ‘ऊँची’ जाति के रीति-रिवाज अपनाए जाते हैं, उसे विशेष रूप से क्या कहा गया है?
    (क) पिछड़ी जाति(ख) ‘द्विज’ (दो बार जन्मी) जाति(ग) भूमिधर जाति(घ) प्रभावी राजनीतिक जाति
  3. 1 अंकपिछड़े वर्गों के आंदोलनों के एक निर्णायक परिणाम के रूप में, जातीय समूहों और व्यक्तियों की ऊर्ध्वगामी गतिशीलता में किसकी भूमिका पर बल दिया जाने लगा?
    (क) धर्म परिवर्तन पर(ख) पंथनिरपेक्ष कारकों की भूमिका पर(ग) शहरों की ओर पलायन पर(घ) संस्कृतीकृत रीति-रिवाज अपनाने पर
  4. 1 अंकपुस्तक के अनुसार पश्चिमीकरण के विभिन्न प्रकार रहे हैं। पश्चिमी सांस्कृतिक तत्त्वों के आम फैलाव के अलावा पुस्तक किस प्रकार का वर्णन करती है?
    (क) पहली बार पश्चिमी संस्कृति के संपर्क में आए भारतीयों के छोटे तबके में बना एक पश्चिमी उप-सांस्कृतिक प्रतिमान(ख) अंग्रेज़ी की एक क्षेत्रीय बोली(ग) ब्रिटिश सरकार द्वारा लागू क़ानूनी सुधार(घ) एक धार्मिक धर्मांतरण आंदोलन
  5. 1 अंकरवि वर्मा को किजाक्के पलाट कृष्णा मेनन के परिवार का चित्र बनाने का पहला भुगतान-आधारित काम किस वर्ष मिला?
    (क) 1901(ख) 1857(ग) 1914(घ) 1870
  6. 1 अंकआधुनिकता की जो परिभाषा इस अध्याय में उद्धृत की गई है (स्थानीय बंधन की जगह सार्वभौमिक प्रतिबद्धता, जन्म की जगह चुनाव), वह किस पुस्तक से है?
    (क) कास्ट एंड मॉडर्न पॉलिटिक्स(ख) द मॉडर्निटी ऑफ़ ट्रेडिशन(ग) कल्चरल डाइवर्सिटी एंड सोशल डिसकंटेंट(घ) स्ट्रक्चर एंड ट्रांसफॉरमेंशन
  7. 1 अंकबॉक्स 2.5 में रजनी कोठारी के अनुसार जाति और राजनीति के संबंध को समझने के लिए ज़्यादा उपयोगी दृष्टि क्या होगी?
    (क) यह पूछना कि क्या जाति समाप्त हो रही है(ख) यह पूछना कि क़ानून से जाति कैसे ख़त्म की जाए(ग) यह पूछना कि क्या राजनीति में जाति का महत्त्व ख़त्म हो गया है(घ) यह देखना कि आधुनिक राजनीति के प्रभाव में जाति कौन-सा रूप ले रही है, और जाति-अभिमुखित समाज में राजनीति की क्या रूपरेखा है
  8. 1 अंकराजा राम मोहन राय ने सती प्रथा का विरोध किस आधार पर किया?
    (क) मानवीय-प्राकृतिक अधिकारों की दलील और हिंदू शास्त्र, दोनों के आधार पर(ख) केवल मानवीय व प्राकृतिक अधिकारों की दलील पर(ग) केवल ब्रिटिश क़ानून के आधार पर(घ) केवल हिंदू शास्त्रों के आधार पर

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): संस्कृतीकरण की आलोचना इस आधार पर की गई है कि इससे जाति व्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन आता है।
    कारण (R): संस्कृतीकरण से केवल कुछ व्यक्तियों की स्थिति में बदलाव आता है, जबकि अंतर्निहित असमान ढाँचा बना रहता है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): जोतिबा फुले ने पुणे में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोला।
    कारण (R): यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि बाल गंगाधर तिलक ने इस स्कूल के निर्माण के लिए धन दिया था।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसूची I (संगठन) को सूची II (पुस्तक उसके बारे में क्या कहती है) से मिलाइए।
    सूची I: (i) ब्रह्म समाज (ii) आर्य समाज (iii) अंजुमन-ए-ख़्वातीन-ए-इस्लाम (अखिल भारतीय मुस्लिम महिला सम्मेलन) (iv) धर्म सभा
    सूची II: (1) पंजाब में स्थापित (2) सती प्रथा का विरोध किया (3) 1914 में स्थापित (4) सुधारकों के विरुद्ध अंग्रेज़ों को याचिका दी

    (क) i-2, ii-4, iii-1, iv-3(ख) i-1, ii-2, iii-4, iv-3(ग) i-2, ii-1, iii-3, iv-4(घ) i-4, ii-3, iii-2, iv-1

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: सामाजिक भेदभाव के खिलाफ़ प्रतिरोध केवल औपनिवेशिक शासन शुरू होने के बाद ही मौजूद था।
    कथन II: ऐसे प्रयास बौद्ध धर्म, भक्ति आंदोलन और सूफ़ी आंदोलनों में औपनिवेशिक शासन से पहले से केंद्रीय थे।

    (क) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(ख) दोनों कथन असत्य हैं(ग) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(घ) दोनों कथन सत्य हैं
  2. 1 अंककथन I: केवल ‘ऊँची जाति’ मानी जाने वाली जातियों ने ही सोच-समझकर पश्चिमीकरण अपनाया।
    कथन II: केरल के थिय्या, जिन्हें ‘ऊँची जाति’ नहीं माना जाता, उन्होंने भी सोच-समझकर पश्चिमीकरण अपनाया।

    (क) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ख) दोनों कथन असत्य हैं(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(घ) दोनों कथन सत्य हैं

5 काल-क्रम प्रश्न

काल-क्रम प्रश्न
  1. 1 अंकअध्याय की इन नामित घटनाओं को काल-क्रम में लगाइए।
    1. अंजुमन-ए-ख़्वातीन-ए-इस्लाम (अखिल भारतीय मुस्लिम महिला सम्मेलन) की स्थापना
    2. केशव चंद्र सेन का मद्रास दौरा
    3. रवि वर्मा का पहला भुगतान-आधारित काम
    4. विष्णु शास्त्री का विद्यासागर की पुस्तक का मराठी अनुवाद प्रकाशित होना

    (क) 4-3-2-1(ख) 1-2-3-4(ग) 2-4-3-1(घ) 2-3-4-1

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकसर सैयद अहमद ख़ान की इस्लाम की व्याख्या ने स्वतंत्र अन्वेषण पर ज़ोर दिया, जिसे उन्होंने ______ कहा।
    (क) इज्मा(ख) इजतिहाद(ग) पर्दा(घ) फ़तवा
  2. 1 अंकपुस्तक जाति के धार्मिक ढाँचे से राजनीतिक दबाव-समूह बनने की ओर बदलाव को जाति का ______ कहती है।
    (क) संस्कृतीकरण(ख) पश्चिमीकरण(ग) पंथनिरपेक्षीकरण(घ) आधुनिकीकरण

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकपुस्तक के अनुसार इन चार में से तीन प्रक्रियाएँ भारत के लोगों की वे जटिल प्रतिक्रियाएँ हैं जो उपनिवेशवाद से हुए परिवर्तनों के कारण हुईं। कौन-सी प्रक्रिया इन तीनों में शामिल नहीं है?
    (क) पश्चिमीकरण(ख) संस्कृतीकरण(ग) पंथनिरपेक्षीकरण(घ) आधुनिकीकरण

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
कुमुद पावड़े अपनी आत्मकथा में बताती हैं कि एक दलित महिला के रूप में वे संस्कृत की ओर आकर्षित हुईं, शायद इसलिए क्योंकि यह उन्हें उस क्षेत्र में जाने देता जो जाति और लिंग, दोनों के कारण उनके लिए बंद था, और शायद इसलिए भी क्योंकि इससे वे मूल संस्कृत साहित्य में यह पढ़ सकती थीं कि उनमें स्त्री और दलितों के बारे में क्या कहा गया है। पढ़ाई में आगे बढ़ने के साथ उन्हें कई तरह की प्रतिक्रियाएँ झेलनी पड़ीं, आश्चर्य से लेकर ईर्ष्या तक, और संरक्षित स्वीकृति से लेकर पूर्ण अस्वीकृति तक। जैसा वे कहती हैं: ‘इसका परिणाम ये हुआ कि मैं अपनी जाति को भूलने की पूरी कोशिश करती हूँ लेकिन ये प्रायः असंभव है, और इससे मुझे वो अनुभव याद आता है जो मैंने कहीं सुना था: जो जन्म से मिला हो, और जो मरने के बाद भी नष्ट न हो, वो जाति है।’
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार, कुमुद पावड़े संस्कृत की ओर किन दो संभावित कारणों से आकर्षित हुईं?
    (क) पारिवारिक दबाव और आर्थिक ज़रूरत(ख) केवल कविता में निजी रुचि(ग) सरकारी छात्रवृत्ति योजना(घ) जाति-लिंग के कारण बंद क्षेत्र में प्रवेश, और मूल ग्रंथों में महिलाओं-दलितों के बारे में पढ़ना
  2. 1 अंककुमुद पावड़े एक उक्ति उद्धृत करती हैं जो उन्होंने कहीं सुनी थी: ‘जो जन्म से मिला हो, और जो मरने के बाद भी नष्ट न हो, वो जाति है।’ वे इस उक्ति का किस अर्थ में प्रयोग करती हैं?
    (क) जाति मृत्यु के बाद अपने आप ख़त्म हो जाती है(ख) जाति एक स्थायी पहचान है, जिसे भुलाने की कोशिश करने पर भी टाला नहीं जा सकता(ग) जाति शिक्षा से बदली जा सकती है(घ) आधुनिक भारत में जाति का कोई वास्तविक अर्थ नहीं रह गया

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकइन कथनों पर विचार कीजिए।
    (i) अध्याय कहता है कि पश्चिमीकरण हमेशा अपने साथ आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्य लाता है।
    (ii) अध्याय में उद्धृत श्रीनिवास के अनुसार सामान्यतया यह माना जाता है कि संस्कृतीकरण में समूह की आर्थिक या राजनीतिक स्थिति में सुधार होता है, अथवा हिंदुत्व की महान परंपरा के किसी स्रोत से उसका संपर्क होता है।

    (क) केवल (i) सत्य है(ख) केवल (ii) सत्य है(ग) दोनों सत्य हैं(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) पुस्तक स्पष्ट कहती है कि संस्कृतीकरण शब्द एम.एन. श्रीनिवास ने गढ़ा, और इसकी परिभाषा भी उन्होंने ही दी।
  2. (ख) श्रीनिवास की परिभाषा विशेष रूप से एक ऊँची, ख़ासकर ‘द्विज’ जाति को संदर्भ मॉडल के रूप में बताती है।
  3. (ख) पुस्तक कहती है कि पिछड़े वर्गों के आंदोलनों का एक निर्णायक परिणाम यह हुआ कि जातीय समूहों और व्यक्तियों की ऊर्ध्वगामी गतिशीलता में पंथनिरपेक्ष कारकों की भूमिका पर बल दिया जाने लगा।
  4. (क) पुस्तक बताती है कि एक प्रकार का पश्चिमीकरण वह पश्चिमी उप-सांस्कृतिक प्रतिमान है जिसे भारतीयों के उस छोटे समूह ने अपनाया जो पहली बार पश्चिमी संस्कृति के संपर्क में आए; इसमें भारतीय बुद्धिजीवियों की उपसंस्कृति भी शामिल थी।
  5. (घ) पुस्तक के बॉक्स 2.2 के अनुसार 1870 में रवि वर्मा को किजाक्के पलाट कृष्णा मेनन के परिवार का चित्र बनाने के लिए अनुबंधित किया गया; यह उनका पहला भुगतान-आधारित काम था।
  6. (ख) यह उद्धृत परिभाषा रूडोल्फ एंड रूडोल्फ की ‘द मॉडर्निटी ऑफ़ ट्रेडिशन: पॉलिटिकल डेवलपमेंट इन इंडिया’ (1967) से है।
  7. (घ) बॉक्स 2.5 कहता है कि आधुनिकता के सिद्धांतों से बना नज़रिया इस प्रश्न से शुरू होता है कि क्या जाति समाप्त हो रही है, पर ‘एक ज़्यादा उपयोगी दृष्टि यह होगी कि आधुनिक राजनीति के प्रभाव में जाति कौन-सा रूप लेकर सामने आ रही है, और जाति अभिमुखित समाज में राजनीति की क्या रूपरेखा है’।
  8. (क) पुस्तक कहती है कि राजा राम मोहन राय ने मानवीय व प्राकृतिक अधिकारों की दलील और हिंदू शास्त्र, दोनों के आधार पर सती प्रथा का विरोध किया।
अभिकथन-कारण
  1. (घ) A असत्य है: पुस्तक की आलोचना इसका उल्टा कहती है, कि ‘इस प्रक्रिया से कोई संरचनात्मक परिवर्तन न होकर केवल कुछ व्यक्तियों का स्थिति परिवर्तन होता है’। R ठीक यही बात है, इसलिए सत्य है। उत्तर (घ) है।
  2. (ग) A सत्य है, ठीक जैसा पुस्तक कहती है। R असत्य है: पुस्तक कहीं नहीं कहती कि तिलक ने फुले के स्कूल को धन दिया; तिलक तो इसके उलट, आर्य काल की गरिमा की बात करते हुए, फुले से अलग पक्ष में दिखते हैं। (पुस्तक से बाहर: पुणे में फुले का पहला बालिका विद्यालय 1848 का है, और तिलक का जन्म 1856 में हुआ।)
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) ब्रह्म समाज ने सती का विरोध किया (2); आर्य समाज पंजाब में स्थापित हुआ (1); अंजुमन-ए-ख़्वातीन-ए-इस्लाम (अखिल भारतीय मुस्लिम महिला सम्मेलन) 1914 में स्थापित हुआ (3); धर्म सभा ने सुधारकों के विरुद्ध याचिका दी (4)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (क) कथन I असत्य है, और कथन II ठीक वही है जो पुस्तक कहती है: औपनिवेशिक-पूर्व प्रतिरोध मौजूद था और बौद्ध, भक्ति व सूफ़ी आंदोलनों में केंद्रीय था।
  2. (ग) कथन I असत्य है, ठीक इसलिए क्योंकि कथन II (पुस्तक का ही एक उदाहरण) सत्य है और इस सामान्यीकरण को जटिल बनाता है।
काल-क्रम प्रश्न
  1. (ग) क्रम में: केशव चंद्र सेन का मद्रास दौरा (1864), विष्णु शास्त्री का अनुवाद (1868), रवि वर्मा का काम (1870), अंजुमन-ए-ख़्वातीन-ए-इस्लाम (अखिल भारतीय मुस्लिम महिला सम्मेलन) (1914): 2-4-3-1।
रिक्त स्थान
  1. (ख) पुस्तक स्वतंत्र अन्वेषण के लिए ‘इजतिहाद’ शब्द का इस्तेमाल करती है, जिस पर सर सैयद अहमद ख़ान ने ज़ोर दिया।
  2. (ग) इस बदली हुई भूमिका को पुस्तक जाति का पंथनिरपेक्षीकरण कहती है।
असंगत चुनिए
  1. (ख) पुस्तक कहती है कि संस्कृतीकरण की प्रक्रिया उपनिवेशवाद की शुरुआत से पहले से होती रही, जबकि बाद की तीन प्रक्रियाएँ (आधुनिकीकरण, पंथनिरपेक्षीकरण, पश्चिमीकरण) उपनिवेशवाद से हुए परिवर्तनों पर भारत के लोगों की जटिल प्रतिक्रियाएँ हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (घ) गद्यांश दोनों कारण ‘शायद’ के साथ देता है: संस्कृत शायद उन्हें जाति और लिंग के कारण बंद एक क्षेत्र में प्रवेश देती, और शायद मूल ग्रंथों में महिलाओं व दलितों के बारे में लिखी बातें सीधे पढ़ने का मौक़ा देती।
  2. (ख) कुमुद पावड़े इसे ‘कहीं सुनी’ एक उक्ति के रूप में उद्धृत करती हैं, अपनी बात कहने के लिए: वे अपनी जाति को भूलने की पूरी कोशिश करती हैं, पर ये प्रायः असंभव है। उक्ति के अनुसार जाति जन्म से मिली एक स्थायी पहचान है, जिसे मृत्यु से भी नहीं उतारा जा सकता।
सत्य-असत्य
  1. (ख) (i) असत्य है, क्योंकि पुस्तक बाहरी पश्चिमीकरण को आधुनिक मूल्यों से अलग करती है। (ii) सत्य है; यह श्रीनिवास के उद्धृत कथन के क़रीब है, जिसके अनुसार इस संपर्क से समूह में उच्च चेतना का भाव उभरता है।