Class 12 Sociology Book 2 Chapter 3 संविधान एवं सामाजिक परिवर्तन MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) with Answers

पाठ्यक्रम संबंधी सूचना

नोट: यह अध्याय CBSE कक्षा 12 समाजशास्त्र के 2026-27 पाठ्यक्रम में शामिल नहीं है (CBSE ने इसे हटा दिया है)। अन्य बोर्डों के छात्र अपने बोर्ड का नवीनतम पाठ्यक्रम देखें।

इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकग्राम पंचायतों से संबंधित निदेशक सिद्धांत को संविधान सभा में संशोधन के रूप में किसने प्रस्तावित किया?
    (क) डॉ. बी.आर. अंबेडकर(ख) महात्मा गांधी(ग) के. संथानम(घ) जवाहरलाल नेहरू
  2. 1 अंककिस संविधान संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक प्रस्थिति दी?
    (क) 42वाँ संशोधन, 1976(ख) 73वाँ संशोधन, 1992(ग) 44वाँ संशोधन, 1978(घ) 61वाँ संशोधन, 1989
  3. 1 अंक‘पंचायती राज’ शब्द का शाब्दिक अनुवाद क्या है?
    (क) पाँच व्यक्तियों द्वारा शासन(ख) गाँव के बुज़ुर्गों का शासन(ग) मंत्रियों की समिति(घ) बुद्धिमानों की परिषद्
  4. 1 अंकपुस्तक के अनुसार ग्राम सभा क्या है?
    (क) गाँव या ग्रामा के सभी नागरिकों का पूरा समूह(ख) पाँच निर्वाचित पंचों की समिति(ग) राज्य-स्तरीय योजना प्राधिकरण(घ) गाँव के विवाद सुनने वाला न्यायालय
  5. 1 अंक73वें संशोधन ने पंचायत सीटों में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत आरक्षण दिया?
    (क) 33 प्रतिशत(ख) 25 प्रतिशत(ग) 50 प्रतिशत(घ) 17 प्रतिशत
  6. 1 अंक73वें संशोधन के तुरंत बाद 1993-94 के चुनावों में कितनी महिलाएँ एक साथ राजनीतिक प्रक्रियाओं से जुड़ीं?
    (क) 80,000(ख) 8,00,000(ग) 8,000(घ) 80,00,000
  7. 1 अंक73वें संशोधन ने पूरे ज़िले के लिए विकास योजनाएँ बनाने हेतु किस निकाय का गठन किया?
    (क) ज़िला परिषद्(ख) राज्य विकास बोर्ड(ग) राष्ट्रीय योजना आयोग(घ) ज़िला योजना समिति
  8. 1 अंककिस समाजशास्त्री ने आदिवासी संस्थाओं को लेकर भूरिया समिति रिपोर्ट पर आलोचनात्मक टिप्पणी की?
    (क) एम.एन. श्रीनिवास(ख) सतीश सबरवाल(ग) टिपलुट नोंगबरी(घ) ए.के. रामानुजन

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): संविधान में लोगों की सहायता करने की क्षमता है क्योंकि यह सामाजिक न्याय के आधारभूत मानदंडों पर आधारित है।
    कारण (R): न्यायालयों ने संविधान के मौलिक अधिकारों, जैसे अनुच्छेद 21, का उपयोग समय के साथ सामाजिक न्याय का अर्थ बढ़ाने के लिए किया है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): 73वें और 74वें संशोधन ने मिलकर स्थानीय निकायों की कुल सीटों में से एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित कीं।
    कारण (R): यह इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि पहली बार महिलाओं को निर्वाचित निकायों में असली निर्णय लेने की शक्ति मिली।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसूची I (संशोधन/प्रावधान) को सूची II (उसने क्या किया) से मिलाएँ, जैसा अध्याय में दिया गया है।
    सूची I: (i) 73वाँ संशोधन (ii) 73वें+74वें संशोधन मिलकर (iii) ज़िला योजना समिति (iv) न्याय पंचायत
    सूची II: (1) छोटे-मोटे दीवानी/आपराधिक मामले सुनती है, जुर्माना लगा सकती है सज़ा नहीं (2) PRI को संवैधानिक प्रस्थिति दी, पाँच वर्षीय चुनाव (3) स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित (4) पूरे ज़िले के लिए योजनाएँ तैयार करती है

    (क) i-3, ii-1, iii-4, iv-2(ख) i-1, ii-4, iii-2, iv-3(ग) i-2, ii-3, iii-4, iv-1(घ) i-4, ii-2, iii-1, iv-3

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: कानून का सार निष्पक्षता है।
    कथन II: न्याय का सार शक्ति है, राज्य की शक्ति द्वारा समर्थित।

    (क) दोनों कथन असत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) दोनों कथन सत्य हैं(घ) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है
  2. 1 अंककथन I: समाज के सभी समूहों की सरकार तक पहुँच और उस पर दबाव बनाने की क्षमता एक जैसी है।
    कथन II: कुछ समाजशास्त्री तर्क देते हैं कि वर्ग, जाति या लिंग जैसे प्रबल सामाजिक समूहों के पास पहले से ही असंगत शक्ति है।

    (क) दोनों कथन असत्य हैं(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) दोनों कथन सत्य हैं(घ) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है

5 काल-क्रम प्रश्न

काल-क्रम प्रश्न
  1. 1 अंकत्रिस्तरीय पंचायती राज पिरामिड के इन स्तरों को आधार से ऊपर की ओर लगाएँ।
    1. मध्यवर्ती/खंड स्तर
    2. ग्राम सभा (ग्राम स्तर)
    3. ज़िला स्तर (ज़िला योजना समिति)

    (क) 2-1-3(ख) 1-2-3(ग) 3-1-2(घ) 2-3-1

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकमेघालय के खासियों में हर वंश की अपनी परंपरागत परिषद् को ‘______’ कहा जाता है।
    (क) ग्राम सभा(ख) ज़िला परिषद्(ग) दरबार कुर(घ) पंचायत समिति
  2. 1 अंकहर साल फरवरी में ______ संसद के सामने बजट पेश करते हैं, और उससे पहले उद्योगपतियों, ट्रेड यूनियनों, किसानों और महिला संगठनों की वित्त मंत्रालय से मुलाक़ातों की खबरें व्यापक रूप से छपती हैं।
    (क) प्रधानमंत्री(ख) राष्ट्रपति(ग) लोकसभा अध्यक्ष(घ) वित्त मंत्री

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकइनमें से तीन वे समूह हैं जिनके लिए 73वें संशोधन ने सीटें आरक्षित कीं। कौन-सा इस अध्याय में आरक्षित वर्ग के रूप में नहीं बताया गया?
    (क) अनुसूचित जाति(ख) अनुसूचित जनजाति(ग) महिलाएँ(घ) धार्मिक अल्पसंख्यक

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
दलित जाति की कलावती चुनाव लड़ने के संबंध में चिंतित थी। आज वह एक पंचायत सदस्य है और यह अनुभव कर रही है कि जब से वह पंचायत सदस्य बनी है तब से उसका विश्वास और आत्मसम्मान बढ़ गया है। सबसे महत्वपूर्ण यह कि अब उसका अपना एक नाम है। पंचायत की सदस्य बनने से पहले वह ‘रामू की माँ’ या ‘हीरालाल की पत्नी’ के नाम से जानी जाती थी। यदि वह ग्राम-प्रधान पद का चुनाव हार जाती तो उसे लगता कि उसकी सखियों की नाक कट गई। यह आलेख ‘महिला समाख्या’ नामक गैर सरकारी संगठन द्वारा दर्ज किया गया है, जो ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कार्य करता है।
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार, पंचायत सदस्य बनने के बाद कलावती के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव क्या बताया गया है?
    (क) उसे अपना नाम व पहचान मिली, न कि केवल पति या बेटे के ज़रिए पहचान(ख) उसे बड़ी सरकारी तनख्वाह मिली(ग) उसे सारे घरेलू काम से छूट मिल गई(घ) उसे राज्य-स्तरीय सरकारी पद मिला
गद्यांश
सुखीपुर और दुखीपुर नामक दो गाँवों की कहानी कपड़े की ‘फड़’ (कहानी कहने का एक परंपरागत लोक माध्यम) के द्वारा प्रस्तुत की गई। दुखीपुर गाँव में एक भ्रष्ट प्रधान थी, विमला, जिसने स्कूल बनवाने के लिए पंचायत से लिया धन अपने परिवार का घर बनवाने में लगाया, इसलिए गाँव का बाकी हिस्सा दुखी और गरीब रह गया। दूसरी तरफ, सुखीपुर गाँव में एक साधारण वर्ग की प्रधान, नजमा, ने ग्रामीण विकास के पैसे को गाँव के भौतिक संसाधन बढ़ाने में खर्च किया: यहाँ प्राथमिक चिकित्सालय की पक्की इमारत है और एक अच्छी सड़क भी, जिससे बसें आसानी से पहुँच सकती हैं। इस प्रचार अभियान ने यह संदेश दिया कि केवल मतदान करना, चुनाव में खड़े होना या जीतना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह जानना भी आवश्यक है कि किसी व्यक्ति को क्यों वोट दिया जाए और वह वास्तव में क्या करना चाहता/चाहती है।
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार फड़ कहानी अभियान का ग्रामीणों के लिए असली संदेश क्या था?
    (क) केवल पढ़ी-लिखी महिलाओं को वोट देना चाहिए(ख) पंचायत चुनाव खत्म कर देने चाहिए(ग) हर गाँव में जीवन भर एक ही प्रधान होना चाहिए(घ) केवल वोट देना, खड़े होना या जीतना काफ़ी नहीं, यह जानना ज़रूरी है कि किसे व क्यों वोट दिया जाए

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकइन कथनों पर विचार करें।
    (i) पंचायतों को शुल्क, कर, टोल व जुर्माना लगाने, इकट्ठा करने व उपयोग करने की शक्ति है।
    (ii) पंचायतें एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम और एकीकृत बाल विकास योजना जैसी सरकारी योजनाओं की निगरानी करती हैं।

    (क) केवल (i) सत्य है(ख) केवल (ii) सत्य है(ग) दोनों सत्य हैं(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) पुस्तक के. संथानम को इस संशोधन को संविधान सभा में लाने वाला बताती है।
  2. (ख) 1992 के 73वें संविधान संशोधन ने PRI को संवैधानिक प्रस्थिति दी और पाँच वर्षीय चुनाव अनिवार्य किए।
  3. (क) पुस्तक शाब्दिक अर्थ ‘पाँच व्यक्तियों द्वारा शासन’ बताती है।
  4. (क) ग्राम सभा गाँव के सभी नागरिकों का पूरा समूह है, और यही स्थानीय सरकार का चुनाव करती है।
  5. (क) 73वें संशोधन ने अ.जा./अ.ज.जा. आरक्षण के साथ महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित कीं।
  6. (ख) पुस्तक कहती है कि उस एक ही चुनाव में 8,00,000 महिलाएँ राजनीतिक प्रक्रियाओं में शामिल हुईं।
  7. (घ) 73वें संशोधन ने इस उद्देश्य के लिए ज़िला योजना समिति गठित की।
  8. (ग) पुस्तक समाजशास्त्री टिपलुट नोंगबरी की भूरिया समिति रिपोर्ट पर टिप्पणी उद्धृत करती है।
अभिकथन-कारण
  1. (ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता। A में पुस्तक का अपना कारण पहले से दिया है: संविधान लोगों की सहायता कर सकता है क्योंकि यह सामाजिक न्याय के आधारभूत मानदंडों पर आधारित है। R बताता है कि न्यायालयों ने बाद में अनुच्छेद 21 जैसे अधिकारों को कैसे बढ़ाया, जो इस क्षमता को काम करते हुए दिखाता है, पर पुस्तक इसे कारण के रूप में नहीं देती।
  2. (ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता। R आरक्षण का महत्व (यानी परिणाम) बताता है कि पहली बार महिलाओं को निर्वाचित निकायों में निर्णय लेने की शक्ति मिली; यह नहीं बताता कि संशोधनों ने सीटें क्यों आरक्षित कीं।
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) 73वाँ संशोधन = PRI प्रस्थिति/चुनाव (2); 73वें+74वें मिलकर = महिला आरक्षण (3); ज़िला योजना समिति = ज़िला योजना (4); न्याय पंचायत = जुर्माना, सज़ा नहीं (1): i-2, ii-3, iii-4, iv-1।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (क) दोनों असत्य हैं: पुस्तक इन्हें उलट देती है। कानून का सार शक्ति है; न्याय का सार निष्पक्षता है।
  2. (घ) कथन I असत्य है, पुस्तक कहती है कि यह ‘स्पष्ट’ है कि पहुँच असमान है। कथन II पुस्तक की आलोचना को सही ढंग से दर्शाता है।
काल-क्रम प्रश्न
  1. (क) पिरामिड का आधार ग्राम सभा (ग्राम स्तर) है, फिर मध्यवर्ती/खंड स्तर, फिर सबसे ऊपर ज़िला स्तर: 2-1-3।
रिक्त स्थान
  1. (ग) पुस्तक में खासी वंश परिषद् का नाम ‘दरबार कुर’ दिया गया है, जो वंश के मुखिया के निर्देशन में चलती है।
  2. (घ) पुस्तक का अपना बॉक्स 3.6 बताता है कि वित्त मंत्री हर फरवरी में बजट पेश करते हैं।
असंगत चुनिए
  1. (घ) पुस्तक 73वें संशोधन के अंतर्गत अ.जा., अ.ज.जा. और महिला आरक्षण बताती है; धार्मिक अल्पसंख्यकों का यहाँ आरक्षित वर्ग के रूप में उल्लेख नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (क) गद्यांश का ज़ोर यही है कि अब ‘उसका अपना नाम है’, न कि केवल ‘रामू की माँ’ या ‘हीरालाल की पत्नी’, यानी पहचान का लाभ, न कि कोई भौतिक या करियर-संबंधी लाभ।
  2. (घ) गद्यांश का अंतिम संदेश स्पष्ट है: यह जानना कि आप किसी को क्यों वोट दे रहे हैं और वह क्या करना चाहता/चाहती है, केवल वोट देने, खड़े होने या जीतने से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
सत्य-असत्य
  1. (ग) दोनों कथन सत्य हैं और पुस्तक में पंचायतों की शक्तियों व निगरानी की जाने वाली योजनाओं के अंतर्गत सीधे दिए गए हैं।